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वैश्विक कूटनीति में नया अध्याय: UNSC 2028-29 के लिए भारत ने ठोंका दावा।
भारत ने UNSC के 2028-29 कार्यकाल के लिए अपनी दावेदारी शुरू कर दी है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने "SHANTI" अभियान लॉन्च किया। जून 2027 के चुनाव में भारत का मुकाबला ताजिकिस्तान से होगा। चुने जाने पर यह UNSC में भारत का नौवां कार्यकाल होगा।
Neha Sharma15 जुल. 2026, 12:07 AM IST

नई दिल्ली | भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की 2028-29 अवधि के लिए अस्थायी सदस्य बनने की अपनी आधिकारिक दावेदारी शुरू कर दी है। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में भारत के अभियान का शुभारंभ किया। न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने "SHANTI (Securing Holistic Advancement through Norms, Trust and Integrity)" अभियान लॉन्च किया। इस पहल के माध्यम से भारत ने नियम-आधारित वैश्विक व्यवस्था, विश्वास, पारदर्शिता और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
अपने संबोधन में जयशंकर ने कहा कि मौजूदा समय में दुनिया युद्ध, आतंकवाद, अस्थिरता और नई वैश्विक चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे समय में संयुक्त राष्ट्र और सुरक्षा परिषद की भूमिका पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। भारत ने आतंकवाद के वित्तपोषण पर रोक, समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जिम्मेदार उपयोग और वैश्विक दक्षिण (Global South) की आवाज़ को मजबूती देने जैसे मुद्दों को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल किया।
UNSC की 2028-29 अवधि के लिए चुनाव जून 2027 में होंगे।
एशिया-प्रशांत समूह की एक सीट के लिए भारत का मुकाबला ताजिकिस्तान से होगा। यदि भारत चुना जाता है, तो यह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में उसका नौवां कार्यकाल होगा। इससे पहले भारत 2021-22 के दौरान परिषद का अस्थायी सदस्य रह चुका है। भारत लंबे समय से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में व्यापक सुधारों और विकासशील देशों को अधिक प्रतिनिधित्व देने की मांग करता रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत का यह अभियान वैश्विक कूटनीति में उसकी बढ़ती भूमिका और अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रभाव को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
