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पुणे में दहीहंडी के डांस कार्यक्रम पर पुलिस का शिकंजा, लावणी कलाकार राधा पाटील-मुंबईकर समेत 3 पर FIR

पुणे के कात्रज-सुखसागरनगर इलाके में दहीहंडी समारोह के दौरान कथित तौर पर बिना पुलिस अनुमति लावणी कार्यक्रम आयोजित करने के मामले में बिबवेवाड़ी पुलिस ने लावणी कलाकार राधा पाटील-मुंबईकर समेत तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक आवश्यक अनुमति और प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं कराए गए थे। वहीं, राधा पाटील ने दावा किया है कि प्रमाणपत्र के लिए आवेदन किया गया था और उनके पास उसकी रसीद मौजूद थी।

Kalpana Gautam08 सित. 2026, 07:43 PM IST
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पुणे में दहीहंडी के डांस कार्यक्रम पर पुलिस का शिकंजा, लावणी कलाकार राधा पाटील-मुंबईकर समेत 3 पर FIR
पुणे: दहीहंडी समारोह के दौरान आयोजित होने वाले डांस और सांस्कृतिक कार्यक्रमों को लेकर पुणे पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। कात्रज के सुखसागरनगर इलाके में आयोजित एक लावणी कार्यक्रम को लेकर बिबवेवाड़ी पुलिस ने प्रसिद्ध लावणी कलाकार राधा पाटील-मुंबईकर, एम्पायर ग्रुप ए.के. बॉइज के अध्यक्ष भूषण अभिमान सोनवणे और आयोजक अमोल काटे के खिलाफ मामला दर्ज किया है। 

पुलिस के अनुसार, भैरवनाथ सोसायटी, अंबामाता रोड पर दहीहंडी समारोह के तहत राधा पाटील का लावणी कार्यक्रम आयोजित किया गया था। आयोजकों ने कार्यक्रम की अनुमति के लिए पुलिस से संपर्क किया था, लेकिन आवश्यक दस्तावेज और महाराष्ट्र राज्य रंगभूमी प्रयोग परिनिरीक्षण मंडल का प्रमाणपत्र प्रस्तुत नहीं किया गया। इसके बाद पुलिस ने कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी। 
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पुलिस का आरोप है कि अनुमति न दिए जाने के बावजूद कार्यक्रम आयोजित किया गया। दहीहंडी समारोह के दौरान पुलिस टीम जब संबंधित इलाकों में निरीक्षण कर रही थी, तब उसे कार्यक्रम आयोजित किए जाने की जानकारी मिली। इसके बाद राधा पाटील और दो आयोजकों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 के तहत मामला दर्ज किया गया। मामले की आगे जांच जारी है। 

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सांस्कृतिक और डांस कार्यक्रमों के लिए आवश्यक प्रमाणपत्र और अनुमति इसलिए जरूरी हैं ताकि कार्यक्रम की सामग्री को लेकर नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके। खासतौर पर दहीहंडी जैसे बड़े सार्वजनिक आयोजनों में भारी भीड़ जमा होती है, इसलिए पुलिस कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा के दृष्टिकोण से ऐसे कार्यक्रमों की अनुमति की जांच करती है। 

हालांकि, इस मामले में राधा पाटील का पक्ष भी सामने आया है। उनका कहना है कि आयोजकों ने प्रमाणपत्र के लिए आवेदन किया था और उनके पास उसकी रसीद थी। उनके मुताबिक उन्हें बताया गया था कि रसीद के आधार पर कार्यक्रम शुरू किया जा सकता है। उन्होंने दावा किया कि तीन कलाकारों के प्रदर्शन के बाद पुलिस ने कार्यक्रम को रोक दिया। राधा पाटील ने कहा कि अगर अनुमति नहीं थी तो उन्हें पहले ही इसकी जानकारी दी जानी चाहिए थी। उन्होंने यह भी कहा कि आगे से सभी आवश्यक अनुमतियां लेकर ही कार्यक्रम करेंगी। 

इसी बीच पुणे के केसनंद इलाके में एक अलग मामले में लावणी कलाकार ऐश्वर्या जाधव लाटूरकर के प्रस्तावित कार्यक्रम को भी पुलिस ने अनुमति नहीं दी। पुलिस ने संभावित अश्लील हावभाव, महिलाओं को असहजता और धार्मिक या सामाजिक तनाव की आशंका का हवाला देते हुए अनुमति रोकने की बात कही। पुलिस का कहना है कि बड़े सार्वजनिक आयोजनों में कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए सांस्कृतिक कार्यक्रमों की अनुमति की समीक्षा की जाती है। 

इस पूरे मामले में महत्वपूर्ण बात यह है कि राधा पाटील पर दर्ज FIR को सीधे “अश्लील डांस करने की FIR” कहना फिलहाल सही नहीं होगा। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक मामला मुख्य रूप से अनुमति और आवश्यक प्रमाणपत्र के बिना कार्यक्रम आयोजित किए जाने के आरोप से जुड़ा है। कार्यक्रम की वास्तविक सामग्री और संबंधित पक्षों की कानूनी जिम्मेदारी का अंतिम निर्धारण जांच के बाद ही होगा।