government

क्या भूख हड़ताल ले लेगी सोनम वांगचुक की जान? 18वें दिन दिल्ली हाई कोर्ट में पहुंची 'तत्काल इलाज' की गुहार।

18 दिन से भूख हड़ताल पर बैठे पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में PIL दायर की गई है। याचिका में दावा है कि उनका वजन 8.5 किलोग्राम घट चुका है और उन्हें तत्काल सरकारी अस्पताल में भर्ती कर इलाज उपलब्ध कराया जाना चाहिए। फिलहाल कोर्ट के फैसले का इंतजार है ।

Kalpana Gautam15 जुल. 2026, 05:46 PM IST
खबर शेयर करें:
क्या भूख हड़ताल ले लेगी सोनम वांगचुक की जान? 18वें दिन दिल्ली हाई कोर्ट में पहुंची 'तत्काल इलाज' की गुहार।
नई दिल्ली: पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारों की आवाज़ माने जाने वाले सोनम वांगचुक की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल अब गंभीर स्वास्थ्य संकट में बदलती दिखाई दे रही है। उनकी भूख हड़ताल का बुधवार को 18वां दिन पूरा हो गया। इसी बीच उनकी बिगड़ती सेहत को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दायर की गई है, जिसमें केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार को तत्काल चिकित्सकीय हस्तक्षेप करने के निर्देश देने की मांग की गई है। 

याचिका में दावा किया गया है कि वांगचुक का वजन करीब 8.5 किलोग्राम घट चुका है और लगातार उपवास के कारण उनकी शारीरिक स्थिति तेजी से बिगड़ रही है। याचिकाकर्ता ने अदालत से अनुरोध किया है कि उन्हें तुरंत किसी सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया जाए और आवश्यकता पड़ने पर चिकित्सकीय प्रोटोकॉल के अनुसार जीवनरक्षक उपचार उपलब्ध कराया जाए। 

रिपोर्टों के अनुसार, सोनम वांगचुक 28 जून से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। उनका आंदोलन कथित परीक्षा अनियमितताओं और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर चल रहा है। उनकी सेहत को लेकर देशभर में चिंता बढ़ रही है और कई सामाजिक व राजनीतिक हस्तियों ने भी सरकार से बातचीत कर समाधान निकालने की अपील की है।

फिलहाल दिल्ली हाई कोर्ट में दायर याचिका पर सभी की निगाहें टिकी हैं। अदालत इस मामले में क्या रुख अपनाती है, यह आने वाले दिनों में तय करेगा कि वांगचुक की चिकित्सा और आंदोलन आगे किस दिशा में बढ़ेगा। अभी तक अदालत की ओर से अंतिम आदेश जारी नहीं हुआ है।