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एक्शन में पुणे FDA: संदिग्ध खाद्य पदार्थों के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़, लाखों का माल जब्त
पुणे में खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने मिलावट के खिलाफ कार्रवाई करते हुए करीब ₹37.61 लाख मूल्य का संदिग्ध खाद्य स्टॉक जब्त किया है। असुरक्षित खाद्य सामग्री के गोदामों पर छापेमारी के बाद, सैंपल लैब टेस्टिंग के लिए भेजे गए हैं और रिपोर्ट आने पर एफआईआर दर्ज की जाएगी।
Neha Sharma14 जुल. 2026, 06:20 PM IST

त्योहारी और बढ़ती खाद्य मांग के बीच मिलावटखोरों पर शिकंजा कसते हुए खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने पुणे संभाग में बड़ी कार्रवाई की है। सात अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर ₹37.61 लाख मूल्य का संदिग्ध खाद्य स्टॉक जब्त किया गया।FDA की टीम ने पुणे, सोलापुर, सांगली, कोल्हापुर और सतारा जिलों में डेयरियों, खाद्य उत्पादन इकाइयों और वितरण केंद्रों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान दूध, पनीर, लस्सी, बिस्कुट समेत कई खाद्य पदार्थों के नमूने एकत्र किए गए।प्राथमिक जांच में कुछ उत्पाद संदिग्ध पाए जाने पर उन्हें तत्काल जब्त कर लिया गया, जबकि कई नमूनों को विस्तृत परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।
अभियान के दौरान कुछ डेयरियों में खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन नहीं होने और स्वच्छता संबंधी गंभीर कमियां सामने आईं। अधिकारियों ने बड़ी मात्रा में दूध को नष्ट कराया तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले दो प्रतिष्ठानों का संचालन अस्थायी रूप से बंद करा दिया। FDA अधिकारियों ने संबंधित संचालकों को आवश्यक सुधार करने के निर्देश भी दिए हैं। विभाग का कहना है कि प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि खाद्य पदार्थों में मिलावट, नकली सामग्री का उपयोग या अन्य नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित व्यक्तियों और संस्थानों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसमें जुर्माना, लाइसेंस निलंबन या रद्द करने जैसी कार्रवाई भी शामिल हो सकती है।
FDA ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे केवल लाइसेंस प्राप्त दुकानों और प्रतिष्ठानों से ही खाद्य सामग्री खरीदें। यदि किसी खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता या शुद्धता को लेकर संदेह हो, तो उसकी शिकायत तुरंत FDA से करें ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके। विशेषज्ञों का मानना है कि त्योहारों और बढ़ती मांग के दौरान खाद्य पदार्थों में मिलावट की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में FDA की इस कार्रवाई को उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी इस तरह के औचक निरीक्षण और छापेमारी अभियान लगातार जारी रहेंगे, ताकि मिलावटखोरों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके और लोगों को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जा सके।
