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10 मिनट की डिलीवरी या सेहत से खिलवाड़? Swiggy Instamart पर FSSAI का बड़ा एक्शन, 9 नोटिस जारी

भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने उपभोक्ताओं से मिली लगातार शिकायतों के बाद Swiggy Instamart को 9 नोटिस जारी किए हैं। शिकायतों में एक्सपायर्ड व्हे प्रोटीन, सड़े अंडे, दूषित दूध, खराब गुणवत्ता वाले खाद्य उत्पाद और शिशु आहार की असुरक्षित डिलीवरी जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। जांच के दौरान FSSAI ने गलत लाइसेंस विवरण, स्टोरेज, गुणवत्ता नियंत्रण और शिकायत निवारण प्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। नियामक ने कंपनी से विस्तृत जवाब और अनुपालन रिपोर्ट मांगी है तथा चेतावनी दी है कि संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं मिलने पर Food Safety and Standards Act, 2006 के तहत कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। यह मामला देश में तेजी से बढ़ रहे Quick Commerce सेक्टर में खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता मानकों को लेकर नई बहस छेड़ रहा है।

Anshuman Mishra14 जुल. 2026, 08:19 PM IST
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10 मिनट की डिलीवरी या सेहत से खिलवाड़? Swiggy Instamart पर FSSAI का बड़ा एक्शन, 9 नोटिस जारी

देश में तेजी से बढ़ रहे क्विक कॉमर्स (Quick Commerce) कारोबार की रफ्तार अब खाद्य सुरक्षा को लेकर गंभीर सवालों के घेरे में है। 10 से 15 मिनट में किराना और खाद्य सामग्री पहुंचाने का दावा करने वाले प्लेटफॉर्म Swiggy Instamart को भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने उपभोक्ताओं की लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर 9 अलग-अलग नोटिस जारी किए हैं। इन शिकायतों में ग्राहकों को एक्सपायर्ड व्हे प्रोटीन, सड़े हुए ऑर्गेनिक अंडे, खराब गुणवत्ता वाले पराठे, दूषित दूध, एक्सपायर्ड पैकेज्ड फूड और यहां तक कि शिशुओं के लिए इस्तेमाल होने वाले खाद्य उत्पादों के खराब हालत में मिलने जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। FSSAI ने कंपनी से विस्तृत स्पष्टीकरण और अनुपालन रिपोर्ट मांगी है तथा स्पष्ट किया है कि यदि तय समय के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो Food Safety and Standards Act, 2006 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी

शिकायतों के बाद हरकत में आया FSSAI
FSSAI के अनुसार कार्रवाई की शुरुआत नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन (NCH) और अन्य माध्यमों से प्राप्त उपभोक्ता शिकायतों के आधार पर की गई। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि उन्हें ऐसे खाद्य उत्पाद डिलीवर किए गए जो या तो एक्सपायर्ड थे, सड़े-गले थे, दूषित थे या मानव उपभोग के लिए सुरक्षित नहीं थे। नियामक का कहना है कि कई मामलों में उपभोक्ताओं ने प्लेटफॉर्म पर शिकायत दर्ज कराई, लेकिन उन्हें केवल रिफंड या क्रेडिट देने की पेशकश की गई। खाद्य सुरक्षा से जुड़े मूल मुद्दे के समाधान के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। 
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FSSAI के संज्ञान में आए मामलों में कई गंभीर आरोप शामिल हैं, जिनमें प्रमुख रूप से—
  • एक्सपायर्ड व्हे प्रोटीन सप्लीमेंट
  • सड़े और बदबूदार ऑर्गेनिक अंडे
  • खराब गुणवत्ता वाले पराठे
  • दूषित और खराब दूध
  • एक्सपायर्ड पैकेज्ड फूड
  • शिशुओं के लिए उपयोग होने वाले खाद्य उत्पादों की खराब गुणवत्ता
नियामक का मानना है कि यदि ये आरोप सही पाए जाते हैं तो यह केवल गुणवत्ता की समस्या नहीं बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर मामला हो सकता है।

सिर्फ खराब सामान ही नहीं, लाइसेंस और रिकॉर्ड पर भी सवाल
जांच के दौरान FSSAI ने केवल खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता पर ही सवाल नहीं उठाए, बल्कि कंपनी की नियामकीय अनुपालन प्रक्रिया में भी कई संभावित कमियों की ओर इशारा किया है।

