
गलत पैर की सर्जरी का आरोप: क्या यह केवल मानवीय भूल है या अस्पतालों में बढ़ती लापरवाही का संकेत?
हरियाणा के नूंह स्थित शहीद हसन खान मेवाती राजकीय मेडिकल कॉलेज में 4 वर्षीय बच्चे के कथित गलत पैर के ऑपरेशन का मामला केवल एक चिकित्सा त्रुटि नहीं, बल्कि अस्पतालों में मरीज सुरक्षा प्रोटोकॉल के पालन पर गंभीर सवाल खड़े करता है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह घटना डॉक्टरों और चिकित्सा टीम की जिम्मेदारी, अस्पताल प्रशासन की निगरानी व्यवस्था और सरकारी नियमों के अनुपालन में संभावित कमी की ओर इशारा कर सकती है।





























