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सत्या निकेतन बिल्डिंग हादसा: दिल्ली HC में PIL, मृतकों के परिजनों को ₹1 करोड़ मुआवजे और सभी PG-हॉस्टल के स्ट्रक्चरल ऑडिट की मांग
दिल्ली के सत्या निकेतन में बहुमंजिला PG बिल्डिंग गिरने से हुए हादसे को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की गई है। याचिका में हादसे में जान गंवाने वालों के परिजनों को ₹1 करोड़ मुआवजा देने के साथ दिल्ली के सभी PG, हॉस्टल और छात्र आवासों का स्ट्रक्चरल सेफ्टी ऑडिट कराने की मांग की गई है।

दिल्ली के साउथ कैंपस के पास सत्या निकेतन में बहुमंजिला Paying Guest (PG) इमारत गिरने के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया है। याचिकाकर्ता अनिकेत कुमार गुप्ता ने जनहित याचिका (PIL) दाखिल कर हादसे में मारे गए लोगों के परिवारों को ₹1 करोड़ मुआवजा देने की मांग की है। मामले को चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की पीठ के सामने तत्काल सुनवाई के लिए मेंशन किया गया। हाईकोर्ट ने मामले को सुनने पर सहमति जताई है।
कम से कम छह लोगों की मौत
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सत्या निकेतन इलाके में दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास एक बहुमंजिला इमारत गिरने से कम से कम छह लोगों की मौत हुई है। यह इमारत PG accommodation के तौर पर इस्तेमाल की जा रही थी। हादसे के बाद PG चलाने वाले व्यक्ति के खिलाफ FIR भी दर्ज की गई है। अब दाखिल PIL में इस पूरे हादसे की स्वतंत्र और व्यापक जांच की मांग की गई है।
मरम्मत और निर्माण कार्य पर उठे सवाल
याचिका में कहा गया है कि शुरुआती रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि इमारत गिरने से ठीक पहले वहां मरम्मत, रेनोवेशन या निर्माण से जुड़ा काम चल रहा था। याचिकाकर्ता ने सवाल उठाया है कि क्या यह काम कानूनी अनुमति के तहत किया जा रहा था। इसके अलावा इमारत की स्ट्रक्चरल मजबूती, स्वीकृत बिल्डिंग प्लान के पालन, PG/हॉस्टल के रूप में परिसर के इस्तेमाल, स्ट्रक्चरल स्टेबिलिटी सर्टिफिकेट और फायर सेफ्टी नियमों के अनुपालन को लेकर भी जांच की मांग की गई है।
कौन-कौन जांच के दायरे में आए?
PIL में हादसे के कारणों की स्वतंत्र जांच की मांग की गई है। इसमें इमारत के मालिक, बिल्डर, ठेकेदार, आर्किटेक्ट, स्ट्रक्चरल इंजीनियर और रेनोवेशन से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच की मांग की गई है। इसके साथ ही उन सरकारी अधिकारियों और प्राधिकरणों की भूमिका की भी जांच की मांग की गई है, जिनकी जिम्मेदारी बिल्डिंग नियमों के निरीक्षण और अनुपालन को सुनिश्चित करना है।
दिल्ली के PG और हॉस्टल का होगा सेफ्टी ऑडिट?
याचिका में सिर्फ सत्या निकेतन की इमारत तक कार्रवाई सीमित रखने के बजाय दिल्ली के दूसरे छात्र आवास क्षेत्रों में भी सुरक्षा जांच कराने की मांग की गई है। याचिकाकर्ता ने सत्या निकेतन के सभी PG, हॉस्टल और छात्र आवासों का तत्काल व्यापक स्ट्रक्चरल सेफ्टी ऑडिट कराने की मांग की है। इसके अलावा दिल्ली के अन्य प्रमुख student accommodation clusters में भी इसी तरह का ऑडिट कराने का अनुरोध किया गया है।PIL में कोर्ट से यह सुनिश्चित करने की मांग की गई है कि छात्रों और अन्य लोगों के रहने के लिए इस्तेमाल की जा रही इमारतें संरचनात्मक रूप से सुरक्षित हों और उनमें भवन निर्माण, फायर सेफ्टी तथा अन्य जरूरी मानकों का पालन हो।
अब हाईकोर्ट की सुनवाई पर नजर
मामले में दिल्ली हाईकोर्ट के सामने अब हादसे की वजह, जिम्मेदार लोगों की भूमिका और PG-हॉस्टल की सुरक्षा से जुड़े व्यापक सवाल उठेंगे। याचिका में मुआवजे के साथ-साथ भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए प्रशासनिक स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की गई है। हालांकि, हादसे के लिए किसकी कानूनी जिम्मेदारी है, यह जांच और आगे की न्यायिक कार्यवाही के बाद ही तय होगा।
