Law & Order

नाबालिग के अपहरण और POCSO केस में आरोपी बरी, पीड़िता ने ही अभियोजन की कहानी नकारी; कल्याण विशेष अदालत का बड़ा फैसला

नाबालिग के अपहरण और POCSO केस में आरोपी बरी, पीड़िता ने ही अभियोजन की कहानी नकारी; कल्याण विशेष अदालत का बड़ा फैसला

कल्याण की विशेष POCSO अदालत ने नाबालिग के अपहरण और यौन उत्पीड़न के आरोप में आरोपी मयूर संजय जाधव को बरी कर दिया। अदालत ने पाया कि पीड़िता और उसके माता-पिता ने अभियोजन की कहानी का समर्थन नहीं किया और आरोपी के खिलाफ अपहरण या यौन उत्पीड़न का आरोप साबित नहीं हो सका। 10 सितंबर 2026 को सुनाए गए फैसले में कोर्ट ने कहा कि अभियोजन आरोपों को संदेह से परे साबित करने में विफल रहा।

law-order11 सित. 2026 IST
19 साल पुराने चोरी के प्रयास का केस खत्म, गवाह ही कोर्ट नहीं पहुंचे; कल्याण कोर्ट ने आरोपी को किया बरी

19 साल पुराने चोरी के प्रयास का केस खत्म, गवाह ही कोर्ट नहीं पहुंचे; कल्याण कोर्ट ने आरोपी को किया बरी

2007 में दुकान का ताला तोड़कर चोरी की कोशिश के आरोप में दर्ज मामला करीब 19 साल बाद खत्म हो गया। कल्याण की अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ आरोप साबित करने के लिए शिकायतकर्ता, स्वतंत्र गवाह, पंच और जांच अधिकारी को कोर्ट में पेश ही नहीं कर सका। पर्याप्त सबूत नहीं मिलने पर आरोपी बाबूराम सिब्रत बिंद को दोनों आरोपों से बरी कर दिया गया।

law-order11 सित. 2026 IST
FSSAI लाइसेंस सस्पेंड करने का मकसद जनस्वास्थ्य की रक्षा, कमियां दूर होने के बाद अनिश्चितकाल तक रोक नहीं: बॉम्बे HC

FSSAI लाइसेंस सस्पेंड करने का मकसद जनस्वास्थ्य की रक्षा, कमियां दूर होने के बाद अनिश्चितकाल तक रोक नहीं: बॉम्बे HC

बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के कारण FSSAI लाइसेंस निलंबित करने का उद्देश्य जनस्वास्थ्य की रक्षा करना है, न कि प्रतिष्ठान को अनिश्चितकाल तक बंद रखना। कोर्ट ने कहा कि दोबारा जांच में कमियां दूर होकर 97% अनुपालन सामने आने पर लाइसेंस निलंबन हटाया जाना चाहिए और कानून के मुताबिक आगे निगरानी जारी रखी जा सकती है।

law-order11 सित. 2026 IST
सड़क पर दो लोगों का आपस में जोर-जोर से चिल्लाना अपराध नहीं, बॉम्बे HC ने FIR की रद्द; ₹10 हजार का लगाया खर्च

सड़क पर दो लोगों का आपस में जोर-जोर से चिल्लाना अपराध नहीं, बॉम्बे HC ने FIR की रद्द; ₹10 हजार का लगाया खर्च

सड़क पर दो लोगों का शराब के नशे में एक-दूसरे से जोर-जोर से चिल्लाना अपने आप में अपराध नहीं है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि जब तक अश्लीलता, अनैतिक व्यवहार या किसी तीसरे व्यक्ति को परेशान करने जैसी ठोस बात सामने न हो, केवल तेज आवाज में बहस को महाराष्ट्र निषेध अधिनियम की धारा 85(1) के तहत संज्ञेय अपराध नहीं माना जा सकता।

law-order11 सित. 2026 IST
‘हनी ट्रैप’ का बहाना नहीं चलेगा! पाकिस्तानी महिला को एयरफोर्स स्टेशन और राफेल जेट की तस्वीरें भेजने के आरोपी को P&H HC से जमानत नहीं

‘हनी ट्रैप’ का बहाना नहीं चलेगा! पाकिस्तानी महिला को एयरफोर्स स्टेशन और राफेल जेट की तस्वीरें भेजने के आरोपी को P&H HC से जमानत नहीं

हनी ट्रैप’ में फंसने की दलील देकर संवेदनशील सैन्य तस्वीरें साझा करने को सही नहीं ठहराया जा सकता। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने अंबाला एयरफोर्स स्टेशन और राफेल जेट की तस्वीरें पाकिस्तान में सक्रिय महिला को भेजने के आरोपी को जमानत देने से इनकार कर दिया।

law-order11 सित. 2026 IST
26 साल बाद जमीन का आवंटन रद्द करना ‘कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग’, इलाहाबाद HC ने परिवार का हक बहाल किया

26 साल बाद जमीन का आवंटन रद्द करना ‘कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग’, इलाहाबाद HC ने परिवार का हक बहाल किया

1987 में हुए कृषि भूमि के आवंटन को 26 साल बाद रद्द करने की कार्रवाई पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई है। कोर्ट ने कहा कि आवंटी के परिवार का नाम राजस्व रिकॉर्ड में भूमिधर के रूप में दर्ज होने के बाद इतनी लंबी देरी से रद्दीकरण की कार्यवाही शुरू करना ‘कानून की प्रक्रिया का पूरी तरह दुरुपयोग’ है।

law-order11 सित. 2026 IST
लिखित बयान में दी गई दलील से सीधे खारिज नहीं हो सकता वाद, Order 7 Rule 11 CPC पर इलाहाबाद HC का अहम फैसला

लिखित बयान में दी गई दलील से सीधे खारिज नहीं हो सकता वाद, Order 7 Rule 11 CPC पर इलाहाबाद HC का अहम फैसला

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि प्रतिवादी के लिखित बयान में उठाई गई किसी दलील को आधार बनाकर केवल Order 7 Rule 11(a) CPC के तहत वादपत्र खारिज नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने कहा कि वादपत्र में कारण-ए-दावा मौजूद है या नहीं, यह तय करते समय केवल वादपत्र में किए गए कथनों को देखा जाएगा, प्रतिवादी का बचाव नहीं।

law-order11 सित. 2026 IST
कानपुर में नकली नोटों का खुलासा, 5वीं पास शख्स समेत 3 गिरफ्तार

कानपुर में नकली नोटों का खुलासा, 5वीं पास शख्स समेत 3 गिरफ्तार

कानपुर के रेलबाजार इलाके में पुलिस ने नकली करेंसी तैयार कर बाजार में खपाने वाले कथित गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से ₹2,04,650 की नकली करेंसी, प्रिंटर, स्याही, कागज और अन्य सामान बरामद किया है। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार शेर सिंह की पढ़ाई पांचवीं कक्षा तक हुई है और उसे गिरोह का कथित मास्टरमाइंड बताया गया है। शुरुआती जांच में पिछले 3–4 महीनों से कानपुर और आसपास के इलाकों में नकली नोट चलाने की बात सामने आई है।

law-order11 सित. 2026 IST
गन्ने की कम सप्लाई से चीनी मिल बंद हुई तो भुगतान में देरी का बहाना नहीं चलेगा, भेदभावपूर्ण आवंटन पर इलाहाबाद HC सख्त

गन्ने की कम सप्लाई से चीनी मिल बंद हुई तो भुगतान में देरी का बहाना नहीं चलेगा, भेदभावपूर्ण आवंटन पर इलाहाबाद HC सख्त

गन्ने के कम आवंटन से चीनी मिल की पेराई और भुगतान क्षमता प्रभावित हुई तो बाद में भुगतान में देरी का हवाला नहीं दिया जा सकता। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भेदभावपूर्ण गन्ना आवंटन पर सख्त रुख अपनाते हुए यदु शुगर लिमिटेड को उसकी अनुमानित जरूरत के अनुसार गन्ना देने का निर्देश दिया।

law-order11 सित. 2026 IST
‘पुलिस ड्यूटी’ के नाम पर हिरासत में मारपीट और महिलाओं से छेड़छाड़ नहीं चलेगी, अपराध है: इलाहाबाद HC

‘पुलिस ड्यूटी’ के नाम पर हिरासत में मारपीट और महिलाओं से छेड़छाड़ नहीं चलेगी, अपराध है: इलाहाबाद HC

हिरासत में लोगों को पीटना और महिलाओं से छेड़छाड़ करना पुलिस की आधिकारिक ड्यूटी का हिस्सा नहीं हो सकता। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि ऐसे कृत्यों को सरकारी ड्यूटी से जोड़कर CrPC की धारा 197 के तहत संरक्षण का दावा नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने हिरासत में कथित मारपीट और महिलाओं से छेड़छाड़ के आरोपी पुलिसकर्मियों को राहत देने से इनकार करते हुए उनकी डिस्चार्ज याचिकाएं खारिज कर दीं।

law-order11 सित. 2026 IST
CM विजय की नवजात शिशुओं को सोने की अंगूठी योजना पर मद्रास HC का बड़ा फैसला, जॉयअलुक्कास को टेंडर देने के खिलाफ PIL खारिज

CM विजय की नवजात शिशुओं को सोने की अंगूठी योजना पर मद्रास HC का बड़ा फैसला, जॉयअलुक्कास को टेंडर देने के खिलाफ PIL खारिज

तमिलनाडु की नवजात शिशुओं को सोने की अंगूठी देने वाली ‘थाईमामन थंगा मोथिरम थित्तम’ योजना को लेकर मद्रास हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। जॉयअलुक्कास को टेंडर दिए जाने के खिलाफ दायर जनहित याचिका को कोर्ट ने खारिज कर दिया। याचिका में कंपनी की बोली स्वीकार करने और उसे ठेका देने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए थे।

law-order11 सित. 2026 IST
OCI कार्डधारक क्रिकेटर BCCI टूर्नामेंट खेल सकेंगे या नहीं? बॉम्बे HC ने केंद्र से मांगा जवाब, कहा- फैसले के दूरगामी असर हो सकते हैं

OCI कार्डधारक क्रिकेटर BCCI टूर्नामेंट खेल सकेंगे या नहीं? बॉम्बे HC ने केंद्र से मांगा जवाब, कहा- फैसले के दूरगामी असर हो सकते हैं

“भारतीय क्रिकेट में खेलने का सपना देख रहे OCI कार्डधारक खिलाड़ियों के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख बेहद अहम हो सकता है। 12 युवा क्रिकेटरों के BCCI टूर्नामेंट में खेलने के अधिकार को लेकर दायर याचिका पर हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। कोर्ट ने माना कि भारतीय पासपोर्ट की अनिवार्यता से जुड़े इस विवाद के फैसले के दूरगामी असर हो सकते हैं।”

law-order11 सित. 2026 IST
‘कानून भेदभाव की इजाजत नहीं देता’, सफाईकर्मियों को 18 साल से आवास नीति का लाभ न मिलने पर BMC पर बॉम्बे HC सख्त

‘कानून भेदभाव की इजाजत नहीं देता’, सफाईकर्मियों को 18 साल से आवास नीति का लाभ न मिलने पर BMC पर बॉम्बे HC सख्त

मुंबई के सफाईकर्मियों को आवास का लाभ देने में 18 साल की देरी पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने BMC को कड़ी फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा कि कर्मचारियों के पदानुक्रम में निचले स्तर पर होने के कारण सफाईकर्मियों के साथ भेदभाव नहीं किया जा सकता और कानून इसकी इजाजत नहीं देता।

law-order11 सित. 2026 IST
पैकेज्ड फूड पर हेल्थ वार्निंग में देरी क्यों? सुप्रीम कोर्ट ने FSSAI से मांगा जवाब l

पैकेज्ड फूड पर हेल्थ वार्निंग में देरी क्यों? सुप्रीम कोर्ट ने FSSAI से मांगा जवाब l

सुप्रीम कोर्ट ने पैकेज्ड फूड प्रोडक्ट्स पर हेल्थ वार्निंग लेबल लागू करने में हो रही देरी को लेकर भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) से सवाल किए हैं। अदालत ने खास तौर पर नमक और सोडियम की मात्रा से जुड़ी चेतावनी पर स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। मामले में अधिक चीनी, नमक और वसा वाले खाद्य पदार्थों पर उपभोक्ताओं को स्पष्ट जानकारी देने की मांग की गई है।

law-order11 सित. 2026 IST
POCSO में उम्र साबित नहीं हुई तो भी रेप की सजा संभव, Section 376 IPC का चार्ज न होने पर भी दोषसिद्धि कर सकता है कोर्ट: सुप्रीम कोर्ट

POCSO में उम्र साबित नहीं हुई तो भी रेप की सजा संभव, Section 376 IPC का चार्ज न होने पर भी दोषसिद्धि कर सकता है कोर्ट: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पीड़िता की उम्र साबित न होने पर भी, रेप का अपराध अन्य साक्ष्यों से साबित हो तो आरोपी को IPC की धारा 376 के तहत दोषी ठहराया जा सकता है। इसके लिए धारा 376 का अलग चार्ज होना भी हर मामले में जरूरी नहीं है।

law-order11 सित. 2026 IST
शादी का वादा बाद में पूरा न होने पर हर मामला ‘धोखा’ नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने Section 69 BNS पर समझाया कानून

शादी का वादा बाद में पूरा न होने पर हर मामला ‘धोखा’ नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने Section 69 BNS पर समझाया कानून

शादी का वादा करने के बाद परिस्थितियों के चलते शादी से इनकार करना हर मामले में ‘धोखे’ का अपराध नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने Section 69 BNS की अहम व्याख्या करते हुए कहा कि अपराध साबित करने के लिए यह दिखाना जरूरी है कि आरोपी ने शुरुआत से ही शादी का वादा पूरा करने का इरादा नहीं रखा था। इसी आधार पर कोर्ट ने आरोपी के खिलाफ दर्ज FIR रद्द कर दी।

law-order11 सित. 2026 IST
न्यायिक रिक्तियों पर बॉम्बे HC में ‘आउटबर्स्ट’ पड़ा भारी, महाराष्ट्र लॉ सेक्रेटरी के खिलाफ अवमानना कार्रवाई पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक से किया इनकार

न्यायिक रिक्तियों पर बॉम्बे HC में ‘आउटबर्स्ट’ पड़ा भारी, महाराष्ट्र लॉ सेक्रेटरी के खिलाफ अवमानना कार्रवाई पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक से किया इनकार

बॉम्बे हाईकोर्ट में न्यायिक पदों की रिक्तियों को लेकर कथित ‘आउटबर्स्ट’ के मामले में महाराष्ट्र के लॉ डिपार्टमेंट के सचिव दिलीप एस. घुमारे को सुप्रीम कोर्ट से फिलहाल राहत नहीं मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट की अवमानना कार्यवाही पर रोक लगाने से इनकार कर दिया, हालांकि 28 सितंबर तक हाईकोर्ट को मामले में अंतिम आदेश पारित करने से रोक दिया है।

law-order11 सित. 2026 IST
‘न्यायपालिका में ब्लैक शीप बढ़ रहे हैं, अदालतें बहुसंख्यकवाद की ओर बढ़ रही हैं’: पूर्व जस्टिस दीपक गुप्ता

‘न्यायपालिका में ब्लैक शीप बढ़ रहे हैं, अदालतें बहुसंख्यकवाद की ओर बढ़ रही हैं’: पूर्व जस्टिस दीपक गुप्ता

न्यायपालिका की स्वतंत्रता और नागरिक अधिकारों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस दीपक गुप्ता ने गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने अपने लेख में कहा कि न्यायपालिका में ‘ब्लैक शीप’ बढ़ रहे हैं और अदालतें धीरे-धीरे बहुसंख्यकवाद की ओर बढ़ रही हैं। जस्टिस गुप्ता ने कहा कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए न्यायपालिका का स्वतंत्र, निडर और बिना भय या पक्षपात के काम करना बेहद जरूरी है।

law-order11 सित. 2026 IST
सहारनपुर मस्जिद विवाद पहुंचा हाईकोर्ट, कार्रवाई को लेकर याचिका दाखिल l

सहारनपुर मस्जिद विवाद पहुंचा हाईकोर्ट, कार्रवाई को लेकर याचिका दाखिल l

सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद को ढहाए जाने का विवाद अब इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंच गया है। मस्जिद कमेटी के मुतवल्ली मोहम्मद तनवीर अहमद ने याचिका दाखिल कर प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। याचिका में आरोप लगाया गया है कि बिना कानूनी नोटिस और ध्वस्तीकरण आदेश के कार्रवाई की गई। मामले में पूजा स्थल अधिनियम के उल्लंघन का भी आरोप लगाया गया है। हाईकोर्ट में अगले सप्ताह सुनवाई होने की संभावना है।

law-order10 सित. 2026 IST
बिना परमिट रेलवे टिकट बेचते पकड़ा गया शख्स, कल्याण कोर्ट ने सुनाई सजा; 10 हजार रुपये जुर्माना, न भरने पर 1 महीने की कैद

बिना परमिट रेलवे टिकट बेचते पकड़ा गया शख्स, कल्याण कोर्ट ने सुनाई सजा; 10 हजार रुपये जुर्माना, न भरने पर 1 महीने की कैद

बिना वैध परमिट रेलवे के आरक्षित टिकट निकालकर यात्रियों को अतिरिक्त रकम लेकर बेचने के मामले में कल्याण रेलवे कोर्ट ने आरोपी मनीष गंगासिंह ठाकुर को दोषी ठहराया है। करीब 9 साल पुराने इस मामले में अदालत ने उस पर ₹10 हजार का जुर्माना लगाया है। जुर्माना नहीं भरने पर आरोपी को एक महीने की साधारण कैद भुगतनी होगी।

law-order10 सित. 2026 IST
सोते यात्री की जेब से मोबाइल चोरी, आरोपी ने कोर्ट में कबूला अपराध; कल्याण कोर्ट ने सुनाई 3 महीने की सजा

सोते यात्री की जेब से मोबाइल चोरी, आरोपी ने कोर्ट में कबूला अपराध; कल्याण कोर्ट ने सुनाई 3 महीने की सजा

7 जुलाई 2026 को अंबरनाथ रेलवे स्टेशन पर सो रहे यात्री की जेब से मोबाइल चोरी करने के मामले में कल्याण लोहमार्ग कोर्ट ने आरोपी शुभम शरद घोलप को दोषी ठहराया है। आरोपी ने अदालत में खुद अपना अपराध कबूल किया, जिसके बाद कोर्ट ने उसे तीन महीने के साधारण कारावास की सजा सुनाई। जेल में बिताए गए समय को सजा में समायोजित करने का भी आदेश दिया गया।

law-order10 सित. 2026 IST
₹1.50 लाख का चेक बाउंस, ‘सिक्योरिटी चेक’ की दलील भी नहीं चली; कल्याण कोर्ट ने सरकारी कर्मचारी को 1 महीने की सजा सुनाई

₹1.50 लाख का चेक बाउंस, ‘सिक्योरिटी चेक’ की दलील भी नहीं चली; कल्याण कोर्ट ने सरकारी कर्मचारी को 1 महीने की सजा सुनाई

₹1.50 लाख के चेक बाउंस मामले में कल्याण कोर्ट ने सरकारी कर्मचारी अजितनाथ रामकिसन बड़े को दोषी ठहराते हुए एक महीने की साधारण कैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने ‘सिक्योरिटी चेक’ की दलील को खारिज करते हुए आरोपी को शिकायतकर्ता को ₹1.50 लाख मुआवजा देने का भी आदेश दिया है।

law-order10 सित. 2026 IST
24 साल पुराने बिजली तार चोरी केस में बड़ा फैसला! गवाह नहीं मिले, मुख्य पंच भी मुकरा; कल्याण कोर्ट ने 2 आरोपियों को किया बरी

24 साल पुराने बिजली तार चोरी केस में बड़ा फैसला! गवाह नहीं मिले, मुख्य पंच भी मुकरा; कल्याण कोर्ट ने 2 आरोपियों को किया बरी

करीब 24 साल पुराने बिजली के तार चोरी के मामले में कल्याण कोर्ट ने दो आरोपियों को बरी कर दिया। अदालत ने पाया कि अभियोजन पक्ष महत्वपूर्ण गवाहों को पेश नहीं कर सका, जबकि मुख्य पंच गवाह ने भी मामले की जानकारी होने से इनकार कर दिया। ठोस सबूत के अभाव में कोर्ट ने आरोपियों को चोरी के आरोप से निर्दोष मुक्त कर दिया।

law-order10 सित. 2026 IST
₹1.84 लाख की चोरी में CCTV साबित नहीं हुआ, फिर भी आरोपी दोषी; कल्याण कोर्ट ने बरामदगी को माना अहम सबूत

₹1.84 लाख की चोरी में CCTV साबित नहीं हुआ, फिर भी आरोपी दोषी; कल्याण कोर्ट ने बरामदगी को माना अहम सबूत

डोंबिवली ईस्ट की एक कंपनी से करीब ₹1.84 लाख का सामान चोरी करने के मामले में कल्याण कोर्ट ने आरोपी मनीष सुंदरलाल राय को दोषी ठहराया है। खास बात यह रही कि अभियोजन CCTV फुटेज को अदालत में प्रभावी तरीके से साबित नहीं कर सका, लेकिन चोरी के सामान की बरामदगी और गवाहों की गवाही को कोर्ट ने अहम मानते हुए आरोपी के खिलाफ आरोप साबित माना।

law-order10 सित. 2026 IST
क्या पति पर लगेगा रेप का केस? सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई l

क्या पति पर लगेगा रेप का केस? सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई l

मैरिटल रेप से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम कानूनी सवाल पर पहले सुनवाई करने का फैसला किया है। अदालत यह देखेगी कि कानून में मौजूद वैवाहिक अपवाद के बावजूद किन परिस्थितियों में पति पर पत्नी से रेप के आरोप में मुकदमा चलाया जा सकता है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ पहले कर्नाटक के एक मामले की सुनवाई करेगी। इसके बाद मैरिटल रेप अपवाद की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर विचार किया जाएगा।

law-order10 सित. 2026 IST
अबू सलेम को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका! 1993 मुंबई ब्लास्ट केस में समय से पहले रिहाई की याचिका खारिज

अबू सलेम को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका! 1993 मुंबई ब्लास्ट केस में समय से पहले रिहाई की याचिका खारिज

1993 मुंबई सीरियल ब्लास्ट मामले में गैंगस्टर अबू सलेम को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने उसकी समय से पहले रिहाई की याचिका खारिज कर दी। सलेम ने अंडरट्रायल के रूप में बिताई अवधि और अच्छे आचरण पर मिली रिमिशन को 25 साल की अवधि में जोड़ने की मांग की थी।

law-order10 सित. 2026 IST
सरकारी स्कूल की बदहाली दिखाना पड़ा भारी! पत्रकार पर FIR को इलाहाबाद HC ने बताया ‘Killing The Messenger’, कार्रवाई पर लगाई रोक

सरकारी स्कूल की बदहाली दिखाना पड़ा भारी! पत्रकार पर FIR को इलाहाबाद HC ने बताया ‘Killing The Messenger’, कार्रवाई पर लगाई रोक

लखनऊ के सरकारी स्कूल की बदहाल स्थिति को रिपोर्ट करने वाले पत्रकार के खिलाफ FIR दर्ज करना पुलिस को भारी पड़ गया। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने FIR के संचालन पर रोक लगाते हुए प्रथम दृष्टया इसे कमियां उजागर करने पर की गई प्रतिशोधात्मक कार्रवाई बताया। कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि यह “Killing the Messenger” जैसा है, जो कानून की नजर में स्वीकार्य नहीं है।

law-order10 सित. 2026 IST
दिल्ली PG हादसा: बिल्डिंग मालिक के बेटे समेत 3 आरोपियों को 2 दिन की पुलिस कस्टडी, कोर्ट का आदेश

दिल्ली PG हादसा: बिल्डिंग मालिक के बेटे समेत 3 आरोपियों को 2 दिन की पुलिस कस्टडी, कोर्ट का आदेश

दिल्ली के सत्य निकेतन PG हादसे में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। पटियाला हाउस कोर्ट ने बिल्डिंग मालिक के बेटे महेश गुप्ता, PG संचालक सुधांशु और ठेकेदार सनोज को दो दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया है। पांच मंजिला PG बिल्डिंग 6 सितंबर को ढह गई थी, जिसमें कई छात्रों की मौत और घायल होने की खबर सामने आई थी।

law-order10 सित. 2026 IST
NLSIU ने वापस लिया Convocation रद्द करने का फैसला, अब 17 अक्टूबर को होगी 34वीं वार्षिक दीक्षांत समारोह

NLSIU ने वापस लिया Convocation रद्द करने का फैसला, अब 17 अक्टूबर को होगी 34वीं वार्षिक दीक्षांत समारोह

NLSIU बेंगलुरु ने अपनी 34वीं Annual Convocation को लेकर बड़ा यू-टर्न लिया है। 12 सितंबर को रद्द किया गया दीक्षांत समारोह अब 17 अक्टूबर 2026 को आयोजित किया जाएगा। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब CJI की Convocation में मौजूदगी को लेकर छात्रों के विरोध ने पूरे विवाद को चर्चा में ला दिया था।

law-order10 सित. 2026 IST
“झूठों का झुंड”! थाने में CCTV बंद होने पर इलाहाबाद HC सख्त, अवैध हिरासत के लिए ₹65 हजार मुआवजे का आदेश

“झूठों का झुंड”! थाने में CCTV बंद होने पर इलाहाबाद HC सख्त, अवैध हिरासत के लिए ₹65 हजार मुआवजे का आदेश

देवरिया के गौरी बाजार थाने में कथित अवैध हिरासत और CCTV फुटेज गायब होने के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पुलिस अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई है। CCTV खराब होने की पुलिस की दलीलों पर कोर्ट ने SHO और SP से तीखे सवाल किए और सुनवाई के दौरान पुलिस अधिकारियों को “झूठों का झुंड” तक कह दिया। अदालत ने चार याचिकाकर्ताओं की अवैध हिरासत के लिए कुल ₹65,000 मुआवजा देने का आदेश दिया, जिसकी वसूली SHO के वेतन से की जाएगी।

law-order10 सित. 2026 IST
“सिर्फ FIR दर्ज होने से पुलिस की नौकरी नहीं जाएगी! इलाहाबाद HC ने कहा- Criminal Case के आधार पर Automatic Disqualification नहीं”

“सिर्फ FIR दर्ज होने से पुलिस की नौकरी नहीं जाएगी! इलाहाबाद HC ने कहा- Criminal Case के आधार पर Automatic Disqualification नहीं”

पुलिस सेवा में भर्ती को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा कि किसी उम्मीदवार के खिलाफ सिर्फ आपराधिक मामला दर्ज होना उसे पुलिस सेवा से अयोग्य ठहराने के लिए पर्याप्त नहीं है। उम्मीदवार के Character, Antecedents और नौकरी के लिए उसकी Suitability का नियमानुसार स्वतंत्र आकलन करना जरूरी है।

law-order10 सित. 2026 IST
सूट दायर होने से पहले अधिकार सौंपे तो Assignee को Co-Plaintiff नहीं बनाया जा सकता: बॉम्बे HC का बड़ा फैसला

सूट दायर होने से पहले अधिकार सौंपे तो Assignee को Co-Plaintiff नहीं बनाया जा सकता: बॉम्बे HC का बड़ा फैसला

सूट दाखिल होने से पहले ही अपने अधिकार किसी तीसरे पक्ष को सौंप चुके मूल वादी के मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा कि सिर्फ Assignment Deed के आधार पर तीसरे पक्ष को Order I Rule 10 CPC के तहत Co-Plaintiff नहीं बनाया जा सकता। अदालत ने ट्रायल कोर्ट का ऐसा आदेश रद्द कर दिया।

law-order10 सित. 2026 IST
पार्थ पवार को आरोपी क्यों नहीं बनाया? मुंढवा जमीन मामले में बॉम्बे HC ने DGP से मांगा जवाब, 28 सितंबर को अगली सुनवाई

पार्थ पवार को आरोपी क्यों नहीं बनाया? मुंढवा जमीन मामले में बॉम्बे HC ने DGP से मांगा जवाब, 28 सितंबर को अगली सुनवाई

मुंढवा जमीन मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र पुलिस की जांच पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि पार्थ पवार को आरोपी क्यों नहीं बनाया गया। जस्टिस माधव जामदार ने महाराष्ट्र DGP और जांच अधिकारी से इस पर जवाब मांगा है। हालांकि, कोर्ट ने पार्थ पवार को आरोपी या दोषी घोषित नहीं किया है।

law-order10 सित. 2026 IST
पति की उम्र 55 पार तो सरोगेसी की अनुमति नहीं! केरल HC ने Frozen Embryos इस्तेमाल करने की याचिका खारिज की

पति की उम्र 55 पार तो सरोगेसी की अनुमति नहीं! केरल HC ने Frozen Embryos इस्तेमाल करने की याचिका खारिज की

सरोगेसी को लेकर केरल हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए 55 साल की उम्र सीमा को बरकरार रखा है। कोर्ट ने 55 वर्ष की उम्र पार कर चुके पति वाले दंपती को Frozen Embryos के इस्तेमाल की अनुमति देने से इनकार कर दिया और उनकी अपील खारिज कर दी।

law-order10 सित. 2026 IST
वेदांता को बड़ा झटका! Buyback का Escrow रिलीज होने से Fraud की जांच नहीं रुकेगी, सुप्रीम कोर्ट ने SAT को भेजा मामला

वेदांता को बड़ा झटका! Buyback का Escrow रिलीज होने से Fraud की जांच नहीं रुकेगी, सुप्रीम कोर्ट ने SAT को भेजा मामला

वेदांता के Buyback Escrow मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि Escrow राशि रिलीज होने से PFUTP Regulations के तहत Fraud की अलग जांच नहीं रुकती। हालांकि, कोर्ट ने वेदांता को Fraud का दोषी नहीं ठहराया और मामला SAT को वापस भेज दिया।

law-order10 सित. 2026 IST
‘पवित्र पत्नी’ की सीख देने वाले फैमिली कोर्ट पर बॉम्बे HC सख्त, कहा- बच्चे का भविष्य रूढ़िवादी सोच से नहीं तय होगा

‘पवित्र पत्नी’ की सीख देने वाले फैमिली कोर्ट पर बॉम्बे HC सख्त, कहा- बच्चे का भविष्य रूढ़िवादी सोच से नहीं तय होगा

बच्चे की कस्टडी के मामले में मां की ‘पत्नी’ या ‘बहू’ के रूप में भूमिका को आधार बनाने पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने पुणे फैमिली कोर्ट को कड़ी फटकार लगाई है। हाईकोर्ट ने कहा कि बच्चे की कस्टडी तय करते समय किसी महिला के वैवाहिक आचरण या कथित ‘पवित्र कर्तव्यों’ से ज्यादा जरूरी बच्चे का सर्वोत्तम हित है। अदालत ने फैमिली कोर्ट की ऐसी टिप्पणियों को प्रतिगामी और मामले से असंबंधित बताते हुए अंतरिम कस्टडी का आदेश रद्द कर दिया

law-order10 सित. 2026 IST
17 साल की नाबालिग से रेप और POCSO के आरोप, 23 वर्षीय युवक बरी; कोर्ट ने कहा- पीड़िता ने खुद यौन उत्पीड़न से किया इनकार

17 साल की नाबालिग से रेप और POCSO के आरोप, 23 वर्षीय युवक बरी; कोर्ट ने कहा- पीड़िता ने खुद यौन उत्पीड़न से किया इनकार

17 साल की नाबालिग से रेप और POCSO के गंभीर आरोपों वाले मामले में कल्याण की विशेष अदालत ने 23 वर्षीय आरोपी को बरी कर दिया। कोर्ट ने पाया कि ट्रायल के दौरान पीड़िता ने खुद यौन उत्पीड़न के आरोपों का समर्थन नहीं किया, जबकि मेडिकल और फोरेंसिक साक्ष्य भी अभियोजन के आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त नहीं थे।

law-order09 सित. 2026 IST
दहेज प्रताड़ना, मारपीट और धमकी के आरोपों में पति समेत 4 आरोपी बरी, पत्नी ने कोर्ट में कहा- गुस्से में दर्ज कराई थी शिकायत

दहेज प्रताड़ना, मारपीट और धमकी के आरोपों में पति समेत 4 आरोपी बरी, पत्नी ने कोर्ट में कहा- गुस्से में दर्ज कराई थी शिकायत

कल्याण में 498-A समेत मारपीट और धमकी के मामले में पति समेत चार आरोपियों को कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। ट्रायल के दौरान पत्नी ने खुद आरोपों का समर्थन नहीं किया और माना कि आपसी विवाद के चलते गुस्से में शिकायत दर्ज कराई थी। समझौते और आरोप साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं मिलने पर कोर्ट ने सभी चारों आरोपियों को बरी कर दिया।

law-order09 सित. 2026 IST
चोरी का गुनाह कबूल किया तो कोर्ट ने सुनाई 8-8 महीने की सजा, दोनों आरोपियों पर 1-1 हजार रुपये जुर्माना

चोरी का गुनाह कबूल किया तो कोर्ट ने सुनाई 8-8 महीने की सजा, दोनों आरोपियों पर 1-1 हजार रुपये जुर्माना

कल्याण कोर्ट में सुनवाई के दौरान दो आरोपियों ने खुद ही अपना अपराध स्वीकार कर लिया। इसके बाद कोर्ट ने दोनों को दोषी ठहराते हुए 8-8 महीने की सश्रम कैद और 1-1 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास, तीसरी अदालत के न्यायिक अधिकारी निलेश पी. वसाडे ने 7 सितंबर 2026 को यह फैसला सुनाया। दोनों आरोपियों की अलग-अलग अवधि से हिरासत में रहने की अवधि को भी सजा में समायोजित करने का आदेश दिया गया।

law-order09 सित. 2026 IST
15 साल पुराने जबरन वसूली और मारपीट केस में 5 आरोपी बरी, गवाहों के बयानों में विरोधाभास और जांच में खामियों पर कोर्ट ने दिया संदेह का लाभ

15 साल पुराने जबरन वसूली और मारपीट केस में 5 आरोपी बरी, गवाहों के बयानों में विरोधाभास और जांच में खामियों पर कोर्ट ने दिया संदेह का लाभ

15 साल पुराने जबरन वसूली और मारपीट के मामले में कल्याण कोर्ट ने पांच आरोपियों को बरी कर दिया। आरोप था कि निर्माण स्थल पर 50 हजार रुपये की मांग कर मारपीट की गई, लेकिन गवाहों के विरोधाभासी बयानों, आरोपियों की पहचान साबित न होने और जांच की कमियों के चलते अभियोजन आरोप साबित नहीं कर सका।

law-order09 सित. 2026 IST
घरेलू हिंसा मामले में महिला को राहत, पति को पत्नी-बेटी को हर महीने ₹10 हजार देने का आदेश; घर से नहीं निकाल सकेंगे सास-ससुर

घरेलू हिंसा मामले में महिला को राहत, पति को पत्नी-बेटी को हर महीने ₹10 हजार देने का आदेश; घर से नहीं निकाल सकेंगे सास-ससुर

घरेलू हिंसा के आरोपों पर कल्याण कोर्ट ने पत्नी और उसकी 7 साल की बेटी के पक्ष में बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने पति को दोनों को हर महीने कुल ₹10 हजार भरण-पोषण देने का आदेश दिया है। साथ ही, जिस घर में महिला अपनी बेटी के साथ रह रही है, वहां से उसे बेदखल नहीं करने का निर्देश दिया गया है। कोर्ट ने पति को मुकदमे के खर्च के लिए ₹3 हजार भी देने को कहा है।

law-order09 सित. 2026 IST
₹72,691 की शराब जब्ती के मामले में आरोपी बरी, कल्याण कोर्ट ने कहा- केमिकल रिपोर्ट के बिना शराब साबित नहीं

₹72,691 की शराब जब्ती के मामले में आरोपी बरी, कल्याण कोर्ट ने कहा- केमिकल रिपोर्ट के बिना शराब साबित नहीं

ढाबे पर ₹72,691 की शराब मिलने के बावजूद आरोपी को कोर्ट से राहत मिल गई। मामला अवैध शराब रखने और बेचने का था, लेकिन कल्याण कोर्ट में अभियोजन जप्त शराब को रासायनिक जांच रिपोर्ट से साबित नहीं कर सका। रिपोर्ट और सैंपल ले जाने वाले व्यक्ति की गवाही रिकॉर्ड पर न होने के कारण कोर्ट ने 7 सितंबर 2026 को आरोपी को बरी कर दिया।

law-order09 सित. 2026 IST
फर्जी शैक्षणिक रिकॉर्ड से लिया एडमिशन तो आखिरी सेमेस्टर भी नहीं बचा पाएगा! बॉम्बे HC ने JBIMS के 3 छात्रों का दाखिला रद्द किया

फर्जी शैक्षणिक रिकॉर्ड से लिया एडमिशन तो आखिरी सेमेस्टर भी नहीं बचा पाएगा! बॉम्बे HC ने JBIMS के 3 छात्रों का दाखिला रद्द किया

फर्जी शैक्षणिक रिकॉर्ड से मिला एडमिशन आखिरी सेमेस्टर तक पहुंचने के बाद भी नहीं बचा! बॉम्बे हाईकोर्ट ने JBIMS के तीन छात्रों का दाखिला रद्द रखने का फैसला बरकरार रखते हुए कहा कि परीक्षा और प्लेसमेंट भी गलत तरीके से हासिल एडमिशन को वैध नहीं बना सकते।

law-order09 सित. 2026 IST
घर का ताला टूटा, सोने के गहने और कैश गायब... फिर कोर्ट में पलट गई कहानी, 8 साल पुराने चोरी केस में आरोपी बरी

