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होर्मुज जलडमरूमध्य में मिसाइल हमला: पुणे के मरीन इंजीनियर हेरंब करमरकर की मौत, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

अमेरिका-ईरान तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में हुए मिसाइल हमले में महाराष्ट्र के पुणे निवासी मरीन इंजीनियर हेरंब करमरकर की मौत हो गई। 13 जुलाई 2026 को हुए हमले के बाद वह लापता हो गए थे और 15 जुलाई को उनके परिवार ने उनके निधन की पुष्टि की। घटना के बाद विदेश मंत्रालय ने हमले की निंदा करते हुए भारतीय नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की बात कही।

Sonali15 जुल. 2026, 05:44 PM IST
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होर्मुज जलडमरूमध्य में मिसाइल हमला: पुणे के मरीन इंजीनियर हेरंब करमरकर की मौत, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य तनाव के बीच 13 जुलाई 2026 को ओमान के तट के पास होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे व्यापारी जहाज MV GFS Galaxy पर मिसाइल/प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ। हमले के दौरान जहाज के इंजन रूम के पास विस्फोट हुआ, जिससे भीषण आग लग गई। इसी दौरान जहाज पर थर्ड इंजीनियर के रूप में कार्यरत पुणे निवासी हेरंब करमरकर लापता हो गए थे।
दो दिनों तक चले तलाश अभियान के बाद 15 जुलाई 2026 को हेरंब करमरकर के परिवार ने उनके निधन की पुष्टि की। बताया गया कि घटना से कुछ मिनट पहले ही उन्होंने अपने परिजनों से फोन पर बात की थी। इसके बाद अचानक जहाज पर हमला हुआ और उनसे संपर्क टूट गया।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हमले के बाद चालक दल के अन्य सदस्यों को सुरक्षित निकाल लिया गया, लेकिन हेरंब का कोई पता नहीं चल सका। बाद में परिवार को उनके निधन की सूचना दी गई। उनके परिजनों ने भारत सरकार से पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द भारत लाने की मांग की है।
विदेश मंत्रालय (MEA) ने घटना पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। मंत्रालय ने बताया कि हाल के दिनों में होर्मुज जलडमरूमध्य में भारतीय नाविकों वाले जहाजों पर लगातार हमले चिंता का विषय हैं। मंत्रालय ने कहा कि दोनों प्रभावित जहाजों पर बड़ी संख्या में भारतीय नाविक तैनात थे और भारत सरकार सभी भारतीय नागरिकों की सुरक्षा तथा उनके परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध करा रही है।
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। अमेरिका-ईरान संघर्ष के कारण इस क्षेत्र में लगातार हमलों का खतरा बना हुआ है, जिससे अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ रहा है।