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मुंबई: POCSO मामले में फंसे ACP जितेंद्र नवनीत को बड़ा झटका, कोर्ट ने खारिज की जमानत याचिका
मुंबई। महाराष्ट्र पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी, असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (ACP) जितेंद्र नवनीत की मुश्किलें बढ़ गई हैं। मुंबई की एक विशेष POCSO अदालत ने नाबालिग के यौन शोषण और छेड़छाड़ के गंभीर आरोपों में घिरे ACP की जमानत याचिका को सिरे से खारिज कर दिया है। अदालत का यह निर्णय मामले की गंभीरता और जांच को प्रभावित करने की आशंका को देखते हुए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ACP जितेंद्र नवनीत ( Jitendra navnit ) पर नाबालिग के साथ यौन शोषण और POCSO (Protection of Children from Sexual Offences) एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। घटना मुंबई के वर्ली स्थित 'सिंह गार्डन' इलाके की बताई जा रही है। इस घटना के सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था। आरोपों की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया था।
कोर्ट ने क्यों नकारी जमानत?
विशेष POCSO अदालत में सुनवाई के दौरान, अभियोजन पक्ष ने आरोपी की जमानत का पुरजोर विरोध किया। अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि आरोपी पर लगे आरोप अत्यंत गंभीर प्रकृति के हैं। न्यायाधीश ने इस बात पर विशेष चिंता व्यक्त की कि यदि आरोपी को जमानत पर रिहा किया जाता है, तो वह अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर जांच प्रक्रिया को बाधित कर सकता है या गवाहों को प्रभावित कर सकता है। कोर्ट की सख्त टिप्पणी ने आरोपी को फिलहाल कोई राहत नहीं दी है।
कौन हैं ACP जितेंद्र नवनीत?
मूल रूप से नागपुर के रहने वाले जितेंद्र नवनीत महाराष्ट्र पुलिस में एक अनुभवी अधिकारी माने जाते हैं। प्रशासनिक फेरबदल के तहत, उन्हें साल 2025 के अंत में मुंबई स्थित पुलिस महानिदेशक (DGP) कार्यालय में 'पुलिस कम्युनिकेशंस और आईटी विभाग' में तैनात किया गया था। एक जिम्मेदार पद पर आसीन अधिकारी के खिलाफ इस तरह के संगीन आरोपों ने पुलिस विभाग की छवि पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
