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देशभर में 991 वन स्टॉप सेंटर संचालित, उत्तर प्रदेश में 124 केंद्र सक्रिय; मिशन शक्ति डैशबोर्ड से अब रियल-टाइम निगरानी
महिलाओं की सुरक्षा, संरक्षण और पुनर्वास को मजबूत बनाने के लिए केंद्र सरकार की मिशन शक्ति योजना के तहत संचालित वन स्टॉप सेंटर (One Stop Centre-OSC) देशभर में हिंसा और संकट से जूझ रही महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण सहारा बनकर उभरे हैं। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने बताया है कि 1 अप्रैल 2015 से 30 जून 2026 तक देशभर में 991 वन स्टॉप सेंटर संचालन में आ चुके हैं, जिनके माध्यम से अब तक 15.20 लाख से अधिक महिलाओं को तत्काल सहायता और विभिन्न प्रकार की सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

मंत्रालय के अनुसार महिलाओं तक सेवाओं की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करने के लिए मिशन शक्ति डैशबोर्ड भी विकसित किया गया है, जिसके माध्यम से जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर योजना के क्रियान्वयन की रियल-टाइम निगरानी की जा रही है।
हिंसा से पीड़ित महिलाओं को एक ही स्थान पर मिलती हैं सभी जरूरी सेवाएं
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने बताया कि मिशन शक्ति के दिशा-निर्देशों के तहत वन स्टॉप सेंटर का उद्देश्य हिंसा से प्रभावित या किसी भी प्रकार के संकट का सामना कर रही महिलाओं को एक ही छत के नीचे समग्र और त्वरित सहायता उपलब्ध कराना है। ये केंद्र सार्वजनिक और निजी दोनों स्थानों पर हिंसा का शिकार हुई महिलाओं के लिए संचालित किए जाते हैं। यहां महिलाओं को चिकित्सा सहायता, कानूनी सहायता एवं परामर्श, मनोवैज्ञानिक परामर्श, अस्थायी आश्रय, पुलिस सहायता तथा अन्य आवश्यक सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाती हैं।
आधारभूत सुविधाओं के लिए तय किए गए मानक
सरकार ने वन स्टॉप सेंटरों के लिए न्यूनतम आधारभूत सुविधाओं और सेवा मानकों को भी अनिवार्य बनाया है। इन केंद्रों में परामर्श के लिए पर्याप्त स्थान, अस्थायी आश्रय की सुविधा, चिकित्सा एवं कानूनी सहायता, दिव्यांगजनों के लिए सुगम पहुंच, योजना के ब्रांडिंग वाले समर्पित वाहन, प्रशिक्षित मानव संसाधन तथा पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के साथ समन्वय सुनिश्चित करना अनिवार्य है। सरकार का उद्देश्य यह है कि संकट में पहुंचने वाली प्रत्येक महिला को बिना किसी देरी के आवश्यक सहायता उपलब्ध हो सके।
1033 केंद्रों को मिली प्रशासनिक मंजूरी, 991 हो चुके हैं संचालित
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के अनुसार 30 जून 2026 तक देशभर में कुल 1033 वन स्टॉप सेंटरों को प्रशासनिक मंजूरी दी जा चुकी है। इनमें से 991 केंद्र वर्तमान में संचालित हैं और इनके माध्यम से अब तक 15.20 लाख से अधिक महिलाओं को विभिन्न प्रकार की सहायता प्रदान की जा चुकी है। सरकार का कहना है कि इन केंद्रों के विस्तार के साथ महिलाओं के लिए सहायता सेवाओं की पहुंच लगातार बढ़ रही है।
उत्तर प्रदेश में 124 वन स्टॉप सेंटर सक्रिय
मंत्रालय ने बताया कि उत्तर प्रदेश में वर्तमान समय में 124 वन स्टॉप सेंटर संचालित हो रहे हैं। इन केंद्रों के माध्यम से अब तक 3.42 लाख से अधिक महिलाओं को सहायता प्रदान की जा चुकी है। विशेष रूप से मैनपुरी जिले का वन स्टॉप सेंटर निर्धारित मानकों के अनुरूप एक समर्पित सरकारी भवन में संचालित किया जा रहा है, जहां महिलाओं को सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
केंद्र सरकार देती है वित्तीय सहायता
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि मिशन शक्ति एक केंद्र प्रायोजित योजना (Centrally Sponsored Scheme) है, जिसका क्रियान्वयन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के माध्यम से किया जाता है। योजना के तहत केंद्र सरकार राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को आवश्यक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराती है ताकि वन स्टॉप सेंटरों का संचालन सुचारु रूप से किया जा सके। सरकार का कहना है कि प्रत्येक केंद्र में पर्याप्त स्टाफ, आवश्यक आधारभूत सुविधाएं और संसाधन उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
नियमित निरीक्षण और प्रदर्शन मूल्यांकन
वन स्टॉप सेंटरों की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए राज्यों के विभिन्न अधिकारी समय-समय पर इन केंद्रों का निरीक्षण और प्रदर्शन मूल्यांकन करते हैं। निरीक्षण के दौरान यदि किसी प्रकार की कमी पाई जाती है तो उसे प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाता है ताकि महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं मिलती रहें।
हर वर्ष होती है योजना की व्यापक समीक्षा
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने बताया कि योजना की प्रगति की समीक्षा के लिए प्रत्येक वर्ष कार्यक्रम अनुमोदन बोर्ड (Programme Approval Board-PAB) राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ बैठक करता है। इन बैठकों में योजना के उद्देश्यों की प्राप्ति, महिलाओं एवं बच्चों तक सेवाओं की प्रभावी पहुंच तथा विभिन्न गतिविधियों की प्रगति का मूल्यांकन किया जाता है। इसके अतिरिक्त मंत्रालय के अधिकारी नियमित बैठकों, वीडियो कॉन्फ्रेंस और राज्यों के फील्ड दौरे के माध्यम से भी योजना की निगरानी करते हैं।
मिशन शक्ति डैशबोर्ड से रियल-टाइम मॉनिटरिंग
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने बताया कि योजना की निगरानी को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए मिशन शक्ति डैशबोर्ड विकसित किया गया है। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर मिशन शक्ति के अंतर्गत संचालित सभी योजनाओं की वास्तविक समय (Real-Time) में निगरानी की जाती है। इससे योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति, सेवा वितरण और आवश्यक सुधारात्मक कदमों की पहचान तेजी से की जा सकती है।
महिलाओं तक समय पर सहायता पहुंचाने पर सरकार का जोर
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने कहा कि केंद्र सरकार, राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के सहयोग से मिशन शक्ति के तहत महिलाओं तक समय पर सहायता, सुरक्षा और पुनर्वास सेवाएं पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। सरकार का उद्देश्य वन स्टॉप सेंटरों की पहुंच और प्रभावशीलता बढ़ाकर ऐसी प्रत्येक महिला तक सहायता पहुंचाना है, जो हिंसा, उत्पीड़न या किसी भी प्रकार के संकट का सामना कर रही हो, ताकि उसे एक ही स्थान पर त्वरित, सुरक्षित और सम्मानजनक सहायता मिल सके।
