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स्पेन ने फ्रांस को 2-0 से हराकर फीफा विश्व कप 2026 के फाइनल में बनाई जगह, यामाल और ओयारजाबाल की चमक के आगे फीकी पड़ी एमबाप्पे की टीम।

फीफा विश्व कप 2026 के पहले सेमीफाइनल में स्पेन ने फ्रांस को 2-0 से हराकर फाइनल में जगह बना ली। मिकेल ओयारजाबाल और पेड्रो पोरो ने गोल किए, जबकि लामिन यामाल ने शानदार प्रदर्शन से मैच का रुख बदल दिया। अब स्पेन फाइनल में इंग्लैंड और अर्जेंटीना के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से भिड़ेगा।

Anshuman Mishra15 जुल. 2026, 04:49 PM IST
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स्पेन ने फ्रांस को 2-0 से हराकर फीफा विश्व कप 2026 के फाइनल में बनाई जगह, यामाल और ओयारजाबाल की चमक के आगे फीकी पड़ी एमबाप्पे की टीम।
डिफेंडिंग यूरो चैंपियन स्पेन ने सेमीफाइनल में फ्रांस को पूरी तरह पछाड़ा, लगातार शानदार प्रदर्शन के दम पर विश्व कप फाइनल में पहुंची 'ला रोजा। फीफा विश्व कप 2026 के पहले सेमीफाइनल में स्पेन ने फ्रांस को 2-0 से हराकर शानदार अंदाज में फाइनल का टिकट हासिल कर लिया। पूरे मुकाबले में स्पेन ने गेंद पर नियंत्रण, तेज पासिंग और मजबूत डिफेंस का बेहतरीन प्रदर्शन किया, जबकि किलियन एमबाप्पे की अगुवाई वाली फ्रांसीसी टीम पूरे मैच में लय हासिल नहीं कर सकी। इस जीत के साथ स्पेन अब फाइनल में इंग्लैंड और अर्जेंटीना के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से भिड़ेगा।

मैच की शुरुआत से ही स्पेन ने आक्रामक खेल दिखाया। 22वें मिनट में युवा स्टार लामिन यामाल ने शानदार रन बनाते हुए फ्रांस के डिफेंडर से फाउल करवाया, जिसके बाद मिले पेनल्टी को मिकेल ओयारजाबाल ने बिना कोई गलती किए गोल में बदल दिया। इस गोल ने स्पेन को शुरुआती बढ़त दिला दी और फ्रांस पर दबाव बढ़ गया। पहला गोल खाने के बाद फ्रांस ने वापसी की कोशिश की, लेकिन स्पेन के मिडफील्ड ने उन्हें खुलकर खेलने का कोई मौका नहीं दिया। रोड्री, दानी ओल्मो और मार्क कुकुरेला ने गेंद पर लगातार नियंत्रण बनाए रखा। दूसरी ओर, एमबाप्पे, ओस्मान डेम्बेले और माइकल ओलीसे जैसे स्टार खिलाड़ी स्पेन की मजबूत रक्षापंक्ति को भेदने में नाकाम रहे। स्पेन ने पूरे टूर्नामेंट की तरह इस मैच में भी अनुशासित फुटबॉल का प्रदर्शन किया।
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दूसरे हाफ में 58वें मिनट पर स्पेन ने अपनी बढ़त दोगुनी कर दी। दानी ओल्मो के साथ शानदार वन-टू मूव के बाद राइट बैक पेड्रो पोरो ने बेहतरीन फिनिश करते हुए गेंद को नेट में पहुंचा दिया। इस गोल के बाद फ्रांस के लिए वापसी लगभग असंभव हो गई। पेड्रो पोरो को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए 'प्लेयर ऑफ द मैच' भी चुना गया।मुकाबले के दौरान एक पेनल्टी फैसले को लेकर विवाद भी देखने को मिला। कुछ रिप्ले में लामिन यामाल के संभावित हैंडबॉल को लेकर चर्चा हुई, लेकिन वीडियो असिस्टेंट रेफरी (VAR) ने रेफरी के फैसले को बरकरार रखा और पेनल्टी रद्द नहीं की। फ्रांस के कोच दिदिएर देशां ने मैच के बाद इस फैसले पर निराशा जताई, हालांकि नियम विशेषज्ञों के अनुसार यह हैंडबॉल के दायरे में नहीं आता था।

स्पेन के मुख्य कोच लुइस डे ला फुएंते ने मैच के बाद कहा कि उनकी टीम ने पूरे टूर्नामेंट में एकजुट होकर खेला है और यही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने खिलाड़ियों की अनुशासन, मेहनत और सामूहिक खेल की जमकर तारीफ की। वहीं फ्रांस के कोच दिदिएर देशां ने स्वीकार किया कि उनकी टीम तकनीकी रूप से स्पेन से पीछे रही और आक्रमण में अपेक्षित धार नहीं दिखा सकी। इस जीत के साथ स्पेन ने एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली। टीम पिछले दो वर्षों से अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में लगातार शानदार प्रदर्शन कर रही है। यूईएफए नेशंस लीग और यूरो 2024 जीतने के बाद अब स्पेन विश्व कप ट्रॉफी से सिर्फ एक कदम दूर है। इसके अलावा स्पेन का अपराजित अभियान भी लगातार जारी है, जो उसकी मौजूदा पीढ़ी की मजबूती को दर्शाता है।

अब स्पेन की नजर अपने दूसरे फीफा विश्व कप खिताब पर होगी। दूसरी ओर, फ्रांस का लगातार तीसरे विश्व कप फाइनल में पहुंचने का सपना टूट गया है। फ्रांस अब तीसरे स्थान के मुकाबले में उतरेगा, जबकि स्पेन 19 जुलाई को खेले जाने वाले फाइनल में विश्व चैंपियन बनने के लिए मैदान में उतरेगा।