नोटिस में जिन बिंदुओं पर जवाब मांगा गया है, उनमें शामिल हैं—
  • गलत या अमान्य FSSAI लाइसेंस नंबर का उपयोग
  • खाद्य विक्रेताओं की गलत या भ्रामक जानकारी
  • स्टोरेज और कोल्ड चेन प्रबंधन में कथित लापरवाही
  • खाद्य पदार्थों की हैंडलिंग और स्वच्छता संबंधी व्यवस्था
  • गुणवत्ता नियंत्रण प्रणाली
  • इन्वेंट्री मैनेजमेंट
  • शिकायत निवारण तंत्र की प्रभावशीलता

FSSAI ने कंपनी से पूछा है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कौन-कौन से सुधारात्मक कदम उठाए गए हैं। 

क्या हो सकती है आगे की कार्रवाई?
FSSAI ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय के भीतर कंपनी संतोषजनक स्पष्टीकरण और अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं करती है, तो Food Safety and Standards Act, 2006 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई में जुर्माना, लाइसेंस संबंधी कार्रवाई या अन्य नियामकीय कदम भी शामिल हो सकते हैं। हालांकि अंतिम निर्णय जांच और कंपनी के जवाब के बाद ही लिया जाएगा। 

Quick Commerce मॉडल पर उठे नए सवाल
भारत में पिछले कुछ वर्षों में Quick Commerce सेक्टर ने तेज़ी से विस्तार किया है। Swiggy Instamart, Blinkit, Zepto और अन्य कंपनियां 10 से 20 मिनट में ग्रॉसरी और खाद्य सामग्री पहुंचाने का दावा करती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी तेज डिलीवरी के मॉडल में सबसे बड़ी चुनौती इन्वेंट्री मैनेजमेंट, कोल्ड चेन, स्टोरेज और एक्सपायरी डेट की नियमित निगरानी होती है। यदि इन प्रक्रियाओं में थोड़ी भी लापरवाही होती है तो खराब या एक्सपायर्ड खाद्य उत्पाद ग्राहकों तक पहुंचने का जोखिम बढ़ जाता है। FSSAI की यह कार्रवाई केवल एक कंपनी तक सीमित नहीं मानी जा रही, बल्कि इसे पूरे Quick Commerce उद्योग के लिए एक चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है कि तेज़ डिलीवरी के साथ खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन भी उतना ही आवश्यक है।

खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि किसी भी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से खाद्य सामग्री खरीदने के बाद उपभोक्ता निम्नलिखित बातों की जांच अवश्य करें—
  • उत्पाद की एक्सपायरी डेट
  • पैकेजिंग सही और सीलबंद है या नहीं
  • डेयरी एवं फ्रोजन उत्पाद उचित तापमान में हैं या नहीं
  • बदबू, रंग या गुणवत्ता में बदलाव दिखाई दे तो उसका उपयोग न करें
  • शिकायत होने पर प्लेटफॉर्म के साथ-साथ National Consumer Helpline और FSSAI के Food Safety Connect पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराएं।

Swiggy Instamart का पक्ष
इस पूरे मामले में खबर लिखे जाने तक Swiggy Instamart की ओर से सभी आरोपों पर कोई विस्तृत सार्वजनिक बयान जारी नहीं किया गया है। कंपनी का आधिकारिक जवाब आने और FSSAI की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि शिकायतों में लगाए गए आरोप किस सीमा तक सही पाए जाते हैं और नियामक आगे क्या कार्रवाई करता है। भारत में Quick Commerce उपभोक्ताओं की सुविधा का बड़ा माध्यम बन चुका है, लेकिन यह मामला बताता है कि तेज़ डिलीवरी के साथ खाद्य सुरक्षा से कोई समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता। यदि ग्राहकों को एक्सपायर्ड, दूषित या असुरक्षित खाद्य उत्पाद मिलने की शिकायतें सही साबित होती हैं, तो यह केवल एक कंपनी का मामला नहीं बल्कि पूरे Quick Commerce इकोसिस्टम के लिए चेतावनी होगी। आने वाले दिनों में FSSAI की जांच और Swiggy Instamart के जवाब पर सभी की नजर रहेगी।