घर का ताला टूटा, सोने के गहने और कैश गायब... फिर कोर्ट में पलट गई कहानी, 8 साल पुराने चोरी केस में आरोपी बरी

डोंबिवली के करीब 8 साल पुराने चोरी के मामले में कल्याण कोर्ट ने आरोपी को बरी कर दिया। पंच गवाह की कमजोर गवाही और अहम गवाहों के कोर्ट में पेश न होने से अभियोजन आरोप साबित नहीं कर सका।

law-order09 सित. 2026 IST
CJP प्रदर्शन में शामिल छात्र को नोटिस पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी से मांगेगा जवाब

CJP प्रदर्शन में शामिल छात्र को नोटिस पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी से मांगेगा जवाब

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद CJP प्रदर्शन में शामिल छात्र को नोटिस जारी करने पर कोर्ट सख्त हो गया है। CJI सूर्यकांत ने कहा- आदेश की भाषा बिल्कुल साफ थी, छात्रों के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। अब ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी से जवाब मांगा जाएगा।

law-order09 सित. 2026 IST
आसाराम को गुजरात हाईकोर्ट से बड़ा झटका, 20 दिन की अस्थायी जमानत की याचिका खारिज

आसाराम को गुजरात हाईकोर्ट से बड़ा झटका, 20 दिन की अस्थायी जमानत की याचिका खारिज

आसाराम को गुजरात हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। 20 दिन की अस्थायी जमानत की मांग कोर्ट ने खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि स्वास्थ्य बिगड़ने पर सुप्रीम कोर्ट पहले ही दोबारा राहत मांगने की छूट दे चुका है।

law-order09 सित. 2026 IST
दो शादी करना CRPF जवान को पड़ा भारी, इलाहाबाद HC ने बर्खास्तगी को ठहराया सही

दो शादी करना CRPF जवान को पड़ा भारी, इलाहाबाद HC ने बर्खास्तगी को ठहराया सही

CRPF में तैनात एक कांस्टेबल को दूसरी शादी करना भारी पड़ गया। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उसकी बर्खास्तगी को बरकरार रखते हुए साफ किया कि CRPF Act की धारा 11 के शीर्षक में ‘Minor Punishments’ लिखा होने का मतलब यह नहीं है कि गंभीर कदाचार के मामले में बर्खास्तगी नहीं की जा सकती। कोर्ट ने कहा कि सेवा में अनुशासन और निर्धारित नियमों का पालन सर्वोपरि है।

law-order09 सित. 2026 IST
‘आक्रामक लहजा, लगभग चिल्लाने की स्थिति’: बॉम्बे HC ने कानून विभाग के सचिव को अवमानना नोटिस

‘आक्रामक लहजा, लगभग चिल्लाने की स्थिति’: बॉम्बे HC ने कानून विभाग के सचिव को अवमानना नोटिस

बॉम्बे हाईकोर्ट में महाराष्ट्र के कानून विभाग के सचिव दिलीप एस. घुमारे के कथित आक्रामक व्यवहार पर कोर्ट सख्त हो गया है। 179 फास्ट ट्रैक कोर्ट पदों को लेकर सुनवाई के दौरान ऊंचे स्वर में बोलने और हाईकोर्ट प्रशासन पर जिम्मेदारी डालने के आरोप में कोर्ट ने उनके खिलाफ अवमानना नोटिस जारी किया है। जस्टिस ए.एस. गडकरी और जस्टिस कमल खाता की पीठ ने पूछा है कि उनके खिलाफ अवमानना की कार्यवाही क्यों न शुरू की जाए।

law-order09 सित. 2026 IST
बिना गिरफ्तारी के आधार बताए हिरासत में रखना मौलिक अधिकारों का उल्लंघन, बॉम्बे HC ने ₹2 लाख मुआवजा देने का आदेश

बिना गिरफ्तारी के आधार बताए हिरासत में रखना मौलिक अधिकारों का उल्लंघन, बॉम्बे HC ने ₹2 लाख मुआवजा देने का आदेश

बिना गिरफ्तारी के आधार बताए हिरासत में रखना पुलिस को भारी पड़ गया। बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर बेंच ने इसे मौलिक अधिकारों का उल्लंघन मानते हुए महाराष्ट्र सरकार को 26 वर्षीय युवक को ₹2 लाख मुआवजा देने का आदेश दिया है। कोर्ट ने दो टूक कहा कि व्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़े मामलों में कानून द्वारा तय प्रक्रिया और संवैधानिक सुरक्षा का पालन अनिवार्य है।

law-order09 सित. 2026 IST
कमियां दूर होने के बाद फूड लाइसेंस का निलंबन खत्म करना होगा, कारोबारियों को मुकदमेबाजी के लिए मजबूर नहीं कर सकते: बॉम्बे HC

कमियां दूर होने के बाद फूड लाइसेंस का निलंबन खत्म करना होगा, कारोबारियों को मुकदमेबाजी के लिए मजबूर नहीं कर सकते: बॉम्बे HC

फूड लाइसेंस सस्पेंड करने के मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र FDA को कड़ी फटकार लगाई है। कोर्ट ने साफ कहा कि जब कोई खाद्य प्रतिष्ठान बताई गई कमियों को दूर कर देता है और अनुपालन की ऑटो-जेनरेटेड रिपोर्ट भी सामने आ जाती है, तो लाइसेंस का निलंबन जारी नहीं रखा जा सकता। कारोबारियों को लाइसेंस बहाली के लिए बेवजह मुकदमेबाजी में धकेलना उचित नहीं है।

law-order09 सित. 2026 IST
‘चोरों के सरदार’ टिप्पणी पर राहुल गांधी को झटका, बॉम्बे HC ने मानहानि केस रद्द करने से किया इनकार

‘चोरों के सरदार’ टिप्पणी पर राहुल गांधी को झटका, बॉम्बे HC ने मानहानि केस रद्द करने से किया इनकार

‘चोरों के सरदार’ और ‘Commander-in-Thief’ टिप्पणी को लेकर राहुल गांधी को बॉम्बे हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने उनके खिलाफ चल रहे आपराधिक मानहानि केस को रद्द करने से इनकार कर दिया। जस्टिस नितिन बोरकर ने कहा कि BJP एक पंजीकृत राष्ट्रीय राजनीतिक दल होने के कारण पहचान योग्य संस्था है और कथित टिप्पणी का पार्टी के सदस्यों पर क्या असर पड़ा, यह ट्रायल के दौरान तय किया जाएगा।

law-order09 सित. 2026 IST
विधवा की फैमिली पेंशन पति की मौत की तारीख से मिलेगी, CAT जाने की तारीख से नहीं: सुप्रीम कोर्ट

विधवा की फैमिली पेंशन पति की मौत की तारीख से मिलेगी, CAT जाने की तारीख से नहीं: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने विधवाओं की फैमिली पेंशन को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने साफ कहा कि पति की सेवा के दौरान मौत होने पर पत्नी का फैमिली पेंशन का अधिकार उसी दिन से बनता है, न कि उस तारीख से जब वह CAT या अदालत पहुंची। अगर पेंशन का दावा करने में देरी महिला की गलती नहीं है, तो उसे पति की मृत्यु की तारीख से ही बकाया पेंशन का लाभ देना होगा।

law-order09 सित. 2026 IST
पुलिस की क्लीन चिट के बाद भी आरोपी को बुला सकता है कोर्ट, केस डायरी में अपराध का प्रथम दृष्टया आधार हो तो मजिस्ट्रेट को अधिकार: इलाहाबाद HC

पुलिस की क्लीन चिट के बाद भी आरोपी को बुला सकता है कोर्ट, केस डायरी में अपराध का प्रथम दृष्टया आधार हो तो मजिस्ट्रेट को अधिकार: इलाहाबाद HC

पुलिस की फाइनल रिपोर्ट से आरोपी को राहत मिलना तय नहीं है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि केस डायरी में प्रथम दृष्टया अपराध के सबूत हों तो मजिस्ट्रेट फाइनल रिपोर्ट खारिज कर आरोपी को समन कर सकता है।

law-order09 सित. 2026 IST
14 साल पुराने अवैध निर्माण मामले में बिल्डर बरी, गवाहों को कोर्ट में नहीं ला सकी पुलिस; कल्याण कोर्ट का फैसला

14 साल पुराने अवैध निर्माण मामले में बिल्डर बरी, गवाहों को कोर्ट में नहीं ला सकी पुलिस; कल्याण कोर्ट का फैसला

डोंबिवली में बिना अनुमति 4 मंजिला इमारत बनाने के आरोप में दर्ज 14 साल पुराने मामले में कल्याण कोर्ट ने डेवलपर को बरी कर दिया। कोर्ट में अभियोजन पक्ष न तो शिकायतकर्ता और न ही स्वतंत्र गवाह, पंच या जांच अधिकारी को पेश कर सका। बार-बार समन जारी होने के बावजूद गवाह कोर्ट नहीं पहुंचे और आखिरकार केवल समन तामील कराने वाले पुलिसकर्मी की गवाही रिकॉर्ड हुई। पर्याप्त सबूत नहीं मिलने पर कोर्ट ने 4 सितंबर 2026 को आरोपी को दोषमुक्त कर दिया।

law-order09 सित. 2026 IST
₹5 करोड़ जमा करने की शर्त पर राजपाल यादव को सुप्रीम कोर्ट से राहत, चेक बाउंस मामलों में सरेंडर से मिली अंतरिम छूट

₹5 करोड़ जमा करने की शर्त पर राजपाल यादव को सुप्रीम कोर्ट से राहत, चेक बाउंस मामलों में सरेंडर से मिली अंतरिम छूट

राजपाल यादव को चेक बाउंस मामलों में सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने उन्हें फिलहाल सरेंडर करने से छूट दे दी है, लेकिन यह राहत ₹5 करोड़ जमा करने की शर्त पर मिली है। सात चेक बाउंस मामलों में अभिनेता को मिली सजा के खिलाफ दाखिल याचिका पर अब 15 सितंबर को सुनवाई होगी।

law-order08 सित. 2026 IST
मानवाधिकार उल्लंघन पर सीधे Human Rights Court पहुंच सकेंगे पीड़ित, पहले आयोग जाने की जरूरत नहीं: सुप्रीम कोर्ट

मानवाधिकार उल्लंघन पर सीधे Human Rights Court पहुंच सकेंगे पीड़ित, पहले आयोग जाने की जरूरत नहीं: सुप्रीम कोर्ट

मानवाधिकार उल्लंघन के पीड़ितों के लिए सुप्रीम कोर्ट ने अहम राहत दी है। कोर्ट ने साफ किया कि न्याय पाने के लिए पहले मानवाधिकार आयोग का दरवाजा खटखटाना अनिवार्य नहीं है। पीड़ित सीधे Human Rights Court में शिकायत दर्ज करा सकता है। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने कर्नाटक के Rule 6 को वैध ठहराते हुए हाईकोर्ट का फैसला पलट दिया और पुलिस अधिकारियों के खिलाफ शुरू हुई कार्यवाही बहाल कर दी।

law-order08 सित. 2026 IST
सत्य निकेतन हादसे के बाद सुप्रीम कोर्ट का बड़ा रुख, दिल्ली के PG-हॉस्टलों की होगी सुरक्षा जांच?

सत्य निकेतन हादसे के बाद सुप्रीम कोर्ट का बड़ा रुख, दिल्ली के PG-हॉस्टलों की होगी सुरक्षा जांच?

दिल्ली के सत्य निकेतन में PG बिल्डिंग गिरने से 7 लोगों की मौत के बाद अब सुप्रीम कोर्ट ने मामले पर नजरें गड़ा दी हैं। सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को सुनवाई होगी, वहीं अमिकस क्यूरी ने दिल्ली के PG, निजी हॉस्टलों और छात्र आवासों के समयबद्ध सेफ्टी ऑडिट की मांग की है। कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट में लंबित मामले को अपने पास ट्रांसफर करने के संकेत भी दिए हैं।

law-order08 सित. 2026 IST
‘पीड़िता ने कोर्ट में आरोपी की पहचान नहीं की’: 5 साल की बच्ची से रेप मामले में सुप्रीम कोर्ट ने दोषी को किया बरी

‘पीड़िता ने कोर्ट में आरोपी की पहचान नहीं की’: 5 साल की बच्ची से रेप मामले में सुप्रीम कोर्ट ने दोषी को किया बरी

5 साल की बच्ची से रेप के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने दोषी ठहराए गए धनराज को बरी कर दिया। वजह बनी आरोपी की पहचान में अभियोजन की बड़ी चूक। बच्ची ने कहा था कि वह आरोपी को पहचान सकती है, लेकिन कोर्ट में उसकी पहचान नहीं कराई गई। SC ने साफ किया कि सिर्फ TIP में हुई पहचान substantive evidence नहीं होती।

law-order08 सित. 2026 IST
पुणे में दहीहंडी के डांस कार्यक्रम पर पुलिस का शिकंजा, लावणी कलाकार राधा पाटील-मुंबईकर समेत 3 पर FIR

पुणे में दहीहंडी के डांस कार्यक्रम पर पुलिस का शिकंजा, लावणी कलाकार राधा पाटील-मुंबईकर समेत 3 पर FIR

पुणे के कात्रज-सुखसागरनगर इलाके में दहीहंडी समारोह के दौरान कथित तौर पर बिना पुलिस अनुमति लावणी कार्यक्रम आयोजित करने के मामले में बिबवेवाड़ी पुलिस ने लावणी कलाकार राधा पाटील-मुंबईकर समेत तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक आवश्यक अनुमति और प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं कराए गए थे। वहीं, राधा पाटील ने दावा किया है कि प्रमाणपत्र के लिए आवेदन किया गया था और उनके पास उसकी रसीद मौजूद थी।

law-order08 सित. 2026 IST
Ad Hoc शिक्षकों को बर्खास्तगी से पहले Board की मंजूरी जरूरी नहीं: इलाहाबाद HC का बड़ा फैसला

Ad Hoc शिक्षकों को बर्खास्तगी से पहले Board की मंजूरी जरूरी नहीं: इलाहाबाद HC का बड़ा फैसला

उत्तर प्रदेश के एडहॉक शिक्षकों को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने साफ कर दिया कि धारा 21 के तहत सेवा समाप्ति से पहले Board की मंजूरी वाली सुरक्षा एडहॉक शिक्षकों को नहीं मिलेगी। यह संरक्षण नियमित या नियमितीकृत शिक्षकों के लिए है, जिनकी नियुक्ति बोर्ड की सिफारिश पर हुई हो

law-order08 सित. 2026 IST
RTI में सीधे नहीं मिलेगी Section 8(1)(g) के दायरे वाली CCTV फुटेज, कोर्ट या आयोग से मांग सकते हैं: इलाहाबाद HC

RTI में सीधे नहीं मिलेगी Section 8(1)(g) के दायरे वाली CCTV फुटेज, कोर्ट या आयोग से मांग सकते हैं: इलाहाबाद HC

RTI के जरिए CCTV फुटेज मांगने वालों को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अहम कानूनी रास्ता बताया है। कोर्ट ने कहा कि Section 8(1)(g) के तहत संरक्षित CCTV फुटेज सीधे RTI आवेदक को नहीं दी जा सकती, लेकिन वह कोर्ट या आयोग का दरवाजा खटखटा सकता है। जरूरत पड़ने पर कोर्ट फुटेज मंगाने और उसे सुरक्षित रखने का आदेश दे सकता है।

law-order08 सित. 2026 IST
वकील और परिवार ने SC/ST Act के मामलों में लिए ₹23 लाख से ज्यादा, इलाहाबाद HC ने पूरे UP में जांच के दिए आदेश

वकील और परिवार ने SC/ST Act के मामलों में लिए ₹23 लाख से ज्यादा, इलाहाबाद HC ने पूरे UP में जांच के दिए आदेश

SC/ST Act की राहत राशि के बार-बार दावों पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। एक अधिवक्ता और उसके परिवार को अलग-अलग मामलों में ₹23.36 लाख से ज्यादा मिलने का मामला सामने आने के बाद कोर्ट ने यूपी सरकार को पूरे प्रदेश में जांच के निर्देश दिए हैं। हालांकि कोर्ट ने साफ कहा कि बार-बार राहत का दावा करना अकेले ‘दुरुपयोग’ साबित नहीं करता।

law-order08 सित. 2026 IST
‘सर तन से जुदा’ नारा भारत की संप्रभुता को चुनौती, ‘अल्लाहु अकबर’ और ‘जय श्री राम’ से तुलना नहीं: इलाहाबाद HC

‘सर तन से जुदा’ नारा भारत की संप्रभुता को चुनौती, ‘अल्लाहु अकबर’ और ‘जय श्री राम’ से तुलना नहीं: इलाहाबाद HC

‘सर तन से जुदा’ नारे पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बेहद सख्त टिप्पणी की है। बरेली हिंसा मामले में मौलाना तौकीर रजा की जमानत खारिज करते हुए कोर्ट ने कहा कि इस नारे की तुलना ‘अल्लाहु अकबर’, ‘जय श्री राम’ या ‘हर हर महादेव’ जैसे धार्मिक नारों से नहीं की जा सकती। अदालत ने इसे कानून के शासन और भारत की संप्रभुता-अखंडता के लिए चुनौती बताया।

law-order08 सित. 2026 IST
‘कायर जज कहलाने से बेहतर मौत’: UP के जज का बड़ा बयान, बोले- माफिया और अपराधियों को फायदा पहुंचाने के लिए मेरे कोर्ट से वापस लिए गए गंभीर केस

‘कायर जज कहलाने से बेहतर मौत’: UP के जज का बड़ा बयान, बोले- माफिया और अपराधियों को फायदा पहुंचाने के लिए मेरे कोर्ट से वापस लिए गए गंभीर केस

कायर जज कहलाने से बेहतर है मौत!’—मुजफ्फरनगर की अदालत से जज रवि कुमार दिवाकर के इस बयान ने न्यायपालिका से लेकर यूपी के अपराध जगत तक हलचल मचा दी है। पत्नी को जिंदा जलाने वाले नादिम को मौत की सजा सुनाते हुए जज ने दावा किया कि उनके कोर्ट से हत्या और अन्य गंभीर मामलों की फाइलें माफिया और अपराधियों को फायदा पहुंचाने के लिए वापस ली गईं। जज के इन आरोपों ने न्यायिक स्वतंत्रता और प्रभावशाली अपराधियों के दबाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

law-order08 सित. 2026 IST
कृषि जमीन की सीमा Advocate Commissioner की रिपोर्ट से तय नहीं कर सकता Civil Court, इलाहाबाद HC का बड़ा फैसला

कृषि जमीन की सीमा Advocate Commissioner की रिपोर्ट से तय नहीं कर सकता Civil Court, इलाहाबाद HC का बड़ा फैसला

कृषि जमीन की सीमा को लेकर विवाद है तो अब सिर्फ Advocate Commissioner की रिपोर्ट के आधार पर सिविल कोर्ट उस जमीन की हद तय नहीं कर सकता। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाते हुए कहा है कि दो सटी हुई कृषि जोतों की वास्तविक सीमा तय करने का काम U.P. Revenue Code, 2006 की धारा 24 के तहत सक्षम राजस्व प्राधिकरण को करना है। कोर्ट ने साफ किया कि किसी सीमा विवाद को केवल ‘इंजंक्शन का मुकदमा’ बताकर सिविल कोर्ट अपनी सीमा से बाहर जाकर डिमार्केशन नहीं कर सकता।

law-order07 सित. 2026 IST
आरक्षण विरोधी प्रदर्शन पर दिल्ली HC सख्त, करणी सेना के Jantar Mantar प्रदर्शन पर 14 सितंबर तक फैसला करे पुलिस

आरक्षण विरोधी प्रदर्शन पर दिल्ली HC सख्त, करणी सेना के Jantar Mantar प्रदर्शन पर 14 सितंबर तक फैसला करे पुलिस

आरक्षण व्यवस्था और UGC के नियमों के विरोध में Jantar Mantar पर प्रदर्शन करने की तैयारी कर रही क्षत्रिय करणी सेना को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस को संगठन के नए आवेदन पर 14 सितंबर तक फैसला लेने का निर्देश दिया है। हालांकि, कोर्ट ने प्रदर्शन की सीधी अनुमति नहीं दी है। पुलिस को कानून-व्यवस्था और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अनुमति देने या इनकार करने का अधिकार रहेगा और अनुमति मिलने की स्थिति में वह प्रदर्शन पर जरूरी शर्तें भी लगा सकती है।

law-order07 सित. 2026 IST
‘रोड रेज FIR में डिजिटल फुटप्रिंट क्यों चाहिए?’ पत्रकार अभिषेक उपाध्याय मामले में SC ने UP Police से मांगा जवाब

‘रोड रेज FIR में डिजिटल फुटप्रिंट क्यों चाहिए?’ पत्रकार अभिषेक उपाध्याय मामले में SC ने UP Police से मांगा जवाब

पत्रकार अभिषेक उपाध्याय के खिलाफ दर्ज रोड रेज FIR की जांच में सोशल मीडिया अकाउंट की जानकारी जुटाने पर सुप्रीम कोर्ट ने गंभीर सवाल उठाए हैं। कोर्ट ने पूछा कि सड़क विवाद से जुड़े मामले में आरोपी के ‘डिजिटल फुटप्रिंट’ की जरूरत आखिर क्यों पड़ी? साथ ही गाजियाबाद पुलिस कमिश्नर से यह स्पष्ट करने को कहा है कि X से कौन-कौन सी जानकारी मांगी गई और उसका FIR की जांच से क्या संबंध है।

law-order07 सित. 2026 IST
सत्या निकेतन बिल्डिंग हादसा: दिल्ली HC में PIL, मृतकों के परिजनों को ₹1 करोड़ मुआवजे और सभी PG-हॉस्टल के स्ट्रक्चरल ऑडिट की मांग

सत्या निकेतन बिल्डिंग हादसा: दिल्ली HC में PIL, मृतकों के परिजनों को ₹1 करोड़ मुआवजे और सभी PG-हॉस्टल के स्ट्रक्चरल ऑडिट की मांग

दिल्ली के सत्या निकेतन में बहुमंजिला PG बिल्डिंग गिरने से हुए हादसे को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की गई है। याचिका में हादसे में जान गंवाने वालों के परिजनों को ₹1 करोड़ मुआवजा देने के साथ दिल्ली के सभी PG, हॉस्टल और छात्र आवासों का स्ट्रक्चरल सेफ्टी ऑडिट कराने की मांग की गई है।

law-order07 सित. 2026 IST
DLF Primus पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, CBI करेगी जांच; कोर्ट बोला- ब्रोशर में जो दिखाया, प्रोजेक्ट वैसा ही बनना चाहिए

DLF Primus पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, CBI करेगी जांच; कोर्ट बोला- ब्रोशर में जो दिखाया, प्रोजेक्ट वैसा ही बनना चाहिए

घर खरीदने वालों को प्रोजेक्ट का ब्रोशर और प्लान दिखाकर जो वादा किया जाता है, बिल्डर को निर्माण उसी के अनुरूप करना होगा। DLF Primus प्रोजेक्ट से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अहम टिप्पणी करते हुए CBI को Preliminary Enquiry आगे बढ़ाने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने गुरुग्राम स्थित प्रोजेक्ट में ब्रोशर में दिखाई गई 24 मीटर चौड़ी सड़क के वास्तविक स्वरूप पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

law-order07 सित. 2026 IST
Vodafone Idea को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत! ₹363 करोड़ की GST मांग फिर से लागू करने से इनकार, गैर-मौजूद कंपनी पर कार्रवाई पर उठाया सवाल

Vodafone Idea को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत! ₹363 करोड़ की GST मांग फिर से लागू करने से इनकार, गैर-मौजूद कंपनी पर कार्रवाई पर उठाया सवाल

Vodafone Idea को सुप्रीम कोर्ट से ₹363 करोड़ की GST मांग के मामले में बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट के उस फैसले में दखल देने से इनकार कर दिया, जिसमें विलय के बाद अस्तित्व में नहीं रही Vodafone Mobile Services Limited के खिलाफ शुरू की गई GST कार्यवाही को रद्द कर दिया गया था। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान सवाल उठाया कि जब कंपनी विलय के बाद अस्तित्व में ही नहीं रही, तो उसके खिलाफ कार्यवाही कैसे शुरू की जा सकती है।

law-order07 सित. 2026 IST
पंजाब सरकार ने जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा की नियुक्ति का किया विरोध, हाईकोर्ट चीफ जस्टिस की शपथ पर रोक की मांग

पंजाब सरकार ने जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा की नियुक्ति का किया विरोध, हाईकोर्ट चीफ जस्टिस की शपथ पर रोक की मांग

पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के कार्यवाहक चीफ जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा की स्थायी चीफ जस्टिस के तौर पर नियुक्ति को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। पंजाब सरकार ने केंद्र के फैसले का खुलकर विरोध करते हुए राज्यपाल से शपथ समारोह रोकने की मांग की है। सरकार का आरोप है कि उसकी राय लिए बिना ही जस्टिस मिश्रा की नियुक्ति को मंजूरी दी गई।

law-order07 सित. 2026 IST
बेरोजगार महिला के नाम जमीन है तो उसे पैतृक संपत्ति नहीं मान सकते, Karnataka HC का बड़ा फैसला

बेरोजगार महिला के नाम जमीन है तो उसे पैतृक संपत्ति नहीं मान सकते, Karnataka HC का बड़ा फैसला

क्या किसी महिला के पास अपनी नौकरी या कमाई नहीं है, तो उसके नाम दर्ज जमीन अपने-आप संयुक्त परिवार की संपत्ति बन जाएगी? कर्नाटक हाईकोर्ट ने इस सवाल पर अहम फैसला सुनाते हुए साफ किया है कि सिर्फ बेरोजगार या गृहिणी होने के आधार पर महिला की संपत्ति को संयुक्त हिंदू परिवार की संपत्ति नहीं माना जा सकता। अदालत ने कहा कि इसके लिए ठोस सबूत जरूरी है।

law-order07 सित. 2026 IST
डॉक्टरों से मारपीट पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, बोला- ‘एक ही विचारधारा के लोग बार-बार कर रहे हमला, सड़कों पर घूमने के लायक नहीं’

डॉक्टरों से मारपीट पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, बोला- ‘एक ही विचारधारा के लोग बार-बार कर रहे हमला, सड़कों पर घूमने के लायक नहीं’

महाराष्ट्र में डॉक्टरों और अस्पताल कर्मचारियों से मारपीट की घटनाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कड़ी नाराजगी जताई। डोंबिवली में डॉक्टरों से कथित मारपीट के आरोपी शिवसेना पार्षद रमेश सुकर्या म्हात्रे से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पालघर में हुई एक और घटना का जिक्र करते हुए कहा कि “एक ही विचारधारा” के लोग बार-बार डॉक्टरों पर हमला कर रहे हैं। कोर्ट ने ऐसी घटनाओं को कानून और सार्वजनिक व्यवस्था दोनों के लिए गंभीर समस्या बताया।

law-order07 सित. 2026 IST
दिल्ली HC ने सुधीर चौधरी और DD News को भेजा समन, एक्टिविस्ट को ‘एंटी-नेशनल’ बताने पर ₹5 करोड़ की मानहानि का मुकदमा

दिल्ली HC ने सुधीर चौधरी और DD News को भेजा समन, एक्टिविस्ट को ‘एंटी-नेशनल’ बताने पर ₹5 करोड़ की मानहानि का मुकदमा

दिल्ली हाईकोर्ट ने पत्रकार सुधीर चौधरी, उनकी प्रोडक्शन कंपनी एस्प्रिट प्रोडक्शंस और प्रसार भारती (DD News) को मानहानि के एक मामले में समन जारी किया है। एक्टिविस्ट विजय शेरावत ने आरोप लगाया है कि एक टीवी कार्यक्रम में उनके खिलाफ गंभीर और अपमानजनक आरोप लगाए गए, जिससे उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा। शेरावत ने इसके एवज में ₹5 करोड़ के हर्जाने की मांग की है।

law-order07 सित. 2026 IST
PM Modi Documentary: BBC के खिलाफ ₹10 हजार करोड़ की मानहानि याचिका वापस, दिल्ली HC में NGO ने केस लिया वापस

PM Modi Documentary: BBC के खिलाफ ₹10 हजार करोड़ की मानहानि याचिका वापस, दिल्ली HC में NGO ने केस लिया वापस

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बनी BBC की डॉक्यूमेंट्री को लेकर ब्रिटिश ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में दायर ₹10,000 करोड़ की मानहानि याचिका अब वापस ले ली गई है। गुजरात स्थित NGO Justice on Trial ने 3 सितंबर को अदालत में केस वापस लेने की जानकारी दी। कोर्ट ने याचिका को “withdrawn” मानते हुए मामले को खारिज कर दिया। हालांकि, NGO ने कहा है कि वह इसी cause of action को लेकर नया मुकदमा दाखिल करेगा।

law-order07 सित. 2026 IST
जंतर-मंतर मारपीट केस में स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी को दिल्ली HC में चुनौती, Habeas Corpus याचिका दाखिल

जंतर-मंतर मारपीट केस में स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी को दिल्ली HC में चुनौती, Habeas Corpus याचिका दाखिल

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान मारपीट के मामले में गिरफ्तार किए गए राइट-विंग इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज ने अपनी गिरफ्तारी को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है। उन्होंने Habeas Corpus याचिका दाखिल कर गिरफ्तारी को गैरकानूनी बताते हुए हिरासत से रिहाई की मांग की है। चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय के सामने मामला मेंशन होने के बाद हाईकोर्ट ने इसे आज ही तत्काल आधार पर सुनने पर सहमति जताई है।

law-order07 सित. 2026 IST
42 साल पुरानी अपील पर इलाहाबाद HC का बड़ा फैसला! फरार आरोपी को 1982 से नहीं ढूंढ पाई पुलिस, कोर्ट बोला- ‘अनिश्चितकाल तक इंतजार नहीं कर सकते’

42 साल पुरानी अपील पर इलाहाबाद HC का बड़ा फैसला! फरार आरोपी को 1982 से नहीं ढूंढ पाई पुलिस, कोर्ट बोला- ‘अनिश्चितकाल तक इंतजार नहीं कर सकते’

42 साल से लंबित हत्या के प्रयास की अपील पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ऐसा फैसला सुनाया है जो फरार आरोपियों के मामलों में महत्वपूर्ण माना जा सकता है। कोर्ट ने कहा कि वह किसी आरोपी के पकड़े जाने और अदालत के सामने पेश होने का अनिश्चितकाल तक इंतजार करने के लिए बाध्य नहीं है। आरोपी फूलमती ने 1982 में ट्रायल कोर्ट से मिली 4 साल की सजा के खिलाफ अपील दाखिल की थी, लेकिन बाद में वह फरार हो गई और लगातार अदालत की प्रक्रिया से दूर रही। अब हाईकोर्ट ने उसकी गैरमौजूदगी में ही अपील के मेरिट पर सुनवाई कर उसे खारिज कर दिया।

law-order07 सित. 2026 IST
नशे के लिए Codeine Cough Syrup रखा तो लगेगा NDPS Act! इलाहाबाद HC का बड़ा फैसला, 100 mg की सीमा भी नहीं देगी हर मामले में राहत

नशे के लिए Codeine Cough Syrup रखा तो लगेगा NDPS Act! इलाहाबाद HC का बड़ा फैसला, 100 mg की सीमा भी नहीं देगी हर मामले में राहत

कोडीन वाली कफ सिरप को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अहम कानूनी स्थिति साफ कर दी है। कोर्ट ने कहा है कि तय सीमा के भीतर कोडीन वाली कफ सिरप होने मात्र से हर स्थिति में NDPS Act से छूट नहीं मिल जाती। अगर ऐसी सिरप को मेडिकल इस्तेमाल के बजाय नशे के लिए स्टॉक, बेचने या ट्रांसपोर्ट करने का आरोप है, तो कानूनी छूट खत्म हो सकती है और NDPS Act के प्रावधान लागू हो सकते हैं। कोर्ट का यह फैसला New Phensedyl, Eskuf और Codectus जैसी कोडीन आधारित कफ सिरप से जुड़े कई जमानत मामलों की सुनवाई के दौरान आया।

law-order07 सित. 2026 IST
जमीन का मालिक कौन है, ये तय करना नक्शा पास करने वाली अथॉरिटी का काम नहीं: इलाहाबाद HC का बड़ा फैसला

जमीन का मालिक कौन है, ये तय करना नक्शा पास करने वाली अथॉरिटी का काम नहीं: इलाहाबाद HC का बड़ा फैसला

जमीन के मालिकाना हक को लेकर विवाद है तो क्या नगर निकाय या विकास प्राधिकरण बिल्डिंग का नक्शा पास करने से इनकार कर सकता है? इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस सवाल पर बड़ा फैसला सुनाते हुए साफ कर दिया है कि निजी पक्षों के बीच चल रहे टाइटल विवाद का फैसला नक्शा मंजूर करने वाली अथॉरिटी नहीं कर सकती। कोर्ट ने कहा कि निजी विवाद की स्थिति में सबसे अहम सवाल यह है कि क्या जमीन पर निर्माण रोकने वाला कोई प्रभावी न्यायिक आदेश यानी injunction मौजूद है।

law-order07 सित. 2026 IST
UP Police के ‘एनकाउंटर नैरेटिव’ पर हाईकोर्ट की नजर! गोली पैर में लगने से लेकर FIR और जांच तक, 2026 में कोर्ट ने उठाए कई बड़े सवाल

UP Police के ‘एनकाउंटर नैरेटिव’ पर हाईकोर्ट की नजर! गोली पैर में लगने से लेकर FIR और जांच तक, 2026 में कोर्ट ने उठाए कई बड़े सवाल

उत्तर प्रदेश में एनकाउंटर को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट की सख्ती लगातार बढ़ रही है। 2026 में कोर्ट के कई आदेशों में पुलिस के एनकाउंटर नैरेटिव पर गंभीर सवाल उठे हैं—कभी आरोपी के घुटने के नीचे ही गोली लगने पर, तो कभी एनकाउंटर की अलग FIR और स्वतंत्र जांच को लेकर। कोर्ट ने साफ कर दिया है कि पुलिस को आत्मरक्षा में बल प्रयोग का अधिकार है, लेकिन एनकाउंटर के नाम पर कानून और न्यायिक प्रक्रिया को दरकिनार नहीं किया जा सकता।

law-order07 सित. 2026 IST
Old Monk को ‘Rum’ कहना पड़ा भारी! FSSAI की आपत्ति के बाद बदलेगा लेबल, हटेगा ‘7 Years Old Blended’ दावा

Old Monk को ‘Rum’ कहना पड़ा भारी! FSSAI की आपत्ति के बाद बदलेगा लेबल, हटेगा ‘7 Years Old Blended’ दावा

Old Monk को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान बड़ा खुलासा हुआ है। FSSAI ने कोर्ट में कहा कि Old Monk को सिर्फ “Rum” के नाम से नहीं बेचा जा सकता, क्योंकि इसमें अतिरिक्त आर्टिफिशियल और नेचर-आइडेंटिकल फ्लेवरिंग का इस्तेमाल होता है। कंपनी ने अब लेबल पर “Added Flavour” या “Flavoured Rum” लिखने और “7 Years Old Blended” दावा हटाने पर सहमति जताई है। हालांकि, कोर्ट ने फिलहाल बिक्री पर कोई अंतरिम राहत नहीं दी है और मामले की अगली सुनवाई 11 सितंबर को होगी।

law-order07 सित. 2026 IST
जांच में बड़ी चूक पड़ी भारी! सुप्रीम कोर्ट ने सितंबर के पहले हफ्ते में 3 हत्या मामलों में पलटी दोषसिद्धि, पुलिस जांच पर उठे गंभीर सवाल

जांच में बड़ी चूक पड़ी भारी! सुप्रीम कोर्ट ने सितंबर के पहले हफ्ते में 3 हत्या मामलों में पलटी दोषसिद्धि, पुलिस जांच पर उठे गंभीर सवाल

सुप्रीम कोर्ट ने सितंबर के पहले हफ्ते में हत्या के तीन मामलों में दोषसिद्धि पलटकर पुलिस जांच की खामियों पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया। छह साल के बच्चे की हत्या से लेकर दिनदहाड़े हत्या और फिरौती के लिए अपहरण के बाद हत्या तक, तीनों मामलों में अभियोजन आरोपी का अपराध संदेह से परे साबित नहीं कर सका। कोर्ट ने साफ किया कि गंभीर आरोपों के बावजूद कमजोर और अधूरी जांच के आधार पर किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता।

law-order07 सित. 2026 IST
नाबालिग से जुड़े POCSO केस में समझौता भी नहीं चलेगा, बालिग होने के बाद भी FIR रद्द नहीं कर सकता हाईकोर्ट: सिक्किम HC

नाबालिग से जुड़े POCSO केस में समझौता भी नहीं चलेगा, बालिग होने के बाद भी FIR रद्द नहीं कर सकता हाईकोर्ट: सिक्किम HC

POCSO केस में समझौते की गुंजाइश पर सिक्किम हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने साफ कहा कि घटना के वक्त अगर सर्वाइवर नाबालिग थी, तो मुकदमे के दौरान उसके बालिग होने और आरोपी के साथ समझौता करने से POCSO की आपराधिक कार्यवाही खत्म नहीं की जा सकती। हाईकोर्ट ने कहा कि ऐसे गंभीर अपराध को महज निजी समझौते के आधार पर रद्द नहीं किया जा सकता।

law-order07 सित. 2026 IST
25 हाईकोर्ट में अब नहीं रहेगा Acting Chief Justice का दौर! केंद्र ने 8 नए Chief Justices की नियुक्ति को दी मंजूरी

