महिला की जान बचाना पड़ा भारी? आगरा कैंट पर RPF जवानों ने स्टेशन मास्टर को क्यों घसीटा?
उत्तर प्रदेश के आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर ड्यूटी के दौरान एक महिला यात्री की सुरक्षा के लिए ट्रेन रुकवाने के बाद डिप्टी स्टेशन सुपरिंटेंडेंट (Dy SS) नरेंद्र सिंह चाहर के साथ कथित मारपीट और उन्हें प्लेटफॉर्म पर घसीटने का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद रेलवे प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए एक इंस्पेक्टर सहित पांच रेलवे सुरक्षा बल (RPF) कर्मियों को निलंबित कर दिया है, जबकि मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति गठित की गई है।
यह मामला केवल दो रेलवे विभागों के बीच हुए विवाद का नहीं, बल्कि रेलवे संचालन, यात्री सुरक्षा और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय से जुड़ा गंभीर प्रश्न भी बन गया है। घटना के बाद देशभर के स्टेशन मास्टरों और रेलवे कर्मचारी संगठनों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। वे आरोपियों के खिलाफ सख्त विभागीय और कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार, 12 जुलाई को ट्रेन संख्या 20808 हिराकुंड एक्सप्रेस आगरा कैंट स्टेशन से निर्धारित ठहराव के बाद रवाना हुई थी। इसी दौरान एक महिला यात्री ट्रेन से नीचे उतर गई और ट्रेन चलने के बाद दोबारा चढ़ने का प्रयास करने लगी। स्थिति को जोखिमपूर्ण देखते हुए ड्यूटी पर तैनात डिप्टी स्टेशन सुपरिंटेंडेंट नरेंद्र सिंह चाहर ने ट्रेन क्रू से संपर्क कर ट्रेन रुकवाने का निर्णय लिया, ताकि यात्री सुरक्षित रूप से ट्रेन में सवार हो सके।
बताया जा रहा है कि ट्रेन रुकने के बाद RPF कर्मियों ने इसे आपातकालीन चेन पुलिंग (Alarm Chain Pulling) का मामला समझ लिया और कार्रवाई शुरू कर दी। इसी दौरान डिप्टी स्टेशन सुपरिंटेंडेंट ने स्पष्ट किया कि ट्रेन को सुरक्षा कारणों से अधिकृत रूप से रोका गया था। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच बहस हुई, जो कथित तौर पर हाथापाई में बदल गई। वायरल वीडियो में कुछ RPF कर्मी अधिकारी को पकड़कर प्लेटफॉर्म पर ले जाते हुए दिखाई दे रहे हैं। रेलवे प्रशासन ने घटना का संज्ञान लेते हुए आगरा कैंट RPF प्रभारी इंस्पेक्टर सुरेंद्र चौधरी, एएसआई मेघराज मीणा, एएसआई बलकिशन, कांस्टेबल जितेंद्र और बदन सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। साथ ही निष्पक्ष जांच के लिए जूनियर एडमिनिस्ट्रेटिव ग्रेड (JAG) के अधिकारियों की तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई है।
मामले में डिप्टी स्टेशन सुपरिंटेंडेंट नरेंद्र सिंह चाहर की शिकायत पर सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी भी दर्ज की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।घटना के बाद रेलवे कर्मचारी संगठनों में व्यापक नाराजगी देखने को मिली। ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर्स एसोसिएशन (AISMA) के नेतृत्व में आगरा मंडल सहित कई शहरों के स्टेशन मास्टरों ने काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। वहीं ऑल इंडिया रेलवेमेंस फेडरेशन (AIRF) ने भी घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
उत्तर मध्य रेलवे (NCR) ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि प्रथम दृष्टया तथ्यों के आधार पर संबंधित RPF कर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। साथ ही तीन सदस्यीय जांच समिति गठित कर विस्तृत जांच के निर्देश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद रेलवे नियमों के अनुसार आगे की विभागीय कार्रवाई की जाएगी। उत्तर मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (CPRO) डॉ. शिवम शर्मा ने मीडिया से कहा, "ट्रेन रुकने के कारण को लेकर RPF और डिप्टी स्टेशन सुपरिंटेंडेंट के बीच कुछ भ्रम की स्थिति उत्पन्न हुई थी। मामले की जांच की जा रही है।"