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पंजाब सरकार ने जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा की नियुक्ति का किया विरोध, हाईकोर्ट चीफ जस्टिस की शपथ पर रोक की मांग

पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के कार्यवाहक चीफ जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा की स्थायी चीफ जस्टिस के तौर पर नियुक्ति को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। पंजाब सरकार ने केंद्र के फैसले का खुलकर विरोध करते हुए राज्यपाल से शपथ समारोह रोकने की मांग की है। सरकार का आरोप है कि उसकी राय लिए बिना ही जस्टिस मिश्रा की नियुक्ति को मंजूरी दी गई।

Sonali07 सित. 2026, 06:40 PM IST
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पंजाब सरकार ने जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा की नियुक्ति का किया विरोध, हाईकोर्ट चीफ जस्टिस की शपथ पर रोक की मांग

पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा की हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के रूप में नियुक्ति को लेकर पंजाब सरकार और केंद्र के बीच टकराव की स्थिति बन गई है। पंजाब कैबिनेट ने रविवार को आपात बैठक कर केंद्र सरकार के फैसले पर गंभीर आपत्ति जताई और राज्यपाल से जस्टिस मिश्रा को पद की शपथ नहीं दिलाने का आग्रह किया है। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 6 अगस्त 2026 को जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस नियुक्त किए जाने की सिफारिश की थी। केंद्र सरकार ने शनिवार रात इस सिफारिश को मंजूरी दे दी और उनकी नियुक्ति की अधिसूचना जारी कर दी। जस्टिस मिश्रा फिलहाल पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में कार्यवाहक चीफ जस्टिस के तौर पर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। नियुक्ति के बाद उन्हें सोमवार को चंडीगढ़ स्थित पंजाब लोक भवन में मुख्य न्यायाधीश पद की शपथ दिलाए जाने की तैयारी थी।

 हालांकि, शपथ समारोह से कुछ घंटे पहले पंजाब सरकार ने इस नियुक्ति के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में कैबिनेट की आपात बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित की गई। बैठक के बाद कैबिनेट ने एक प्रस्ताव पारित कर केंद्र के फैसले पर आपत्ति दर्ज कराई। पंजाब सरकार का कहना है कि जस्टिस मिश्रा की नियुक्ति के मामले में राज्य सरकार के विचार प्राप्त किए बिना फैसला लिया गया। कैबिनेट ने राज्यपाल से अनुरोध किया कि जब तक पंजाब सरकार के विचार प्राप्त कर उन पर उचित रूप से विचार नहीं किया जाता, तब तक नियुक्ति और शपथ समारोह को रोक दिया जाए। mसरकार ने अपने प्रस्ताव में कहा कि पंजाब सरकार ने इस बात पर गंभीर आपत्ति जताई है कि हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में जस्टिस मिश्रा की नियुक्ति राज्य सरकार की राय की प्रतीक्षा किए बिना कर दी गई।

कॉलेजियम की सिफारिश से नियुक्ति तक

जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा की नियुक्ति की प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की 6 अगस्त की सिफारिश से शुरू हुई थी। कॉलेजियम की सिफारिश के बाद केंद्र सरकार ने प्रक्रिया आगे बढ़ाई और 5 सितंबर की रात नियुक्ति को मंजूरी दे दी। अब पंजाब सरकार के विरोध के कारण सोमवार को होने वाला शपथ ग्रहण समारोह राजनीतिक और संवैधानिक चर्चा का विषय बन गया है। फिलहाल सरकार ने राज्यपाल से शपथ को तब तक रोकने का अनुरोध किया है, जब तक पंजाब सरकार की आपत्तियों पर विचार नहीं किया जाता। यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश और केंद्र सरकार की नियुक्ति प्रक्रिया से जुड़ी होती है। ऐसे में राज्य सरकार की आपत्ति के बाद नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर आगे क्या कदम उठाया जाता है, इस पर सबकी नजर रहेगी।