25 हाईकोर्ट में अब नहीं रहेगा Acting Chief Justice का दौर! केंद्र ने 8 नए Chief Justices की नियुक्ति को दी मंजूरी

देश की हाईकोर्ट व्यवस्था में बड़ा बदलाव हुआ है। केंद्र सरकार ने 8 हाईकोर्ट के लिए नए चीफ जस्टिस की नियुक्ति की अधिसूचना जारी कर दी है। इसके साथ ही देश के सभी 25 हाईकोर्ट को अब स्थायी मुख्य न्यायाधीश मिल गए हैं। लंबे समय से Acting Chief Justice के भरोसे चल रहे हाईकोर्ट में अब पूर्णकालिक नेतृत्व होगा, जिससे न्यायिक प्रशासन और लंबित मामलों की सुनवाई को गति मिलने की उम्मीद है।

law-order07 सित. 2026 IST
जगद्गुरु रामभद्राचार्य के खिलाफ FIR की मांग खारिज, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा- पहले BNSS के तहत उपलब्ध उपाय अपनाएं

जगद्गुरु रामभद्राचार्य के खिलाफ FIR की मांग खारिज, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा- पहले BNSS के तहत उपलब्ध उपाय अपनाएं

जगद्गुरु रामभद्राचार्य के कथित बयान पर FIR की मांग को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने किया खारिज। कोर्ट ने कहा—पहले BNSS के तहत उपलब्ध कानूनी उपाय अपनाएं, फिर हाईकोर्ट का रुख करें।

law-order05 सित. 2026 IST
दूसरे बच्चे हैं तो भी मां की फैमिली पेंशन नहीं रोक सकते, आर्थिक रूप से सक्षम होना जरूरी: बॉम्बे हाईकोर्ट

दूसरे बच्चे हैं तो भी मां की फैमिली पेंशन नहीं रोक सकते, आर्थिक रूप से सक्षम होना जरूरी: बॉम्बे हाईकोर्ट

‘दूसरे बच्चे हैं’ तो क्या मां का हक खत्म? बॉम्बे हाईकोर्ट ने साफ किया—अगर संतान मां को आर्थिक सहारा देने में सक्षम नहीं हैं, तो सिर्फ उनके जीवित होने के आधार पर फैमिली पेंशन से इनकार नहीं किया जा सकता।

law-order05 सित. 2026 IST
‘घटिया जांच’ और अप्रमाणित सबूतों पर नहीं चलेगी सजा! किडनैपिंग-मर्डर केस में सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी को किया बरी

‘घटिया जांच’ और अप्रमाणित सबूतों पर नहीं चलेगी सजा! किडनैपिंग-मर्डर केस में सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी को किया बरी

घटिया जांच’ ने खोली पुलिस की पूरी कहानी की पोल! सुप्रीम कोर्ट ने अपहरण-हत्या मामले में आरोपी को बरी करते हुए कहा—अप्रमाणित कबूलनामे, CCTV और कॉल रिकॉर्ड के भरोसे किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता।

law-order05 सित. 2026 IST
RTI में दस्तावेजों की जांच के दौरान तीसरे व्यक्ति को साथ नहीं ले जा सकते, गुजरात हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

RTI में दस्तावेजों की जांच के दौरान तीसरे व्यक्ति को साथ नहीं ले जा सकते, गुजरात हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

RTI को लेकर गुजरात हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा कि दस्तावेजों के निरीक्षण के दौरान आवेदक अपने साथ किसी तीसरे व्यक्ति को नहीं ले जा सकता। भाषा समझने के लिए बाहरी व्यक्ति की मदद की मांग भी कोर्ट ने खारिज कर दी।

law-order05 सित. 2026 IST
सुप्रीम कोर्ट में अब हर महीने होगी कानून और न्याय पर खास चर्चा, CJI सूर्यकांत ने Teacher’s Day पर किया बड़ा ऐलान

सुप्रीम कोर्ट में अब हर महीने होगी कानून और न्याय पर खास चर्चा, CJI सूर्यकांत ने Teacher’s Day पर किया बड़ा ऐलान

शिक्षक दिवस पर CJI सूर्यकांत का बड़ा ऐलान—अब सुप्रीम कोर्ट में हर महीने कानून और न्याय पर होगी खास लेक्चर सीरीज, साथ ही उत्कृष्ट कानूनी शिक्षकों को मिलेगा ‘न्याय शिक्षा सम्मान’।

law-order05 सित. 2026 IST
उल्हासनगर में घर का ताला तोड़कर चोरी, सोने के गहने और विदेशी करेंसी समेत ₹1.83 लाख का माल गायब

उल्हासनगर में घर का ताला तोड़कर चोरी, सोने के गहने और विदेशी करेंसी समेत ₹1.83 लाख का माल गायब

ठाणे के उल्हासनगर में चोरों ने एक बंद घर को निशाना बनाते हुए मुख्य दरवाजे का कड़ी-कोयंडा तोड़ दिया और अंदर रखे सोने के गहने व नकदी पर हाथ साफ कर दिया। परिवार रात में मेहंदी कार्यक्रम में गया था और जब सुबह वापस लौटा तो घर का दरवाजा टूटा और सामान बिखरा मिला। चोर मंगलसूत्र, सोने की चूड़ियां, भारतीय रुपये के साथ अमेरिकी डॉलर और UAE दिरहम भी ले गए। पुलिस के मुताबिक चोरी हुए सामान की कुल कीमत करीब ₹1.83 लाख है।

law-order05 सित. 2026 IST
25 साल बाद ST सर्टिफिकेट निकला अमान्य, फिर भी नहीं जाएगी पेंशन! सुप्रीम कोर्ट ने रिटायर्ड कर्मचारी को दी बड़ी राहत

25 साल बाद ST सर्टिफिकेट निकला अमान्य, फिर भी नहीं जाएगी पेंशन! सुप्रीम कोर्ट ने रिटायर्ड कर्मचारी को दी बड़ी राहत

ST सर्टिफिकेट 26 साल बाद अमान्य घोषित हुआ, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने कर्मचारी की 30 साल से ज्यादा की सेवा को देखते हुए उसकी पेंशन और रिटायरमेंट लाभ बचा लिए। कोर्ट ने जाति प्रमाणपत्र को अमान्य ठहराने का फैसला बरकरार रखते हुए संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत विशेष शक्तियों का इस्तेमाल किया और कहा कि लंबे समय तक सेवा करने के बाद रिटायर हुए कर्मचारी को उसके रिटायरमेंट और पेंशन संबंधी लाभों से वंचित करना उचित नहीं होगा

law-order05 सित. 2026 IST
UP Police की टीम पूर्व दिल्ली मेयर के घर पहुंची, मुझे तलाश रही थी: पत्रकार अभिषेक उपाध्याय ने सुप्रीम कोर्ट में लगाया गंभीर आरोप

UP Police की टीम पूर्व दिल्ली मेयर के घर पहुंची, मुझे तलाश रही थी: पत्रकार अभिषेक उपाध्याय ने सुप्रीम कोर्ट में लगाया गंभीर आरोप

उत्तर प्रदेश पुलिस पर पत्रकार अभिषेक उपाध्याय ने सुप्रीम कोर्ट में बेहद गंभीर आरोप लगाया है। उपाध्याय का दावा है कि 22-23 अगस्त की दरम्यानी रात UP Police की एक टीम उन्हें तलाशते हुए पूर्व दिल्ली मेयर फरहाद सूरी के निजामुद्दीन ईस्ट स्थित घर तक पहुंची। पत्रकार ने इस कथित कार्रवाई के पीछे पुलिस की मंशा पर सवाल उठाते हुए टीम की मूवमेंट, अनुमति, CCTV और अन्य इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड कोर्ट से तलब करने की मांग की है।

law-order05 सित. 2026 IST
₹1 करोड़ के फ्लैट की बिक्री छिपाने का आरोप, बॉम्बे हाईकोर्ट ने लिया सख्त रुख; वरिष्ठ दंपती और बेटी को अवमानना नोटिस

₹1 करोड़ के फ्लैट की बिक्री छिपाने का आरोप, बॉम्बे हाईकोर्ट ने लिया सख्त रुख; वरिष्ठ दंपती और बेटी को अवमानना नोटिस

मुंबई में घरेलू हिंसा से जुड़े एक मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने वरिष्ठ नागरिक दंपती और उनकी शादीशुदा बेटी के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। अदालत के मुताबिक, जिस फ्लैट को घरेलू हिंसा की कार्यवाही में ‘शेयर्ड हाउसहोल्ड’ के तौर पर संरक्षण मिला था, उसे पहले बेटी के नाम गिफ्ट किया गया और बाद में मई 2026 में ₹1 करोड़ में बेच दिया गया। अदालत के सामने इस ट्रांसफर और बिक्री का खुलासा नहीं किया गया। कोर्ट ने इसे प्रथमदृष्टया अवमानना का मामला माना और फ्लैट का तत्काल कब्जा लेने का आदेश दिया।

law-order05 सित. 2026 IST
‘चांद तक पहुंच गए, लेकिन जाति के कलंक से आजाद नहीं’: manual scavenging पर बॉम्बे HC की महाराष्ट्र सरकार को फटकार

‘चांद तक पहुंच गए, लेकिन जाति के कलंक से आजाद नहीं’: manual scavenging पर बॉम्बे HC की महाराष्ट्र सरकार को फटकार

बॉम्बे हाई कोर्ट ने मैनुअल स्कैवेंजिंग और सीवर-सफाई के दौरान होने वाली मौतों को लेकर महाराष्ट्र सरकार की मुआवजा नीति पर कड़ी टिप्पणी की है। अदालत ने कहा कि एक ही तरह का जोखिम उठाने वाले सफाई कर्मियों के बीच उनके नियोक्ता के आधार पर मुआवजे में भेदभाव नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने राज्य को ‘Hazardous Cleaning’ के दौरान हुई मौतों की पहचान कर प्रत्येक मृतक के आश्रितों को 30 लाख रुपये मुआवजा देने का निर्देश दिया है।

law-order05 सित. 2026 IST
सरकारी स्कूलों में बिना अनुमति एंट्री पर रोक, सुप्रीम कोर्ट ने याचिका नहीं सुनी l

सरकारी स्कूलों में बिना अनुमति एंट्री पर रोक, सुप्रीम कोर्ट ने याचिका नहीं सुनी l

उत्तर प्रदेश और राजस्थान के सरकारी स्कूलों में बाहरी लोगों, पत्रकारों, YouTubers और सोशल मीडिया यूजर्स के बिना अनुमति प्रवेश तथा फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, इंटरव्यू और लाइवस्ट्रीमिंग पर लगाए गए प्रतिबंध को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है। जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ ने अनुच्छेद 32 के तहत दायर याचिका को सुनने से इनकार करते हुए कहा कि अदालत इस स्तर पर याचिका पर विचार करने के इच्छुक नहीं है।

law-order04 सित. 2026 IST
पेंशन पाने वाले वरिष्ठ नागरिक को मेंटेनेंस का अधिकार नहीं, बॉम्बे हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

पेंशन पाने वाले वरिष्ठ नागरिक को मेंटेनेंस का अधिकार नहीं, बॉम्बे हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि नियमित पेंशन पाने और खुद का खर्च उठाने में सक्षम वरिष्ठ नागरिक को Senior Citizens Act के तहत मेंटेनेंस का लाभ नहीं मिल सकता। कोर्ट ने 65 वर्षीय पिता की याचिका खारिज कर दी।

law-order04 सित. 2026 IST
‘चांद तक पहुंच गए, लेकिन जाति व्यवस्था अब भी कायम’: मैनुअल स्कैवेंजिंग पर बॉम्बे हाईकोर्ट सख्त, महाराष्ट्र की नीति रद्द

‘चांद तक पहुंच गए, लेकिन जाति व्यवस्था अब भी कायम’: मैनुअल स्कैवेंजिंग पर बॉम्बे हाईकोर्ट सख्त, महाराष्ट्र की नीति रद्द

देश चांद पर पहुंच गया, लेकिन इंसानों से आज भी सीवर साफ करवाना नहीं रुका। मैनुअल स्कैवेंजिंग पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि 75 साल की आजादी और संविधान के बावजूद जाति व्यवस्था की कठोर सच्चाई आज भी समाज के सामने है। कोर्ट ने राज्य को जिम्मेदारी से मुक्त करने वाली नीति को रद्द कर दिया।

law-order04 सित. 2026 IST
MBBS में मनमानी नहीं चलेगी! फर्स्ट ईयर में सिर्फ 4 अटेम्प्ट, बॉम्बे हाईकोर्ट ने छात्रा को नहीं दिया 5वां मौका

MBBS में मनमानी नहीं चलेगी! फर्स्ट ईयर में सिर्फ 4 अटेम्प्ट, बॉम्बे हाईकोर्ट ने छात्रा को नहीं दिया 5वां मौका

MBBS की पढ़ाई के दौरान परीक्षा में बार-बार असफल होने वाले छात्रों के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट ने बड़ा झटका देने वाला फैसला सुनाया है। कोर्ट ने साफ कर दिया कि First Professional MBBS के फर्स्ट ईयर में छात्र को अधिकतम चार ही attempts मिल सकते हैं। चाहे ये attempts अलग-अलग विषयों में दिए गए हों, चार प्रयास पूरे होने के बाद पांचवां मौका नहीं दिया जा सकता। इसी आधार पर कोर्ट ने Anatomy की परीक्षा चौथी बार देने की मांग करने वाली छात्रा की याचिका खारिज कर दी।

law-order04 सित. 2026 IST
DV Act के संरक्षण आदेश को Senior Citizens Act से नहीं किया जा सकता बेअसर: बॉम्बे हाईकोर्ट

DV Act के संरक्षण आदेश को Senior Citizens Act से नहीं किया जा सकता बेअसर: बॉम्बे हाईकोर्ट

बहू को घर से निकालने के लिए Senior Citizens Act का सहारा लेना 70 वर्षीय ससुर को भारी पड़ गया। बॉम्बे हाईकोर्ट ने साफ कहा कि वरिष्ठ नागरिक कानून को किसी महिला को मिले घरेलू हिंसा कानून के संरक्षण से वंचित करने या कोर्ट के आदेश को बेअसर करने के ‘हथियार’ के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।

law-order04 सित. 2026 IST
सोशल मीडिया और अखबारों की खबरों पर नहीं, सबूतों के आधार पर फैसला करें अदालतें: पूर्व SC जज राजेश बिंदल

सोशल मीडिया और अखबारों की खबरों पर नहीं, सबूतों के आधार पर फैसला करें अदालतें: पूर्व SC जज राजेश बिंदल

सोशल मीडिया या अखबारों की खबरों से नहीं, बल्कि अदालत के सामने मौजूद सबूतों के आधार पर फैसला होना चाहिए। पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज जस्टिस राजेश बिंदल ने चंडीगढ़ में यह बात कही।

law-order04 सित. 2026 IST
16 साल जेल में काटे, फिर सुप्रीम कोर्ट ने किया बरी! 6 साल के बच्चे की हत्या में दोषसिद्धि पर उठे सवाल

16 साल जेल में काटे, फिर सुप्रीम कोर्ट ने किया बरी! 6 साल के बच्चे की हत्या में दोषसिद्धि पर उठे सवाल

16 साल से ज्यादा जेल में रहने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने 6 साल के बच्चे की हत्या के मामले में दोषी ठहराए गए व्यक्ति को बरी कर दिया। जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस संजीव सचदेवा की पीठ ने कहा कि अभियोजन की परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की कहानी में कई महत्वपूर्ण कड़ियां गायब थीं और आरोपी का अपराध संदेह से परे साबित नहीं हो सका।

law-order04 सित. 2026 IST
पति का अफेयर, दूसरी महिला से बच्चा... फिर भी नहीं मिलेगा ₹50 लाख! दिल्ली कोर्ट ने पत्नी का केस किया खारिज

पति का अफेयर, दूसरी महिला से बच्चा... फिर भी नहीं मिलेगा ₹50 लाख! दिल्ली कोर्ट ने पत्नी का केस किया खारिज

पति का अफेयर, दूसरी महिला से बच्चा और फिर भी ₹50 लाख का हर्जाना नहीं! दिल्ली की साकेत कोर्ट ने पत्नी का मुकदमा खारिज करते हुए कहा कि सिर्फ एक्स्ट्रा-मैरिटल अफेयर से ‘Alienation of Affection’ साबित नहीं होता। इसके लिए तीसरे पक्ष की जानबूझकर की गई गलत दखलंदाजी और वैवाहिक प्रेम खत्म होने का ठोस सबूत जरूरी है।

law-order04 सित. 2026 IST
‘मेरिट से कभी समझौता नहीं हो सकता’, मेडिकल फीस रिइम्बर्समेंट योजना में ‘पिक एंड चूज’ पर बॉम्बे हाईकोर्ट नाराज

‘मेरिट से कभी समझौता नहीं हो सकता’, मेडिकल फीस रिइम्बर्समेंट योजना में ‘पिक एंड चूज’ पर बॉम्बे हाईकोर्ट नाराज

मेडिकल एडमिशन में मेरिट से खिलवाड़ पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाई है। कोर्ट ने साफ कहा कि जब कम मेरिट वाले छात्रों को फीस रिइम्बर्समेंट योजना का लाभ दिया गया, तो अधिक मेरिट वाले छात्रों को इससे बाहर नहीं रखा जा सकता। अदालत ने ‘पिक एंड चूज’ नीति को खारिज करते हुए कहा—“मेरिट से कभी समझौता नहीं हो सकता।” मामले में कोर्ट ने अधिकारियों पर ₹50 हजार का exemplary cost भी लगाया।

law-order04 सित. 2026 IST
दहेज हत्या मामले में पति को जमानत देने वाले जज पर जांच की सिफारिश, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रद्द की बेल

दहेज हत्या मामले में पति को जमानत देने वाले जज पर जांच की सिफारिश, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रद्द की बेल

दहेज हत्या के मामले में पति को जमानत देना एक न्यायिक अधिकारी को भारी पड़ गया। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जमानत रद्द करते हुए कहा कि आरोपी के खिलाफ पर्याप्त सामग्री और BSA की धारा 118 के तहत वैधानिक अनुमान मौजूद था, फिर भी बिना उचित कारण जमानत देना विवेकाधिकार का “मनमाना इस्तेमाल” था। हाईकोर्ट ने मामले की प्रशासनिक जांच की सिफारिश भी की है।

law-order04 सित. 2026 IST
IAS अधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल से जुड़े अवमानना मामले से जज ने खुद को किया अलग, जानिए क्या है पूरा विवाद

IAS अधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल से जुड़े अवमानना मामले से जज ने खुद को किया अलग, जानिए क्या है पूरा विवाद

इलाहाबाद हाईकोर्ट में वरिष्ठ IAS अधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल से जुड़े अवमानना मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। जस्टिस प्रमोद कुमार श्रीवास्तव ने मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया है। मामला एक न्यायिक अधिकारी को कथित तौर पर प्रभावित और डराने की कोशिश के आरोपों से जुड़ा है। अब इस मामले की सुनवाई ऐसी बेंच करेगी, जिसमें जस्टिस श्रीवास्तव शामिल नहीं होंगे।

law-order04 सित. 2026 IST
8 साल से ज्यादा जेल में बंद अंडरट्रायल को सुप्रीम कोर्ट ने नहीं दी जमानत, आरोपी के पुराने रिकॉर्ड बने वजह; 6 महीने में ट्रायल पूरा करने का आदेश

8 साल से ज्यादा जेल में बंद अंडरट्रायल को सुप्रीम कोर्ट ने नहीं दी जमानत, आरोपी के पुराने रिकॉर्ड बने वजह; 6 महीने में ट्रायल पूरा करने का आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐसे अंडरट्रायल की जमानत याचिका खारिज कर दी, जो 8 साल से ज्यादा समय से जेल में बंद है। कोर्ट ने उसकी लंबी हिरासत और ट्रायल की धीमी रफ्तार पर चिंता जताई, लेकिन पुराने आपराधिक रिकॉर्ड को देखते हुए राहत देने से इनकार कर दिया। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट को बड़ा निर्देश देते हुए पूरे मुकदमे को 6 महीने के भीतर पूरा करने को कहा।

law-order04 सित. 2026 IST
जैविक पिता अपने ही नाजायज बेटे को ले सकता है गोद, इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

जैविक पिता अपने ही नाजायज बेटे को ले सकता है गोद, इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

जैविक पिता ही बना बेटे का कानूनी पिता! इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में साफ कर दिया कि हिंदू कानून के तहत सिर्फ इसलिए adoption अमान्य नहीं हो जाता क्योंकि गोद लेने वाला व्यक्ति बच्चे का जैविक पिता है। करीब 56 साल पुराने इस मामले में कोर्ट ने 1970 में हुए adoption को वैध माना और कहा कि कानून में जैविक लेकिन विवाहेतर जन्मे बेटे को गोद लेने पर कोई स्पष्ट रोक नहीं है।

law-order03 सित. 2026 IST
राजस्थान हाईकोर्ट विवाद में एक्टिंग चीफ जस्टिस एसपी शर्मा का पलटवार, बोले- ‘जस्टिस संदीप मेहता ने नाराजगी में लगाए बेबुनियाद आरोप’

राजस्थान हाईकोर्ट विवाद में एक्टिंग चीफ जस्टिस एसपी शर्मा का पलटवार, बोले- ‘जस्टिस संदीप मेहता ने नाराजगी में लगाए बेबुनियाद आरोप’

राजस्थान हाईकोर्ट में जजों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का विवाद अब खुलकर सामने आ गया है। कार्यवाहक चीफ जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस संदीप मेहता के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि ये आरोप नाराजगी में लगाए गए और पूरी तरह बेबुनियाद हैं। जस्टिस शर्मा ने CJI सूर्यकांत को सबूतों के साथ अपना पक्ष बता दिया है।

law-order03 सित. 2026 IST
नाशिक में पुलिस की बड़ी कार्रवाई: पंचवटी के घर से 100 ग्राम MD जब्त, ₹3 लाख का ड्रग्स बरामद; संदिग्ध फरार

नाशिक में पुलिस की बड़ी कार्रवाई: पंचवटी के घर से 100 ग्राम MD जब्त, ₹3 लाख का ड्रग्स बरामद; संदिग्ध फरार

महाराष्ट्र के नाशिक में पुलिस के एंटी-नारकोटिक्स दस्ते ने पंचवटी इलाके में कार्रवाई करते हुए 100 ग्राम मेफेड्रोन (MD) जब्त किया है। पुलिस के मुताबिक, बरामद ड्रग्स की अनुमानित कीमत करीब 3 लाख रुपये है। छापेमारी के दौरान संदिग्ध मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश जारी है।

law-order03 सित. 2026 IST
‘बच्चे को अपराधी की तरह नहीं देखा जा सकता’, सुप्रीम कोर्ट ने 21 साल पुरानी सजा पलटी, नाबालिग होने का दावा स्वीकार

‘बच्चे को अपराधी की तरह नहीं देखा जा सकता’, सुप्रीम कोर्ट ने 21 साल पुरानी सजा पलटी, नाबालिग होने का दावा स्वीकार

21 साल पुराने मामले में सुप्रीम कोर्ट ने ऐसा फैसला सुनाया है, जो नाबालिगों के अधिकारों पर बड़ी लकीर खींचता है। कोर्ट ने साफ कहा कि अपराध के समय बच्चा था, तो उसे उम्रभर “अपराधी” की पहचान के साथ नहीं देखा जा सकता। महावीर उर्फ अवनीश की दोषसिद्धि रद्द करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने नाबालिग होने के दावे को स्वीकार किया और कहा कि तकनीकी प्रक्रिया के आधार पर बच्चे को जुवेनाइल जस्टिस कानून के संरक्षण से वंचित नहीं किया जा सकता।

law-order03 सित. 2026 IST
हनुमान चालीसा केस में नया मोड़: क्या FIR दर्ज होने से पहले ही राणा दंपती को गिरफ्तार करने पहुंच गई थी पुलिस? बॉम्बे हाईकोर्ट ने मांगा जवाब

हनुमान चालीसा केस में नया मोड़: क्या FIR दर्ज होने से पहले ही राणा दंपती को गिरफ्तार करने पहुंच गई थी पुलिस? बॉम्बे हाईकोर्ट ने मांगा जवाब

हनुमान चालीसा केस में बॉम्बे हाईकोर्ट के सामने FIR की टाइमिंग को लेकर बड़ा सवाल उठा है। कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार से पूछा है—क्या FIR दर्ज होने से पहले ही पुलिस राणा दंपती को गिरफ्तार करने पहुंच गई थी?

law-order03 सित. 2026 IST
अंबेडकर के जीवन पर बनेगा भव्य म्यूरल, जमीन अधिग्रहण पर हाईकोर्ट की मुहर; कहा- यह सिर्फ सुंदरता नहीं, ‘पब्लिक पर्पज’ है

अंबेडकर के जीवन पर बनेगा भव्य म्यूरल, जमीन अधिग्रहण पर हाईकोर्ट की मुहर; कहा- यह सिर्फ सुंदरता नहीं, ‘पब्लिक पर्पज’ है

डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर की विरासत को सार्वजनिक स्थल पर जीवंत करने की पहल को बॉम्बे हाईकोर्ट ने संवैधानिक कसौटी पर भी सही माना है। कोर्ट ने साफ कहा कि अंबेडकर के जीवन और विचारों को दर्शाने वाले म्यूरल के लिए जमीन अधिग्रहण महज सौंदर्यीकरण नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए ज्ञान, प्रेरणा और संवैधानिक मूल्यों को संरक्षित करने वाला ‘सार्वजनिक उद्देश्य’ है

law-order03 सित. 2026 IST
पंजाब की जेलों में नशे का बड़ा संकट! 35 हजार कैदियों में 15,768 ड्रग-डिपेंडेंट, हाईकोर्ट ने कहा- इससे गंभीर कुछ नहीं

पंजाब की जेलों में नशे का बड़ा संकट! 35 हजार कैदियों में 15,768 ड्रग-डिपेंडेंट, हाईकोर्ट ने कहा- इससे गंभीर कुछ नहीं

पंजाब में नशे का संकट अब सिर्फ सड़कों और गांवों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि जेलों की चारदीवारी के भीतर भी इसकी भयावह तस्वीर सामने आई है। पंजाब की 25 जेलों में बंद 35,449 कैदियों में से 15,768 कैदी OOAT उपचार से जुड़े हैं—यानी करीब 44.5 फीसदी कैदी ओपिओइड निर्भरता के इलाज पर हैं। इन आंकड़ों पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि इससे गंभीर चुनौती कुछ नहीं हो सकती और इसे सर्वोच्च प्राथमिकता देनी होगी।

law-order03 सित. 2026 IST
गोरखपुर में जमीन को लेकर बड़ा विवाद, सपा नेताओं समेत 12 पर FIR; रात में पुलिस ने दी दबिश

गोरखपुर में जमीन को लेकर बड़ा विवाद, सपा नेताओं समेत 12 पर FIR; रात में पुलिस ने दी दबिश

गोरखपुर के खोखरटोला में जमीन और पुराने मकान को लेकर विवाद सामने आया है। एक महिला की शिकायत पर सपा नेता जफर अमीन उर्फ डक्कू और सपा महानगर अध्यक्ष शब्बीर कुरैशी समेत 12 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। महिला ने जमीन पर कब्जे की कोशिश, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। वहीं जफर अमीन ने आरोपों को गलत बताते हुए जमीन को अपना बताया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

law-order03 सित. 2026 IST
डेढ़ साल के मासूम की मौत मामले में बड़ी कार्रवाई, केरल पुलिस ने हाईकोर्ट को बताया- जांच पूरी, Special Court में दाखिल हुई Final Report

डेढ़ साल के मासूम की मौत मामले में बड़ी कार्रवाई, केरल पुलिस ने हाईकोर्ट को बताया- जांच पूरी, Special Court में दाखिल हुई Final Report

केरल के नेदुमंगड में डेढ़ साल के मासूम की मौत मामले में बड़ी खबर सामने आई है। केरल पुलिस ने हाईकोर्ट को बताया कि मामले की जांच पूरी हो चुकी है और 19 अगस्त को Special Court में Final Report भी दाखिल कर दी गई है। बच्चे की मां और उसके पार्टनर पर गंभीर आरोप हैं और दोनों फिलहाल हिरासत में हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने खुद संज्ञान लिया था और अब चार सप्ताह बाद जांच की आगे की प्रगति पर रिपोर्ट मांगी है।

law-order02 सित. 2026 IST
एक याचिका से नहीं बचेगी कोर्ट फीस! बॉम्बे हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, अलग-अलग दावा तो हर याचिकाकर्ता को देनी होगी फीस

एक याचिका से नहीं बचेगी कोर्ट फीस! बॉम्बे हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, अलग-अलग दावा तो हर याचिकाकर्ता को देनी होगी फीस

एक याचिका में कई नाम जोड़कर कोर्ट फीस बचाना अब आसान नहीं होगा। बॉम्बे हाईकोर्ट ने साफ किया कि अगर संयुक्त याचिका में हर याचिकाकर्ता का दावा और राहत अलग है, तो प्रत्येक को अलग कोर्ट फीस देनी होगी। हालांकि, समान कारण और सामूहिक राहत वाले मामलों में एक ही फीस पर्याप्त होगी।

law-order02 सित. 2026 IST
“बच्चा कोई 50-50 बंटवारे की चीज नहीं!” बॉम्बे हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

“बच्चा कोई 50-50 बंटवारे की चीज नहीं!” बॉम्बे हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

माता-पिता के अधिकारों से ऊपर बच्चे का कल्याण—बॉम्बे हाईकोर्ट ने कस्टडी विवाद में बड़ा संदेश देते हुए कहा कि भारतीय कानून ‘Joint Parenting’ को मान्यता नहीं देता। कोर्ट ने चेताया कि हर मामले में बच्चे को 50-50 समय बांटना उलटे विवाद और बच्चे पर मानसिक असर का कारण बन सकता है।

law-order02 सित. 2026 IST
बड़ा बदलाव संभव: ट्रैफिक चालान भरते ही ‘गुनहगार’ न मान लिया जाए! सुप्रीम कोर्ट की ई-कमेटी करेगी V-Courts पोर्टल में बदलाव की मांग पर विचार

बड़ा बदलाव संभव: ट्रैफिक चालान भरते ही ‘गुनहगार’ न मान लिया जाए! सुप्रीम कोर्ट की ई-कमेटी करेगी V-Courts पोर्टल में बदलाव की मांग पर विचार

ट्रैफिक चालान भरते समय अब आपको अनजाने में खुद को ‘गुनहगार’ घोषित करने की जरूरत नहीं पड़ेगी! सुप्रीम कोर्ट ने V-Courts पोर्टल पर उठे इस अहम सवाल को ई-कमेटी के पास भेज दिया है। याचिका में मांग है कि चालान कंपाउंड करने के लिए ‘गिल्टी’ कबूल करने की अनिवार्यता खत्म कर अलग विकल्प दिया जाए।

law-order02 सित. 2026 IST
नोएडा मजदूर प्रदर्शन केस में बड़ा फैसला: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने छात्र कार्यकर्ता आकृति चौधरी की NSA हिरासत की रद्द, राज्य की कहानी को बताया ‘गढ़ी हुई’

नोएडा मजदूर प्रदर्शन केस में बड़ा फैसला: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने छात्र कार्यकर्ता आकृति चौधरी की NSA हिरासत की रद्द, राज्य की कहानी को बताया ‘गढ़ी हुई’

नोएडा मजदूर प्रदर्शन मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने योगी सरकार को बड़ा झटका देते हुए छात्र कार्यकर्ता आकृति चौधरी की NSA हिरासत रद्द कर दी। करीब पांच महीने से जेल में बंद आकृति को राहत देते हुए कोर्ट ने राज्य की पूरी कहानी को “गढ़ी हुई” करार दिया और कहा—अगर किसी दूसरे मामले में गिरफ्तारी जरूरी नहीं है तो उन्हें तुरंत रिहा किया जाए।

law-order02 सित. 2026 IST
दिशा सालियान मौत की अब CBI जांच: बॉम्बे हाईकोर्ट का बड़ा आदेश, सबूत मिले तो चार्जशीट, नहीं तो क्लोजर रिपोर्ट

दिशा सालियान मौत की अब CBI जांच: बॉम्बे हाईकोर्ट का बड़ा आदेश, सबूत मिले तो चार्जशीट, नहीं तो क्लोजर रिपोर्ट

दिशा सालियान मौत मामले में 2 सितंबर 2026 को बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश ने जांच को नया मोड़ दे दिया है। कोर्ट ने CBI जांच का रास्ता साफ करते हुए स्पष्ट कहा कि पर्याप्त और ठोस सामग्री के बिना किसी भी व्यक्ति को आरोपी मानकर कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए।

law-order02 सित. 2026 IST
‘सावरकर मुस्लिम विरोधी नहीं थे, राहुल गांधी ने बदनाम किया’, पुणे कोर्ट में ग्रैंडनेफ्यू सत्यकी सावरकर का बड़ा दावा

‘सावरकर मुस्लिम विरोधी नहीं थे, राहुल गांधी ने बदनाम किया’, पुणे कोर्ट में ग्रैंडनेफ्यू सत्यकी सावरकर का बड़ा दावा

सावरकर को ‘मुस्लिम विरोधी’ बताने के आरोप पर राहुल गांधी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। 1 सितंबर 2026 को पुणे की स्पेशल एमपी/एमएलए कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान सत्यकी सावरकर ने दावा किया कि लंदन में दिए राहुल गांधी के भाषण ने उनके ग्रैंड अंकल विनायक दामोदर सावरकर की छवि को गंभीर नुकसान पहुंचाया।

law-order02 सित. 2026 IST
जिला जजों की रिटायरमेंट उम्र 62 साल करने पर बड़ा अपडेट, ज्यादातर हाईकोर्ट तैयार; कई राज्यों ने खींचे हाथ

जिला जजों की रिटायरमेंट उम्र 62 साल करने पर बड़ा अपडेट, ज्यादातर हाईकोर्ट तैयार; कई राज्यों ने खींचे हाथ

जिला जजों की रिटायरमेंट उम्र बढ़ाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में बड़ा अपडेट सामने आया है। ज्यादातर हाईकोर्ट 61 या 62 साल तक सेवा बढ़ाने के पक्ष में हैं, लेकिन कई राज्यों की असहमति ने पूरे देश में एक समान नियम लागू करने पर फिलहाल ब्रेक लगा दिया है।

law-order02 सित. 2026 IST
‘गेरुआ गुंडागर्दी’ पर पत्रकारों को तुरंत राहत नहीं, कलकत्ता हाईकोर्ट ने कहा- FIR रद्द कराने की याचिका नियमित प्रक्रिया से आएगी

‘गेरुआ गुंडागर्दी’ पर पत्रकारों को तुरंत राहत नहीं, कलकत्ता हाईकोर्ट ने कहा- FIR रद्द कराने की याचिका नियमित प्रक्रिया से आएगी

जादवपुर यूनिवर्सिटी हिंसा की रिपोर्टिंग में ‘गेरुआ गुंडागर्दी’ शब्द लिखना Anandabazar Patrika के पत्रकारों के लिए कानूनी मुसीबत बन गया। FIR के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचे पत्रकारों ने तत्काल राहत मांगी, लेकिन कलकत्ता हाईकोर्ट ने फिलहाल स्पेशल सुनवाई से इनकार कर दिया।

law-order02 सित. 2026 IST
मैनुअल स्कैवेंजिंग पर सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज की कड़ी फटकार, बोले- “जब तक ये प्रथा जारी है, हर भारतीय के सिर पर शर्म का बोझ”

मैनुअल स्कैवेंजिंग पर सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज की कड़ी फटकार, बोले- “जब तक ये प्रथा जारी है, हर भारतीय के सिर पर शर्म का बोझ”

मशीनों और कानून के इस दौर में भी अगर इंसान को जहरीले सीवर में उतरकर जान जोखिम में डालनी पड़े, तो यह सिर्फ व्यवस्था की नाकामी नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए शर्म का सवाल है। मैनुअल स्कैवेंजिंग पर सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस सुधांशु धूलिया ने इसी दर्द को आवाज देते हुए कहा—जब तक यह अमानवीय प्रथा जारी है, हर भारतीय के सिर पर शर्म का बोझ है।

law-order02 सित. 2026 IST
CBI की जांच पर सुप्रीम कोर्ट की फटकार, पूर्व Indian Bank मैनेजर लोन फ्रॉड केस में बरी

CBI की जांच पर सुप्रीम कोर्ट की फटकार, पूर्व Indian Bank मैनेजर लोन फ्रॉड केस में बरी

बैंक लोन फ्रॉड के 35 साल पुराने मामले में सुप्रीम कोर्ट ने CBI की जांच पर ही गंभीर सवाल खड़े कर दिए। अदालत ने पूर्व Indian Bank मैनेजर को बरी करते हुए कहा कि CBI न तो आरोप साबित कर पाई और न ही केस को सही तरीके से पेश कर सकी।

law-order02 सित. 2026 IST
'ससुर के साथ सोओगी तभी मिलेगा घर का सामान'... कल्याण में 4 लोगों पर FIR

'ससुर के साथ सोओगी तभी मिलेगा घर का सामान'... कल्याण में 4 लोगों पर FIR

कल्याण (महाराष्ट्र): ठाणे जिले के कल्याण पश्चिम में घरेलू हिंसा और प्रताड़ना का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक महिला ने अपनी सास पर गंभीर आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है कि घर का सामान और किचन का तेल इस्तेमाल करने के बदले सास ने उस पर ससुर के साथ सोने का दबाव बनाया और विरोध करने पर चाकू से हमला कर दिया। घटना के बाद बाजारपेठ पुलिस ने सास, ससुर, ननद और देवर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत केस दर्ज किया है।

law-order01 सित. 2026 IST
डोंबिवली: चार पहिया वाहन दिलाने और किराए पर लगाने के नाम पर रिक्शा चालक से ₹8.44 लाख की ठगी, आरोपी संदीप दत्ताराम अर्डेकर पर मामला दर्ज

