
POCSO पीड़िता को मुआवजे से नहीं कर सकते इनकार, चोट के निशान न मिलने पर भी मिलेगा ₹3 लाख: हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने स्पष्ट किया है कि मेडिकल रिपोर्ट में शारीरिक चोट या प्रवेशात्मक यौन हमले (Penetrative Sexual Assault) के निशान नहीं मिलने के आधार पर POCSO पीड़िता को मुआवजा देने से इनकार नहीं किया जा सकता। अदालत ने कहा कि उत्तर प्रदेश रानी लक्ष्मीबाई महिला सम्मान कोष योजना के तहत मुआवजा पीड़िता को यौन हमले का सामना करने के कारण दिया जाता है, न कि केवल शरीर पर चोट लगने के आधार पर। न्यायमूर्ति शेखर बी. सराफ और न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार राय की खंडपीठ ने राज्य के अधिकारियों को पीड़िता को ₹3 लाख का मुआवजा आदेश की प्रमाणित प्रति प्रस्तुत किए जाने के 10 दिनों के भीतर देने का निर्देश दिया।





























