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रूस से तेल खरीदना पड़ेगा भारी? भारत पर 100% टैरिफ का अमेरिकी दांव।
रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर दबाव बढ़ाने के लिए अमेरिकी सीनेट में एक नया बिल पेश किया गया है, जिसमें भारत समेत प्रमुख खरीदार देशों पर अधिकतम 100% टैरिफ लगाने का प्रस्ताव है। फिलहाल यह केवल प्रस्तावित विधेयक है, कानून नहीं बना है और भारत पर कोई नया 100% टैरिफ लागू नहीं हुआ है।
Kalpana Gautam15 जुल. 2026, 07:19 PM IST

वॉशिंगटन/नई दिल्ली: भारत और अमेरिका के व्यापारिक रिश्तों के बीच एक नया विवाद खड़ा हो सकता है। अमेरिकी सीनेट में एक द्विदलीय विधेयक पेश किया गया है, जिसमें रूस से तेल खरीदने वाले प्रमुख देशों पर अधिकतम 100% तक टैरिफ लगाने का प्रस्ताव रखा गया है। इस सूची में भारत, चीन, स्लोवाकिया, हंगरी और अज़रबैजान जैसे देश शामिल हैं।
यह प्रस्ताव रूस पर आर्थिक दबाव बढ़ाने की अमेरिकी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। अमेरिका का तर्क है कि रूस के ऊर्जा निर्यात से होने वाली आय यूक्रेन युद्ध को जारी रखने में मदद कर रही है। इसलिए जो देश बड़े पैमाने पर रूसी तेल खरीद रहे हैं, उन पर आर्थिक दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है।
हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि यह केवल एक प्रस्तावित विधेयक है। इसे कानून बनने के लिए अमेरिकी कांग्रेस की विधायी प्रक्रिया पूरी करनी होगी और उसके बाद राष्ट्रपति की मंजूरी भी आवश्यक होगी। इसलिए फिलहाल भारत पर कोई 100% टैरिफ लागू नहीं हुआ है।
रिपोर्टों के अनुसार, इस बिल का शुरुआती मसौदा 500% टैरिफ का था, लेकिन बाद में इसे संशोधित कर अधिकतम 100% तक सीमित किया गया ताकि इसे अधिक राजनीतिक समर्थन मिल सके। साथ ही, कुछ परिस्थितियों में अमेरिकी राष्ट्रपति को छूट (waiver) देने का अधिकार भी प्रस्तावित किया गया है।