डोंबिवली: चार पहिया वाहन दिलाने और किराए पर लगाने के नाम पर रिक्शा चालक से ₹8.44 लाख की ठगी, आरोपी संदीप दत्ताराम अर्डेकर पर मामला दर्ज

डोंबिवली: महाराष्ट्र के ठाणे जिले के डोंबिवली में एक रिक्शा चालक को नई कार दिलाने, उसे भाड़े पर लगाने और लोन दिलवाने का झांसा देकर 8.44 लाख रुपये से अधिक की धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। डोंबिवली पुलिस ने पीड़ित चालक की शिकायत पर आरोपी संदीप दत्ताराम अर्डेकर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 318(4) के तहत धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

law-order01 सित. 2026 IST
उल्हासनगर: सड़क पर नंगी तलवार लहराकर दहशत फैलाने वाला खुद को बताता था 'भाई', पुलिस ने घेराबंदी कर दबोचा

उल्हासनगर: सड़क पर नंगी तलवार लहराकर दहशत फैलाने वाला खुद को बताता था 'भाई', पुलिस ने घेराबंदी कर दबोचा

उल्हासनगर (ठाणे): उल्हासनगर-3 स्थित जीरा चौक इलाके में खुलेआम धारदार तलवार लहराकर राहगीरों और वाहन चालकों में खौफ पैदा करने वाले 22 वर्षीय युवक को मध्यवर्ती पुलिस की क्राइम डिटेक्शन (DB) टीम ने घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान जॉन्सन रॉबर्ट अँथोनी के रूप में हुई है। गिरफ्तारी के दौरान आरोपी ने पुलिसकर्मियों पर धौंस जमाते हुए कहा, "मैं यहाँ का भाई हूँ, आप मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकते"। पुलिस ने आरोपी के पास से 22 इंच लंबी धारदार तलवार जब्त कर आर्म्स एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है।

law-order01 सित. 2026 IST
डोंबिवली: अर्बन कंपनी से बाथरूम साफ करने आई महिला निकली चोर, अलमारी से उड़ाए सोने के गहने और नकदी; मामला दर्ज

डोंबिवली: अर्बन कंपनी से बाथरूम साफ करने आई महिला निकली चोर, अलमारी से उड़ाए सोने के गहने और नकदी; मामला दर्ज

डोंबिवली (ठाणे): घरेलू सेवाएं प्रदान करने वाले ऐप 'अर्बन कंपनी' (Urban Company) के जरिए घर की सफाई कराने के बहाने चोरी की एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। डोंबिवली पूर्व स्थित कासाबेला गोल्ड सोसायटी में एक फ्लैट से सफाई के लिए आई महिला ने अलमारी में रखे सोने के जेवरात और नकदी पार कर दिए। पीड़ित की शिकायत पर मानपाडा पुलिस ने आरोपी महिला के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

law-order01 सित. 2026 IST
SC से रोक नहीं मिली, फिर CJP ने वापस लिया 5 सितंबर का दिल्ली मार्च l

SC से रोक नहीं मिली, फिर CJP ने वापस लिया 5 सितंबर का दिल्ली मार्च l

सुप्रीम कोर्ट ने पहले कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP के 5 सितंबर को प्रस्तावित दिल्ली मार्च पर रोक लगाने से इनकार किया था। अदालत ने कहा था कि फिलहाल ऐसा कोई ठोस आधार नहीं है, जिससे यह माना जाए कि मार्च के दौरान अप्रिय घटना होगी। हालांकि, 1 सितंबर को सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR वापस लेने की प्रक्रिया शुरू किए जाने की जानकारी दी गई। इसके बाद CJP के सह-संयोजक सौरव दास ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि संगठन 5 सितंबर के मार्च का आह्वान वापस ले रहा है।

law-order01 सित. 2026 IST
सुप्रीम कोर्ट ने पूछा- बूथवार वोट गिनने की बजाय Totalizer सिस्टम क्यों नहीं? केंद्र और चुनाव आयोग से मांगा जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने पूछा- बूथवार वोट गिनने की बजाय Totalizer सिस्टम क्यों नहीं? केंद्र और चुनाव आयोग से मांगा जवाब

बूथवार वोटों की गिनती से मिलेगी मुक्ति या बदलेगा चुनावी सिस्टम? EVM वोटों के लिए Totalizer व्यवस्था की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और चुनाव आयोग से जवाब मांगा है।

law-order01 सित. 2026 IST
छात्र प्रदर्शन पर बड़ा अपडेट: 4 राज्यों ने सुप्रीम कोर्ट से 116 FIR रद्द करने की मांग की

छात्र प्रदर्शन पर बड़ा अपडेट: 4 राज्यों ने सुप्रीम कोर्ट से 116 FIR रद्द करने की मांग की

छात्र आंदोलनों पर दर्ज FIR को लेकर सुप्रीम कोर्ट में बड़ा कानूनी मोड़ आ गया है, चार राज्यों ने 116 FIR रद्द करने की मांग की है। बिहार, बंगाल, महाराष्ट्र और असम ने केंद्र के कथित आश्वासन का हवाला देते हुए अनुच्छेद 142 के तहत सुप्रीम कोर्ट से हस्तक्षेप मांगा है।

law-order01 सित. 2026 IST
13 FIR खत्म करने और 2,873 प्रदर्शनकारियों पर नई FIR की मांग, सुप्रीम कोर्ट में आज अहम सुनवाई

13 FIR खत्म करने और 2,873 प्रदर्शनकारियों पर नई FIR की मांग, सुप्रीम कोर्ट में आज अहम सुनवाई

13 FIR पर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने के बाद अब 2,873 प्रदर्शनकारियों को लेकर भी बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। केंद्र की नई मांग पर आज CJI सूर्यकांत की बेंच में सुनवाई होगी। क्या पुरानी FIR होंगी खत्म या दर्ज होगी नई FIR? सुप्रीम कोर्ट के रुख पर सबकी नजरें टिकी हैं।

law-order01 सित. 2026 IST
आदिवासी छात्रों की भूख हड़ताल का असर, महाराष्ट्र के आश्रम स्कूलों की अब निगरानी करेगा बॉम्बे हाईकोर्ट

आदिवासी छात्रों की भूख हड़ताल का असर, महाराष्ट्र के आश्रम स्कूलों की अब निगरानी करेगा बॉम्बे हाईकोर्ट

आदिवासी छात्रों की 17 दिन की भूख हड़ताल के बाद अब महाराष्ट्र के आश्रम स्कूलों की बदहाली पर बॉम्बे हाईकोर्ट की नजर होगी। कोर्ट ने मामले को PIL में बदलते हुए राज्यभर के आश्रम स्कूलों की सुविधाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर की निगरानी का फैसला किया है।

law-order01 सित. 2026 IST
फेसबुक अकाउंट पर रोक के खिलाफ MP आगा सैयद रूहुल्लाह मेहदी की याचिका, दिल्ली हाईकोर्ट ने जारी किया नोटिस

फेसबुक अकाउंट पर रोक के खिलाफ MP आगा सैयद रूहुल्लाह मेहदी की याचिका, दिल्ली हाईकोर्ट ने जारी किया नोटिस

सांसद आगा सैयद रूहुल्लाह मेहदी के फेसबुक अकाउंट पर लगी रोक अब दिल्ली हाईकोर्ट पहुंच गई है। बिना नोटिस अकाउंट प्रतिबंधित किए जाने के आरोप पर कोर्ट ने Meta समेत संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

law-order01 सित. 2026 IST
विवाह का विवाद पहले ही तय हो चुका तो पति दोबारा नहीं उठा सकता मुद्दा, मेंटेनेंस से बचने की कोशिश पर दिल्ली हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी

विवाह का विवाद पहले ही तय हो चुका तो पति दोबारा नहीं उठा सकता मुद्दा, मेंटेनेंस से बचने की कोशिश पर दिल्ली हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी

पुराने वैवाहिक विवाद को दोबारा उठाकर पत्नी के भरण-पोषण से बचने की कोशिश पति को भारी पड़ी, दिल्ली हाईकोर्ट ने साफ कहा—एक बार तय हो चुका विवाह विवाद फिर से नहीं खोला जा सकता।

law-order01 सित. 2026 IST
परीक्षा में नकल की बड़ी सजा तभी, जब छात्र को सामग्री इस्तेमाल करते पकड़ा जाए: दिल्ली हाईकोर्ट

परीक्षा में नकल की बड़ी सजा तभी, जब छात्र को सामग्री इस्तेमाल करते पकड़ा जाए: दिल्ली हाईकोर्ट

वॉशरूम में नकल की पर्ची मिलने पर पूरे सेमेस्टर के पेपर रद्द करने की सजा पर दिल्ली हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया। कोर्ट ने कहा कि बड़ी सजा के लिए सिर्फ नकल की सामग्री मिलना काफी नहीं, छात्र को उसका वास्तव में इस्तेमाल करते हुए पकड़ा जाना भी साबित होना चाहिए।

law-order01 सित. 2026 IST
GPA Holder संपत्ति का मालिक नहीं बन सकता, बिक्री की रकम भी नहीं रोक सकता: दिल्ली हाईकोर्ट

GPA Holder संपत्ति का मालिक नहीं बन सकता, बिक्री की रकम भी नहीं रोक सकता: दिल्ली हाईकोर्ट

General Power of Attorney (GPA) के हाथ में पावर ऑफ अटॉर्नी होने का मतलब यह नहीं कि संपत्ति पर उसका मालिकाना हक हो गया। दिल्ली हाईकोर्ट ने साफ कर दिया कि GPA Holder न तो खुद को संपत्ति का मालिक बता सकता है और न ही बिक्री से मिली रकम अपने पास रोक सकता है।

law-order01 सित. 2026 IST
जेलों में जाति के आधार पर सफाई का काम? मद्रास हाईकोर्ट सख्त, CCTV फुटेज खंगालकर कैदियों से पूछताछ के आदेश

जेलों में जाति के आधार पर सफाई का काम? मद्रास हाईकोर्ट सख्त, CCTV फुटेज खंगालकर कैदियों से पूछताछ के आदेश

जेल में सजा काट रहे कैदियों से जाति के आधार पर काम कराने और मैनुअल स्कैवेंजिंग के आरोपों पर मद्रास हाईकोर्ट सख्त हो गया है। कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार से रिपोर्ट तलब कर जेलों में कथित जातिगत भेदभाव पर जवाब मांगा है।

law-order01 सित. 2026 IST
राहुल गांधी पर SC/ST Act के तहत FIR, खड़गे की सभा के बाद ‘शुद्धिकरण’ विवाद ने लिया नया मोड़

राहुल गांधी पर SC/ST Act के तहत FIR, खड़गे की सभा के बाद ‘शुद्धिकरण’ विवाद ने लिया नया मोड़

खड़गे की सभा के बाद ‘शुद्धिकरण’ से शुरू हुआ विवाद अब राहुल गांधी की FIR तक पहुंच गया है। जिस कथित ‘शुद्धिकरण’ को राहुल गांधी ने दलितों के अपमान और अस्पृश्यता से जोड़ते हुए कार्रवाई की मांग की थी, उसी मुद्दे पर अगले ही दिन उत्तराखंड पुलिस ने उनके खिलाफ केस दर्ज कर दिया। BNS के साथ SC/ST Act की धाराएं लगने के बाद हल्द्वानी का यह विवाद अब सियासी बयानबाजी से निकलकर सीधे कानूनी लड़ाई में बदल गया है।

law-order01 सित. 2026 IST
राजस्थान हाईकोर्ट विवाद में बड़ा मोड़: SC जज की चिट्ठियां, वकीलों का विरोध और Acting CJ की छुट्टी के बीच Collegium ने Justice Sanjay K. Agrawal को बनाया नया Chief Justice

राजस्थान हाईकोर्ट विवाद में बड़ा मोड़: SC जज की चिट्ठियां, वकीलों का विरोध और Acting CJ की छुट्टी के बीच Collegium ने Justice Sanjay K. Agrawal को बनाया नया Chief Justice

राजस्थान हाईकोर्ट में चल रहा विवाद अब सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम के बड़े फैसले तक पहुंच गया है। Supreme Court के जज जस्टिस संदीप मेहता की CJI को लिखी चिट्ठियों में Acting Chief Justice जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा के कामकाज को लेकर गंभीर सवाल उठने, राजस्थान के वकीलों के विरोध और Acting CJ के छुट्टी पर जाने के बीच 31 अगस्त को कॉलेजियम ने बड़ा फैसला लिया। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के जस्टिस संजय के. अग्रवाल को राजस्थान हाईकोर्ट का नया Chief Justice नियुक्त करने की सिफारिश की गई है। खास बात यह है कि उनके तत्काल ट्रांसफर की भी सिफारिश हुई है। ऐसे में सवाल है—क्या राजस्थान हाईकोर्ट के महीनों पुराने Acting CJ विवाद का अब अंत होने जा रहा है?

law-order01 सित. 2026 IST
PMLA केस में आरोपी को मेडिकल बेल, बॉम्बे हाईकोर्ट बोला- जेल और आजाद नागरिक के इलाज में 'गुणात्मक अंतर'

PMLA केस में आरोपी को मेडिकल बेल, बॉम्बे हाईकोर्ट बोला- जेल और आजाद नागरिक के इलाज में 'गुणात्मक अंतर'

₹137 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग केस में आरोपी कारोबारी को गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के चलते बॉम्बे हाईकोर्ट से मेडिकल बेल मिली। कोर्ट ने कहा—जेल में अंडरट्रायल कैदी और आजाद नागरिक को मिलने वाले इलाज में ‘गुणात्मक अंतर’ होता है।

law-order01 सित. 2026 IST
मुंबई को कचरे से मुक्त करने के लिए ‘युद्ध स्तर’ पर काम करें BMC और नागरिक, बॉम्बे हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी

मुंबई को कचरे से मुक्त करने के लिए ‘युद्ध स्तर’ पर काम करें BMC और नागरिक, बॉम्बे हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी

मुंबई की चमक-दमक के पीछे छिपी कचरे और गंदगी की समस्या पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने साफ कहा कि मुंबई को कचरे से मुक्त करना सिर्फ BMC की नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है और इसके लिए अब ‘युद्ध स्तर’ पर प्रयास जरूरी हैं।

law-order01 सित. 2026 IST
अकबरुद्दीन ओवैसी की मुश्किलें बढ़ीं, भगवान राम पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी का केस रद्द करने से बॉम्बे हाईकोर्ट का इनकार

अकबरुद्दीन ओवैसी की मुश्किलें बढ़ीं, भगवान राम पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी का केस रद्द करने से बॉम्बे हाईकोर्ट का इनकार

अकबरुद्दीन ओवैसी के पुराने भाषण पर विवाद फिर गरमा गया है। भगवान राम और उनकी माता को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने केस रद्द करने से इनकार करते हुए कहा कि ‘संवैधानिक सहिष्णुता’ किसी की धार्मिक भावनाओं को जानबूझकर ठेस पहुंचाने की आजादी नहीं देती।

law-order01 सित. 2026 IST
डॉक्टरों पर हमला करने वालों को बेल नहीं मिलनी चाहिए: सुप्रीम कोर्ट ने शिवसेना पार्षद से पूछा- अस्पताल में घुसकर किसी को भी मार देंगे?

डॉक्टरों पर हमला करने वालों को बेल नहीं मिलनी चाहिए: सुप्रीम कोर्ट ने शिवसेना पार्षद से पूछा- अस्पताल में घुसकर किसी को भी मार देंगे?

“अस्पताल में घुसकर किसी को भी मारेंगे?” डॉक्टरों पर कथित हमले के मामले में सुप्रीम कोर्ट का सख्त रुख, शिवसेना पार्षद की जमानत पर सवाल उठाते हुए कोर्ट ने कहा—ऐसे हमलावर जमानत के हकदार नहीं।

law-order01 सित. 2026 IST
राजस्व रिकॉर्ड में जमीन ‘तालाब’ दर्ज होना बेदखली का पक्का आधार नहीं, इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

राजस्व रिकॉर्ड में जमीन ‘तालाब’ दर्ज होना बेदखली का पक्का आधार नहीं, इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

जमीन के कागजों में ‘तालाब’ लिखे जाने से किसी पुराने किरायेदार का हक यूं ही खत्म नहीं किया जा सकता। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाते हुए कहा कि पहले से न्यायिक रूप से मान्य वंशानुगत किरायेदारी को सिर्फ बाद की राजस्व प्रविष्टि के आधार पर खत्म नहीं किया जा सकता।

law-order01 सित. 2026 IST
अदालत से तथ्य छिपाना पड़ा भारी! कॉलेज के बैंक खाते खोलने की मांग खारिज, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लगाया ₹1 लाख जुर्माना

अदालत से तथ्य छिपाना पड़ा भारी! कॉलेज के बैंक खाते खोलने की मांग खारिज, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लगाया ₹1 लाख जुर्माना

अदालत के सामने जरूरी तथ्य छिपाना याचिकाकर्ता को भारी पड़ गया। कॉलेज के बैंक खाते संचालित करने की मांग लेकर पहुंची याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने न सिर्फ राहत देने से इनकार किया, बल्कि ₹1 लाख की दंडात्मक लागत भी लगा दी। कोर्ट ने इसे न्यायिक प्रक्रिया का “घोर दुरुपयोग” माना।

law-order01 सित. 2026 IST
सरकारी योजनाओं में काम करने वाले DRDA कर्मचारियों को बड़ा झटका, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नियमितीकरण का दावा खारिज किया

सरकारी योजनाओं में काम करने वाले DRDA कर्मचारियों को बड़ा झटका, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नियमितीकरण का दावा खारिज किया

सरकारी योजनाओं में सालों तक काम करने के बावजूद DRDA कर्मचारियों को सरकारी नौकरी के नियमितीकरण का लाभ नहीं मिलेगा। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने साफ कर दिया कि जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (DRDA) एक सोसायटी है, सरकारी विभाग नहीं, इसलिए वहां कार्यरत कर्मचारियों पर 2016 के नियमितीकरण नियम लागू नहीं होते।

law-order01 सित. 2026 IST
महाराष्ट्र में ऑटो-टैक्सी ड्राइवरों को बड़ी राहत, मराठी सीखने के लिए मिला 1 साल; बॉम्बे हाईकोर्ट में सरकार का बड़ा बयान

महाराष्ट्र में ऑटो-टैक्सी ड्राइवरों को बड़ी राहत, मराठी सीखने के लिए मिला 1 साल; बॉम्बे हाईकोर्ट में सरकार का बड़ा बयान

मुंबई की सड़कों पर ऑटो-टैक्सी चलाने वाले ड्राइवरों के लिए फिलहाल राहत की खबर है, लेकिन मराठी भाषा का विवाद अभी थमा नहीं है। महाराष्ट्र सरकार ने बॉम्बे हाईकोर्ट में बड़ा आश्वासन देते हुए कहा है कि राज्यभर के ऑटो, टैक्सी और कैब ड्राइवरों को मराठी सीखने के लिए पूरे एक साल का समय दिया जाएगा। सरकार के इस बयान के बाद हाईकोर्ट ने याचिका का निपटारा कर दिया। हालांकि, मराठी की ‘वर्किंग नॉलेज’ की मूल शर्त बरकरार है और इस फैसले ने महाराष्ट्र की सियासत को भी गरमा दिया है।

law-order31 अग. 2026 IST
PIL में पुरानी मुकदमेबाजी छिपाना पड़ा भारी, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता पर लगाया ₹2 लाख जुर्माना

PIL में पुरानी मुकदमेबाजी छिपाना पड़ा भारी, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता पर लगाया ₹2 लाख जुर्माना

जनहित याचिका (PIL) को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए साफ कर दिया कि अदालत से तथ्यों को छिपाकर न्यायिक प्रक्रिया का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। बरेली के नगर निगम स्लॉटर हाउस से जुड़े 2015 के टेंडर को चुनौती देने वाली PIL में याचिकाकर्ता द्वारा पिछली मुकदमेबाजी का खुलासा न करने और कथित तौर पर गलत घोषणा करने पर कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी। चीफ जस्टिस अरुण भंसाली और जस्टिस क्षितिज शैलेन्द्र की पीठ ने इसे कानून की प्रक्रिया का “घोर दुरुपयोग” बताते हुए याचिकाकर्ता पर ₹2 लाख का जुर्माना लगाया।

law-order31 अग. 2026 IST
लखनऊ में वकीलों के अवैध चैंबरों पर बुलडोजर कार्रवाई, 58 निर्माण ढहाए गए l

लखनऊ में वकीलों के अवैध चैंबरों पर बुलडोजर कार्रवाई, 58 निर्माण ढहाए गए l

लखनऊ में इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच के आदेश के बाद वकीलों के कथित अवैध चैंबरों और अतिक्रमण के खिलाफ नगर निगम ने कार्रवाई शुरू कर दी है। कचहरी रोड, कैसरबाग और रजिस्ट्री ऑफिस के आसपास सरकारी जमीन, सड़क, फुटपाथ और नालों पर बने चैंबरों को हटाने के लिए नगर निगम की टीम बुलडोजर और भारी पुलिस बल के साथ पहुंची। कार्रवाई से पहले बिजली विभाग ने संबंधित चैंबरों की बिजली आपूर्ति काट दी। रिपोर्टों के मुताबिक, अभियान के दौरान 58 अवैध चैंबर ढहाए गए, जबकि नगर निगम ने 200 से अधिक निर्माणों को चिन्हित किया था।

law-order31 अग. 2026 IST
तलाक के बाद पासपोर्ट से पूर्व पति/पत्नी का नाम हटाने के लिए Divorce Decree जरूरी नहीं: केरल हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

तलाक के बाद पासपोर्ट से पूर्व पति/पत्नी का नाम हटाने के लिए Divorce Decree जरूरी नहीं: केरल हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

तलाक के बाद जिंदगी से रिश्ता खत्म हो गया, लेकिन पासपोर्ट पर पूर्व पति या पत्नी का नाम अब भी दर्ज है? इसे हटाने के लिए हर बार अदालत की Divorce Decree लेकर दौड़ना जरूरी नहीं है। केरल हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में साफ कर दिया है कि जब Passport Rules में ऐसी अनिवार्यता नहीं है, तो सिर्फ Office Memorandum के जरिए तलाक की डिक्री को अनिवार्य नहीं बनाया जा सकता। कोर्ट की यह टिप्पणी न सिर्फ तलाकशुदा लोगों के लिए राहत देने वाली है, बल्कि यह भी स्पष्ट करती है कि प्रशासनिक निर्देश कानून से ऊपर नहीं हो सकते।

law-order31 अग. 2026 IST
8 साल की सजा के बाद सुकेश चंद्रशेखर की नई कानूनी चाल! दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचा, फैसले से ‘अपमानजनक’ टिप्पणियां हटाने की मांग

8 साल की सजा के बाद सुकेश चंद्रशेखर की नई कानूनी चाल! दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचा, फैसले से ‘अपमानजनक’ टिप्पणियां हटाने की मांग

सुप्रीम कोर्ट के जज बनकर न्यायिक अधिकारी पर जमानत देने का दबाव बनाने के मामले में 8 साल की सजा पाने वाले सुकेश चंद्रशेखर ने अब दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। सुकेश की मांग सजा कम कराने की नहीं, बल्कि उस फैसले में लिखी गई ‘अपमानजनक’ टिप्पणियों को हटाने की है, जिनमें ट्रायल कोर्ट ने उसके कथित कृत्य को न्यायिक व्यवस्था के खिलाफ ‘संस्थागत अवज्ञा’ तक बताया था। अब हाईकोर्ट 3 नवंबर को पहले यह तय करेगा कि सजा के बाद Article 226 के तहत ऐसी याचिका सुनवाई योग्य है या नहीं।

law-order31 अग. 2026 IST
‘शादी के वैदिक मंत्र भूल गया, इसलिए मौत की सजा?’ कलकत्ता हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट की दलील ठुकराई, फांसी को उम्रकैद में बदला

‘शादी के वैदिक मंत्र भूल गया, इसलिए मौत की सजा?’ कलकत्ता हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट की दलील ठुकराई, फांसी को उम्रकैद में बदला

शादी के मंडप में लिए गए सात फेरे और पढ़े गए वैदिक मंत्र क्या किसी हत्या के मामले में मौत की सजा का आधार बन सकते हैं? कलकत्ता हाईकोर्ट ने इस सवाल का जवाब साफ शब्दों में ‘नहीं’ में दिया है। पत्नी की दिनदहाड़े हत्या के मामले में ट्रायल कोर्ट ने आरोपी को फांसी की सजा सुनाते हुए उसके वैवाहिक वचनों और पत्नी के प्रेम-त्याग को भुलाने तक को ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ अपराध मानने की वजह बनाया था। लेकिन हाईकोर्ट ने कहा कि मौत की सजा तय करने के लिए केवल अपराध की भयावहता नहीं, बल्कि आरोपी के सुधार और पुनर्वास की संभावना भी देखना जरूरी है। कोर्ट ने फांसी की सजा को कठोर आजीवन कारावास में बदल दिया।

law-order31 अग. 2026 IST
‘मोहम्मद दीपक’ को सुप्रीम कोर्ट की बड़ी राहत, FIR पर रोक; सोशल मीडिया बैन भी हटा, बजरंग दल विवाद ने लिया था तूल

‘मोहम्मद दीपक’ को सुप्रीम कोर्ट की बड़ी राहत, FIR पर रोक; सोशल मीडिया बैन भी हटा, बजरंग दल विवाद ने लिया था तूल

26 जनवरी को एक मुस्लिम दुकानदार के समर्थन में खड़े होकर ‘मोहम्मद दीपक’ कहने वाले उत्तराखंड के जिम संचालक दीपक कुमार का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुका है। वायरल वीडियो से शुरू हुआ विवाद FIR, राजनीतिक बयानबाजी और सोशल मीडिया पर पाबंदी तक जा पहुंचा। अब सुप्रीम कोर्ट ने दीपक को बड़ी अंतरिम राहत देते हुए FIR से जुड़ी कार्यवाही पर रोक लगा दी है और हाईकोर्ट के सोशल मीडिया बैन वाले आदेश को भी फिलहाल स्थगित कर दिया है। राहुल गांधी से लेकर असदुद्दीन ओवैसी तक के समर्थन और दूसरी ओर सामने आई कथित धमकियों के बीच इस मामले ने देशभर में बहस छेड़ दी है।

law-order31 अग. 2026 IST
Goa Nightclub Fire: 25 मौतों के आरोपी क्लब मालिकों को Supreme Court से भी राहत नहीं, Bombay HC का Bail Cancellation बरकरार

Goa Nightclub Fire: 25 मौतों के आरोपी क्लब मालिकों को Supreme Court से भी राहत नहीं, Bombay HC का Bail Cancellation बरकरार

25 जिंदगियां एक रात में बुझ गईं… Goa के Birch by Romeo Lane nightclub में लगी उस भीषण आग ने सिर्फ कई परिवारों को उजाड़ा नहीं, बल्कि क्लब की fire safety, लाइसेंस और कथित लापरवाही पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए। अब इसी मामले में क्लब के तीन सह-मालिकों को सुप्रीम कोर्ट से भी राहत नहीं मिली है। Supreme Court ने Bombay High Court के bail cancellation order में दखल देने से इनकार करते हुए सौरभ लूथरा, गौरव लूथरा और अजय गुप्ता को दो हफ्ते के भीतर surrender करने का निर्देश दिया है। यानी 25 मौतों वाले इस मामले में अब bail की लड़ाई के बाद नजरें सीधे trial और आरोप तय होने की प्रक्रिया पर टिक गई हैं।

law-order31 अग. 2026 IST
पेट्रोल में कितना एथेनॉल? पंप की नोजल और बिल पर जानकारी की मांग वाली याचिका पर SC का सुनवाई से इनकार

पेट्रोल में कितना एथेनॉल? पंप की नोजल और बिल पर जानकारी की मांग वाली याचिका पर SC का सुनवाई से इनकार

पेट्रोल पंप पर गाड़ी की टंकी फुल कराने के बाद हाथ में आने वाली रसीद अब एक बड़ा सवाल खड़ा कर रही है—आपने जो पेट्रोल खरीदा, उसमें आखिर कितना एथेनॉल मिला था? इसी ‘जानने के अधिकार’ को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंची याचिका पर सोमवार को कोर्ट ने सुनवाई से इनकार कर दिया। याचिकाकर्ता ने नोजल और पेट्रोल बिल पर एथेनॉल का प्रतिशत लिखने की मांग की थी। E20 को लेकर पहले से जारी राजनीतिक घमासान के बीच अब सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता को संबंधित हाईकोर्ट जाने की छूट दी है।

law-order31 अग. 2026 IST
नेपाल की बाढ़ में पूर्व मद्रास हाईकोर्ट जज वी. शिवज्ञानम लापता, CJI से मदद की गुहार

नेपाल की बाढ़ में पूर्व मद्रास हाईकोर्ट जज वी. शिवज्ञानम लापता, CJI से मदद की गुहार

नेपाल में कुदरत के कहर के बीच देश के न्यायिक जगत से बेहद चिंताजनक खबर सामने आई है। मद्रास हाईकोर्ट के पूर्व जज और वरिष्ठ अधिवक्ता जस्टिस वी. शिवज्ञानम 26 अगस्त से नेपाल में लापता हैं। आखिरी बार उन्होंने अपनी पत्नी से WhatsApp पर बात की थी। इसके बाद संपर्क टूट गया। अब दिल्ली तमिल एडवोकेट्स एसोसिएशन ने CJI सूर्यकांत से तत्काल हस्तक्षेप कर उनकी तलाश और सुरक्षित भारत वापसी सुनिश्चित कराने की अपील की है।

law-order31 अग. 2026 IST
महाराष्ट्र: एससी/एसटी अत्याचार निवारण कानून के तहत दर्ज मामलों में बढ़ोतरी, 23 हजार से अधिक केस अदालतों में लंबित

महाराष्ट्र: एससी/एसटी अत्याचार निवारण कानून के तहत दर्ज मामलों में बढ़ोतरी, 23 हजार से अधिक केस अदालतों में लंबित

महाराष्ट्र में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम (एट्रासिटी एक्ट) तथा नागरिक अधिकार संरक्षण (PCR) कानून के तहत दर्ज होने वाले मामलों में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। नागरिक अधिकार संरक्षण विभाग (नागरी हक्क संरक्षण), महाराष्ट्र राज्य द्वारा 31 जुलाई 2026 तक के जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, राज्य की विभिन्न अदालतों में इस समय 23,180 मामले लंबित हैं, जबकि 309 मामले 60 दिनों से अधिक समय से पुलिस जांच में अटके हुए हैं। आंकड़ों के मुताबिक, कोल्हापुर और नासिक परिक्षेत्र में मामलों की संख्या सबसे अधिक दर्ज की गई है।

law-order30 अग. 2026 IST
MCA के रेस्टोरेंट लाइसेंस बहाल, FDA पर बरसा बॉम्बे हाईकोर्ट l

MCA के रेस्टोरेंट लाइसेंस बहाल, FDA पर बरसा बॉम्बे हाईकोर्ट l

मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन यानी MCA परिसर में चलने वाले पांच खाने-पीने के ठिकानों के फूड लाइसेंस निलंबित करने के मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र FDA को कड़ी फटकार लगाई। कोर्ट के निर्देश पर हुई दोबारा जांच में रेस्टोरेंट्स में खाद्य सुरक्षा नियमों का बड़े स्तर पर पालन मिला। इसके बाद अदालत ने लाइसेंस सस्पेंशन आदेश वापस लेने और रेस्टोरेंट्स को दोबारा खोलने की अनुमति दी। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने FDA की कार्रवाई को जरूरत से ज्यादा सख्त बताते हुए कहा कि “मच्छर मारने के लिए तलवार मत चलाओ।

law-order30 अग. 2026 IST
मुंबई क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई: 6.12 लाख रुपये की एलएसडी ड्रग्स के साथ दो तस्कर गिरफ्तार

मुंबई क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई: 6.12 लाख रुपये की एलएसडी ड्रग्स के साथ दो तस्कर गिरफ्तार

मुंबई: मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच के एंटी-नारकोटिक्स सेल (ANC) ने नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए परेल भोईवाड़ा इलाके से दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से 6 लाख 12 हजार रुपये मूल्य की एलएसडी डॉट्स पेपर (LSD Dots Paper) ड्रग्स बरामद की है।

law-order29 अग. 2026 IST
बार काउंसिल अपने ही सदस्यों का भरोसा नहीं जीत पा रही तो यह कानूनी पेशे के लिए अच्छा संकेत नहीं: जस्टिस बीवी नागरत्ना

बार काउंसिल अपने ही सदस्यों का भरोसा नहीं जीत पा रही तो यह कानूनी पेशे के लिए अच्छा संकेत नहीं: जस्टिस बीवी नागरत्ना

बार की स्वतंत्रता को लोकतंत्र की ढाल बताते हुए सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस बीवी नागरत्ना ने वकीलों और बार काउंसिलों को आईना दिखाया है। उन्होंने दो टूक कहा कि अगर कोई बार काउंसिल अपने ही सदस्यों का सम्मान और भरोसा हासिल नहीं कर पा रही है, तो यह पूरे कानूनी पेशे के लिए अच्छा संकेत नहीं है। NLU दिल्ली के दीक्षांत समारोह में उन्होंने वकीलों से सिर्फ सफल करियर नहीं, बल्कि संविधान, न्याय और अदालतों की गरिमा की रक्षा को भी अपनी जिम्मेदारी मानने की अपील की।

law-order29 अग. 2026 IST
बदलापुर MIDC के उद्यमियों को बॉम्बे हाईकोर्ट से बड़ी राहत, नगर परिषद का संपत्ति कर का नोटिस रद्द

बदलापुर MIDC के उद्यमियों को बॉम्बे हाईकोर्ट से बड़ी राहत, नगर परिषद का संपत्ति कर का नोटिस रद्द

बदलापुर के MIDC क्षेत्र में कारोबार करने वाले उद्यमियों के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट का फैसला बड़ी राहत लेकर आया है। नगर परिषद की ओर से लगाए गए संपत्ति कर को लेकर चल रहे विवाद में कोर्ट ने साफ कर दिया कि जब औद्योगिक क्षेत्र में सड़क, ड्रेनेज, स्ट्रीट लाइट जैसी बुनियादी सुविधाएं MIDC उपलब्ध करा रहा है और इसके लिए सेवा शुल्क भी लिया जा रहा है, तो नगर परिषद की ओर से सीधे संपत्ति कर की मांग का आधार क्या है, यह स्पष्ट होना जरूरी है। हाईकोर्ट के इस रुख से फिलहाल कई औद्योगिक इकाइयों पर टैक्स का दबाव कम हुआ है।

law-order29 अग. 2026 IST
HSRP विवाद: ‘OEM मॉडल’ के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचा नंबर प्लेट निर्माता, राज्यों की टेंडर शर्तों को दी चुनौती

HSRP विवाद: ‘OEM मॉडल’ के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचा नंबर प्लेट निर्माता, राज्यों की टेंडर शर्तों को दी चुनौती

देशभर में वाहनों की सुरक्षा और पहचान से जुड़ी हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) को लेकर अब सुप्रीम कोर्ट में बड़ा विवाद पहुंच गया है। केंद्र से मंजूर HSRP निर्माता Zooom Engineering LLP ने राज्यों की उन टेंडर शर्तों को चुनौती दी है, जिनके तहत नंबर प्लेट की सप्लाई का अधिकार केवल वाहन निर्माताओं (OEMs) तक सीमित किया जा रहा है। निर्माता का आरोप है कि ऐसी शर्तें मंजूरशुदा HSRP निर्माताओं के लिए बाजार में प्रतिस्पर्धा के रास्ते बंद करती हैं और नियमों की मूल भावना पर सवाल खड़े करती हैं।

law-order29 अग. 2026 IST
गोरखपुर में 15 वर्षीय छात्रा से दुष्कर्म का आरोप, कॉलेज प्रबंधक के बेटे पर POCSO में केस; ऑडियो वायरल करने का भी आरोप

गोरखपुर में 15 वर्षीय छात्रा से दुष्कर्म का आरोप, कॉलेज प्रबंधक के बेटे पर POCSO में केस; ऑडियो वायरल करने का भी आरोप

गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के गोला थाना क्षेत्र में एक निजी गर्ल्स इंटर कॉलेज की 10वीं कक्षा की 15 वर्षीय छात्रा ने कॉलेज प्रबंधक के बेटे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्रा की शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म और POCSO Act की संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।

law-order29 अग. 2026 IST
जजों की नियुक्ति में 12 साल से ‘अस्पष्ट कार्यपालिका हस्तक्षेप’! पूर्व चीफ जस्टिस एस. मुरलीधर ने Collegium System पर उठाए सवाल

जजों की नियुक्ति में 12 साल से ‘अस्पष्ट कार्यपालिका हस्तक्षेप’! पूर्व चीफ जस्टिस एस. मुरलीधर ने Collegium System पर उठाए सवाल

देश की अदालतों में जजों की नियुक्ति से लेकर लंबित मुकदमों के पहाड़ तक, न्यायपालिका की पूरी व्यवस्था पर पूर्व चीफ जस्टिस एस. मुरलीधर ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 12 वर्षों में जजों की नियुक्ति में कार्यपालिका का ‘अस्पष्ट हस्तक्षेप’ देखने को मिला, जबकि Collegium System खुद पारदर्शिता, स्पष्ट मानदंड और समयबद्ध नियुक्तियों की कमी से जूझ रहा है। खास बात यह है कि मुरलीधर की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब उनकी अपनी नियुक्ति और ट्रांसफर भी पहले Collegium बनाम Executive की बहस के केंद्र में रह चुके हैं।

law-order29 अग. 2026 IST
₹1.50 करोड़ की कथित रिश्वत से शुरू हुआ मामला, ₹40 लाख पर डील का आरोप; CGST के Additional Commissioner समेत 3 गिरफ्तार, कोर्ट ने गिरफ्तारी को माना अवैध

