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OCI कार्डधारक क्रिकेटर BCCI टूर्नामेंट खेल सकेंगे या नहीं? बॉम्बे HC ने केंद्र से मांगा जवाब, कहा- फैसले के दूरगामी असर हो सकते हैं

“भारतीय क्रिकेट में खेलने का सपना देख रहे OCI कार्डधारक खिलाड़ियों के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख बेहद अहम हो सकता है। 12 युवा क्रिकेटरों के BCCI टूर्नामेंट में खेलने के अधिकार को लेकर दायर याचिका पर हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। कोर्ट ने माना कि भारतीय पासपोर्ट की अनिवार्यता से जुड़े इस विवाद के फैसले के दूरगामी असर हो सकते हैं।”

Sonali11 सित. 2026, 07:47 PM IST
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OCI कार्डधारक क्रिकेटर BCCI टूर्नामेंट खेल सकेंगे या नहीं? बॉम्बे HC ने केंद्र से मांगा जवाब, कहा- फैसले के दूरगामी असर हो सकते हैं

बॉम्बे हाईकोर्ट ने OCI कार्ड रखने वाले 12 युवा क्रिकेटरों की याचिकाओं पर केंद्र सरकार को पक्षकार बनाने का निर्देश दिया है। इन क्रिकेटरों ने BCCI के उस नियम को चुनौती दी है, जिसमें उसके किसी भी टूर्नामेंट में खेलने के लिए भारतीय पासपोर्ट अनिवार्य किया गया है। हाईकोर्ट ने माना कि इस मामले में होने वाले फैसले के व्यापक और दूरगामी प्रभाव हो सकते हैं।

भारतीय पासपोर्ट अनिवार्य करने को चुनौती

मामला उन युवा क्रिकेटरों से जुड़ा है, जिनके पास Overseas Citizen of India यानी OCI कार्ड है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि OCI कार्ड होने के बावजूद उन्हें BCCI द्वारा आयोजित टूर्नामेंटों में खेलने से केवल इसलिए रोका जा रहा है क्योंकि उनके पास भारतीय पासपोर्ट नहीं है। BCCI की मौजूदा पात्रता व्यवस्था में उसके टूर्नामेंटों में हिस्सा लेने के लिए भारतीय पासपोर्ट की शर्त रखी गई है। इसी शर्त को 12 OCI कार्डधारक क्रिकेटरों ने बॉम्बे हाईकोर्ट में चुनौती दी है। याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि वे भारत से जुड़े हुए हैं और क्रिकेट में अपना करियर बनाने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में केवल पासपोर्ट के आधार पर उन्हें BCCI के टूर्नामेंटों से बाहर रखना उनके अवसरों को प्रभावित करता है।

केंद्र सरकार को बनाया जाएगा पक्षकार

चीफ जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी और जस्टिस अद्वैत सेठना की खंडपीठ ने गुरुवार, 10 सितंबर 2026 को मामले की सुनवाई की। कोर्ट ने निर्देश दिया कि केंद्र सरकार को इन याचिकाओं में पक्षकार बनाया जाए, ताकि OCI कार्डधारकों की स्थिति और उनसे जुड़े नियमों पर केंद्र का पक्ष भी सामने आ सके। हाईकोर्ट ने मामले के महत्व को देखते हुए केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। अदालत ने संकेत दिया कि इस मामले में आने वाला फैसला केवल इन 12 क्रिकेटरों तक सीमित नहीं रह सकता, बल्कि इसके व्यापक प्रभाव हो सकते हैं।

फैसले के ‘दूरगामी प्रभाव’ की बात

कोर्ट ने इस मामले में संभावित ‘wide ramifications’ यानी दूरगामी प्रभावों को ध्यान में रखा है। OCI कार्डधारकों के अधिकार और खेल प्रतियोगिताओं में उनकी भागीदारी का मुद्दा कई स्तरों पर महत्वपूर्ण हो सकता है। हालांकि, इस स्तर पर हाईकोर्ट ने BCCI के नियम को रद्द करने या OCI कार्डधारक क्रिकेटरों को टूर्नामेंट में खेलने की अनुमति देने का अंतिम आदेश नहीं दिया है। फिलहाल अदालत ने केंद्र सरकार को मामले में शामिल करते हुए उसका पक्ष जानने की प्रक्रिया शुरू की है।

BCCI की भूमिका भी अहम

BCCI भारत में घरेलू क्रिकेट टूर्नामेंटों के आयोजन और खिलाड़ियों की पात्रता से जुड़े नियम निर्धारित करता है। ऐसे में OCI कार्डधारक खिलाड़ियों के लिए भारतीय पासपोर्ट की अनिवार्यता का सवाल सीधे BCCI की प्रतियोगिता पात्रता नीति से जुड़ा है। अब केंद्र सरकार के जवाब के बाद हाईकोर्ट इस बात पर विचार करेगा कि OCI कार्डधारकों की कानूनी स्थिति और BCCI की खेल पात्रता नीति के बीच किस तरह का संबंध है। अदालत यह भी देख सकती है कि क्या केवल भारतीय पासपोर्ट नहीं होने के आधार पर OCI कार्डधारक खिलाड़ियों को BCCI टूर्नामेंटों से बाहर रखा जाना कानूनी रूप से उचित है। इस मामले में हाईकोर्ट का अंतिम फैसला OCI कार्डधारक युवा क्रिकेटरों के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है और भारत में खेल प्रतियोगिताओं में OCI कार्डधारकों की भागीदारी को लेकर व्यापक कानूनी स्थिति को भी प्रभावित कर सकता है।