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बेंगलुरु: मंत्री ने परखी बस व्यवस्था; बदसलूकी पर कंडक्टर सस्पेंड, कर्मियों को सख्त निर्देश

आम यात्री बनकर औचक निरीक्षण पर निकले कर्नाटक के परिवहन मंत्री बायरथी सुरेश को छुट्टे पैसे नहीं होने पर कंडक्टर ने बस से उतरने के लिए कहा। पहचान सामने आने के बाद कंडक्टर को निलंबित कर दिया गया। घटना के बाद BMTC ने यात्रियों को छुट्टे पैसे के कारण बस से नहीं उतारने के निर्देश जारी किए हैं।

Sonali15 जुल. 2026, 11:44 AM IST
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बेंगलुरु: मंत्री ने परखी बस व्यवस्था; बदसलूकी पर कंडक्टर सस्पेंड, कर्मियों को सख्त निर्देश
12 जुलाई 2026 की रात कर्नाटक के परिवहन मंत्री बायरथी सुरेश बिना किसी सरकारी काफिले या सुरक्षा के आम यात्री बनकर बेंगलुरु शहर की विभिन्न BMTC बसों में सफर करने निकले। उन्होंने चेहरे पर मास्क लगाया हुआ था ताकि कोई उन्हें पहचान न सके। लगभग दो घंटे तक उन्होंने 10 से अधिक बस रूटों पर यात्रा कर यात्रियों और कर्मचारियों के व्यवहार तथा सार्वजनिक परिवहन सेवाओं की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया।

इसी दौरान एक बस में मंत्री ने दो टिकट खरीदने के लिए ₹100 का नोट दिया। कंडक्टर ने कहा कि उसके पास छुट्टे पैसे नहीं हैं और यदि सही किराया नहीं है तो वे बस से उतर जाएं। मंत्री ने अपनी पहचान उजागर नहीं की और बिना किसी विवाद के बस से उतर गए। बाद में जब अधिकारियों को पता चला कि वह यात्री स्वयं परिवहन मंत्री थे, तो मामले की जांच कर संबंधित कंडक्टर को यात्रियों के प्रति अभद्र व्यवहार के आरोप में निलंबित कर दिया गया।

औचक निरीक्षण के दौरान मंत्री ने एक अन्य बस में यह भी पाया कि चालक ने निर्धारित बस स्टॉप पर यात्री को चढ़ाने या उतारने के लिए बस नहीं रोकी। इस मामले में संबंधित चालक और कंडक्टर के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इसके अलावा मंत्री ने ऑटो-रिक्शा से यात्रा के दौरान मीटर से अधिक किराया वसूले जाने की शिकायत भी दर्ज कराई।

घटना के बाद परिवहन मंत्री बायरथी सुरेश ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी कर्मचारी को दंडित करना नहीं, बल्कि आम यात्रियों को रोजाना होने वाली परेशानियों को स्वयं अनुभव करना था। उन्होंने कहा कि वे आम यात्री बनकर इसलिए निकले ताकि सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की जमीनी हकीकत सामने आ सके। मंत्री ने कहा कि यात्रियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार होना चाहिए और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था सुरक्षित, भरोसेमंद तथा जवाबदेह बनाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ऐसे औचक निरीक्षण आगे भी जारी रहेंगे ताकि लोगों को बेहतर सेवाएं मिल सकें।

मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि केवल छुट्टे पैसे की कमी के कारण किसी भी यात्री को बस से उतरने के लिए नहीं कहा जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में कर्मचारियों को विनम्रता से व्यवहार करना चाहिए और जहां संभव हो, यूपीआई समेत डिजिटल भुगतान के विकल्प उपलब्ध कराए जाएं, ताकि यात्रियों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

घटना के बाद बेंगलुरु महानगर परिवहन निगम (BMTC) ने सभी चालक और कंडक्टरों को स्पष्ट निर्देश जारी किए कि केवल छुट्टे पैसे की कमी के कारण किसी भी यात्री को बस से उतरने के लिए नहीं कहा जाएगा। निगम ने बसों में यूपीआई भुगतान सुविधा के अधिक उपयोग पर भी जोर दिया है, ताकि नकदी और छुट्टे पैसे से जुड़ी समस्याओं का समाधान किया जा सके।

कंडक्टर के निलंबन के बाद यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया। कुछ लोगों ने मंत्री के औचक निरीक्षण को आम यात्रियों की समस्याओं को सामने लाने वाला कदम बताया, जबकि कई लोगों ने सवाल उठाया कि छुट्टे पैसे की समस्या लंबे समय से बनी हुई है और इसका समाधान केवल कर्मचारियों पर कार्रवाई नहीं, बल्कि बेहतर व्यवस्था और डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने से होना चाहिए।