₹1.50 करोड़ की कथित रिश्वत से शुरू हुआ मामला, ₹40 लाख पर डील का आरोप; CGST के Additional Commissioner समेत 3 गिरफ्तार, कोर्ट ने गिरफ्तारी को माना अवैध

महाराष्ट्र के रायगढ़ में कथित रिश्वतखोरी के एक मामले ने केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (CGST) विभाग में हलचल मचा दी है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने CGST के Additional Commissioner विनय कुमार कांथेती, Superintendent राकेश कुमार सिन्हा और एक निजी व्यक्ति नरिंदर राजपूत को कथित ₹40 लाख रिश्वत मामले में गिरफ्तार किया। CBI के अनुसार, एक पत्थर खनन कंपनी से जुड़े GST और रॉयल्टी विवाद को निपटाने के लिए कथित तौर पर पहले ₹1.50 करोड़ की मांग की गई थी, जिसे बातचीत के बाद ₹40 लाख किया गया। हालांकि, गिरफ्तारी के अगले दिन ठाणे की विशेष अदालत ने तीनों की गिरफ्तारी को कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं होने के कारण अवैध माना और उन्हें बॉन्ड पर रिहा करने का आदेश दिया। मामले की जांच अभी जारी है।

law-order29 अग. 2026 IST
“माई लॉर्ड्स, कृपया इसे रिकॉर्ड करें…” आखिर वकील क्यों करते हैं ऐसी गुजारिश? कोर्ट की छोटी-सी ऑर्डर शीट के पीछे छिपी बड़ी कानूनी चिंता

“माई लॉर्ड्स, कृपया इसे रिकॉर्ड करें…” आखिर वकील क्यों करते हैं ऐसी गुजारिश? कोर्ट की छोटी-सी ऑर्डर शीट के पीछे छिपी बड़ी कानूनी चिंता

अदालत में बहस हुई, जजों ने सवाल पूछे, वकीलों ने जवाब दिए और कई अहम बातें सामने आईं… लेकिन अगले दिन जब कोर्ट का आदेश आया तो उसमें सिर्फ दो लाइनें थीं। यहीं से एक बड़ा कानूनी सवाल खड़ा होता है—अगर सुनवाई के दौरान कही गई कोई महत्वपूर्ण बात रिकॉर्ड में ही दर्ज न हो, तो कल यह कैसे तय होगा कि अदालत में आखिर हुआ क्या था? “My Lords, may kindly record…” वकीलों की यह आम गुजारिश महज औपचारिकता नहीं, बल्कि भविष्य के कानूनी विवाद से बचाने वाली एक अहम कोशिश है।

law-order29 अग. 2026 IST
162 साल बाद AAWI को मिलेगी पहली महिला अध्यक्ष, हर तीसरे कार्यकाल में महिलाओं के लिए आरक्षित होगा पद

162 साल बाद AAWI को मिलेगी पहली महिला अध्यक्ष, हर तीसरे कार्यकाल में महिलाओं के लिए आरक्षित होगा पद

162 साल के लंबे इतिहास में पहली बार बॉम्बे हाईकोर्ट की प्रतिष्ठित Advocates’ Association of Western India (AAWI) की कमान किसी महिला अधिवक्ता के हाथों में जाने वाली है। एसोसिएशन ने अपने संविधान में बड़ा बदलाव करते हुए President का पद महिलाओं के लिए आरक्षित करने का फैसला किया है। खास बात यह है कि यह सिर्फ एक बार का फैसला नहीं, बल्कि हर तीन चुनाव में एक बार महिला वकील के लिए President का पद आरक्षित रहेगा। यानी अब AAWI के इतिहास में पहली महिला अध्यक्ष का रास्ता साफ हो गया है।

law-order29 अग. 2026 IST
पैकेट के सामने दिखेगी ‘हाई शुगर-हाई साल्ट’ की चेतावनी! सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद FSSAI का बड़ा प्रस्ताव

पैकेट के सामने दिखेगी ‘हाई शुगर-हाई साल्ट’ की चेतावनी! सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद FSSAI का बड़ा प्रस्ताव

अब पैकेट उठाते ही आपको पता चल सकता है कि उसमें चीनी, नमक या फैट कितना ज्यादा है। सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद FSSAI ने पैकेज्ड खाद्य पदार्थों के फ्रंट पर लाल रंग के हेक्सागोनल warning labels लगाने का प्रस्ताव रखा है। इन पर “High Sugar”, “High Salt” और “High Fat” जैसी साफ चेतावनियां होंगी, ताकि उपभोक्ता बिना जटिल nutrition chart पढ़े ही समझ सकें कि कोई उत्पाद उनकी सेहत के लिए कितना जोखिम वाला हो सकता है। प्रस्ताव में खास तौर पर बच्चों और अन्य vulnerable groups के लिए informed food choices पर जोर दिया गया है।

law-order29 अग. 2026 IST
Lucknow Fire Tragedy: 15 मौतों वाली बिल्डिंग पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, मालिक की याचिका खारिज; LDA के ध्वस्तीकरण पर नहीं लगी रोक

Lucknow Fire Tragedy: 15 मौतों वाली बिल्डिंग पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, मालिक की याचिका खारिज; LDA के ध्वस्तीकरण पर नहीं लगी रोक

लखनऊ के अलीगंज में 15 लोगों की जान लेने वाली भीषण आग के बाद अवैध निर्माण पर हुई कार्रवाई को चुनौती देने वाले भवन मालिक को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। हाईकोर्ट ने LDA के ध्वस्तीकरण आदेश और उसके बाद की गई कार्रवाई के खिलाफ दाखिल याचिका पर हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। हालांकि, कोर्ट ने याचिकाकर्ता बीरेंद्र प्रसाद शुक्ला को कुछ सीमित राहत के लिए अदालत का दरवाजा खुला रखा है।

law-order28 अग. 2026 IST
नोएडा श्रमिक हिंसा मामले में ‘मजदूर बिगुल दस्ता’ सदस्य को बड़ी राहत, 2 FIR में इलाहाबाद HC ने दी जमानत

नोएडा श्रमिक हिंसा मामले में ‘मजदूर बिगुल दस्ता’ सदस्य को बड़ी राहत, 2 FIR में इलाहाबाद HC ने दी जमानत

नोएडा में मजदूरों के आंदोलन से शुरू हुआ विवाद जब हिंसा, पथराव और तोड़फोड़ के आरोपों तक पहुंचा, तो कई लोगों पर FIR और गिरफ्तारी की कार्रवाई हुई। अब इसी मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बड़ा दखल देते हुए ‘मजदूर बिगुल दस्ता’ के सदस्य हिमांशु ठाकुर को दो FIR में जमानत दे दी है। कोर्ट ने गौर किया कि इतने गंभीर आरोपों के बावजूद आरोपी की हिंसा में कोई स्पष्ट और विशिष्ट भूमिका सामने नहीं आई थी।

law-order28 अग. 2026 IST
‘मकान गिराया किसने?’ Status Quo के बावजूद Varanasi में Demolition पर Allahabad HC हैरान, तीन अधिकारियों के तीन दावे; एक ने माना- पुलिस बल के साथ मौके पर था

‘मकान गिराया किसने?’ Status Quo के बावजूद Varanasi में Demolition पर Allahabad HC हैरान, तीन अधिकारियों के तीन दावे; एक ने माना- पुलिस बल के साथ मौके पर था

अदालत ने कहा था- ‘Status Quo बनाए रखिए’, लेकिन कुछ ही हफ्तों बाद मकान गिर गया। अब जब Allahabad High Court ने पूछा कि आखिर यह demolition किसने किया, तो तीनों सरकारी अधिकारियों के जवाब सुनकर खुद कोर्ट हैरान रह गई। किसी ने demolition से इनकार किया, किसी ने कहा PWD ने कार्रवाई की, तो किसी ने दावा किया कि मकान का हिस्सा अपने आप गिर गया। लेकिन इसी बीच एक अधिकारी ने यह जरूर माना कि वह 11 जून को पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद था। अब सवाल सिर्फ मकान गिरने का नहीं, बल्कि यह है- कोर्ट के आदेश के बावजूद कार्रवाई हुई तो आखिर जिम्मेदार कौन है?

law-order28 अग. 2026 IST
पुलिस स्टेशन में घंटों इंतजार करना ‘गिरफ्तारी’ नहीं, Bombay HC का बड़ा फैसला; जानिए कब से माना जाएगा Arrest

पुलिस स्टेशन में घंटों इंतजार करना ‘गिरफ्तारी’ नहीं, Bombay HC का बड़ा फैसला; जानिए कब से माना जाएगा Arrest

सुबह करीब 11 बजे एक आरोपी पूछताछ के लिए पुलिस स्टेशन पहुंचा और रात 8:15 बजे उसकी औपचारिक गिरफ्तारी हुई। करीब 9 घंटे तक थाने में रहने के बावजूद क्या उसकी गिरफ्तारी सुबह 11 बजे से ही मानी जाएगी? इसी सवाल पर Bombay High Court ने अहम फैसला सुनाते हुए कहा कि केवल पुलिस स्टेशन में इंतजार करना अपने-आप में ‘Arrest’ नहीं है। अदालत ने माना कि इस मामले में आरोपी की वास्तविक गिरफ्तारी रात 8:15 बजे हुई और इसलिए उसे अगले दिन कोर्ट में पेश करना 24 घंटे की संवैधानिक सीमा के भीतर था। लेकिन इस फैसले के साथ कोर्ट ने Arrest और Custody के बीच का वह महत्वपूर्ण फर्क भी सामने रखा, जो हर आरोपी के अधिकारों के लिए बेहद अहम है।

law-order28 अग. 2026 IST
महिला का कंधा पकड़कर दबाना और धक्का देना ‘मॉडेस्टी भंग’ हो सकता है, लेकिन Sexual Harassment नहीं: Bombay HC

महिला का कंधा पकड़कर दबाना और धक्का देना ‘मॉडेस्टी भंग’ हो सकता है, लेकिन Sexual Harassment नहीं: Bombay HC

मुंबई: महिला का कंधा पकड़ना, उसे दबाना और फिर धक्का देकर अलग कर देना—क्या यह Sexual Harassment है? Bombay High Court ने इस सवाल पर अहम कानूनी अंतर स्पष्ट किया है। कोर्ट ने कहा कि ऐसा व्यवहार महिला की ‘मॉडेस्टी’ को ठेस पहुंचाने वाला अपराध हो सकता है, लेकिन केवल physical contact के आधार पर उसे Sexual Harassment नहीं कहा जा सकता। जब तक घटना में sexual intent, sexual overture या sexual favour से जुड़ा आवश्यक तत्व न हो, IPC की धारा 354-A लागू नहीं होगी। हालांकि, इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं कि आरोपी बच जाएगा—High Court ने धारा 354 समेत अन्य आरोपों में केस जारी रखने का आदेश दिया है।

law-order28 अग. 2026 IST
78 साल के पिता की मानसिक जांच कराने कोर्ट पहुंचा बेटा, Bombay HC ने लगाई ₹5 लाख की कॉस्ट; कहा- Mental Healthcare Act ‘Shield’ है, ‘Sword’ नहीं

78 साल के पिता की मानसिक जांच कराने कोर्ट पहुंचा बेटा, Bombay HC ने लगाई ₹5 लाख की कॉस्ट; कहा- Mental Healthcare Act ‘Shield’ है, ‘Sword’ नहीं

संपत्ति विवाद में जब 78 साल के बुजुर्ग पिता की मानसिक सेहत को ही अदालत में सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया गया, तो बॉम्बे हाईकोर्ट ने बेटे को कड़ी फटकार लगा दी। पिता की मानसिक जांच कराने की मांग लेकर पहुंची अपील पर कोर्ट ने न सिर्फ राहत देने से इनकार किया, बल्कि बेटे पर ₹5 लाख की भारी लागत भी लगा दी। जस्टिस अजय गडकरी और जस्टिस कमल खाता की बेंच ने साफ संदेश दिया कि Mental Healthcare Act किसी विरोधी पक्ष को परेशान करने या मुकदमे में फायदा लेने का हथियार नहीं है। अदालत ने इसे न्यायिक प्रक्रिया के दुरुपयोग से जोड़ते हुए कहा कि बीमारियों से जूझ रहे बुजुर्ग पिता को इस तरह की कार्यवाही में घसीटना गंभीर बात है।

law-order28 अग. 2026 IST
नाजिया इलाही खान को Instagram पर जान से मारने की धमकी, गाजियाबाद में FIR; पुराने विवाद से कनेक्शन की जांच

नाजिया इलाही खान को Instagram पर जान से मारने की धमकी, गाजियाबाद में FIR; पुराने विवाद से कनेक्शन की जांच

BJP से जुड़ी नेता और वकील नाजिया इलाही खान ने Instagram के जरिए जान से मारने की धमकी मिलने की शिकायत की है। गाजियाबाद के इंदिरापुरम थाने में उनकी शिकायत पर FIR दर्ज की गई है। नाजिया का आरोप है कि एक Instagram अकाउंट से उनके खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं और उन्हें गंभीर धमकी दी गई। पुलिस ने संबंधित अकाउंट की जांच शुरू कर दी है और साइबर पुलिस की मदद ली जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि मौजूदा धमकी का जून 2026 में पैगंबर मोहम्मद से जुड़े विवाद से कोई संबंध है या नहीं। हालांकि, अभी तक धमकी देने वाले की आधिकारिक पहचान सामने नहीं आई है।

law-order27 अग. 2026 IST
महाराष्ट्र: गुटखा-पान मसाला बेचने वालों पर पुलिस का कड़ा शिकंजा, अब ‘100’ और ‘112’ पर डायल कर सीधे करें शिकायत

महाराष्ट्र: गुटखा-पान मसाला बेचने वालों पर पुलिस का कड़ा शिकंजा, अब ‘100’ और ‘112’ पर डायल कर सीधे करें शिकायत

महाराष्ट्र में प्रतिबंधित गुटखा, पान मसाला, सुगंधित सुपारी और सुगंधित तंबाकू के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। अब राज्य का कोई भी नागरिक प्रतिबंधित खाद्य एवं तंबाकू पदार्थों के अवैध निर्माण, भंडारण, परिवहन या बिक्री की शिकायत सीधे पुलिस हेल्पलाइन नंबर 100 या आपातकालीन नंबर 112 (Dial 112) पर दर्ज करा सकेगा। पुलिस महानिदेशक कार्यालय (DGP Office) की ओर से जारी आदेश के अनुसार, सूचना मिलते ही संबंधित थाना क्षेत्र की पुलिस तुरंत मौके पर पहुंचकर कानूनी कार्रवाई करेगी।

law-order27 अग. 2026 IST
नवी मुंबई क्राइम ब्रांच को बड़ी कामयाबी: चेन स्नैचिंग करने वाले दो शातिर बदमाश गिरफ्तार, 6 वारदातों का खुलासा

नवी मुंबई क्राइम ब्रांच को बड़ी कामयाबी: चेन स्नैचिंग करने वाले दो शातिर बदमाश गिरफ्तार, 6 वारदातों का खुलासा

नवी मुंबई: नवी मुंबई पुलिस कमिश्नरेट की क्राइम ब्रांच (यूनिट-1, वाशी) ने चेन स्नैचिंग और चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले दो शातिर अपराधियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब ₹7.40 लाख मूल्य की सोने की 6 चेन और वारदात में इस्तेमाल की गई एक होंडा शाइन मोटरसाइकिल बरामद की है। इन दोनों आरोपियों के खिलाफ पहले से ही दर्जनों आपराधिक मामले दर्ज हैं।

law-order26 अग. 2026 IST
सुप्रीम कोर्ट के जज बनकर जमानत दिलाने की कोशिश, सुकेश चंद्रशेखर दोषी करार

सुप्रीम कोर्ट के जज बनकर जमानत दिलाने की कोशिश, सुकेश चंद्रशेखर दोषी करार

दिल्ली की तीस हजारी अदालत ने जेल में बंद सुकेश चंद्रशेखर को 2017 के एक मामले में दोषी करार दिया है। अदालत के मुताबिक, सुकेश ने पुलिस हिरासत के दौरान एक कांस्टेबल के मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर एक विशेष न्यायाधीश को फोन किया और पहले खुद को सुप्रीम कोर्ट के एक जज का निजी सचिव, फिर वही जज बताकर जमानत देने के लिए दबाव बनाने की कोशिश की। अदालत ने उसे भारतीय दंड संहिता की धारा 170, 189 और 507 के तहत दोषी माना है। सजा की अवधि पर सुनवाई 27 अगस्त को होगी।

law-order26 अग. 2026 IST
फर्जी Aadhaar से विदेशी नागरिकों की पहचान छिपाने पर Bombay HC सख्त, केंद्र से Aadhaar Act में बदलाव पर विचार करने को कहा

फर्जी Aadhaar से विदेशी नागरिकों की पहचान छिपाने पर Bombay HC सख्त, केंद्र से Aadhaar Act में बदलाव पर विचार करने को कहा

भारत में घुसकर अगर कोई विदेशी नागरिक फर्जी दस्तावेजों के दम पर Aadhaar जैसी सरकारी पहचान हासिल कर ले, तो अब उसकी यह ‘नकली पहचान’ लंबे समय तक छिपी नहीं रह पाएगी। Bombay High Court ने ऐसे मामलों पर गंभीर चिंता जताते हुए केंद्र सरकार और UIDAI से Aadhaar Act में जरूरी बदलाव पर विचार करने को कहा है। कोर्ट ने साफ संकेत दिया कि मामला सिर्फ एक फर्जी कार्ड का नहीं, बल्कि देश की पहचान व्यवस्था, Immigration और National Security से जुड़ा गंभीर खतरा है। अदालत ने एजेंसियों को मिलकर ऐसे लोगों को ट्रेस करने, फर्जी दस्तावेजों के नेटवर्क तक पहुंचने, Deportation की कार्रवाई तेज करने और दोबारा भारत में प्रवेश रोकने की दिशा में कदम उठाने पर जोर दिया है।

law-order26 अग. 2026 IST
GST में ‘फ्रॉड’ लिखकर नहीं बचा पाएंगे टैक्स की लिमिटेशन! सुप्रीम कोर्ट ने Tata Steel को दी बड़ी राहत

GST में ‘फ्रॉड’ लिखकर नहीं बचा पाएंगे टैक्स की लिमिटेशन! सुप्रीम कोर्ट ने Tata Steel को दी बड़ी राहत

GST की कार्रवाई में सिर्फ बड़े-बड़े कानूनी शब्द लिख देना अब टैक्स विभाग के लिए काफी नहीं होगा। सुप्रीम कोर्ट ने Tata Steel के खिलाफ जारी GST Show Cause Notice को रद्द करते हुए साफ कर दिया कि Section 74 की extended limitation का फायदा लेने के लिए विभाग को केवल ‘fraud’, ‘willful misstatement’ या ‘suppression of facts’ का जिक्र नहीं, बल्कि इन आरोपों को साबित करने वाले बुनियादी तथ्य भी नोटिस में बताने होंगे। जस्टिस जे.बी. पार्डीवाला और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की पीठ ने कहा कि ऐसे शब्दों को महज limitation बढ़ाने के लिए mechanically दोहराया नहीं जा सकता।

law-order26 अग. 2026 IST
18 साल की उम्र पूरी होते ही Autism से पीड़ित बच्चे का Maintenance बंद नहीं होगा: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

18 साल की उम्र पूरी होते ही Autism से पीड़ित बच्चे का Maintenance बंद नहीं होगा: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

18 साल की उम्र… क्या इसके बाद Autism से जूझ रहे बच्चे के भरण-पोषण की जिम्मेदारी भी खत्म हो जाएगी? छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने इस सवाल पर ऐसा फैसला सुनाया है, जो विशेष जरूरत वाले बच्चों और उनके माता-पिता के लिए बेहद अहम है। कोर्ट ने साफ कहा कि सिर्फ 18 साल की उम्र पूरी हो जाने से Maintenance अपने आप बंद नहीं हो सकता। असली सवाल यह होगा कि संबंधित व्यक्ति अपनी आजीविका खुद कमाकर अपना खर्च उठाने में सक्षम है या नहीं। Autism Spectrum Disorder और Speech Disorder से पीड़ित बच्चे के मामले में चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने Family Court के उस आदेश में हस्तक्षेप किया, जिसमें ₹7,000 मासिक Maintenance को केवल 18 वर्ष की उम्र तक सीमित कर दिया गया था।

law-order26 अग. 2026 IST
मराठी भाषा की अनिवार्यता पर बॉम्बे हाईकोर्ट में पहुंचा विवाद, 4 कैब ड्राइवरों ने सरकार के फैसले को दी चुनौती

मराठी भाषा की अनिवार्यता पर बॉम्बे हाईकोर्ट में पहुंचा विवाद, 4 कैब ड्राइवरों ने सरकार के फैसले को दी चुनौती

महाराष्ट्र में ऑटो-टैक्सी और ऐप कैब चालकों के लिए मराठी भाषा का ज्ञान अनिवार्य करने का फैसला अब सड़क से निकलकर अदालत की चौखट तक पहुंच गया है। सरकार के फैसले के खिलाफ चार Uber ड्राइवरों ने बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए सवाल उठाया है कि क्या रोजी-रोटी कमाने के लिए देश के किसी भी हिस्से में जाने वाले भारतीय नागरिक को सिर्फ भाषा के आधार पर ‘बाहरी’ माना जा सकता है? 12 अगस्त की अधिसूचना को चुनौती देने वाली इस PIL ने भाषा, रोजगार और मौलिक अधिकारों के बीच एक बड़ा संवैधानिक सवाल खड़ा कर दिया है।

law-order26 अग. 2026 IST
अपराध मामलों में मेडिकल-फॉरेंसिक रिकॉर्ड तक कोर्ट की सीधी पहुंच, इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा कदम; MedLEaPR-CCTNS-ICJS को जोड़ने पर जोर

अपराध मामलों में मेडिकल-फॉरेंसिक रिकॉर्ड तक कोर्ट की सीधी पहुंच, इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा कदम; MedLEaPR-CCTNS-ICJS को जोड़ने पर जोर

अपराध की जांच में मेडिकल और फॉरेंसिक रिपोर्ट अक्सर सबसे अहम कड़ियों में होती हैं, लेकिन जब यही रिकॉर्ड अलग-अलग विभागों और डिजिटल सिस्टम में बंटे हों तो न्याय की रफ्तार प्रभावित हो सकती है। अब इसी समस्या को दूर करने की दिशा में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बड़ा कदम उठाया है। कोर्ट ने NIC को निर्देश दिया है कि संबंधित कोर्ट और मजिस्ट्रेट को MedLEaPR और E-Forensic Laboratory के डेटा तक सीधे पहुंच उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाए। यानी पोस्टमार्टम रिपोर्ट से लेकर मेडिकल और फॉरेंसिक रिकॉर्ड तक, जांच से जुड़े अहम दस्तावेज अदालत तक डिजिटल तरीके से ज्यादा आसानी से पहुंच सकेंगे। हाईकोर्ट की यह पहल यूपी की आपराधिक न्याय व्यवस्था को Police-Court-Health-Forensic के एक मजबूत डिजिटल नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

law-order26 अग. 2026 IST
मेडिकल जांच का विरोध करना सरकारी काम में बाधा नहीं, सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला; महिला के खिलाफ FIR रद्द

मेडिकल जांच का विरोध करना सरकारी काम में बाधा नहीं, सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला; महिला के खिलाफ FIR रद्द

एक महिला ने मेडिकल जांच का विरोध क्या किया, उस पर सरकारी काम में बाधा डालने का मुकदमा दर्ज हो गया। मामला 2021 की FIR से शुरू होकर 2026 में सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा, जहां जस्टिस के.वी. विश्वनाथन और जस्टिस अरुण पल्ली की पीठ ने साफ कर दिया कि मेडिकल जांच से इनकार या उसका विरोध अपने-आप में सरकारी कर्मचारी को उसके कर्तव्य से रोकने का अपराध नहीं बन जाता। अदालत ने कहा कि आरोपों को सही मानकर भी IPC की संबंधित धाराओं के जरूरी कानूनी तत्व पूरे नहीं होते। इसी आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने महिला के खिलाफ दर्ज FIR और उससे जुड़ी आपराधिक कार्यवाही रद्द कर दी।

law-order26 अग. 2026 IST
दहेज मांगने वालों पर अब सख्ती की तैयारी, सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों और हाईकोर्ट्स को दिए बड़े निर्देश; 304-B और 498-A के मामलों की होगी कड़ी निगरानी

दहेज मांगने वालों पर अब सख्ती की तैयारी, सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों और हाईकोर्ट्स को दिए बड़े निर्देश; 304-B और 498-A के मामलों की होगी कड़ी निगरानी

दहेज मांगने वालों की अब खैर नहीं! सुप्रीम कोर्ट ने दहेज प्रथा के खिलाफ बड़ा कदम उठाते हुए राज्यों, हाईकोर्ट्स और ट्रायल कोर्ट्स को साफ संदेश दिया है कि ऐसे मामलों को सालों तक तारीखों में नहीं उलझाया जा सकता। 304-B और 498-A जैसे गंभीर मामलों की निगरानी से लेकर पुराने केसों की पहचान, समय पर आरोप तय करने, गवाहों की सुनवाई और नियमित Compliance Report तक—सुप्रीम कोर्ट ने ऐसी व्यवस्था बनाने पर जोर दिया है, जिससे दहेज के मामलों में कानून का असर जमीन पर दिखाई दे। खास बात यह है कि कोर्ट ने दहेज को सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि महिलाओं की समानता, गरिमा और सामाजिक न्याय से जुड़ा गंभीर मुद्दा माना है।

law-order26 अग. 2026 IST
आगरा ट्रेन हत्याकांड: हयातुन निशा की हत्या की जांच में सामने आए चौंकाने वाले तथ्य

आगरा ट्रेन हत्याकांड: हयातुन निशा की हत्या की जांच में सामने आए चौंकाने वाले तथ्य

आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर तमिलनाडु एक्सप्रेस से मिले मानव अवशेषों की जांच में चेन्नई कनेक्शन सामने आया है। पुलिस के मुताबिक मृतका की पहचान हयातुन निशा के रूप में हुई है। जांच में शव के कई हिस्से किए जाने और उन्हें ठिकाने लगाने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाए जाने की बात सामने आई है। मामले में दो संदिग्धों की तलाश जारी है और हत्या की वास्तविक वजह की जांच की जा रही है।

law-order26 अग. 2026 IST
राम रहीम को फिर 21 दिन की फर्लो, 17वीं बार जेल से बाहर; अकाल तख्त ने उठाए ‘दोहरे मापदंड’ पर सवाल

राम रहीम को फिर 21 दिन की फर्लो, 17वीं बार जेल से बाहर; अकाल तख्त ने उठाए ‘दोहरे मापदंड’ पर सवाल

रेप के दो मामलों में 20 साल की सजा काट रहा डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम एक बार फिर जेल से बाहर है। 25 अगस्त को उसे 21 दिन की फर्लो मिली और वह सिरसा स्थित डेरा पहुंच गया। यह 2017 की सजा के बाद उसकी 17वीं अस्थायी रिहाई बताई जा रही है। खास बात यह है कि 2026 में ही वह तीसरी बार जेल से बाहर आया है। राम रहीम की बार-बार रिहाई पर अब अकाल तख्त और SGPC ने भी सवाल उठाते हुए सरकार के रवैये को ‘दोहरा मापदंड’ बताया है।

law-order26 अग. 2026 IST
40 साल तक पैरोल पर जेल से बाहर रहा उम्रकैद का कैदी, सरकारी शिक्षक बनकर जीता ‘बेस्ट टीचर’ अवॉर्ड; 73 की उम्र में पत्नी की पैरोल मांग भी खारिज

40 साल तक पैरोल पर जेल से बाहर रहा उम्रकैद का कैदी, सरकारी शिक्षक बनकर जीता ‘बेस्ट टीचर’ अवॉर्ड; 73 की उम्र में पत्नी की पैरोल मांग भी खारिज

73 साल की उम्र में पैरोल की गुहार लेकर हाईकोर्ट पहुंची पत्नी को अदालत से राहत नहीं मिली। वजह सिर्फ उम्र नहीं, बल्कि उस कैदी की 40 साल पुरानी कहानी है—हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा के बाद पैरोल पर जेल से निकला शख्स वापस ही नहीं लौटा। चार दशक तक पुलिस की पकड़ से दूर रहकर वह सरकारी शिक्षक बना, ‘बेस्ट टीचर’ का पुरस्कार पाया और नौकरी से रिटायर भी हो गया। 40 साल बाद गिरफ्तारी हुई तो अब पैरोल की मांग पर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया।

law-order26 अग. 2026 IST
राजस्थान हाईकोर्ट में बड़ा विवाद: सुप्रीम कोर्ट जज संदीप मेहता ने CJI से Acting CJ एसपी शर्मा को हटाने की मांग की

राजस्थान हाईकोर्ट में बड़ा विवाद: सुप्रीम कोर्ट जज संदीप मेहता ने CJI से Acting CJ एसपी शर्मा को हटाने की मांग की

राजस्थान हाईकोर्ट के भीतर से उठी एक चिट्ठी अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गई है—और मामला बेहद गंभीर है। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस संदीप मेहता ने CJI सूर्यकांत को एक नहीं, बल्कि लगातार तीन पत्र लिखकर राजस्थान हाईकोर्ट के Acting Chief Justice जस्टिस एसपी शर्मा के कामकाज पर गंभीर सवाल उठाए हैं। जस्टिस मेहता ने कथित पक्षपात, रोस्टर और प्रशासनिक शक्तियों के इस्तेमाल, न्यायिक अधिकारियों के कथित उत्पीड़न और संस्थागत कुप्रबंधन जैसे मुद्दे उठाते हुए मांग की है कि जस्टिस शर्मा की जगह किसी दूसरे हाईकोर्ट के Chief Justice को तत्काल राजस्थान हाईकोर्ट की कमान सौंपी जाए। सवाल अब सिर्फ आरोपों का नहीं, बल्कि यह है कि सुप्रीम कोर्ट इस असाधारण शिकायत पर क्या कदम उठाता है।

law-order26 अग. 2026 IST
तलाक के समझौते में छोड़े पैसों का दावा DV Act में दोबारा नहीं उठा सकती पत्नी, लेकिन बेटी के अधिकार सुरक्षित: सुप्रीम कोर्ट

तलाक के समझौते में छोड़े पैसों का दावा DV Act में दोबारा नहीं उठा सकती पत्नी, लेकिन बेटी के अधिकार सुरक्षित: सुप्रीम कोर्ट

तलाक के वक्त पति-पत्नी के बीच हुआ समझौता बाद में नए मुकदमे की जमीन नहीं बन सकता—खासकर तब, जब पत्नी खुद कोर्ट में हलफनामा देकर मेंटेनेंस और तमाम आर्थिक दावों को छोड़ने की पुष्टि कर चुकी हो। सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फैसले में साफ कर दिया कि पहले से स्वेच्छा से छोड़े गए पैसों के दावों को DV Act की कार्यवाही के जरिए दोबारा जिंदा नहीं किया जा सकता। हालांकि, इसी फैसले में कोर्ट ने एक अहम संतुलन भी कायम रखा—समझौते में शामिल नहीं रही बालिग बेटी के स्वतंत्र आर्थिक अधिकार खत्म नहीं होंगे।

law-order25 अग. 2026 IST
पत्रकार अभिषेक उपाध्याय को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत: UP Police की गिरफ्तारी पर रोक, भविष्य में दर्ज होने वाली FIR पर भी लागू होगा आदेश

पत्रकार अभिषेक उपाध्याय को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत: UP Police की गिरफ्तारी पर रोक, भविष्य में दर्ज होने वाली FIR पर भी लागू होगा आदेश

राम मंदिर दान विवाद की रिपोर्टिंग से सुर्खियों में आए पत्रकार अभिषेक उपाध्याय को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी अंतरिम राहत दी है। CJI सूर्यकांत की अगुवाई वाली तीन जजों की बेंच ने उत्तर प्रदेश पुलिस को मौजूदा FIR में ही नहीं, बल्कि भविष्य में दर्ज होने वाली किसी FIR में भी फिलहाल कोई coercive action लेने से रोक दिया है। कोर्ट ने FIR की कॉपी पत्रकार को देने का आदेश देते हुए उन्हें इलाहाबाद हाईकोर्ट जाने की स्वतंत्रता भी दी है। अब 7 सितंबर की सुनवाई पर गाजियाबाद पुलिस को अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करनी होगी।

law-order25 अग. 2026 IST
सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश: रेप केस में दोषी ठहराए गए तरुण तेजपाल को 2 हफ्ते में करना होगा सरेंडर, तभी होगी अपील पर सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश: रेप केस में दोषी ठहराए गए तरुण तेजपाल को 2 हफ्ते में करना होगा सरेंडर, तभी होगी अपील पर सुनवाई

2013 के बहुचर्चित रेप केस में बॉम्बे हाईकोर्ट से 10 साल की कठोर सजा पाने वाले तहलका के पूर्व एडिटर-इन-चीफ तरुण तेजपाल की सुप्रीम कोर्ट में अपील पर सुनवाई से पहले ही एक अहम शर्त सामने आ गई है। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को साफ कर दिया कि तेजपाल को पहले सरेंडर करना होगा। अदालत ने उन्हें दो सप्ताह के भीतर सरेंडर करने और 22 सितंबर तक इसका प्रमाणपत्र दाखिल करने का निर्देश दिया है। इसके बाद ही उनकी दोषसिद्धि और सजा को चुनौती देने वाली अपील पर मेरिट के आधार पर सुनवाई का रास्ता खुलेगा।

law-order25 अग. 2026 IST
पेट्रोल का कैन, आधी रात की धमकी और जिंदा जलाने की साजिश… सुप्रीम कोर्ट ने कहा- हत्या जैसे गंभीर अपराध में ‘बिना कारण’ बेल नहीं

पेट्रोल का कैन, आधी रात की धमकी और जिंदा जलाने की साजिश… सुप्रीम कोर्ट ने कहा- हत्या जैसे गंभीर अपराध में ‘बिना कारण’ बेल नहीं

पहले घर पहुंचकर धमकी, फिर मारपीट और आखिर में पेट्रोल डालकर जिंदा जलाने का आरोप—हत्या के इस सनसनीखेज मामले में सुप्रीम कोर्ट ने जमानत को लेकर बेहद सख्त संदेश दिया है। कोर्ट ने दो आरोपियों को मिली बेल रद्द करते हुए साफ कहा कि Murder जैसे गंभीर अपराध में जमानत कोई routine exercise नहीं है। अदालत को यह बताना होगा कि आरोपी को राहत देने का प्रथमदृष्टया आधार क्या है और उपलब्ध महत्वपूर्ण साक्ष्यों के बावजूद उसे जमानत क्यों दी जा रही है। सिर्फ आदेश लिख देना पर्याप्त नहीं—आदेश में judicial application of mind और justifiable reasons साफ

law-order25 अग. 2026 IST
लखनऊ में वकीलों के चैंबर पर बुलडोजर का रास्ता साफ, सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की याचिका

लखनऊ में वकीलों के चैंबर पर बुलडोजर का रास्ता साफ, सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की याचिका

लखनऊ में वकीलों के चैंबरों पर बुलडोजर रोकने की आखिरी कानूनी कोशिश भी नाकाम हो गई। करीब 40 साल पुराने होने की दलील, वैकल्पिक जगह देने की मांग और विरोध के बावजूद सुप्रीम कोर्ट ने कथित अतिक्रमण के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश में दखल देने से इनकार कर दिया। अब नजर 30 अगस्त की प्रस्तावित कार्रवाई पर है—क्या हटेंगे विवादित चैंबर और क्या इस फैसले से ‘वकील होने’ के नाम पर अवैध कब्जे को संरक्षण देने की बहस खत्म होगी?

law-order25 अग. 2026 IST
बच्ची के अपहरण से शव बरामदगी तक जुड़ी हर कड़ी… ‘हत्या का प्रत्यक्ष गवाह’ नहीं फिर भी उम्रकैद कायम, आंध्र प्रदेश HC का बड़ा फैसला

बच्ची के अपहरण से शव बरामदगी तक जुड़ी हर कड़ी… ‘हत्या का प्रत्यक्ष गवाह’ नहीं फिर भी उम्रकैद कायम, आंध्र प्रदेश HC का बड़ा फैसला

‘हत्या करते किसी ने नहीं देखा’… फिर भी उम्रकैद! एक नाबालिग बच्ची के अपहरण से लेकर उसकी मौत और शव की बरामदगी तक जुड़ी परिस्थितियों की कड़ियों को आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने इतना मजबूत पाया कि प्रत्यक्षदर्शी के अभाव के बावजूद दोनों आरोपियों की दोषसिद्धि और उम्रकैद बरकरार रखी। कोर्ट ने ‘Last Seen’ थ्योरी, शव बरामदगी और आरोपियों के स्पष्टीकरण के अभाव को अहम मानते हुए कहा कि हर हत्या के मामले में प्रत्यक्ष सबूत होना जरूरी नहीं है।

law-order25 अग. 2026 IST
जमीन एक बार कानूनन डी-रिजर्व हुई तो दोबारा आरक्षित नहीं की जा सकती: बॉम्बे हाईकोर्ट का अहम फैसला

