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महाराष्ट्र की 'मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिण योजना' में बड़ा बदलाव: सत्यापन के बाद 92 लाख से अधिक लाभार्थियों के नाम हटाए गए।
महाराष्ट्र सरकार ने 'मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिण योजना' के तहत राज्यव्यापी सत्यापन (Verification) और e-KYC प्रक्रिया के बाद 92 लाख से अधिक लाभार्थियों के नाम सूची से हटा दिए हैं। सरकार का कहना है कि यह कार्रवाई केवल अपात्र, डुप्लीकेट और e-KYC पूरी नहीं करने वाले लाभार्थियों की पहचान के बाद की गई है। वहीं विपक्ष ने इस फैसले पर सवाल उठाते हुए सरकार पर महिलाओं के साथ अन्याय करने का आरोप लगाया है।
Kalpana Gautam14 जुल. 2026, 12:15 AM IST

महाराष्ट्र सरकार की महत्वाकांक्षी 'मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिण योजना' में बड़ा बदलाव सामने आया है। राज्य सरकार द्वारा कराए गए व्यापक सत्यापन अभियान और e-KYC प्रक्रिया के बाद योजना से 92 लाख से अधिक लाभार्थियों के नाम हटाए जाने की जानकारी सामने आई है।
महिला एवं बाल विकास विभाग के अनुसार, बड़ी संख्या में ऐसे लाभार्थी पाए गए जो योजना की पात्रता पूरी नहीं करते थे। इनमें e-KYC पूरा न करने वाले, डुप्लीकेट आवेदन, आय सीमा से अधिक आय वाले तथा अन्य सरकारी योजनाओं के कारण अपात्र हो चुके लाभार्थी शामिल हैं। सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य योजना का लाभ केवल वास्तविक और पात्र महिलाओं तक पहुंचाना है।
सरकार के मुताबिक सत्यापन प्रक्रिया के बाद योजना की लाभार्थी सूची में उल्लेखनीय कमी आई है, जिससे सरकारी धन का सही उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा और भविष्य में अनियमितताओं पर रोक लगेगी।
हालांकि, इस फैसले के बाद राज्य में राजनीतिक विवाद भी तेज हो गया है। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि चुनाव के बाद बड़ी संख्या में महिलाओं को योजना से बाहर कर दिया गया है। उन्होंने सरकार से हटाए गए लाभार्थियों की पूरी सूची सार्वजनिक करने तथा पात्र महिलाओं को दोबारा मौका देने की मांग की है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिन महिलाओं के नाम तकनीकी कारणों या अधूरे दस्तावेजों की वजह से हटे हैं, वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवश्यक दस्तावेज जमा कर अपनी पात्रता साबित कर सकती हैं।
अब सभी की निगाहें सरकार की अगली कार्रवाई और उन महिलाओं पर हैं जिनके नाम सत्यापन के दौरान सूची से हटाए गए हैं।
