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जंतर-मंतर मारपीट केस में स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी को दिल्ली HC में चुनौती, Habeas Corpus याचिका दाखिल

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान मारपीट के मामले में गिरफ्तार किए गए राइट-विंग इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज ने अपनी गिरफ्तारी को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है। उन्होंने Habeas Corpus याचिका दाखिल कर गिरफ्तारी को गैरकानूनी बताते हुए हिरासत से रिहाई की मांग की है। चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय के सामने मामला मेंशन होने के बाद हाईकोर्ट ने इसे आज ही तत्काल आधार पर सुनने पर सहमति जताई है।

Sonali07 सित. 2026, 05:09 PM IST
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जंतर-मंतर मारपीट केस में स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी को दिल्ली HC में चुनौती, Habeas Corpus याचिका दाखिल

जंतर-मंतर पर जुलाई में हुए एक प्रदर्शन के दौरान कथित मारपीट के मामले में गिरफ्तार स्वतंत्र भारद्वाज ने दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया है। भारद्वाज ने अपनी गिरफ्तारी को अवैध बताते हुए Habeas Corpus याचिका दायर की है और अदालत से उन्हें हिरासत से रिहा करने का निर्देश देने की मांग की है। मामले को वकील उमेश शर्मा ने चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय के समक्ष मेंशन किया। कोर्ट को बताया गया कि स्वतंत्र भारद्वाज पिछले तीन दिनों से पुलिस हिरासत में हैं। इसके बाद हाईकोर्ट ने मामले को अर्जेंट आधार पर आज सुनने पर सहमति जताई।


5 सितंबर को उत्तर प्रदेश से हुई थी गिरफ्तारी

स्वतंत्र भारद्वाज को दिल्ली पुलिस ने 5 सितंबर को उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया था। पुलिस के मुताबिक, उन पर जुलाई में जंतर-मंतर पर Cockroach Janta Party (CJP) के विरोध प्रदर्शन के दौरान एक दलित छात्र-कार्यकर्ता के पिता के साथ कथित मारपीट करने का आरोप है। इस मामले में शुरुआत में भारद्वाज के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2), यानी साधारण चोट पहुंचाने और धारा 126(2), यानी गलत तरीके से रोकने के आरोप में मामला दर्ज किया गया था।


बाद में SC/ST Act और POCSO Act की धाराएं भी जोड़ी गईं

मामला आगे बढ़ने के साथ भारद्वाज के खिलाफ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम और पॉक्सो एक्ट के प्रावधान भी लगाए गए हैं।

याचिका में भारद्वाज की ओर से अपनी गिरफ्तारी को कानूनी प्रक्रिया के खिलाफ बताते हुए तत्काल रिहाई की मांग की गई है। अब हाईकोर्ट यह देखेगा कि उनकी हिरासत और गिरफ्तारी प्रथम दृष्टया कानून के अनुरूप है या नहीं।


सोशल मीडिया पोस्ट के बाद भी विवाद बढ़ा

गिरफ्तारी से पहले स्वतंत्र भारद्वाज ने सोशल मीडिया पर घटना को लेकर कई दावे किए थे। उन्होंने कथित तौर पर दावा किया था कि उन्होंने लड़की के पिता की खोपड़ी फोड़ दी थी और पुलिस ने उन्हें कुछ घंटों के लिए ही हिरासत में लिया था। उन्होंने NDA नेताओं कपिल मिश्रा और चिराग पासवान से अपनी कथित नजदीकी का भी दावा किया था। हालांकि, चिराग पासवान ने इस दावे से इनकार किया और भारद्वाज के खिलाफ उनके नाम के कथित दुरुपयोग को लेकर अलग शिकायत भी दर्ज कराई। अब हाईकोर्ट में गिरफ्तारी की वैधता पर सुनवाई  स्वतंत्र भारद्वाज की ओर से दाखिल Habeas Corpus याचिका का मुख्य सवाल उनकी गिरफ्तारी की वैधता से जुड़ा है। मामले की तत्काल सुनवाई आज होने की संभावना है। हालांकि, अदालत के अंतिम आदेश के आने तक भारद्वाज के खिलाफ लगाए गए आरोपों को साबित हुआ तथ्य नहीं माना जा सकता। हाईकोर्ट की सुनवाई में अब यह महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस गिरफ्तारी और हिरासत को लेकर क्या कानूनी आधार पेश करती है और याचिकाकर्ता की ओर से गिरफ्तारी को अवैध बताए जाने पर अदालत क्या रुख अपनाती है।