जमीन एक बार कानूनन डी-रिजर्व हुई तो दोबारा आरक्षित नहीं की जा सकती: बॉम्बे हाईकोर्ट का अहम फैसला

नासिक की जमीन पर 24 साल पुरानी reservation को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट ने Planning Authorities को अहम कानूनी संदेश दिया है। कोर्ट ने साफ कहा कि कानून के तहत एक बार reservation खत्म होकर जमीन de-reserve हो जाए, तो बाद के Development Plan में सिर्फ उद्देश्य बदलकर उसी जमीन को फिर से reserve नहीं किया जा सकता। 1993 में Electric Sub-Station के लिए आरक्षित जमीन, 2006 के Purchase Notice और अधिग्रहण की कार्रवाई आगे न बढ़ने के बाद विवाद फिर 2017 के Development Plan तक पहुंचा—जहां हाईकोर्ट ने जमीन मालिक के पक्ष में फैसला सुनाया।

law-order25 अग. 2026 IST
पिता को विरासत में मिली संपत्ति में बेटे का जन्मसिद्ध हिस्सा नहीं: राजस्थान हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, HUF साबित किए बिना Coparcenary Claim खारिज

पिता को विरासत में मिली संपत्ति में बेटे का जन्मसिद्ध हिस्सा नहीं: राजस्थान हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, HUF साबित किए बिना Coparcenary Claim खारिज

दादा की जमीन का वारिस होना और HUF संपत्ति का मालिक होना एक बात नहीं! राजस्थान हाईकोर्ट ने संपत्ति विवाद में बड़ा कानूनी फर्क साफ करते हुए कहा है कि सिर्फ पिता का बेटा होने से किसी व्यक्ति को पिता को विरासत में मिली संपत्ति में जन्मसिद्ध Coparcenary हिस्सा नहीं मिल जाता। अदालत ने स्पष्ट किया कि Section 8 के तहत मिली संपत्ति को HUF साबित किए बिना बेटे का दावा कायम नहीं रह सकता। फैसला Supreme Court के Chander Sen और Yudhishter जैसे महत्वपूर्ण फैसलों में तय कानूनी सिद्धांत को भी मजबूत करता है।

law-order25 अग. 2026 IST
स्कूल यूनिफॉर्म में हिजाब पर इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: “इस्लाम की अनिवार्य धार्मिक प्रथा साबित नहीं हुई”, मुस्लिम छात्रा की याचिका खारिज

स्कूल यूनिफॉर्म में हिजाब पर इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: “इस्लाम की अनिवार्य धार्मिक प्रथा साबित नहीं हुई”, मुस्लिम छात्रा की याचिका खारिज

इलाहाबाद हाईकोर्ट के इस फैसले ने हिजाब, धार्मिक स्वतंत्रता और स्कूल यूनिफॉर्म को लेकर देश की पुरानी बहस फिर गर्म कर दी है। कोर्ट ने मुस्लिम छात्रा की याचिका खारिज करते हुए कहा कि हिजाब को इस्लाम की “अनिवार्य धार्मिक प्रथा” साबित करने के लिए पर्याप्त सामग्री पेश नहीं की गई। साथ ही अदालत ने स्पष्ट किया कि समान, गैर-भेदभावपूर्ण और अनुशासन बनाए रखने वाली स्कूल यूनिफॉर्म में धार्मिक आधार पर बदलाव की मांग नहीं की जा सकती। फैसले ने 2022 के कर्नाटक हिजाब विवाद और सुप्रीम कोर्ट के विभाजित फैसले को भी एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।

law-order25 अग. 2026 IST
सुप्रीम कोर्ट की ‘समाधान’ पहल का बड़ा असर: 3 दिन में 1,712 मुकदमे खत्म, ₹240.94 करोड़ का निपटारा; CJI सूर्यकांत का ‘दोनों पक्ष जीतें’ मॉडल

सुप्रीम कोर्ट की ‘समाधान’ पहल का बड़ा असर: 3 दिन में 1,712 मुकदमे खत्म, ₹240.94 करोड़ का निपटारा; CJI सूर्यकांत का ‘दोनों पक्ष जीतें’ मॉडल

लंबी तारीखों, बढ़ते मुकदमों और वर्षों के इंतजार के बीच सुप्रीम कोर्ट ने ‘समाधान’ का नया रास्ता दिखाया है। 21 से 23 अगस्त तक चली स्पेशल लोक अदालत में 1,712 मामलों का निपटारा हुआ और ₹240.94 करोड़ से अधिक की राशि वितरित की गई। खास बात यह रही कि यह सिर्फ तीन दिन की कवायद नहीं थी—CJI सूर्यकांत की अगुवाई में अप्रैल से ही मामलों की पहचान और समझौते की तैयारी शुरू कर दी गई थी, ताकि अदालत से निकलते समय कोई खुद को हारा हुआ नहीं, बल्कि समाधान का विजेता महसूस करे।

law-order25 अग. 2026 IST
राम मंदिर दान पर रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकार अभिषेक उपाध्याय की FIR पर सुप्रीम कोर्ट में कल सुनवाई, ‘साजिश’ के दावे से मचा हड़कंप

राम मंदिर दान पर रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकार अभिषेक उपाध्याय की FIR पर सुप्रीम कोर्ट में कल सुनवाई, ‘साजिश’ के दावे से मचा हड़कंप

राम मंदिर दान मामले की रिपोर्टिंग से चर्चा में आए पत्रकार अभिषेक उपाध्याय अब खुद कानूनी घेरे में हैं। गाजियाबाद में दर्ज रोड-रेज FIR को उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देते हुए इसे अपनी खोजी पत्रकारिता के बाद की गई कथित कार्रवाई बताया है। CJI सूर्यकांत की अगुवाई वाली सुप्रीम कोर्ट की पीठ 25 अगस्त को इस मामले पर सुनवाई करेगी।

law-order24 अग. 2026 IST
अलग रहने के बाद पति-पत्नी में शारीरिक संबंध से पुरानी वैवाहिक क्रूरता माफ नहीं हो जाती: कलकत्ता हाईकोर्ट

अलग रहने के बाद पति-पत्नी में शारीरिक संबंध से पुरानी वैवाहिक क्रूरता माफ नहीं हो जाती: कलकत्ता हाईकोर्ट

पति-पत्नी अलग हो चुके हों, रिश्ते में कड़वाहट हो और इसके बावजूद कुछ मौकों पर दोनों फिर साथ रहें या उनके बीच शारीरिक संबंध बनें—क्या इससे पहले की गई वैवाहिक क्रूरता कानूनी तौर पर ‘माफ’ मानी जाएगी? कलकत्ता हाईकोर्ट ने इस बेहद संवेदनशील सवाल पर अहम फैसला सुनाते हुए साफ कर दिया है कि जवाब हर बार ‘हां’ नहीं होगा। कोर्ट ने कहा कि अलगाव के बाद पति-पत्नी के बीच शारीरिक संबंधों के कुछ अलग-अलग उदाहरण अपने आप पुरानी क्रूरता को माफ कर देने के बराबर नहीं हैं।

law-order24 अग. 2026 IST
पूर्व हाईकोर्ट जजों को बार काउंसिल में महिला सदस्य बनाने पर SC में संवैधानिक पेच, अनुच्छेद 220 पर सुप्रीम कोर्ट करेगा विचार

पूर्व हाईकोर्ट जजों को बार काउंसिल में महिला सदस्य बनाने पर SC में संवैधानिक पेच, अनुच्छेद 220 पर सुप्रीम कोर्ट करेगा विचार

बार काउंसिल में महिलाओं की हिस्सेदारी बढ़ाने की सुप्रीम कोर्ट की कोशिश अब एक बड़े संवैधानिक सवाल के सामने आ गई है। क्या किसी पूर्व हाईकोर्ट जज को महिला सदस्य के तौर पर स्टेट बार काउंसिल में को-ऑप्ट किया जा सकता है, या संविधान का अनुच्छेद 220 इसके आड़े आएगा? 24 अगस्त को CJI सूर्यकांत की अगुवाई वाली सुप्रीम कोर्ट की पीठ के सामने यही अहम सवाल उठा। अदालत ने संकेत दिया कि इस संवैधानिक पेच की जांच की जाएगी। यानी महिला प्रतिनिधित्व बढ़ाने की मुहिम अब Article 220, Article 142 और Advocates Act के बीच कानूनी टकराव की नई परीक्षा बन गई है।

law-order24 अग. 2026 IST
10 साल की सजा के बाद तरुण तेजपाल की ‘सरेंडर’ पर सुप्रीम कोर्ट में जंग, कपिल सिब्बल vs तुषार मेहता की दलीलें

10 साल की सजा के बाद तरुण तेजपाल की ‘सरेंडर’ पर सुप्रीम कोर्ट में जंग, कपिल सिब्बल vs तुषार मेहता की दलीलें

बरी होने से दोषी ठहराए जाने तक और अब जेल जाने से बचने की कोशिश तक—तरुण तेजपाल के 13 साल पुराने मामले में कानूनी लड़ाई का एक और बड़ा अध्याय शुरू हो गया है। 10 साल की सजा के बाद सवाल अब सिर्फ दोषसिद्धि का नहीं, बल्कि यह भी है कि क्या तेजपाल को सरेंडर किए बिना सुप्रीम कोर्ट में अपनी चुनौती आगे बढ़ाने की इजाजत मिलेगी? इसी अहम सवाल पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई और अदालत ने आदेश सुरक्षित रख लिया।

law-order24 अग. 2026 IST
कुंभ के हजारों करोड़ पर सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस पी.बी. वराले का बड़ा सवाल: 0.1% शिक्षा पर खर्च होता तो बच सकते थे 100 से ज्यादा मराठी स्कूल

कुंभ के हजारों करोड़ पर सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस पी.बी. वराले का बड़ा सवाल: 0.1% शिक्षा पर खर्च होता तो बच सकते थे 100 से ज्यादा मराठी स्कूल

कुंभ जैसे विशाल आयोजनों पर हजारों करोड़ रुपये खर्च करने को लेकर सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस प्रसन्ना बी. वराले ने एक ऐसा सवाल उठाया है, जिसने सरकारी प्राथमिकताओं पर नई बहस छेड़ दी है। उन्होंने कहा कि बड़े धार्मिक आयोजनों और विकास परियोजनाओं पर खर्च से उन्हें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन अगर इसी खर्च का महज 0.1 फीसदी हिस्सा शिक्षा पर लगाया जाता, तो महाराष्ट्र के 100 से अधिक मराठी स्कूल बंद होने से बच सकते थे। जस्टिस वराले ने आश्रमशालाओं की बदहाल स्थिति और बच्चों को आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की जरूरत पर भी गंभीर चिंता जताई।

law-order24 अग. 2026 IST
93 साल की मां बोलीं- घर में नहीं चाहिए बेटा, HC ने लगाई मुहर; Senior Citizen बेटे का भी नहीं है मां की इच्छा के खिलाफ रहने का अधिकार

93 साल की मां बोलीं- घर में नहीं चाहिए बेटा, HC ने लगाई मुहर; Senior Citizen बेटे का भी नहीं है मां की इच्छा के खिलाफ रहने का अधिकार

93 साल की उम्र में जब अपना ही घर सुकून की जगह डर और तनाव का कारण बन जाए, तो कानून किसके साथ खड़ा होगा? छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में साफ कर दिया है कि केवल Senior Citizen होने के आधार पर बेटा अपनी 93 वर्षीय मां की इच्छा के खिलाफ उसके घर में रहने का असीमित अधिकार नहीं जता सकता। अदालत ने कहा कि Senior Citizens Act का मकसद सिर्फ भरण-पोषण कराना नहीं, बल्कि बुजुर्गों को सम्मान, सुरक्षा और शांतिपूर्ण जीवन देना भी है।

law-order24 अग. 2026 IST
डेथ रो कैदी को असम जेल भेजने पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, केरल का Rule 587 बना सवाल; SC ने कहा- नियम नहीं बदला तो हो सकता है रद्द

डेथ रो कैदी को असम जेल भेजने पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, केरल का Rule 587 बना सवाल; SC ने कहा- नियम नहीं बदला तो हो सकता है रद्द

क्या मौत की सजा पाए किसी कैदी को सिर्फ इसलिए अपने गृह राज्य की जेल में जाने से रोका जा सकता है, क्योंकि राज्य के जेल नियम इसकी इजाजत नहीं देते? सुप्रीम कोर्ट में पेरुम्बवूर लॉ स्टूडेंट रेप-मर्डर केस के दोषी मुहम्मद आमिर-उल-इस्लाम की याचिका पर सुनवाई के दौरान यही बड़ा कानूनी सवाल सामने आया। जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस शील नागू की बेंच ने केरल के जेल नियमों पर सवाल उठाते हुए यहां तक संकेत दिया कि अगर नियम केंद्रीय कानून के खिलाफ पाया गया तो उसे रद्द भी किया जा सकता है। कोर्ट ने केरल सरकार से जवाब मांगा है। खास बात यह है कि आमिर-उल-इस्लाम की मौत की सजा पर सुप्रीम कोर्ट पहले ही रोक लगा चुका है और अब मामला उसके जेल ट्रांसफर से आगे बढ़कर कैदियों के अधिकार, परिवार से मुलाकात और राज्य बनाम केंद्रीय कानून के टकराव तक पहुंच गया है।

law-order24 अग. 2026 IST
अशरफ की कुर्क जमीन पर फिर उठा जमीन का खेल: प्लॉटिंग और बिक्री के आरोप में FIR, अतीक गैंग की संपत्तियों की जांच तेज

अशरफ की कुर्क जमीन पर फिर उठा जमीन का खेल: प्लॉटिंग और बिक्री के आरोप में FIR, अतीक गैंग की संपत्तियों की जांच तेज

प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद के भाई और पूर्व विधायक खालिद अजीम उर्फ अशरफ से जुड़ी कुर्क जमीन को लेकर एक बार फिर मामला सामने आया है। एयरपोर्ट थाना क्षेत्र में अशरफ की पहले से कुर्क जमीन पर कथित कब्जे, प्लॉटिंग और बिक्री के आरोप में FIR दर्ज की गई है। राजस्व विभाग की शिकायत के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। यह अकेला मामला नहीं है। प्रयागराज में अतीक-अशरफ से जुड़ी कई संपत्तियों पर अवैध कब्जे, प्लॉटिंग और खरीद-फरोख्त के आरोपों की अलग-अलग स्तर पर जांच होती रही है। अगस्त 2026 में प्रशासन ने अतीक और अशरफ से जुड़ी करीब ₹155-156 करोड़ की बेनामी संपत्तियों को चिह्नित कर उनके सत्यापन और कुर्की की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की जानकारी दी है।

law-order24 अग. 2026 IST
आधी रात में सर्किट हाउस खाली कराने का आदेश, सुप्रीम कोर्ट पहुंचीं महुआ मोइत्रा; CJI सूर्यकांत ने तत्काल सुनवाई से किया इनकार

आधी रात में सर्किट हाउस खाली कराने का आदेश, सुप्रीम कोर्ट पहुंचीं महुआ मोइत्रा; CJI सूर्यकांत ने तत्काल सुनवाई से किया इनकार

आधी रात… सरकारी सर्किट हाउस… बाहर जुटी भीड़ और “जय श्री राम” के नारों के बीच एक महिला सांसद को परिसर खाली करने का आदेश। पश्चिम बंगाल के नदिया से शुरू हुआ यह विवाद अब सीधे सुप्रीम कोर्ट की चौखट तक पहुंच गया है। TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने आरोप लगाया कि उन्हें रात में अचानक सर्किट हाउस खाली करने के लिए कहा गया, जबकि उनके मुताबिक उन्हें पहले से न्यायिक संरक्षण हासिल था। मामला जब 24 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट पहुंचा तो सुनवाई की जल्द तारीख मांगने पर CJI सूर्यकांत ने फिलहाल मामले को entertain करने से अनिच्छा जताई। अब सवाल सिर्फ सर्किट हाउस खाली कराने का नहीं, बल्कि एक निर्वाचित सांसद की सुरक्षा, प्रशासनिक कार्रवाई और संसदीय अधिकारों को लेकर भी उठ रहा है।

law-order24 अग. 2026 IST
लखनऊ में वकीलों के चैंबर पर बुलडोजर का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, 30 अगस्त की कार्रवाई से पहले CJI के सामने उठी आवाज

लखनऊ में वकीलों के चैंबर पर बुलडोजर का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, 30 अगस्त की कार्रवाई से पहले CJI के सामने उठी आवाज

लखनऊ में वकीलों के चैंबरों पर चलने वाले बुलडोजर की आहट अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गई है। करीब 40 साल पुराने बताए जा रहे इन चैंबरों को कथित अतिक्रमण बताकर हटाने के आदेश के खिलाफ अब शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया गया है। 30 अगस्त की प्रस्तावित कार्रवाई से पहले 24 अगस्त को CJI सूर्यकांत के सामने मामला उठाया गया। अब बड़ा सवाल यही है—क्या दशकों से मौजूद वकीलों के चैंबर बचेंगे या हाईकोर्ट के आदेश के बाद नगर निगम की कार्रवाई आगे बढ़ेगी?

law-order24 अग. 2026 IST
GST Section 74 पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: सिर्फ ‘Fraud’ लिखना काफी नहीं, SCN में बताना होगा पूरा आधार

GST Section 74 पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: सिर्फ ‘Fraud’ लिखना काफी नहीं, SCN में बताना होगा पूरा आधार

GST विभाग के लिए सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐसी कानूनी सीमा तय कर दी है, जिसका सीधा असर Section 74 के तहत जारी होने वाले Show Cause Notice पर पड़ सकता है। अदालत ने साफ कर दिया कि सिर्फ ‘Fraud’, ‘Wilful Misstatement’ या ‘Suppression of Facts’ जैसे शब्द लिख देने से विभाग को extended limitation का अधिकार नहीं मिल जाएगा। आखिर GST नोटिस में क्या-क्या स्पष्ट करना जरूरी है और G.R. Infra Projects के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने क्यों रद्द किया करीब 1.52 करोड़ रुपये की टैक्स देनदारी से जुड़ा SCN? जानिए इस बड़े फैसले की पूरी कहानी।

law-order24 अग. 2026 IST
जज को फोन कर कथित दबाव बनाने का आरोप, IAS अधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल के खिलाफ Criminal Contempt पर हाईकोर्ट सख्त

जज को फोन कर कथित दबाव बनाने का आरोप, IAS अधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल के खिलाफ Criminal Contempt पर हाईकोर्ट सख्त

एक फोन कॉल… और करीब 30 साल पुराने जमीन विवाद का मामला पहुंच गया न्यायपालिका की स्वतंत्रता और Criminal Contempt के सवाल तक। इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक न्यायिक अधिकारी ने आरोप लगाया कि वरिष्ठ IAS अधिकारी और देवीपाटन मंडल की आयुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने लंबित मुकदमे के सिलसिले में फोन कर उन्हें कथित तौर पर प्रभावित और दबाव में लेने की कोशिश की। मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि Justice Syed Qamar Hasan Rizvi की पीठ ने कथित बातचीत के लहजे और भाषा को प्रथमदृष्टया न्यायिक अधिकारी को प्रभावित करने की कोशिश का संकेत माना और मामले को आपराधिक अवमानना के पहलू पर विचार के लिए उचित अदालत के समक्ष रखने का निर्देश दिया। हालांकि, अभी IAS अधिकारी को अवमानना का दोषी नहीं ठहराया गया है और उनका पक्ष भी है कि फोन केवल न्यायिक अधिकारी के अवकाश और मामले की अगली तारीख की जानकारी के लिए किया गया था।

law-order24 अग. 2026 IST
ED का बड़ा एक्शन: फर्जी ITC नेटवर्क पर 3 शहरों में 9 ठिकानों पर छापेमारी

ED का बड़ा एक्शन: फर्जी ITC नेटवर्क पर 3 शहरों में 9 ठिकानों पर छापेमारी

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कथित फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में सोमवार, 24 अगस्त 2026 को उत्तर प्रदेश और हरियाणा में बड़ी कार्रवाई की। ED के लखनऊ जोनल ऑफिस की टीमों ने मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद और फरीदाबाद में कुल 9 परिसरों पर एक साथ तलाशी ली। जांच का संबंध Jambudwip Exports & Imports Ltd. से बताया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, कथित तौर पर फर्जी इनवॉइस और ई-वे बिल के जरिए बिना वास्तविक माल की आवाजाही के ITC बनाया और आगे पास किया गया।

law-order24 अग. 2026 IST
सुप्रीम कोर्ट-हाईकोर्ट से ट्रिब्यूनल तक केंद्र की पैरवी के लिए नए नियम, वकीलों के पैनल में नियुक्ति की पूरी गाइडलाइन जारी

सुप्रीम कोर्ट-हाईकोर्ट से ट्रिब्यूनल तक केंद्र की पैरवी के लिए नए नियम, वकीलों के पैनल में नियुक्ति की पूरी गाइडलाइन जारी

केंद्र सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट और ट्रिब्यूनलों में पैरवी करने वाले वकीलों के लिए अब खेल के नियम बदल गए हैं। सिर्फ वर्षों का अनुभव दिखाकर Panel Counsel बनना पर्याप्त नहीं होगा। नई गाइडलाइन में वकील की विशेषज्ञता, जटिल मामलों को संभालने की क्षमता, पेशेवर रिकॉर्ड, ईमानदारी और प्रदर्शन को भी कसौटी बनाया गया है। 20 अगस्त 2026 को जारी इन नए नियमों के तहत पैनल में शामिल वकीलों के काम की हर साल समीक्षा होगी और गंभीर लापरवाही या पेशेवर कदाचार पर उन्हें बीच कार्यकाल में भी हटाया जा सकेगा।

law-order23 अग. 2026 IST
फर्जी स्कूल सर्टिफिकेट से नाबालिग बताकर POCSO लगाने पर इलाहाबाद हाईकोर्ट सख्त, UP सरकार को 2 महीने में गाइडलाइंस बनाने का निर्देश

फर्जी स्कूल सर्टिफिकेट से नाबालिग बताकर POCSO लगाने पर इलाहाबाद हाईकोर्ट सख्त, UP सरकार को 2 महीने में गाइडलाइंस बनाने का निर्देश

POCSO Act जैसे सख्त कानून में किसी की उम्र सिर्फ एक कागज से तय नहीं हो सकती—खासकर तब, जब वही कागज फर्जी निकले। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ऐसे ही एक मामले में फर्जी स्कूल और ट्रांसफर सर्टिफिकेट के जरिए लड़की को नाबालिग दिखाने की कोशिश पर गंभीर चिंता जताई है। कोर्ट ने कहा कि इस तरह की गड़बड़ी से प्रेम संबंधों के मामलों में कई युवकों पर POCSO की कठोर धाराएं लग सकती हैं और उन्हें जमानत तक हासिल करने में मुश्किल होती है। अब हाईकोर्ट ने यूपी सरकार को दो महीने में ऐसी गाइडलाइंस बनाने का निर्देश दिया है, ताकि उम्र के नाम पर फर्जी दस्तावेजों से कानून का दुरुपयोग रोका जा सके।

law-order23 अग. 2026 IST
सरकारी कार्यक्रमों में भूमि पूजन और धार्मिक रस्में: क्या ‘संस्कृति’ के नाम पर संविधान की धर्मनिरपेक्षता को दी जा सकती है चुनौती?

सरकारी कार्यक्रमों में भूमि पूजन और धार्मिक रस्में: क्या ‘संस्कृति’ के नाम पर संविधान की धर्मनिरपेक्षता को दी जा सकती है चुनौती?

क्या ‘भारतीय संस्कृति’ के नाम पर सरकारी मंच पर धार्मिक रस्में संवैधानिक रूप से जायज़ हैं? सड़क, अस्पताल, पुल या सरकारी भवन के शिलान्यास में भूमि पूजन, हवन और वैदिक मंत्रोच्चार अब आम दृश्य हैं। लेकिन जब यही रस्में राज्य के आधिकारिक कार्यक्रम का हिस्सा बनती हैं, तो सवाल सिर्फ आस्था का नहीं, बल्कि संविधान की धर्मनिरपेक्षता, समानता और राज्य की धार्मिक निष्पक्षता का बन जाता है। आखिर जब राज्य का अपना कोई धर्म नहीं है, तो क्या वह किसी एक धार्मिक परंपरा से आधिकारिक तौर पर जुड़ सकता है? यही अहम संवैधानिक सवाल इस बहस के केंद्र में है।

law-order23 अग. 2026 IST
Personality Rights बनाम Freedom of Expression: Alakh Pandey केस में Delhi HC का बड़ा फैसला, Satire और Parody पर भी नहीं लगेगी रोक

Personality Rights बनाम Freedom of Expression: Alakh Pandey केस में Delhi HC का बड़ा फैसला, Satire और Parody पर भी नहीं लगेगी रोक

‘Personality Rights’ क्या किसी सेलिब्रिटी को Satire से भी बचाने की ढाल दे सकता है? दिल्ली हाईकोर्ट ने इस सवाल पर अहम सीमा रेखा खींच दी है। PhysicsWallah के फाउंडर Alakh Pandey की याचिका पर सुनवाई करते हुए Justice Anup Jairam Bhambhani ने कहा कि किसी व्यक्ति की पहचान और प्रतिष्ठा की रक्षा का अधिकार इतना व्यापक नहीं हो सकता कि उसके नाम पर wrongdoing से जुड़ी जानकारी, caricature, lampooning या parody को ही दबा दिया जाए। अदालत की यह टिप्पणी एक बड़े संवैधानिक संतुलन की ओर इशारा करती है—एक तरफ व्यक्ति की प्रतिष्ठा और Personality Rights, तो दूसरी तरफ Freedom of Expression, satire और public criticism का अधिकार।

law-order23 अग. 2026 IST
साइलेंट वायरस’ बन रहा साइबर अपराध! इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा- पैसा ही नहीं, भरोसा और सुरक्षा भी खतरे में

साइलेंट वायरस’ बन रहा साइबर अपराध! इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा- पैसा ही नहीं, भरोसा और सुरक्षा भी खतरे में

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने साइबर अपराध के बढ़ते खतरे पर गंभीर चिंता जताते हुए इसे देश में फैल रहे “साइलेंट वायरस” जैसा बताया है। यह टिप्पणी ₹16 करोड़ से अधिक के नैनीताल बैंक साइबर फ्रॉड मामले में आरोपी की दूसरी जमानत याचिका खारिज करते हुए सामने आई। अदालत ने कहा कि डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनीकी विकास ने जहां देश को तेजी से जोड़ा है, वहीं साइबर अपराधियों के लिए नई कमजोरियां भी पैदा हुई हैं। कोर्ट ने phishing, ransomware, cyber-stalking और data breach जैसे अपराधों का उल्लेख करते हुए कहा कि साइबर अपराध का नुकसान केवल पैसों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज के विश्वास, सुरक्षा और प्रगति को भी प्रभावित करता है।

law-order23 अग. 2026 IST
जिस रिश्ते का पिता कर रहे थे विरोध, उसी को लेकर हुई उनकी मौत; बेटी-प्रेमी पर केस

जिस रिश्ते का पिता कर रहे थे विरोध, उसी को लेकर हुई उनकी मौत; बेटी-प्रेमी पर केस

उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के दुबौलिया थाना क्षेत्र में 50 वर्षीय कृष्णा प्रसाद की मौत का मामला सामने आया है। उनका शव बभरौली गांव के पास नहर किनारे मिला। पुलिस की शुरुआती जांच में मामला उनकी बेटी के प्रेम प्रसंग से जुड़ा बताया जा रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक, कृष्णा प्रसाद ने बेटी को उसके प्रेमी के साथ देखे जाने के बाद विरोध किया था, जिसके बाद विवाद हुआ। पुलिस ने बेटी दुर्गा और उसके प्रेमी लक्ष्मण को हिरासत में लेकर पूछताछ की और बाद में दोनों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई। मामले में पोस्टमार्टम और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की जांच जारी है।

law-order23 अग. 2026 IST
गोरखपुर में ₹1.40 करोड़ का ‘OG’ गांजा! 5 गिरफ्तार, थाईलैंड कनेक्शन की जांच तेज

गोरखपुर में ₹1.40 करोड़ का ‘OG’ गांजा! 5 गिरफ्तार, थाईलैंड कनेक्शन की जांच तेज

गोरखपुर में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई में 3 किलो 85 ग्राम हाइड्रोपोनिक ‘OG’ गांजा बरामद किया गया है। इसकी अनुमानित कीमत करीब ₹1.40 करोड़ बताई गई है। रामगढ़ताल क्षेत्र में हुई कार्रवाई में पुलिस, एएनटीएफ और एटीएस की संयुक्त टीम ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास से एक अर्टिगा कार, पांच मोबाइल फोन और ₹30,390 नकद भी बरामद होने की जानकारी पुलिस ने दी है। अब जांच एजेंसियां बरामद गांजे के स्रोत, सप्लाई नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य लोगों का पता लगाने में जुटी हैं।

law-order23 अग. 2026 IST
गोरखपुर में सरकारी रिकॉर्ड बदलने का दबाव? पंचायत अधिकारी को मिली धमकी

गोरखपुर में सरकारी रिकॉर्ड बदलने का दबाव? पंचायत अधिकारी को मिली धमकी

गोरखपुर के पिपराइच थाना क्षेत्र में ग्राम पंचायत अधिकारी को परिवार रजिस्टर में कथित तौर पर छेड़छाड़ करने का दबाव बनाने और इनकार करने पर धमकी देने का मामला सामने आया है। शिकायत के मुताबिक, मौलाखोर निवासी गंगा सागर सिंह ने ग्राम पंचायत अधिकारी अब्दुस सलाम को फोन कर परिवार रजिस्टर से अपनी भतीजी का नाम हटाने का दबाव बनाया। अधिकारी ने नियमों का हवाला देते हुए ऐसा करने से इनकार किया, जिसके बाद उन्हें धमकी देने का आरोप है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारी ने अपनी सुरक्षा के लिए जिलाधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी और खंड विकास अधिकारी को भी पत्र दिया है।

law-order23 अग. 2026 IST
42 साल बाद कानून के शिकंजे में आया 1984 का आरोपी, हरदोई में ऐसे पकड़ा गया नत्थूलाल

42 साल बाद कानून के शिकंजे में आया 1984 का आरोपी, हरदोई में ऐसे पकड़ा गया नत्थूलाल

दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने 1984 के एक हत्या मामले में 42 साल से अधिक समय से फरार चल रहे 65 वर्षीय नत्थू उर्फ नत्थूलाल को उत्तर प्रदेश के हरदोई से गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, विकासपुरी के डिस्ट्रिक्ट पार्क में 22-23 मई 1984 की रात अशोक कुमार की हत्या हुई थी। मामले में एक आरोपी पहले गिरफ्तार हो चुका था, जबकि नत्थूलाल फरार था। पुराने केस रिकॉर्ड को दोबारा खंगालने और हरदोई-सीतापुर में कई महीनों तक जानकारी जुटाने के बाद पुलिस उसके गांव तक पहुंची और 18 अगस्त को उसे फर्रुखाबाद जाते समय पकड़ लिया।

law-order23 अग. 2026 IST
44 साल तक चलता रहा हत्या का केस, 22 साल ट्रायल और 22 साल अपील में! झारखंड हाईकोर्ट की ‘शॉकिंग पेंडेंसी’ पर सुप्रीम कोर्ट सख्त

44 साल तक चलता रहा हत्या का केस, 22 साल ट्रायल और 22 साल अपील में! झारखंड हाईकोर्ट की ‘शॉकिंग पेंडेंसी’ पर सुप्रीम कोर्ट सख्त

एक हत्या का मुकदमा… और इंसाफ की तलाश में बीत गए पूरे 44 साल! 1981 में शुरू हुआ दोहरे हत्याकांड का मामला पहले करीब 22 साल ट्रायल कोर्ट में चलता रहा और फिर उतने ही लंबे समय तक अपील हाईकोर्ट में लंबित रही। जब मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा तो तस्वीर और भी गंभीर थी—70 वर्षीय Simon Soren इस केस में बचे अकेले जीवित आरोपी थे। झारखंड हाईकोर्ट में अपील के 22 साल तक लंबित रहने पर सुप्रीम कोर्ट ने ‘शॉकिंग पेंडेंसी’ पर कड़ी चिंता जताई और कहा कि आपराधिक न्याय व्यवस्था में इतनी लंबी देरी स्वीकार्य नहीं हो सकती। अदालत ने फिलहाल सजा पर रोक लगाते हुए Simon Soren को तत्काल रिहा करने का आदेश दिया।

law-order23 अग. 2026 IST
रेप पीड़िता का नाम याचिका में कैसे आया? J&K हाईकोर्ट ने Registry से मांगा जवाब, Justice Shahzad Azeem ने उठाया बड़ा सवाल

रेप पीड़िता का नाम याचिका में कैसे आया? J&K हाईकोर्ट ने Registry से मांगा जवाब, Justice Shahzad Azeem ने उठाया बड़ा सवाल

रेप पीड़िता की पहचान उजागर न हो, इसके लिए सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट पहले ही स्पष्ट दिशानिर्देश जारी कर चुके हैं। इसके बावजूद जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट के सामने ऐसी याचिका पहुंची, जिसमें कथित रेप पीड़िता का नाम ही दर्ज था। मामले की सुनवाई के दौरान Justice Shahzad Azeem ने इस पर गंभीर सवाल उठाते हुए Registry से जवाब मांगा कि स्पष्ट निर्देश और सर्कुलर मौजूद होने के बावजूद ऐसी याचिका को Registry ने entertain कैसे किया? कोर्ट का यह सवाल सिर्फ एक दस्तावेज में नाम आने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह न्यायिक प्रक्रिया में पीड़ित की निजता और पहचान की सुरक्षा के लिए तय institutional safeguards के पालन पर भी गंभीर सवाल खड़ा करता है।

law-order23 अग. 2026 IST
गृहिणियों के अधिकार से लेकर लिव-इन रिश्तों की सुरक्षा तक: जस्टिस संजय करोल के वो फैसले, जिन्होंने कानून से आगे समाज को भी छुआ

गृहिणियों के अधिकार से लेकर लिव-इन रिश्तों की सुरक्षा तक: जस्टिस संजय करोल के वो फैसले, जिन्होंने कानून से आगे समाज को भी छुआ

सुप्रीम कोर्ट से विदा हुए जस्टिस संजय करोल की पहचान सिर्फ एक जज के तौर पर नहीं, बल्कि ऐसे न्यायाधीश के रूप में भी बनी, जिन्होंने अदालत में आए छोटे से विवाद में छिपे बड़े सामाजिक सवाल को पहचानने की कोशिश की। गृहिणियों के वर्षों के unpaid घरेलू काम को आर्थिक मूल्य देने से लेकर शादी जैसे स्वरूप वाले लिव-इन रिश्तों में महिलाओं की सुरक्षा, चुनावों में काले धन पर शिकंजा, आवारा पशुओं से होने वाली मौतों और रेलवे की बेतहाशा भीड़ तक—उनके कई फैसलों में न्याय के साथ सामाजिक बदलाव की स्पष्ट झलक दिखाई दी। 22 अगस्त 2026 को सुप्रीम कोर्ट से उनकी विदाई के बाद उनके ये फैसले उनकी ऐसी न्यायिक विरासत के रूप में सामने हैं, जिनका असर कोर्टरूम से निकलकर आम जिंदगी तक पहुंचता है।

law-order23 अग. 2026 IST
‘Industry’ की परिभाषा पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: 9 जजों में 4-4-1 की राय, 1978 के ‘Bangalore Water Supply’ टेस्ट पर गहराया मतभेद

‘Industry’ की परिभाषा पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: 9 जजों में 4-4-1 की राय, 1978 के ‘Bangalore Water Supply’ टेस्ट पर गहराया मतभेद

करीब 48 साल पुराने ‘Bangalore Water Supply’ फैसले ने एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट में दस्तक दी, लेकिन 9 जजों की संविधान पीठ भी ‘Industry’ की परिभाषा पर पूरी तरह एकमत नहीं हो सकी। CJI Surya Kant समेत 4 जजों ने नई कानूनी कसौटी का समर्थन किया, जबकि 4 जजों ने 1978 के Triple Test को सही माना। वहीं Justice P.S. Narasimha ने पुराने फैसले को अलग कानूनी आधार पर बरकरार रखने की राय दी। ऐसे में यह फैसला Labour Law के इतिहास में एक बेहद अहम और दिलचस्प मोड़ बन गया है।

law-order23 अग. 2026 IST
"दुश्मन ना करे दोस्त ने वो काम किया"...वाराणसी में ईशू कन्नौजिया के दोस्तों ने ही उसे काटकर 5 टुकड़े कर दिए!

"दुश्मन ना करे दोस्त ने वो काम किया"...वाराणसी में ईशू कन्नौजिया के दोस्तों ने ही उसे काटकर 5 टुकड़े कर दिए!

