government

सुप्रीम कोर्ट की 'ब्रेक' से थमा पूर्ण प्रतिबंध, तमिलनाडु में गोवंश वध पर हाई कोर्ट के आदेश पर लगी अंतरिम रोक, राज्य सरकार को बड़ी राहत

नई दिल्ली, 13 जुलाई 2026। तमिलनाडु में गोवंश वध पर पूर्ण प्रतिबंध को लेकर जारी कानूनी विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को बड़ी अंतरिम राहत दी है। शीर्ष अदालत ने मद्रास हाई कोर्ट के उस आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है, जिसमें राज्य सरकार को पूरे तमिलनाडु में गाय और बछड़ों के वध पर पूर्ण प्रतिबंध सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया था। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने कहा कि प्रथम दृष्टया हाई कोर्ट के आदेश का अंतिम हिस्सा संशोधन योग्य प्रतीत होता है।

Sonali15 जुल. 2026, 01:35 PM IST
खबर शेयर करें:
सुप्रीम कोर्ट की 'ब्रेक' से थमा पूर्ण प्रतिबंध, तमिलनाडु में गोवंश वध पर हाई कोर्ट के आदेश पर लगी अंतरिम रोक, राज्य सरकार को बड़ी राहत
 क्या है पूरा मामला?

यह मामला तमिलनाडु के तिरुपत्तूर जिले से जुड़ा है, जहां वर्ष 2015 में प्रतिबंधित पशुओं के अवैध वध और मांस की बिक्री की शिकायत सामने आई थी। इस मामले में पुलिस ने तमिलनाडु एनिमल प्रिजर्वेशन एक्ट, 1958 और अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत कार्रवाई की थी। बाद में इस मुद्दे को लेकर एक जनहित याचिका (PIL) दायर की गई, जिसमें आरोप लगाया गया कि राज्य में कानून के बावजूद गोवंश का अवैध वध जारी है और सरकार प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रही है।

याचिका पर सुनवाई करते हुए मद्रास हाई कोर्ट ने 27 मई 2026 को राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि केवल बकरीद ही नहीं, बल्कि वर्ष के किसी भी दिन गाय और बछड़ों के वध पर पूर्ण रोक सुनिश्चित की जाए तथा कानून का सख्ती से पालन कराया जाए।

सुप्रीम कोर्ट में क्या हुआ?

तमिलनाडु सरकार ने हाई कोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। सरकार का कहना था कि तमिलनाडु एनिमल प्रिजर्वेशन एक्ट, 1958 पूर्ण प्रतिबंध नहीं लगाता। कानून के अनुसार, निर्धारित शर्तों के पूरा होने और सक्षम प्राधिकारी से प्रमाणपत्र मिलने पर कुछ श्रेणी के पशुओं के वध की अनुमति दी जा सकती है। ऐसे में हाई कोर्ट का आदेश कानून से परे है।

सुप्रीम कोर्ट ने 13 जुलाई 2026 को सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट के आदेश के प्रभाव पर अंतरिम रोक लगाते हुए कहा कि प्रथम दृष्टया आदेश का अंतिम हिस्सा कानून के अनुरूप नहीं लगता। अदालत ने मामले में संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर आगे की सुनवाई तय की है।

फैसले का महत्व

सुप्रीम कोर्ट के इस अंतरिम आदेश के बाद फिलहाल मद्रास हाई कोर्ट द्वारा लगाया गया राज्यव्यापी पूर्ण प्रतिबंध लागू नहीं रहेगा। अब इस मामले में अंतिम निर्णय सुप्रीम कोर्ट की विस्तृत सुनवाई के बाद आएगा, जिससे तमिलनाडु में गोवंश वध संबंधी कानून की व्याख्या और उसके अनुपालन की दिशा स्पष्ट होगी।