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आमिर खान को जान से मारने की धमकी: जगद्गुरु के खिलाफ मुंबई पुलिस की कार्यवाही कब ? सोशल मीडिया पर मचा बवाल
जगद्गुरु परमहंस के कथित बयान, जिसमें आमिर खान को टपकाने वाले को 5 करोड़ रुपये देने की बात कही गई, जिसने देशभर में विवाद खड़ा कर दिया है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि उत्तर प्रदेश पुलिस, महाराष्ट्र पुलिस या गृह मंत्रालय का क्या एक्शन होगा ?
Anshuman Mishra15 जुल. 2026, 05:56 PM IST

मुंबई/अयोध्या: बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान को लेकर जगद्गुरु परमहंस आचार्य के एक विवादित बयान ने नया कानूनी विवाद खड़ा कर दिया है। परमहंस ने कथित तौर पर सार्वजनिक मंच से कहा कि "जो आमिर खान को टपकायेगा, उसे 5 करोड़ रुपये का इनाम दिया जाएगा।" बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद कानून-व्यवस्था और हेट स्पीच को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। यह मामला अब केवल एक विवादित बयान तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि सवाल यह है कि यदि किसी व्यक्ति, चाहे वह कितना भी बड़ा धार्मिक या सामाजिक चेहरा क्यों न हो, द्वारा किसी नागरिक की हत्या के लिए खुलेआम इनाम घोषित किया जाता है, तो क्या उत्तर प्रदेश पुलिस, महाराष्ट्र पुलिस या गृह मंत्रालय एफआईआर दर्ज करेगी? क्या केंद्र सरकार या अन्य जांच एजेंसियां इस मामले में हस्तक्षेप करेंगी?
क्या कहा गया?
सार्वजनिक रूप से सामने आए वीडियो में जगद्गुरु परमहंस ने कथित रूप से कहा कि जो व्यक्ति आमिर खान को टपकायेगा, उसे 5 करोड़ रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा और उसके कानूनी खर्च का भी वहन किया जाएगा। यह बयान सोशल मीडिया और समाचार माध्यमों में तेजी से प्रसारित हुआ है।
सबसे बड़ा सवाल: क्या यह सिर्फ बयान है या दंडनीय अपराध?
भारतीय कानून के अनुसार यदि कोई व्यक्ति किसी की हत्या के लिए उकसाता है, हिंसा के लिए सार्वजनिक रूप से प्रोत्साहित करता है या हत्या पर इनाम घोषित करता है, तो परिस्थितियों के आधार पर यह भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध माना जा सकता है। इनमें आपराधिक धमकी, हिंसा के लिए उकसाना, सार्वजनिक शांति भंग करने वाले कृत्य तथा अन्य प्रासंगिक धाराएं लागू हो सकती हैं। वास्तविक धाराओं का निर्धारण पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर किया जाता है।
आमिर खान की सुरक्षा पर भी उठे सवाल
आमिर खान देश के सबसे चर्चित फिल्म अभिनेताओं में से एक हैं। अतीत में भी उनके कुछ सार्वजनिक बयानों को लेकर विवाद और विरोध देखने को मिला था, जिसके बाद उन्हें सुरक्षा संबंधी चुनौतियों का सामना करना पड़ा था। ऐसे में इस तरह की सार्वजनिक इनामी घोषणा के बाद उनकी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी बहस तेज हो गई है।
सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर दो तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। एक वर्ग इस बयान की कड़ी निंदा करते हुए तत्काल कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहा है, जबकि दूसरा वर्ग इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के दायरे में बताने की कोशिश कर रहा है। हालांकि कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार किसी भी स्थिति में हिंसा या हत्या के लिए उकसाने की अनुमति नहीं देता।
अब सबकी नजर पुलिस पर
इस पूरे घटनाक्रम के बाद सबसे बड़ा प्रश्न यही है कि क्या पुलिस स्वतः संज्ञान लेकर मामला दर्ज करेगी, क्या बयान देने वाले से पूछताछ होगी और क्या किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इस विवादित बयान के संबंध में पुलिस की ओर से किसी एफआईआर या आधिकारिक कार्रवाई की सार्वजनिक पुष्टि नहीं हुई है। यदि आने वाले समय में कोई कार्रवाई होती है, तो यह मामला अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और कानून के शासन पर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन सकता है।
