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दिल्ली के सभी स्कूलों में बनेंगी बाल संरक्षण समितियां, छात्रों की सुरक्षा होगी और मजबूत.....
दिल्ली सरकार ने स्कूली बच्चों की सुरक्षा को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब राजधानी के सभी 5,633 स्कूलों में बाल संरक्षण समितियों (Child Protection Committees) का गठन किया जाएगा। इसका उद्देश्य छात्रों के लिए सुरक्षित, संवेदनशील और संरक्षणयुक्त स्कूल वातावरण सुनिश्चित करना है। यह निर्णय सोमवार को उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की मौजूदगी में आयोजित बैठक में लिया गया
Anshuman Mishra13 जुल. 2026, 03:38 PM IST

दिल्ली सरकार ने स्कूली बच्चों की सुरक्षा को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब राजधानी के सभी 5,633 स्कूलों में बाल संरक्षण समितियों (Child Protection Committees) का गठन किया जाएगा। इसका उद्देश्य छात्रों के लिए सुरक्षित, संवेदनशील और संरक्षणयुक्त स्कूल वातावरण सुनिश्चित करना है।यह निर्णय सोमवार को उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की मौजूदगी में आयोजित बैठक में लिया गया। बैठक के दौरान जुलाई माह में मनाए जा रहे बाल संरक्षण माह के तहत चल रहे कार्यक्रमों, जागरूकता अभियानों और सुरक्षा उपायों की समीक्षा भी की गई।
बैठक में शिक्षा विभाग, दिल्ली पुलिस तथा महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बच्चों की सुरक्षा के लिए किए जा रहे प्रयासों का विस्तृत आकलन किया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ तय समयसीमा में योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करें। सरकार के अनुसार, यह पहल राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) और दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग (DCPCR) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप लागू की जा रही है। इन समितियों का मुख्य उद्देश्य स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों की निगरानी करना, शिकायतों का समाधान सुनिश्चित करना और बच्चों के अधिकारों की रक्षा करना होगा।
यह व्यवस्था दिल्ली के सभी 5,633 स्कूलों में लागू होगी, जिनमें 1,077 सरकारी स्कूल, 198 सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल, 2,612 एमसीडी और एनडीएमसी के स्कूल*, दिल्ली छावनी बोर्ड के स्कूल तथा 1,746 निजी स्कूल शामिल हैं। सरकार का मानना है कि इस कदम से स्कूलों में बाल सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी तथा विद्यार्थियों के लिए अधिक सुरक्षित और सहयोगपूर्ण शैक्षणिक माहौल तैयार किया जा सकेगा।
