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नर्सिंग छात्राओं के खाने में कीड़ा! KEM अस्पताल प्रशासन की लापरवाही सामने आई।
मुंबई के बीएमसी संचालित किंग एडवर्ड मेमोरियल के नर्सिंग कॉलेज की छात्राओं को परोसे गए भोजन में कथित तौर पर कीड़ा मिलने का मामला सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। संबंधित मेस ठेकेदार को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। यह घटना ऐसे समय सामने आई है, जब पिछले कुछ वर्षों में देश के कई स्कूलों और सरकारी संस्थानों में भी भोजन की गुणवत्ता को लेकर गंभीर शिकायतें सामने आ चुकी हैं। फिलहाल KEM मामले में जांच जारी है और प्रशासन ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
Vindhya Dubey15 जुल. 2026, 01:43 PM IST

मुंबई के बीएमसी संचालित KEM अस्पताल के नर्सिंग कॉलेज की छात्राओं ने मेस में परोसे गए छोले-चावल में पर कीड़ा मिलने की शिकायत की है। घटना की तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन हरकत में आया और संबंधित मेस ठेकेदार को कारण बताओ (Show Cause) नोटिस जारी कर विभागीय जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, घटना नर्सिंग छात्रावास की मेस में हुई, जहां बड़ी संख्या में छात्राओं को भोजन परोसा जाता है। मामले के सामने आने के बाद भोजन की गुणवत्ता, रसोई की स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि मेस संचालक या किसी अन्य पक्ष की लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल यह मामला जांच के अधीन है और प्रशासन ने अभी तक किसी की जिम्मेदारी तय नहीं की है।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
- KEM अस्पताल की घटना कोई पहला मामला नहीं है। पिछले कुछ वर्षों में देश के विभिन्न राज्यों से सरकारी स्कूलों, छात्रावासों और अन्य संस्थागत रसोईघरों में भोजन की गुणवत्ता को लेकर कई शिकायतें सामने आई हैं।
- मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय में मिड-डे मील के भोजन में मेंढक मिलने की घटना सामने आई थी। इस घटना के बाद बच्चों ने भोजन करने से इनकार कर दिया था और जिला प्रशासन ने जांच के आदेश दिए थे।
- कर्नाटक के कोप्पल जिले के कई सरकारी और सहायता प्राप्त विद्यालयों में मिड-डे मील में कीड़े मिलने की शिकायतों के बाद खाद्य नमूनों की जांच कराई गई। जांच में कुछ नमूनों को खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया, जिसके बाद संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई।
- बिहार के नालंदा जिले में मई 2026 में मिड-डे मील खाने के बाद दर्जनों छात्र बीमार पड़ गए थे। इस मामले का राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने स्वतः संज्ञान लिया और राज्य सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी।
क्या कहते हैं खाद्य सुरक्षा नियम?
भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के अनुसार अस्पतालों, छात्रावासों, स्कूलों और अन्य संस्थागत रसोईघरों में भोजन तैयार करने के दौरान स्वच्छता, कीट नियंत्रण (Pest Control), सुरक्षित भंडारण, गुणवत्ता परीक्षण और नियमित निरीक्षण अनिवार्य हैं। वहीं, केंद्र सरकार की पीएम पोषण (पूर्व मिड-डे मील) योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार भोजन परोसने से पहले उसका स्वाद (Tasting) जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा लिया जाना चाहिए तथा रसोई और खाद्य सामग्री की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में रहने वाले छात्र-छात्राओं का स्वास्थ्य सीधे भोजन की गुणवत्ता पर निर्भर करता है। इसलिए केवल शिकायत मिलने के बाद कार्रवाई करने के बजाय नियमित फूड ऑडिट, थर्ड-पार्टी निरीक्षण और किचन हाइजीन की लगातार निगरानी आवश्यक है।
फिलहाल क्या स्थिति है?
- अस्पताल प्रशासन ने संबंधित मेस ठेकेदार को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
- विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
- भोजन की गुणवत्ता और मेस संचालन की समीक्षा की जा रही है।
- जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