वाराणसी में 19 वर्षीय ईशू कन्नौजिया की हत्या के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, पुराने विवाद को लेकर उसके दोस्तों ने भाई और एक अन्य साथी के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया। हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए उसके टुकड़े कर गोबर के गड्ढे में छिपाने का आरोप है।

law-order22 अग. 2026 IST

आजमगढ़ में SI संजय कुमार सिंह निलंबित:गैंगस्टर को थाने से भगाने का आरोप लगा था, जांच के बाद कार्रवाई

आजमगढ़ के गंभीरपुर थाने में तैनात सब-इंस्पेक्टर संजय सिंह को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने निलंबित कर दिया है। उन पर थाने में प्राप्त शिकायतों का निर्धारित समय में निस्तारण नहीं करने, पीड़ितों की शिकायतों पर कार्रवाई में लापरवाही और सरकारी कार्य में अपेक्षित रुचि नहीं लेने के आरोप प्रथम दृष्टया सामने आए हैं। SSP ने उनके खिलाफ विभागीय जांच के भी निर्देश दिए हैं।

law-order22 अग. 2026 IST
यमुना फ्लडप्लेन केस में Art of Living को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत! NGT का फैसला रद्द, ₹5 करोड़ वापस करने का आदेश

यमुना फ्लडप्लेन केस में Art of Living को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत! NGT का फैसला रद्द, ₹5 करोड़ वापस करने का आदेश

यमुना फ्लडप्लेन पर 2016 में हुए Art of Living के World Culture Festival को लेकर करीब एक दशक से चल रहे विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा उलटफेर कर दिया है। कोर्ट ने NGT का 2017 का फैसला रद्द करते हुए Art of Living से जुड़े संगठन को बड़ी राहत दी और जमा कराई गई ₹5 करोड़ की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति वापस करने का आदेश दिया। हालांकि, कोर्ट ने यमुना फ्लडप्लेन की rehabilitation जारी रखने को कहा है—यानी राहत Art of Living को मिली है, लेकिन यमुना की ecological recovery पर काम जारी रहेगा।

law-order22 अग. 2026 IST
चोली के पीछे क्या है गाने पर मार-मार के नचवाया':सपा नेता के आरोप पर नए SSP का एक्शन, इंस्पेक्टर समेत 8 पुलिसवाले लाइनहाजिर

चोली के पीछे क्या है गाने पर मार-मार के नचवाया':सपा नेता के आरोप पर नए SSP का एक्शन, इंस्पेक्टर समेत 8 पुलिसवाले लाइनहाजिर

मेरठ में किसान नेता दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव के साथ कथित पुलिस मारपीट और दुर्व्यवहार का मामला तूल पकड़ने के बाद नए SSP बीबीजीटीएस मूर्ति ने सिविल लाइंस थाना प्रभारी अखिलेश गौड़ समेत 8 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया है। भाटी ने हिरासत के दौरान मारपीट और अपमानजनक व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए हैं। इनमें उन्हें गाने पर डांस कराने का दावा भी शामिल है। हालांकि इन आरोपों की अभी पुष्टि नहीं हुई है। ADG के निर्देश पर मामले की जांच सहारनपुर DIG कर रहे हैं।

law-order22 अग. 2026 IST
Supreme Court का बड़ा फैसला: Agent अपनी Authority से आगे बढ़कर Principal पर नहीं डाल सकता नई Liability, Insurance Policy में भी लागू होगा नियम

Supreme Court का बड़ा फैसला: Agent अपनी Authority से आगे बढ़कर Principal पर नहीं डाल सकता नई Liability, Insurance Policy में भी लागू होगा नियम

सुप्रीम कोर्ट ने Insurance और Contract Law से जुड़े अहम फैसले में साफ कर दिया कि कंपनी का Agent या अधिकारी अपनी authority की सीमा पार कर Principal पर नई liability नहीं डाल सकता। कोर्ट ने कहा कि policy संभालने और premium से जुड़ी बातचीत की power होने का मतलब यह नहीं कि अधिकारी insurer का risk बढ़ा दे या किसी अनिवार्य कानूनी शर्त को खत्म कर दे।

law-order22 अग. 2026 IST
MD Geriatric Medicine डॉक्टरों के लिए दिल्ली HC का बड़ा फैसला! DM Super-Speciality का रास्ता खोलने का NMC को निर्देश

MD Geriatric Medicine डॉक्टरों के लिए दिल्ली HC का बड़ा फैसला! DM Super-Speciality का रास्ता खोलने का NMC को निर्देश

बुजुर्ग मरीजों के इलाज में विशेषज्ञता रखने वाले MD Geriatric Medicine डॉक्टरों के लिए दिल्ली हाईकोर्ट ने बड़ा रास्ता खोल दिया है। Justice Jasmeet Singh ने कहा कि किसी speciality में infrastructure, teaching staff या doctors की कमी होना, उसी field के qualified doctors को आगे DM Super-Speciality करने से रोकने का पर्याप्त आधार नहीं हो सकता। कोर्ट ने National Medical Commission (NMC) को MD Geriatric Medicine को DM specialisations के लिए eligible feeder qualification के रूप में शामिल करने के मुद्दे पर दोबारा विचार करने और जरूरी कदम जल्द उठाने का निर्देश दिया है।

law-order22 अग. 2026 IST
22 Death Sentences के बाद बड़ा प्रशासनिक फैसला! मुजफ्फरनगर के जज से 97 हत्या और गंभीर अपराधों के केस वापस

22 Death Sentences के बाद बड़ा प्रशासनिक फैसला! मुजफ्फरनगर के जज से 97 हत्या और गंभीर अपराधों के केस वापस

एक तरफ महज चार महीनों में 22 दोषियों को मौत की सजा सुनाने वाले जज रवि कुमार दिवाकर चर्चा में हैं, तो दूसरी तरफ उनकी अदालत से हत्या और अन्य जघन्य अपराधों के 97 लंबित मामलों की फाइलें वापस लिए जाने से नया सवाल खड़ा हो गया है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश वीरेंद्र कुमार सिंह के प्रशासनिक आदेश के तहत ये मामले अब उनकी अदालत में सुने जाएंगे। हालांकि सबसे अहम बात यह है कि आदेश में 97 केस वापस लेने की वजह स्पष्ट नहीं की गई है। इसलिए फिलहाल यह कहना सही नहीं होगा कि 22 Death Sentences ही इस प्रशासनिक फैसले की वजह हैं।

law-order22 अग. 2026 IST
‘नकली पनीर’ पर बॉम्बे हाईकोर्ट की सख्ती: ठाणे के रेस्टोरेंट को राहत नहीं, कहा- ‘जैसा ग्राहकों को खिलाया, कुछ समय आप भी भुगतिए’

‘नकली पनीर’ पर बॉम्बे हाईकोर्ट की सख्ती: ठाणे के रेस्टोरेंट को राहत नहीं, कहा- ‘जैसा ग्राहकों को खिलाया, कुछ समय आप भी भुगतिए’

21 अगस्त 2026 को बॉम्बे हाईकोर्ट ने ‘Analogue Paneer’ परोसने के आरोपों से घिरे ठाणे के एक रेस्टोरेंट को अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि जब ग्राहकों को बिना बताए मेन्यू में दिखाए गए पनीर की जगह दूसरा उत्पाद परोसा गया, तो रेस्टोरेंट को भी कुछ समय कार्रवाई का सामना करना चाहिए। अदालत ने यह भी सवाल उठाया कि यदि पनीर की जगह Analogue Paneer दिया जा रहा था, तो ग्राहकों को इसकी साफ जानकारी क्यों नहीं दी गई।

law-order22 अग. 2026 IST
11 साल पुराने विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा वार: रोज़लिन खान और एडवोकेट रिजवान सिद्दीकी पर ₹5-₹5 लाख की कॉस्ट

11 साल पुराने विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा वार: रोज़लिन खान और एडवोकेट रिजवान सिद्दीकी पर ₹5-₹5 लाख की कॉस्ट

करीब 11 साल से चले आ रहे अभिनेत्री रिहाना खान उर्फ रोज़लिन खान और एडवोकेट रिजवान सिद्दीकी के विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को बेहद सख्त रुख अपनाया। कोर्ट ने कहा कि दोनों पक्ष पूरी तरह साफ हाथों से अदालत नहीं आए और उनके विवाद ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया से लेकर हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक का कीमती न्यायिक समय लिया। इसी पर सख्त टिप्पणी करते हुए अदालत ने दोनों पर ₹5-₹5 लाख की कॉस्ट लगाई।

law-order22 अग. 2026 IST
कॉलेज की किताबों से नहीं, कोर्टरूम से बनेगा असली वकील! Justice Sanjay Karol की Young Lawyers को बड़ी नसीहत- “जितना पढ़ोगे, उतना नहीं सीखोगे जितना अदालत में देखकर सीखोगे”

कॉलेज की किताबों से नहीं, कोर्टरूम से बनेगा असली वकील! Justice Sanjay Karol की Young Lawyers को बड़ी नसीहत- “जितना पढ़ोगे, उतना नहीं सीखोगे जितना अदालत में देखकर सीखोगे”

कानून की किताबों में धाराएं याद हो सकती हैं, लेकिन कानून की असली समझ अदालत की बहसों और न्यायिक प्रक्रिया के बीच ही विकसित होती है। सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त जस्टिस संजय करोल ने युवा वकीलों को यही बड़ी सीख देते हुए कहा कि कॉलेज में Article 14 और Article 21 को कितनी भी बार पढ़ लें, उनकी वास्तविक व्याख्या और अदालत में application तभी समझ आएगी जब वकील नियमित रूप से कोर्टरूम में मौजूद रहेंगे। SCBA के विदाई समारोह में उन्होंने कहा कि युवा वकीलों की “real grooming” कोर्ट में होगी और उन्हें मिलने वाले हर छोटे-बड़े अवसर का पूरी ईमानदारी से इस्तेमाल करना चाहिए।

law-order22 अग. 2026 IST
सुप्रीम कोर्ट में ‘समाधान’ की बड़ी जीत! पहले ही दिन 400+ केस खत्म, 600 से ज्यादा मामलों पर चली समझौते की मुहिम

सुप्रीम कोर्ट में ‘समाधान’ की बड़ी जीत! पहले ही दिन 400+ केस खत्म, 600 से ज्यादा मामलों पर चली समझौते की मुहिम

सालों से अदालतों में चल रहे विवादों को लंबी सुनवाई से निकालकर आपसी सहमति से खत्म करने की सुप्रीम कोर्ट की मुहिम ने पहले ही दिन बड़ा असर दिखाया। ‘SAMADHAN SAMAROH 2026’ के तहत आयोजित Special Lok Adalat में 600 से ज्यादा मामले सूचीबद्ध हुए और इनमें 400 से अधिक मामलों का पक्षकारों की सहमति से समाधान हो गया। 16 विशेष बेंचों ने पक्षकारों के बीच संवाद कराया और मुकदमेबाजी के बजाय समझौते के जरिए विवाद खत्म करने का रास्ता तैयार किया। खास बात यह है कि यह सफलता अचानक नहीं मिली, बल्कि अप्रैल से चल रही pre-settlement प्रक्रिया का नतीजा है।

law-order22 अग. 2026 IST
Residential Flat में Day-Care Centre चलाने पर Bombay HC की बड़ी राहत, 6 हफ्ते तक नहीं होगी कार्रवाई; MHADA को 2 हफ्ते में लेना होगा फैसला

Residential Flat में Day-Care Centre चलाने पर Bombay HC की बड़ी राहत, 6 हफ्ते तक नहीं होगी कार्रवाई; MHADA को 2 हफ्ते में लेना होगा फैसला

Residential flat में बच्चों की किलकारियां गूंज रही थीं, लेकिन MHADA के नोटिस ने इस day-care centre के भविष्य पर सवाल खड़ा कर दिया। मामला Bombay High Court पहुंचा तो कोर्ट ने फिलहाल बच्चों के हित में राहत देते हुए centre को छह हफ्ते तक जारी रखने की अनुमति दे दी। हालांकि कोर्ट ने साफ कर दिया कि यह residential flat में commercial activity की स्थायी मंजूरी नहीं है। अब MHADA को ‘change of user’ की अर्जी पर सिर्फ दो हफ्ते में फैसला लेना होगा—यानी इस day-care का अगला ठिकाना अब MHADA के फैसले पर निर्भर है।

law-order21 अग. 2026 IST
POSH शिकायत को ‘Sexual Element नहीं’ कहकर दबाया तो होगी अपील! बॉम्बे हाईकोर्ट ने ICC के फैसले पर साफ किया कानून

POSH शिकायत को ‘Sexual Element नहीं’ कहकर दबाया तो होगी अपील! बॉम्बे हाईकोर्ट ने ICC के फैसले पर साफ किया कानून

कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की शिकायत को सिर्फ यह कहकर खारिज कर देना कि उसमें ‘Sexual Element’ नहीं है, अब ICC के लिए अंतिम फैसला नहीं माना जाएगा। बॉम्बे हाईकोर्ट ने POSH Act को लेकर अहम फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया है कि ICC अगर बिना पूरी जांच किए किसी शिकायत को शुरुआती स्तर पर ही खारिज करती है, तो उसका यह निर्णय भी कानूनी चुनौती के दायरे में आ सकता है। कोर्ट ने माना कि ऐसा निर्णय Section 13(2) के तहत ‘Recommendation’ माना जा सकता है और पीड़ित पक्ष Section 18 के तहत अपील कर सकता है। हालांकि, हाईकोर्ट ने यह भी साफ किया कि अपील स्वीकार होने का मतलब हर शिकायत में स्वतः पूरी जांच शुरू होना नहीं है—पहले यह देखना होगा कि शिकायत में वास्तव में sexual harassment का कोई तत्व मौजूद है या नहीं।

law-order21 अग. 2026 IST
498A में ‘पहले FIR और मेडिकल सबूत’ की शर्त पर हाईकोर्ट की फटकार, पति की सजा फिर बहाल

498A में ‘पहले FIR और मेडिकल सबूत’ की शर्त पर हाईकोर्ट की फटकार, पति की सजा फिर बहाल

शादी के बाद हुई कथित प्रताड़ना को सिर्फ इसलिए खारिज नहीं किया जा सकता कि पहले पुलिस शिकायत नहीं हुई या चोट का मेडिकल रिकॉर्ड नहीं है। झारखंड हाईकोर्ट ने इसे इस मामले में “Absolutely Absurd and Unwarranted” बताते हुए पति की धारा 498A की सजा बहाल कर दी।

law-order21 अग. 2026 IST
Civil Judge बनने के लिए 3 नहीं, अब सिर्फ 1 साल की प्रैक्टिस! सुप्रीम कोर्ट ने Law Graduates को दी बड़ी राहत

Civil Judge बनने के लिए 3 नहीं, अब सिर्फ 1 साल की प्रैक्टिस! सुप्रीम कोर्ट ने Law Graduates को दी बड़ी राहत

जज बनने का सपना देख रहे Law Graduates के लिए सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा दरवाजा खोल दिया है। अब Civil Judge बनने के लिए 3 साल की Bar Practice नहीं, सिर्फ 1 साल की प्रैक्टिस जरूरी होगी। 21 अगस्त 2026 के इस बड़े फैसले में कोर्ट ने चयन के बाद 1 साल की Judicial Training और 1 साल की Clerkship का नया मॉडल भी तय किया है। यानी तीन साल का इंतजार कम हुआ, लेकिन practical experience की शर्त बरकरार रही।

law-order21 अग. 2026 IST
पत्नी कमाती है तो क्या पिता की जिम्मेदारी भी आधी? सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, दो बेटियों के ₹60 हजार भरण-पोषण पर हाईकोर्ट का आदेश पलटा

पत्नी कमाती है तो क्या पिता की जिम्मेदारी भी आधी? सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, दो बेटियों के ₹60 हजार भरण-पोषण पर हाईकोर्ट का आदेश पलटा

पत्नी कमाती है, इसलिए बच्चों का खर्च भी आधा कर दो—सुप्रीम कोर्ट ने इस सीधे-सादे गणित को खारिज कर दिया है। दो नाबालिग बेटियों के भरण-पोषण से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला पलटते हुए ₹30,000 प्रति बेटी यानी कुल ₹60,000 मासिक अंतरिम भरण-पोषण बहाल कर दिया। कोर्ट ने साफ कहा कि मां की कमाई अपने-आप पिता की जिम्मेदारी को आधा करने का आधार नहीं बन सकती। खास बात यह रही कि अदालत ने बच्चों की रोजमर्रा की देखभाल और परवरिश में मां के गैर-आर्थिक योगदान को भी अहम माना और कहा कि इसे सिर्फ रुपये-पैसों के हिसाब से नहीं तौला जा सकता।

law-order21 अग. 2026 IST
22 मौत की सजा सुनाने वाले यूपी के जज की अदालत से करीब 100 मामले स्थानांतरित

22 मौत की सजा सुनाने वाले यूपी के जज की अदालत से करीब 100 मामले स्थानांतरित

उत्तर प्रदेश के मुज़फ़्फ़रनगर में, एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज रवि कुमार दिवाकर से 97 से 100 गंभीर आपराधिक मामले दूसरे जजों को ट्रांसफर कर दिए गए हैं। यह फ़ैसला उनके उस निर्णय के बाद लिया गया है, जिसमें उन्होंने सिर्फ़ चार महीने के अंदर 10 मामलों में 22 लोगों को मौत की सज़ा सुनाई थी।

law-order21 अग. 2026 IST
बांद्रा फुटबॉल मैदान पर हाईकोर्ट का बड़ा हस्तक्षेप: BMC और महाराष्ट्र सरकार को आगे की कार्रवाई से रोका, ‘कानून की गरिमा दांव पर’

बांद्रा फुटबॉल मैदान पर हाईकोर्ट का बड़ा हस्तक्षेप: BMC और महाराष्ट्र सरकार को आगे की कार्रवाई से रोका, ‘कानून की गरिमा दांव पर’

बॉम्बे हाईकोर्ट ने मुंबई के बांद्रा स्थित ऐतिहासिक नेविले डिसूजा फुटबॉल मैदान को प्रदर्शनी/कन्वेंशन सेंटर में बदलने की बीएमसी (BMC) की योजना पर कड़ा रुख अपनाते हुए रोक लगा दी है। 1 10 अगस्त को कोर्ट में स्थिति ज्यों की त्यों (Status Quo) बनाए रखने के मौखिक आश्वासन के बावजूद 18 अगस्त को बीएमसी महासभा द्वारा प्रस्ताव पारित करने पर अदालत ने सख्त नाराजगी जताई और साफ किया कि कानून की गरिमा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

law-order21 अग. 2026 IST
‘लिव-इन पर परिवार की मनमानी नहीं चलेगी!’ दिल्ली HC का बड़ा फैसला, बालिगों की पसंद और साथ रहने के अधिकार पर लगाई मुहर

‘लिव-इन पर परिवार की मनमानी नहीं चलेगी!’ दिल्ली HC का बड़ा फैसला, बालिगों की पसंद और साथ रहने के अधिकार पर लगाई मुहर

शादी की मुहर भले न लगी हो, लेकिन दो बालिग अगर अपनी मर्जी और सहमति से साथ रहना चाहते हैं, तो केवल परिवार की नाराजगी उनके फैसले को नहीं बदल सकती। दिल्ली हाईकोर्ट ने एक अहम आदेश में लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे बालिग जोड़े की व्यक्तिगत स्वतंत्रता को संवैधानिक संरक्षण देते हुए साफ किया कि उनकी पसंद में धमकी, हिंसा या जबरन हस्तक्षेप स्वीकार्य नहीं है। हालांकि, कोर्ट ने यह भी स्पष्ट रखा कि लिव-इन रिलेशनशिप को कानूनी विवाह का दर्जा नहीं दिया गया है।

law-order21 अग. 2026 IST
विमल इलायची विज्ञापन पर शाहरुख, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को महाराष्ट्र FDA का नोटिस

विमल इलायची विज्ञापन पर शाहरुख, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को महाराष्ट्र FDA का नोटिस

महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने अभिनेता शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को विमल इलायची के विज्ञापन को लेकर कारण बताओ नोटिस जारी किया है। FDA का आरोप है कि यह विज्ञापन प्रतिबंधित विमल पान मसाला का अप्रत्यक्ष या ‘सरोगेट’ प्रचार हो सकता है। तीनों अभिनेताओं से 15 दिनों के भीतर जवाब मांगा गया है।

law-order16 अग. 2026 IST
आजादी की लड़ाई के ‘कानूनी योद्धाओं’ से युवा वकीलों तक… CJI सूर्यकांत का बड़ा संदेश, बोले- संविधान का वादा जिंदा रखना हमारी जिम्मेदारी

आजादी की लड़ाई के ‘कानूनी योद्धाओं’ से युवा वकीलों तक… CJI सूर्यकांत का बड़ा संदेश, बोले- संविधान का वादा जिंदा रखना हमारी जिम्मेदारी

आजादी की लड़ाई सिर्फ मैदानों में नहीं, अदालतों और कानून की किताबों के बीच भी लड़ी गई थी। इसी ऐतिहासिक विरासत की याद दिलाते हुए स्वतंत्रता दिवस पर CJI सूर्यकांत ने वकीलों को बड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि गांधी, आंबेडकर, पटेल और नेहरू जैसे अनेक कानूनविदों ने देश की आजादी और संवैधानिक भविष्य की नींव मजबूत की। आज लड़ाई बदल गई है—अब कानूनी बिरादरी की जिम्मेदारी है कि संविधान के अधिकारों का वादा हर नागरिक तक पहुंचे और जिनकी आवाज कमजोर है, उनकी आवाज अदालतों में बुलंद हो। युवा वकीलों से CJI ने साफ कहा—अब यह विरासत आपके कंधों पर है।

law-order15 अग. 2026 IST
4 जुलाई को आया वो बिल, जिसने बदल दिया भारत का इतिहास! 18 जुलाई को कानून बना और 15 अगस्त को जन्मे दो आज़ाद देश

4 जुलाई को आया वो बिल, जिसने बदल दिया भारत का इतिहास! 18 जुलाई को कानून बना और 15 अगस्त को जन्मे दो आज़ाद देश

ब्रिटिश संसद में पेश हुआ एक ऐसा विधेयक, जिसने सदियों पुराने ब्रिटिश शासन के अंत की नींव रख दी। महज 14 दिनों के भीतर यह विधेयक कानून बन गया और फिर 15 अगस्त 1947 को इसी कानूनी व्यवस्था के तहत भारत और पाकिस्तान दो स्वतंत्र Dominions के रूप में अस्तित्व में आए। यह सिर्फ एक कानून नहीं था, बल्कि भारतीय इतिहास के सबसे निर्णायक मोड़ों में से एक था।

law-order15 अग. 2026 IST
क्रिकेटर अभिषेक पोरेल को नहीं मिली बेल, 14 दिन की न्यायिक हिरासत l

क्रिकेटर अभिषेक पोरेल को नहीं मिली बेल, 14 दिन की न्यायिक हिरासत l

बंगाल और दिल्ली कैपिटल्स के विकेटकीपर-बल्लेबाज अभिषेक पोरेल को एक युवती की शिकायत से जुड़े मामले में अदालत से राहत नहीं मिली। चिनसुरा कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज करते हुए 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। युवती ने शादी का वादा कर यौन संबंध बनाने और दुर्व्यवहार के आरोप लगाए हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है और अदालत की अगली सुनवाई में मामले की दिशा स्पष्ट होने की उम्मीद है।

law-order15 अग. 2026 IST
नाबालिग को Adult Court में ट्रायल करना पड़ा भारी! सुप्रीम कोर्ट ने कहा- Conviction नहीं होगी खत्म, लेकिन उम्रकैद जैसी सजा नहीं टिकेगी

नाबालिग को Adult Court में ट्रायल करना पड़ा भारी! सुप्रीम कोर्ट ने कहा- Conviction नहीं होगी खत्म, लेकिन उम्रकैद जैसी सजा नहीं टिकेगी

अगर अपराध के वक्त आरोपी नाबालिग था, लेकिन उसे वयस्क मानकर Regular Criminal Court में मुकदमा चला और उम्रकैद सुना दी गई, तो क्या पूरी Conviction ही खत्म हो जाएगी? सुप्रीम कोर्ट ने इस पेचीदा कानूनी सवाल का अहम जवाब दिया है। कोर्ट ने साफ किया कि केवल Juvenile का Adult Court में ट्रायल हो जाने से मेरिट पर हुई Conviction अपने-आप रद्द नहीं होगी, लेकिन नाबालिग पर लगाई गई Adult Sentence जरूर टिक नहीं सकती। Dinesh Kumar v. State of Haryana मामले में सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी की juvenility स्वीकार करते हुए उम्रकैद समेत लगाई गई सजा को प्रभावहीन कर दिया और Juvenile Justice Act की Section 19 के तहत महत्वपूर्ण सुरक्षा भी प्रदान की।

law-order15 अग. 2026 IST
दिव्यांगों पर मजाक पड़ा भारी, फिर ‘सुधार’ बना राहत की वजह! समय रैना समेत 5 कॉमेडियनों की FIR सुप्रीम कोर्ट ने की क्वैश

दिव्यांगों पर मजाक पड़ा भारी, फिर ‘सुधार’ बना राहत की वजह! समय रैना समेत 5 कॉमेडियनों की FIR सुप्रीम कोर्ट ने की क्वैश

कभी मजाक पर मचा बवाल, फिर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती और अब सुधारात्मक कदमों के बाद बड़ी राहत—समय रैना और चार अन्य कॉमेडियनों के मामले में सुप्रीम कोर्ट का शुक्रवार का फैसला बेहद अहम रहा। दिव्यांग व्यक्तियों को लेकर कथित संवेदनहीन टिप्पणियों से जुड़े FIRs को कोर्ट ने क्वैश कर दिया, लेकिन इस राहत के पीछे केवल कानूनी दलीलें नहीं, बल्कि विवाद के बाद किए गए सामाजिक और जागरूकता संबंधी प्रयास भी बड़ी वजह बने। शतरंज टूर्नामेंट से लेकर SMA जागरूकता और आर्थिक सहयोग तक उठाए गए कदमों को CJI सूर्यकांत की अगुवाई वाली पीठ ने रिकॉर्ड पर लिया और उनकी सराहना की।

law-order15 अग. 2026 IST
₹36 हजार के साइबर फ्रॉड में पूरा बैंक अकाउंट फ्रीज! हाईकोर्ट ने कहा- ‘जितनी रकम संदिग्ध, उतनी ही रोक’, बाकी पैसा चलने दो

₹36 हजार के साइबर फ्रॉड में पूरा बैंक अकाउंट फ्रीज! हाईकोर्ट ने कहा- ‘जितनी रकम संदिग्ध, उतनी ही रोक’, बाकी पैसा चलने दो

साइबर फ्रॉड की जांच के नाम पर आपका पूरा बैंक अकाउंट फ्रीज हो जाए और कारोबार तक ठप पड़ जाए, तो क्या यह जायज है? इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस सवाल पर बेहद अहम फैसला सुनाते हुए साफ कर दिया है कि जांच जरूरी है, लेकिन कार्रवाई इतनी व्यापक नहीं हो सकती कि संदिग्ध रकम के साथ-साथ खाताधारक का पूरा वैध पैसा भी अटक जाए।

law-order15 अग. 2026 IST
‘बांझ’ कहकर ताना देना ही 498-A नहीं! इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, पति के खिलाफ आपराधिक केस रद्द

‘बांझ’ कहकर ताना देना ही 498-A नहीं! इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, पति के खिलाफ आपराधिक केस रद्द

बच्चा न होने का दर्द, रिश्ते में बढ़ती कड़वाहट और फिर कोर्ट तक पहुंचा विवाद… लेकिन इलाहाबाद हाईकोर्ट ने साफ कर दिया कि हर वैवाहिक झगड़े को 498-A की ‘क्रूरता’ का नाम नहीं दिया जा सकता। पत्नी को ‘बांझ’ कहकर ताना देने और बच्चे को लेकर हुए विवाद के आधार पर पति के खिलाफ चल रही आपराधिक कार्यवाही पर अदालत ने गंभीरता से गौर किया और पाया कि मामले में आरोप काफी हद तक सामान्य और अस्पष्ट हैं।

law-order15 अग. 2026 IST
जंतर-मंतर के प्रदर्शनकारी को रेप-अगवा करने की धमकी! सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला, CJI सूर्यकांत ने मंगलवार की सुनवाई के लिए किया लिस्ट

जंतर-मंतर के प्रदर्शनकारी को रेप-अगवा करने की धमकी! सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला, CJI सूर्यकांत ने मंगलवार की सुनवाई के लिए किया लिस्ट

जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन से जुड़ा विवाद अब एक बेहद गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। प्रदर्शन में शामिल एक participant ने कथित तौर पर रेप और अपहरण की धमकियों तथा लगातार हो रही ‘विजिलेंटिज्म’ के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। शुक्रवार को CJI सूर्यकांत के सामने मामले का उल्लेख होते ही कोर्ट ने इसे मंगलवार को छात्र प्रदर्शन से जुड़ी अन्य याचिकाओं के साथ सूचीबद्ध करने पर सहमति दे दी। याचिकाकर्ता के वकील ने दावा किया कि कुछ नए वीडियो सामने आए हैं, जिनकी सामग्री इतनी आपत्तिजनक है कि उसे खुले कोर्ट में बताना भी मुश्किल है। अब सबकी नजर मंगलवार की सुनवाई पर है कि सुप्रीम कोर्ट इस गंभीर आरोप पर क्या अंतरिम राहत या सुरक्षा संबंधी निर्देश देता है।

law-order15 अग. 2026 IST
‘NEEM’ को ब्रांड की पहचान बनाना Dabur को पड़ा भारी! Bombay High Court ने Toothpaste Label पर लगाई अंतरिम रोक

‘NEEM’ को ब्रांड की पहचान बनाना Dabur को पड़ा भारी! Bombay High Court ने Toothpaste Label पर लगाई अंतरिम रोक

‘NEEM’ नाम को लेकर Dabur India और Jyothy Labs के बीच चल रही कानूनी लड़ाई में Bombay High Court ने Jyothy Labs के पक्ष में बड़ा अंतरिम आदेश दिया है। Justice Arif S. Doctor ने प्रथम दृष्टया माना कि Dabur के विवादित toothpaste label पर ‘NEEM’ को जिस तरह बड़े और प्रमुख रूप में प्रदर्शित किया गया, वह महज descriptive इस्तेमाल के बजाय brand/source identifier की तरह दिखाई देता है। हालांकि कोर्ट ने ‘NEEM’ शब्द के इस्तेमाल पर पूरी तरह पाबंदी नहीं लगाई है—Dabur descriptive तरीके से ‘NEEM’ का इस्तेमाल कर सकता है।

law-order15 अग. 2026 IST
“छात्रों को शांतिपूर्ण विरोध का पूरा अधिकार”: NALSAR विवाद में CJI Surya Kant का BCI पर कड़ा रुख

“छात्रों को शांतिपूर्ण विरोध का पूरा अधिकार”: NALSAR विवाद में CJI Surya Kant का BCI पर कड़ा रुख

BCI की कार्रवाई पर सुप्रीम कोर्ट ने जताई नाराजगी; CJI Surya Kant बोले—“विरोध गलत भी हो, फिर भी शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठाने का अधिकार कोई नहीं छीन सकता”, NALSAR छात्रों पर दंडात्मक कार्रवाई पर अंतरिम रोक के साथ CJI ने छात्रों को Supreme Court Bar से जुड़ने का भी दिया न्योता।

law-order15 अग. 2026 IST
मूर्ति नहीं बनी, पूजा नहीं हुई तो ‘देवता’ का कानूनी अस्तित्व कैसे? इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, सिर्फ भक्ति से नहीं मिलेगा मुकदमा लड़ने का अधिकार

मूर्ति नहीं बनी, पूजा नहीं हुई तो ‘देवता’ का कानूनी अस्तित्व कैसे? इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, सिर्फ भक्ति से नहीं मिलेगा मुकदमा लड़ने का अधिकार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने देवता की कानूनी हैसियत और श्रद्धालुओं के मुकदमा दायर करने के अधिकार को लेकर अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा कि जब किसी संपत्ति पर जिस देवता की मूर्ति स्थापित करने की बात दस्तावेज में कही गई हो, वह मूर्ति कभी स्थापित या प्राण-प्रतिष्ठित ही न हुई हो, तो उस विशेष मामले में देवता के नाम पर ऐसा ‘ज्यूरिस्टिक पर्सन’ अस्तित्व में नहीं माना जा सकता, जिसके नाम संपत्ति निहित हो। सिर्फ भगवान के प्रति आस्था या भक्ति रखने से कोई व्यक्ति स्वतः उनकी ओर से संपत्ति का मुकदमा लड़ने का कानूनी अधिकार हासिल नहीं कर लेता।

law-order15 अग. 2026 IST
पैकेज्ड फूड पर Warning Label को लेकर सुप्रीम कोर्ट सख्त, FSSAI से पूछा- “लोगों की सेहत जरूरी है या कंपनियों का दबाव?”

पैकेज्ड फूड पर Warning Label को लेकर सुप्रीम कोर्ट सख्त, FSSAI से पूछा- “लोगों की सेहत जरूरी है या कंपनियों का दबाव?”

“आप कॉरपोरेट दबाव में क्यों झुक रहे हैं? क्या आप चाहते हैं कि देश के लोग स्वस्थ न रहें?”—पैकेज्ड फूड में ज्यादा चीनी, नमक और सैचुरेटेड फैट को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने FSSAI पर बेहद तीखी टिप्पणी की। जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस के.वी. विश्वनाथन की पीठ ने साफ कहा कि मामला किसी खास खाद्य उत्पाद के खिलाफ नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं और खासकर बच्चों को यह जानने का अधिकार देने का है कि वे क्या खा रहे हैं। कोर्ट ने FSSAI और केंद्र को दो सप्ताह का समय देते हुए संकेत दिया कि अब फैसला नहीं हुआ तो अदालत खुद आगे का आदेश पारित कर सकती है।

law-order13 अग. 2026 IST
वर्षों तक नहीं हो रही सुनवाई! उपभोक्ता आयोगों की कार्यप्रणाली पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, फैसलों की गुणवत्ता पर भी उठे सवाल

वर्षों तक नहीं हो रही सुनवाई! उपभोक्ता आयोगों की कार्यप्रणाली पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, फैसलों की गुणवत्ता पर भी उठे सवाल

उपभोक्ता को जल्द न्याय दिलाने के लिए बनी व्यवस्था अगर सालों तक तारीखों में उलझी रहे, तो सवाल उठना लाजिमी है। इसी गंभीर स्थिति पर सुप्रीम कोर्ट ने 13 अगस्त को कड़ा रुख अपनाया। CJI सूर्यकांत की अगुवाई वाली पीठ ने कहा कि कई मामलों में वर्षों तक सुनवाई नहीं हो रही है। इतना ही नहीं, जिला उपभोक्ता आयोगों में फैसलों की गुणवत्ता को लेकर भी अदालत ने “क्वालिटी क्राइसिस” की बात कही। अब सुप्रीम कोर्ट ने NCDRC से देशभर की पेंडेंसी, सबसे पुराने मामलों और मामलों के निपटारे की स्थिति पर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।

law-order13 अग. 2026 IST
‘दोषी फिर अपराध नहीं करेगा’ की 100% गारंटी कैसे? बॉम्बे हाईकोर्ट ने ‘Absolute Certainty’ का पैमाना ठुकराया, करीब 20 साल जेल में रहे दोषियों की समयपूर्व रिहाई का रास्ता खुला

‘दोषी फिर अपराध नहीं करेगा’ की 100% गारंटी कैसे? बॉम्बे हाईकोर्ट ने ‘Absolute Certainty’ का पैमाना ठुकराया, करीब 20 साल जेल में रहे दोषियों की समयपूर्व रिहाई का रास्ता खुला

“क्या किसी कैदी के भविष्य की 100% गारंटी दी जा सकती है?” इसी सवाल पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने बेहद अहम टिप्पणी करते हुए कहा कि किसी दोषी के दोबारा अपराध न करने की ‘Absolute Certainty’ मांगना अव्यावहारिक है। अदालत ने साफ कहा कि अगर ऐसी गारंटी को रिहाई की शर्त बना दिया गया, तो कोई भी दोषी कभी जेल से बाहर नहीं आ सकेगा। करीब दो दशक से जेल में बंद दोषियों की समयपूर्व रिहाई के मामले में आए इस फैसले ने सजा, सुधार और समाज में पुनर्वास के बीच संतुलन को लेकर बड़ी कानूनी बहस छेड़ दी है।

law-order13 अग. 2026 IST
डिक्री को ‘शून्य’ बताकर अलग मुकदमा? बॉम्बे हाईकोर्ट ने साफ किया रास्ता, Execution Court में ही उठानी होगी आपत्ति

डिक्री को ‘शून्य’ बताकर अलग मुकदमा? बॉम्बे हाईकोर्ट ने साफ किया रास्ता, Execution Court में ही उठानी होगी आपत्ति

किसी सिविल डिक्री को सिर्फ यह कहकर कि मूल मुकदमा Abatement के कारण खत्म हो चुका था, अलग से नया मुकदमा दाखिल कर चुनौती नहीं दी जा सकती। बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में साफ कर दिया है कि अगर विवाद सीधे डिक्री के Execution से जुड़ा है, तो उसकी सुनवाई Execution Court में ही होगी। कोर्ट ने Section 47 CPC और Order XXI Rules 97 व 101 की अहमियत बताते हुए कहा कि डिक्री को “Nullity” बताने से CPC में तय Execution प्रक्रिया को दरकिनार नहीं किया जा सकता। फैसला सिविल मुकदमों में बार-बार होने वाली समानांतर मुकदमेबाजी पर रोक लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

law-order13 अग. 2026 IST
मां से रेप के दोषी बेटे पर कोर्ट का कड़ा फैसला, 15 साल की सजा बरकरार; गुवाहाटी HC बोला- पारिवारिक भरोसा तोड़ने वाली यौन हिंसा पर नरमी नहीं

मां से रेप के दोषी बेटे पर कोर्ट का कड़ा फैसला, 15 साल की सजा बरकरार; गुवाहाटी HC बोला- पारिवारिक भरोसा तोड़ने वाली यौन हिंसा पर नरमी नहीं

जिस रिश्ते में मां को अपने बेटे से सुरक्षा और भरोसे की उम्मीद होती है, उसी रिश्ते के टूटने के मामले में गुवाहाटी हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। 29 जुलाई 2026 के अपने फैसले में हाईकोर्ट ने मां से बलात्कार के दोषी 33 वर्षीय बेटे की 15 साल की कठोर कारावास की सजा बरकरार रखते हुए उसकी अपील खारिज कर दी। अदालत ने सुप्रीम कोर्ट की उस टिप्पणी का भी हवाला दिया, जिसमें पारिवारिक रिश्तों के भीतर होने वाली यौन हिंसा को विश्वास की बुनियाद पर गंभीर हमला माना गया है।

law-order13 अग. 2026 IST
राहुल गांधी के खिलाफ CBI-ED जांच पर अब सुप्रीम कोर्ट में ‘आर-पार’! इलाहाबाद HC के आदेश को दी चुनौती

राहुल गांधी के खिलाफ CBI-ED जांच पर अब सुप्रीम कोर्ट में ‘आर-पार’! इलाहाबाद HC के आदेश को दी चुनौती

राहुल गांधी से जुड़े कथित आय से अधिक संपत्ति के मामले ने अब सुप्रीम कोर्ट का रुख कर लिया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस आदेश के खिलाफ राहुल गांधी ने शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया है, जिसमें CBI और ED को शिकायत में लगाए गए आरोपों को कानून के मुताबिक verify करने और कार्रवाई की प्रगति बताने को कहा गया था। राहुल गांधी ने मामले को इलाहाबाद हाईकोर्ट से दिल्ली हाईकोर्ट ट्रांसफर करने की मांग भी की है। अब 17 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट की नजर इस हाई-प्रोफाइल मामले की अगली कानूनी दिशा तय करने पर होगी।

law-order13 अग. 2026 IST
नेताजी पर टिप्पणी विवाद में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा रुख, BJP सांसद के खिलाफ Suo Motu केस से इनकार

नेताजी पर टिप्पणी विवाद में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा रुख, BJP सांसद के खिलाफ Suo Motu केस से इनकार

नेताजी सुभाष चंद्र बोस पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेने से इनकार कर दिया। CJI सूर्यकांत की अगुवाई वाली पीठ ने कहा कि यदि किसी सक्षम वकील को मामला गंभीर लगता है तो वह कानून के तहत उचित याचिका दाखिल कर सकता है। वहीं जस्टिस जॉयमाल्य बागची ने स्पष्ट किया कि हेट स्पीच के आरोपों की जांच स्थापित कानूनी सिद्धांतों के आधार पर की जाएगी।

law-order13 अग. 2026 IST
12 अगस्त 2026: जस्टिस यशवंत वर्मा पर संसदीय समिति का बड़ा फैसला, कैश कांड के तीनों आरोप साबित

12 अगस्त 2026: जस्टिस यशवंत वर्मा पर संसदीय समिति का बड़ा फैसला, कैश कांड के तीनों आरोप साबित

# आकर्षक इंट्रो संसद में पेश हुई जांच रिपोर्ट ने पूर्व जज जस्टिस यशवंत वर्मा के आवास से मिले भारी मात्रा में नकदी के मामले को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है। जांच समिति ने अस्पष्टीकृत कैश, सबूतों से कथित छेड़छाड़ और पूछे गए सवालों पर टालमटोल वाले जवाबों को लेकर गंभीर टिप्पणियां की हैं। रिपोर्ट के सामने आने के बाद अब इस पूरे मामले में न्यायपालिका की जवाबदेही और पारदर्शिता को लेकर भी बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।

law-order13 अग. 2026 IST
Law Students को बड़ी राहत! कम Attendance पर Semester Exam से नहीं रोक सकेंगे, Bombay HC ने SC के आदेश का खोला पूरा दायरा

Law Students को बड़ी राहत! कम Attendance पर Semester Exam से नहीं रोक सकेंगे, Bombay HC ने SC के आदेश का खोला पूरा दायरा

कम Attendance की वजह से Exam Hall से बाहर हुए Law Students के लिए बड़ी राहत की खबर है। Bombay High Court ने Supreme Court की One-Time Protection की सीमा साफ करते हुए कहा है कि राहत सिर्फ Final Year तक सीमित नहीं है। 2025-26 में किसी भी Semester की परीक्षा से केवल Attendance Shortage के कारण रोके गए पात्र छात्रों को भी इसका लाभ मिल सकता है। यानी कम Attendance के चलते जिन छात्रों का Academic Year दांव पर लगा था, उनके लिए हाईकोर्ट का यह फैसला बड़ी राहत बनकर सामने आया है।

law-order12 अग. 2026 IST
टिटागढ़ में मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटे, कार्रवाई पर विवाद; हाई कोर्ट में PIL l

टिटागढ़ में मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटे, कार्रवाई पर विवाद; हाई कोर्ट में PIL l

पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के टिटागढ़ इलाके में प्रशासन के निर्देश के बाद कई मस्जिदों से लाउडस्पीकर और माइक्रोफोन हटाए जाने का मामला सामने आया है। टिटागढ़ पुलिस स्टेशन की टीम ने पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में यह कार्रवाई की। प्रशासन और पुलिस का कहना है कि कार्रवाई ध्वनि प्रदूषण से जुड़े नियमों और अदालतों व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के दिशा-निर्देशों के तहत की जा रही है और इसका उद्देश्य किसी विशेष धर्म या समुदाय को निशाना बनाना नहीं है। दूसरी ओर, मुस्लिम संगठनों और स्थानीय नेताओं ने आरोप लगाया है कि उन्हें कार्रवाई से पहले कोई स्पष्ट लिखित आदेश या सरकारी अधिसूचना नहीं दी गई और मुख्य रूप से मौखिक निर्देश दिए गए। संगठनों ने कार्रवाई के आधार को सार्वजनिक करने और स्पष्ट SOP जारी करने की मांग की है। मामले को लेकर कलकत्ता हाई कोर्ट में जनहित याचिका (PIL) भी दायर की गई है, जिसमें कार्रवाई की प्रक्रिया और संबंधित नियमों को स्पष्ट करने की मांग की गई है।

law-order12 अग. 2026 IST
नाबालिग से रेप केस में बरी आरोपी को बड़ा झटका, बॉम्बे हाईकोर्ट ने पलटा निचली अदालत का फैसला

नाबालिग से रेप केस में बरी आरोपी को बड़ा झटका, बॉम्बे हाईकोर्ट ने पलटा निचली अदालत का फैसला

नाबालिग पीड़िता के यौन अपराध से जुड़े एक मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद बेंच ने निचली अदालत के बरी करने के फैसले को पलटते हुए आरोपी को दोषी ठहराने का रास्ता साफ कर दिया। अदालत ने पीड़िता की गवाही और मामले में सामने आए साक्ष्यों का मूल्यांकन करते हुए कहा कि केवल मामूली विसंगतियों के आधार पर विश्वसनीय बाल पीड़िता की गवाही को खारिज नहीं किया जा सकता। यह फैसला नाबालिग पीड़िताओं की गवाही और रेप मामलों में साक्ष्यों के न्यायिक मूल्यांकन के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

law-order12 अग. 2026 IST
कृष्ण जन्मभूमि विवाद में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा ‘टर्निंग पॉइंट’! भक्तों का प्रतिनिधित्व किसे? SC ने हाईकोर्ट को मामला लौटाने के दिए संकेत

कृष्ण जन्मभूमि विवाद में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा ‘टर्निंग पॉइंट’! भक्तों का प्रतिनिधित्व किसे? SC ने हाईकोर्ट को मामला लौटाने के दिए संकेत

मथुरा के कृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह विवाद में सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई ने एक बार फिर हलचल तेज कर दी है। 12 अगस्त को जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस संजीव सचदेवा की पीठ ने साफ संकेत दिया कि भगवान श्रीकृष्ण के भक्तों का प्रतिनिधित्व करने वाले मुकदमे को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला दोबारा जांच के लिए वापस भेजा जा सकता है। कोर्ट की आपत्ति इस बात पर है कि सभी संबंधित वादियों को यह स्पष्ट मौका दिए बिना प्रतिनिधि वाद का सवाल कैसे तय कर दिया गया। हालांकि, अभी कोई अंतिम remand order नहीं हुआ है—मामले की अगली सुनवाई 2 सितंबर को होगी।

law-order12 अग. 2026 IST
बोधगया मंदिर विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा अपडेट, 6 अक्टूबर तक टली सुनवाई; Sabarimala के 9-जजों के फैसले पर टिकी नजर

बोधगया मंदिर विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा अपडेट, 6 अक्टूबर तक टली सुनवाई; Sabarimala के 9-जजों के फैसले पर टिकी नजर

महाबोधि मंदिर से जुड़े दशकों पुराने कानूनी विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल बड़ा फैसला टाल दिया है। बोधगया मंदिर अधिनियम, 1949 की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर अब 6 अक्टूबर 2026 को सुनवाई होगी। इस बीच सुप्रीम कोर्ट की 9-जजों वाली Sabarimala Constitution Bench के फैसले पर सबकी नजर रहेगी, क्योंकि उसी के बाद बोधगया मामले में आगे की सुनवाई की दिशा और कानूनी तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने यह नहीं कहा है कि Sabarimala का फैसला 6 अक्टूबर को ही आएगा।

law-order12 अग. 2026 IST
सुप्रीम कोर्ट में अब 38 जजों की मंजूर संख्या, राष्ट्रपति ने 11 अगस्त को दी मंजूरी; Constitution Bench के बढ़ते दबाव के बीच बड़ा बदलाव

सुप्रीम कोर्ट में अब 38 जजों की मंजूर संख्या, राष्ट्रपति ने 11 अगस्त को दी मंजूरी; Constitution Bench के बढ़ते दबाव के बीच बड़ा बदलाव

सुप्रीम कोर्ट की ताकत बढ़ाने वाले ऐतिहासिक फैसले पर अब राष्ट्रपति की मुहर लग गई है। 11 अगस्त 2026 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी के बाद सुप्रीम कोर्ट में CJI समेत जजों की स्वीकृत संख्या 38 हो गई है। लंबे समय से बढ़ते मुकदमों के बोझ और Constitution Benches के कारण नियमित सुनवाई पर पड़ रहे दबाव के बीच यह बदलाव न्यायिक व्यवस्था के लिए बड़ा कदम माना जा रहा है। खास बात यह है कि इस पूरी कवायद की शुरुआत CJI Surya Kant की पहल से हुई थी, जिन्होंने मई में प्रधानमंत्री से सुप्रीम कोर्ट की न्यायिक क्षमता बढ़ाने का अनुरोध किया था।

law-order12 अग. 2026 IST
हिरासत में मौत पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, छत्तीसगढ़ पुलिस से छीनी जांच CBI को सौंपी; परिवार को ₹25 लाख मुआवजा

हिरासत में मौत पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, छत्तीसगढ़ पुलिस से छीनी जांच CBI को सौंपी; परिवार को ₹25 लाख मुआवजा

छत्तीसगढ़ में कथित तौर पर महज ₹1,200 की शराब के मामले में गिरफ्तार 34 वर्षीय श्रवण सूर्यवंशी की हिरासत में मौत ने अब पूरे पुलिस तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गिरफ्तारी के बाद अस्पताल में मौत, न्यायिक जांच में सिर की चोट का खुलासा और फिर FIR दर्ज करने में दो साल से अधिक की देरी—इन परिस्थितियों को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने राज्य पुलिस से जांच लेकर CBI को सौंप दी है। Justice Vikram Nath और Justice Sandeep Mehta की पीठ ने मृतक के परिवार को ₹25 लाख का अंतरिम मुआवजा देने के साथ यह भी निर्देश दिया है कि जांच में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाए।

law-order12 अग. 2026 IST
सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: अनजाने में छिपे आपराधिक मामले पर नहीं जा सकती नौकरी, बर्खास्तगी से पहले जांच जरूरी

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: अनजाने में छिपे आपराधिक मामले पर नहीं जा सकती नौकरी, बर्खास्तगी से पहले जांच जरूरी

नौकरी के सत्यापन फॉर्म में आपराधिक मामले की जानकारी छिपाने के आरोप में बर्खास्त किए गए कर्मचारी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने साफ किया कि सिर्फ पुलिस रिकॉर्ड में किसी पुराने आपराधिक मामले का नाम सामने आ जाना नौकरी खत्म करने के लिए पर्याप्त नहीं है। पहले यह साबित करना होगा कि कर्मचारी को उस मामले की जानकारी थी और उसने जानबूझकर उसे छिपाया। शत्रुघ्न यादव के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बर्खास्तगी को अवैध मानते हुए उन्हें नौकरी पर वापस लेने का आदेश दिया और 50 प्रतिशत back wages देने का निर्देश दिया।

law-order12 अग. 2026 IST
12वीं सदी के कोपेश्वर मंदिर पर हाईकोर्ट की बड़ी नजर, ₹101 करोड़ के संरक्षण फंड से ₹22 करोड़ के खर्च तक उठे सवाल; 5 वकीलों की समिति करेगी जांच

12वीं सदी के कोपेश्वर मंदिर पर हाईकोर्ट की बड़ी नजर, ₹101 करोड़ के संरक्षण फंड से ₹22 करोड़ के खर्च तक उठे सवाल; 5 वकीलों की समिति करेगी जांच

सदियों पुरानी विरासत को बचाने के लिए अब बॉम्बे हाईकोर्ट ने खुद निगरानी तेज कर दी है। कोल्हापुर के खिद्रापुर स्थित 12वीं सदी के कोपेश्वर मंदिर की दरारों, पानी के रिसाव, बाढ़ से हुए नुकसान और संरक्षण कार्यों के बीच करोड़ों रुपये के खर्च पर उठे सवालों ने मामले को गंभीर बना दिया है। हाईकोर्ट ने अब पांच अधिवक्ताओं की स्वतंत्र समिति बनाकर मंदिर का मौके पर निरीक्षण कराने का फैसला किया है। समिति की रिपोर्ट बताएगी कि मंदिर की जमीनी हालत क्या है, संरक्षण कार्य कितने प्रभावी हैं और करोड़ों रुपये की योजनाओं में प्राथमिकता वास्तव में ऐतिहासिक मंदिर को मिल रही है या नहीं।

law-order11 अग. 2026 IST
लखनऊ: पुलिस हिरासत से फरार चोरी का आरोपी 24 घंटे में गिरफ्तार, शौचालय जाने के बहाने दिया था चकमा

लखनऊ: पुलिस हिरासत से फरार चोरी का आरोपी 24 घंटे में गिरफ्तार, शौचालय जाने के बहाने दिया था चकमा

लखनऊ के ठाकुरगंज थाने से पुलिस अभिरक्षा में फरार हुआ चोरी का आरोपी मो. शानू उर्फ मो. समद करीब 24 घंटे बाद पुलिस के हत्थे चढ़ गया। पुलिस ने चौपटिया रोड पर घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार किया। आरोपी के फरार होने के मामले में ड्यूटी पर तैनात सिपाही अजीत कुमार के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है।

law-order11 अग. 2026 IST
Old Monk-McDowell’s पर FSSAI का शिकंजा! Bombay HC में पहुंचा मामला, निर्माता बोला- रोजाना ₹1 करोड़ का नुकसान

Old Monk-McDowell’s पर FSSAI का शिकंजा! Bombay HC में पहुंचा मामला, निर्माता बोला- रोजाना ₹1 करोड़ का नुकसान

देश की सबसे चर्चित रम ब्रांड्स में शामिल Old Monk और McDowell’s No. 1 Celebration Matured Rum को लेकर विवाद अब बॉम्बे हाईकोर्ट पहुंच गया है। FSSAI की regulatory कार्रवाई को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर 10 अगस्त को सुनवाई हुई, जिसमें अदालत ने खाद्य नियामक से जवाब मांगा है। सबसे बड़ा दावा Old Monk के निर्माता की ओर से सामने आया, जिसने कार्रवाई के चलते करीब ₹1 करोड़ रोजाना नुकसान होने की बात अदालत के सामने रखी।

law-order11 अग. 2026 IST
गाजीपुर में पुलिस मुठभेड़: मूक-बधिर किशोरी के अपहरण का आरोपी गिरफ्तार, पैर में लगी गोली

गाजीपुर में पुलिस मुठभेड़: मूक-बधिर किशोरी के अपहरण का आरोपी गिरफ्तार, पैर में लगी गोली

गाजीपुर के मुहम्मदाबाद क्षेत्र में पुलिस ने अपहरण के एक मामले में फरार चल रहे ₹25 हजार के इनामी आरोपी को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने टीम पर फायरिंग कर भागने की कोशिश की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी। मामले में उसका एक साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया।

law-order11 अग. 2026 IST
लोन गारंटर सावधान! कर्जदार के डिफॉल्ट पर बैंक सीधे गारंटर से कर सकता है वसूली, इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

लोन गारंटर सावधान! कर्जदार के डिफॉल्ट पर बैंक सीधे गारंटर से कर सकता है वसूली, इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

अगर आपने किसी के बैंक लोन में गारंटर बनकर हस्ताक्षर किए हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद अहम है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने Vineet Pandey बनाम State of U.P. मामले में गारंटर की जिम्मेदारी को लेकर महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि कर्ज की अदायगी में डिफॉल्ट होने पर गारंटर की देनदारी केवल औपचारिक नहीं रहती, बल्कि कानून के तहत वह कर्जदार के साथ अपनी गारंटी के दायरे में भुगतान के लिए जिम्मेदार हो सकता है। मामले में वेतन से ₹10,000 की कटौती को चुनौती दी गई थी, जिस पर कोर्ट ने गारंटर की वैधानिक जिम्मेदारी और बैंक की वसूली के अधिकार से जुड़े महत्वपूर्ण कानूनी सिद्धांतों पर विचार किया।

law-order11 अग. 2026 IST
हाइड्रोपोनिक वीड भी ‘गांजा’, खेती का तरीका नहीं बदलेगा कानून! इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 2.3 किलो बरामदगी में दी जमानत

हाइड्रोपोनिक वीड भी ‘गांजा’, खेती का तरीका नहीं बदलेगा कानून! इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 2.3 किलो बरामदगी में दी जमानत

मिट्टी के बजाय पानी और पोषक तत्वों के घोल में उगाई गई Cannabis को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अहम कानूनी तस्वीर साफ कर दी है। कोर्ट ने कहा कि Hydroponic तरीके से उगाने से Cannabis की कानूनी पहचान नहीं बदलती—यानी पौधा मिट्टी में उगा हो या पानी में, केवल खेती का तरीका बदलने से वह NDPS Act के दायरे से बाहर नहीं हो जाता। यह टिप्पणी मोहम्मद इदरीश की जमानत याचिका पर आई, जिसके पास से कथित तौर पर 2 किलो 300 ग्राम Hydroponic Weed बरामद हुई थी। जस्टिस कृष्ण पहल ने 4 अगस्त 2026 के आदेश में recovery को commercial quantity से कम होने सहित मामले की अन्य परिस्थितियों को देखते हुए आरोपी को bail दे दी।

law-order11 अग. 2026 IST
धर्म बदला तो पिता ने बेटियों को घर में किया कैद! इलाहाबाद HC का बड़ा फैसला- ‘बालिग की जिंदगी पर परिवार का अधिकार नहीं’, 25 लाख मुआवजे का आदेश

धर्म बदला तो पिता ने बेटियों को घर में किया कैद! इलाहाबाद HC का बड़ा फैसला- ‘बालिग की जिंदगी पर परिवार का अधिकार नहीं’, 25 लाख मुआवजे का आदेश

इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक अहम फैसले ने धर्म, परिवार और व्यक्तिगत आजादी से जुड़े सवालों को फिर सुर्खियों में ला दिया है। दो बालिग महिलाओं ने अदालत के सामने आरोप लगाया कि धर्म परिवर्तन के बाद उनके पिता ने उन्हें उनकी इच्छा के खिलाफ घर में रोककर रखा। मामला हाईकोर्ट पहुंचा तो अदालत ने दोनों महिलाओं से खुद बातचीत की और उनकी इच्छा को प्राथमिकता देते हुए उन्हें अपनी पसंद से रहने की आजादी दी। कोर्ट ने कथित अवैध हिरासत को गंभीरता से लेते हुए पिता और उत्तर प्रदेश सरकार को संयुक्त रूप से 25 लाख रुपये मुआवजा देने का भी आदेश दिया। हालांकि, कोर्ट ने यह साफ किया कि उसने धर्म परिवर्तन को वैध घोषित नहीं किया है; फैसला मुख्य रूप से बालिग व्यक्ति की व्यक्तिगत स्वतंत्रता और कथित अवैध हिरासत के सवाल पर है।

law-order11 अग. 2026 IST
गुमशुदगी की शिकायत पर अब नहीं चलेगी पुलिस की देरी! सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश, हर उम्र के ‘Person’ पर तुरंत FIR, लापरवाही पर अफसरों को Contempt

गुमशुदगी की शिकायत पर अब नहीं चलेगी पुलिस की देरी! सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश, हर उम्र के ‘Person’ पर तुरंत FIR, लापरवाही पर अफसरों को Contempt

अब किसी के लापता होने पर पुलिस की ‘पहले जांच करेंगे, फिर FIR होगी’ वाली कहानी नहीं चलेगी! सुप्रीम कोर्ट ने गुमशुदगी के मामलों पर बड़ा और सख्त आदेश देते हुए साफ कर दिया है कि ‘Person’ का मतलब सिर्फ बच्चा नहीं, बल्कि हर उम्र और हर लिंग का गुमशुदा व्यक्ति है। 5 अगस्त 2026 को जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस आर. महादेवन की पीठ ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को आदेश का सख्ती से पालन करने की चेतावनी दी है। लापरवाही हुई तो Chief Secretary और DGP तक को Contempt का सामना करना पड़ सकता है।

law-order11 अग. 2026 IST
26 साल की कानूनी जंग का अंत! शौर्य चक्र विजेता की विधवा के हक में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, केंद्र को देने होंगे ₹10 लाख

26 साल की कानूनी जंग का अंत! शौर्य चक्र विजेता की विधवा के हक में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, केंद्र को देने होंगे ₹10 लाख

देश के लिए जान कुर्बान करने वाले शौर्य चक्र विजेता GREF अधिकारी मोहन सिंह की विधवा को 26 साल बाद सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। ड्यूटी के दौरान दूसरों की जान बचाते हुए मोहन सिंह की मौत हुई थी, लेकिन उनकी पत्नी को Extraordinary Pension के लिए वर्षों तक कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ी। अब 5 अगस्त 2026 को जस्टिस के.वी. विश्वनाथन और जस्टिस अरुण पल्ला की पीठ ने 13 जुलाई 2000 से 12 जुलाई 2015 की अवधि के लिए ₹10 लाख की consolidated राशि देने का आदेश दिया है। कोर्ट ने यह राहत संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत मामले की असाधारण परिस्थितियों को देखते हुए दी।

law-order11 अग. 2026 IST
सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: 20 लोगों की उम्रकैद पर नहीं लगी मुहर, बॉम्बे HC का बरी करने वाला फैसला बरकरार

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: 20 लोगों की उम्रकैद पर नहीं लगी मुहर, बॉम्बे HC का बरी करने वाला फैसला बरकरार

एक हत्या, 23 आरोपी, 20 को उम्रकैद और फिर हाईकोर्ट से सभी बरी… अब सुप्रीम कोर्ट ने भी ऐसा फैसला सुनाया है जिसने पूरे मामले की दिशा ही बदल दी। 2014 के महाराष्ट्र के वाशिम हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट ने 20 आरोपियों की उम्रकैद बहाल करने की मांग ठुकराते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट के बरी करने के फैसले में दखल देने से इनकार कर दिया। गवाहों के बयानों में असाधारण समानता से लेकर मेडिकल सबूतों से टकराव, स्वतंत्र गवाहों की गैर-मौजूदगी और जांच की खामियों तक—ऐसे कई सवाल सामने आए, जिनके चलते अभियोजन की कहानी पर ही संदेह गहराता गया। अब सवाल सिर्फ यह नहीं कि हत्या कैसे हुई, बल्कि यह है कि क्या अभियोजन हर आरोपी की भूमिका को अदालत के सामने संदेह से परे साबित कर पाया था?

law-order10 अग. 2026 IST
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम का बड़ा फैसला: 4 हाईकोर्ट को मिलेंगे नए चीफ जस्टिस, इन 4 जजों के नाम पर लगी मुहर

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम का बड़ा फैसला: 4 हाईकोर्ट को मिलेंगे नए चीफ जस्टिस, इन 4 जजों के नाम पर लगी मुहर

देश की न्यायपालिका में बड़े बदलाव की तैयारी शुरू हो गई है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने चार हाईकोर्ट के लिए नए चीफ जस्टिस की नियुक्ति की सिफारिश कर दी है। 6 अगस्त 2026 को हुई कॉलेजियम की बैठक में जस्टिस वी. कामेश्वर राव, जस्टिस रविंद्र वी. घुगे, जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी और जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा के नामों की सिफारिश की गई। खास बात यह है कि इनमें दो जज उस समय Acting Chief Justice की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। हालांकि, अभी इसे अंतिम नियुक्ति नहीं माना जा सकता—कॉलेजियम की सिफारिश के बाद केंद्र सरकार और राष्ट्रपति की संवैधानिक प्रक्रिया पूरी होना बाकी है।

law-order10 अग. 2026 IST
TV Today को सुप्रीम कोर्ट का झटका: ‘Public Function नहीं करते’ वाली दलील खारिज, नाबालिग की निजता भंग पर ₹5 लाख मुआवजा बरकरार

TV Today को सुप्रीम कोर्ट का झटका: ‘Public Function नहीं करते’ वाली दलील खारिज, नाबालिग की निजता भंग पर ₹5 लाख मुआवजा बरकरार

‘हम Public Function नहीं करते’—TV Today की यह दलील सुप्रीम कोर्ट में नहीं चली। नाबालिग यौन अपराध पीड़िता की पहचान उजागर होने के मामले में ₹5 लाख मुआवजे के खिलाफ TV Today Network की याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को खारिज कर दिया। सुनवाई के दौरान अदालत ने मीडिया की संवैधानिक भूमिका पर ऐसी टिप्पणियां कीं, जो आने वाले समय में निजी मीडिया संस्थानों के खिलाफ Article 226 की कार्यवाही को लेकर महत्वपूर्ण मानी जा सकती हैं। जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने Public Function और Sovereign Function के बीच अंतर समझाया, जबकि CJI सूर्यकांत ने कहा कि मीडिया को सार्वजनिक महत्व की अपनी भूमिका स्वीकार करने में संकोच नहीं करना चाहिए।

law-order10 अग. 2026 IST
अदालत की रोक के बावजूद ‘खादी महोत्सव’, बॉम्बे हाईकोर्ट ने माना आदेश का उल्लंघन; ₹2.5 लाख की litigation costs

अदालत की रोक के बावजूद ‘खादी महोत्सव’, बॉम्बे हाईकोर्ट ने माना आदेश का उल्लंघन; ₹2.5 लाख की litigation costs

‘KHADI’ नाम और KVIC के ट्रेडमार्क/चरखा लोगो के इस्तेमाल से जुड़े विवाद में बॉम्बे हाईकोर्ट का फैसला ट्रेडमार्क के साथ-साथ अदालत के अंतरिम आदेशों के पालन के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। कोर्ट ने ‘Khadi Mahotsav 2.0’ से जुड़े मामले में 2022 के injunction के उल्लंघन को स्वीकार करते हुए ₹2.5 लाख की litigation costs का आदेश दिया। साथ ही अदालत ने Order XXXIX Rule 2A CPC के तहत उपलब्ध कठोर उपायों—जैसे संपत्ति कुर्की या सिविल जेल—को इस मामले में आवश्यक नहीं माना।

law-order10 अग. 2026 IST
फर्जी डिग्री से वकालत या अपराध का नेटवर्क? यूपी में हाईकोर्ट की बड़ी कार्रवाई, 105 अधिवक्ताओं पर FIR के आदेश से मचा हड़कंप

फर्जी डिग्री से वकालत या अपराध का नेटवर्क? यूपी में हाईकोर्ट की बड़ी कार्रवाई, 105 अधिवक्ताओं पर FIR के आदेश से मचा हड़कंप

जिस पेशे से कानून और न्याय की रक्षा की उम्मीद की जाती है, उसी में फर्जी डिग्री और आपराधिक मामलों से जुड़े अधिवक्ताओं के आंकड़ों ने उत्तर प्रदेश में हलचल मचा दी है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के सामने रखी गई रिपोर्ट में 4,157 अधिवक्ताओं से जुड़े 5,056 आपराधिक मामलों का खुलासा हुआ। इतना ही नहीं, सत्यापन के दौरान 105 अधिवक्ताओं की शैक्षणिक योग्यताएं फर्जी पाई गईं, जिनके खिलाफ FIR दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। अब हाईकोर्ट की नजर करीब 5.37 लाख अधिवक्ताओं के रिकॉर्ड के व्यापक ऑडिट पर है।

law-order10 अग. 2026 IST
कल्याण कोर्ट का बड़ा आदेश: वकील की फीस दबाना पड़ा भारी! 35 हजार रुपये पर 6% ब्याज, एक महीने में भुगतान का निर्देश

कल्याण कोर्ट का बड़ा आदेश: वकील की फीस दबाना पड़ा भारी! 35 हजार रुपये पर 6% ब्याज, एक महीने में भुगतान का निर्देश

कल्याण कोर्ट से वकील की फीस को लेकर आया यह फैसला सीधे तौर पर मुवक्किलों के लिए भी बड़ा संदेश देता है। 50 हजार रुपये की तय फीस में से सिर्फ 15 हजार रुपये देने और बाकी 35 हजार रुपये का भुगतान नहीं करने का विवाद आखिरकार अदालत पहुंचा। मुवक्किल के सुनवाई में पेश नहीं होने के बाद मामला एकतरफा चला और अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर बकाया फीस चुकाने का आदेश दिया। अब सिर्फ 35 हजार रुपये ही नहीं, बल्कि उस पर 6 प्रतिशत सालाना ब्याज भी देना होगा। अदालत ने पूरी रकम एक महीने के भीतर चुकाने का निर्देश दिया है।

law-order10 अग. 2026 IST
महाराष्ट्र में हाउसिंग सोसाइटियों के नए नियम लागू: जानिए आपके मेंटेनेंस और जेब पर क्या पड़ेगा असर!

महाराष्ट्र में हाउसिंग सोसाइटियों के नए नियम लागू: जानिए आपके मेंटेनेंस और जेब पर क्या पड़ेगा असर!

महाराष्ट्र के लाखों फ्लैट धारकों और सोसाइटी मैनेजमेंट के लिए बड़े बदलाव का नया दौर शुरू हो गया है! राज्य सरकार ने 'महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव सोसाइटीज (अमेंडमेंट) रूल्स, 2026' के जरिए हाउसिंग सोसाइटियों के लिए अलग और सख्त चैप्टर लागू कर दिया है। सर्विस चार्ज, सिंकिंग फंड और पेनल्टी ब्याज को लेकर बने ये नए नियम आपकी सोसाइटी के कामकाज को पूरी तरह बदलने वाले हैं

law-order08 अग. 2026 IST
महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला: CAT में पैरवी करने वाले वकीलों की फीस बढ़ी, 3 अगस्त से नई दरें लागू

महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला: CAT में पैरवी करने वाले वकीलों की फीस बढ़ी, 3 अगस्त से नई दरें लागू

महाराष्ट्र सरकार ने केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (CAT) में अखिल भारतीय सेवा अधिकारियों से जुड़े सेवा मामलों की पैरवी करने वाले पैनल वकीलों की फीस में बड़ा संशोधन किया है। सामान्य प्रशासन विभाग के 3 अगस्त 2026 के शासन निर्णय के बाद ‘A’ और ‘B’ पैनल के वकीलों के लिए अलग-अलग नई फीस दरें लागू हो गई हैं। अंतिम सुनवाई से लेकर हलफनामे, लिखित जवाब और कानूनी सलाह तक के लिए अब पहले से संशोधित दरों के अनुसार भुगतान किया जाएगा।

law-order08 अग. 2026 IST
गोरखपुर जिला जेल से दुष्कर्म और अपहरण का आरोपी फरार, खेत में काम के दौरान सुरक्षा को चकमा देकर भागा

गोरखपुर जिला जेल से दुष्कर्म और अपहरण का आरोपी फरार, खेत में काम के दौरान सुरक्षा को चकमा देकर भागा

गोरखपुर जिला कारागार से दुष्कर्म, अपहरण और POCSO एक्ट के मामले में बंद एक आरोपी के फरार होने से जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। आरोपी जेल परिसर में काम कर रहा था। इसी दौरान उसने सुरक्षा व्यवस्था को चकमा दिया और करीब 20 फीट ऊंची दीवार फांदकर फरार हो गया। घटना के बाद पुलिस की कई टीमें आरोपी की तलाश में जुटी हैं। मामले में जेल प्रशासन पर भी कार्रवाई की गई है।

law-order08 अग. 2026 IST
महिलाओं को न्याय की नई दिशा: बेंगलुरु में शुरू हुआ पहला South Zone Conference, Justice B.V. Nagarathna ने किया उद्घाटन

महिलाओं को न्याय की नई दिशा: बेंगलुरु में शुरू हुआ पहला South Zone Conference, Justice B.V. Nagarathna ने किया उद्घाटन

बेंगलुरु में महिलाओं के न्याय की तस्वीर बदलने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। सुप्रीम कोर्ट की Justice B.V. Nagarathna ने 8-9 अगस्त के South Zone Regional Conference on “Justice for Women” में त्वरित कानूनी सहायता, घरेलू हिंसा, workplace harassment, victim compensation और digital safety जैसे मुद्दों को केंद्र में रखते हुए ऐसी न्याय व्यवस्था की जरूरत बताई, जो महिला तक अदालत पहुंचने से पहले ही सुरक्षा और कानूनी मदद पहुंचा सके।

law-order08 अग. 2026 IST
पत्नी की खुदकुशी पर पति को मिली बड़ी राहत, हाईकोर्ट ने पलटी 7 साल की सजा; 5 महीने से नहीं था कोई संपर्क

पत्नी की खुदकुशी पर पति को मिली बड़ी राहत, हाईकोर्ट ने पलटी 7 साल की सजा; 5 महीने से नहीं था कोई संपर्क

पत्नी की खुदकुशी के मामले में सात साल की सजा झेल रहे पति को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बड़ी राहत दी है। लखनऊ पीठ ने ट्रायल कोर्ट की दोषसिद्धि को रद्द करते हुए अंकुर टंडन को बरी कर दिया। अदालत के सामने सिर्फ पति-पत्नी के बीच लंबे समय से बातचीत बंद होने का तथ्य ही नहीं, बल्कि कथित 6 लाख रुपये के दहेज भुगतान, गवाहों के विरोधाभासी बयानों, सुसाइड नोट और आत्महत्या से पहले पति की ओर से किसी कथित उकसावे के ठोस सबूत का सवाल भी था। कोर्ट ने साफ किया कि किसी वैवाहिक रिश्ते का टूटना या आपसी विवाद अपने आप आत्महत्या के लिए उकसाने का अपराध साबित नहीं करता।

law-order08 अग. 2026 IST
भारत बनेगा दुनिया का ‘Dispute Resolution Hub’! CJI सूर्यकांत ने बताई Global ADR की पूरी तस्वीर

भारत बनेगा दुनिया का ‘Dispute Resolution Hub’! CJI सूर्यकांत ने बताई Global ADR की पूरी तस्वीर

भारत को वैश्विक विवाद समाधान के नक्शे पर बड़ी ताकत बनाने का खाका खींचते हुए CJI जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि mediation महज कानूनी प्रक्रिया नहीं, बल्कि गहराई से एक “मनोवैज्ञानिक” प्रक्रिया है। International ADR Conference 2026 में उन्होंने कहा कि भारत के पास दुनिया के लिए एक भरोसेमंद mediation centre बनने की क्षमता है, लेकिन इसके लिए आधुनिक infrastructure के साथ मजबूत institutions, technology और international confidence भी विकसित करना होगा।

law-order08 अग. 2026 IST
नारायण साई को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका, उम्रकैद पर रोक से इनकार; हाईकोर्ट को 3 महीने में फैसला करने का आदेश

नारायण साई को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका, उम्रकैद पर रोक से इनकार; हाईकोर्ट को 3 महीने में फैसला करने का आदेश

2013 के चर्चित दुष्कर्म मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे नारायण साई को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली। जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस पीबी वराले की पीठ ने 7 अगस्त 2026 को उनकी सजा पर रोक लगाने से इनकार करते हुए गुजरात हाईकोर्ट के आदेश में दखल नहीं दिया। हालांकि, शीर्ष अदालत ने हाईकोर्ट को नारायण साई की दोषसिद्धि और सजा के खिलाफ लंबित अपील पर तीन महीने के भीतर फैसला करने का निर्देश दिया है।

law-order08 अग. 2026 IST
Lay’s चिप्स वाले आलू पर PepsiCo की जीत, सुप्रीम कोर्ट ने बचाया रजिस्ट्रेशन; किसानों के अधिकार भी रखे सुरक्षित

Lay’s चिप्स वाले आलू पर PepsiCo की जीत, सुप्रीम कोर्ट ने बचाया रजिस्ट्रेशन; किसानों के अधिकार भी रखे सुरक्षित

Lay’s चिप्स में इस्तेमाल होने वाले खास आलू FL 2027 को लेकर PepsiCo और किसानों की वर्षों पुरानी कानूनी लड़ाई पर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। 5 अगस्त 2026 को Justice J.B. Pardiwala और Justice K. Vinod Chandran की पीठ ने PepsiCo के plant variety registration को बरकरार रखा, लेकिन साथ ही किसानों के लिए भी कानूनी सुरक्षा का रास्ता साफ कर दिया। कोर्ट ने कहा कि PepsiCo अगर किसी किसान के खिलाफ कार्रवाई करती है, तो संबंधित किसान PPVFR Act की Section 39(1)(iv) के तहत अपने अधिकारों का दावा कर सकता है।

law-order08 अग. 2026 IST