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मुंबई लोकल ट्रेन दुष्कर्म केस: 3 साल बाद आरोपी को जमानत, जांच और न्याय प्रक्रिया पर सवाल l

मुंबई की हार्बर लाइन लोकल ट्रेन में 20 वर्षीय छात्रा के साथ हुए कथित दुष्कर्म मामले में तीन साल बाद कोर्ट का बड़ा फैसला सामने आया है। सेशंस कोर्ट ने आरोपी को जमानत दे दी है, जिसके बाद जांच और न्यायिक प्रक्रिया को लेकर नए सिरे से बहस शुरू हो गई है।

Kashish Rai16 जुल. 2026, 02:00 PM IST
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मुंबई लोकल ट्रेन दुष्कर्म केस: 3 साल बाद आरोपी को जमानत, जांच और न्याय प्रक्रिया पर सवाल l

मुंबई में चलती लोकल ट्रेन में छात्रा के साथ हुए कथित दुष्कर्म मामले में सेशंस कोर्ट ने आरोपी नवाज़ु करीम को जमानत दे दी है। यह घटना उस समय की है जब पीड़िता हार्बर लाइन की लोकल ट्रेन में छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस से मस्जिद स्टेशन के बीच सफर कर रही थी। वह बेलापुर में अपनी परीक्षा देने जा रही थी, तभी उसके साथ यह कथित अपराध हुआ।


मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि अब तक इस केस में केवल एक गवाह की ही जांच हो सकी है, जबकि पीड़िता का बयान अभी तक दर्ज नहीं किया गया है। अदालत ने यह भी माना कि आरोपी जून 2023 से हिरासत में था और इस दौरान जांच पूरी की जा चुकी है। इन तथ्यों को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने आरोपी को जमानत देने का फैसला सुनाया।


सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से केस को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया धीमी रहने पर भी सवाल उठे। अदालत ने अपने आदेश में यह संकेत दिया कि लंबे समय के बाद भी केस में ठोस प्रगति नहीं हो पाई है। वहीं, बचाव पक्ष ने अदालत में यह दलील दी कि आरोपी को गलत तरीके से फंसाया गया है। बचाव पक्ष के अनुसार, शुरुआती एफआईआर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ दर्ज की गई थी और बाद में आरोपी को इस मामले में जोड़ा गया। 


साथ ही, यह भी कहा गया कि पीड़िता और उसके परिवार ने मेडिकल जांच नहीं करवाई, जिसके कारण मामले में मेडिकल साक्ष्य उपलब्ध नहीं हैं। यह मामला सामने आने के बाद उस समय मुंबई की लोकल ट्रेनों में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई गई थी। अब आरोपी को जमानत मिलने के बाद एक बार फिर जांच की दिशा, सबूतों की स्थिति और न्यायिक प्रक्रिया की गति पर सवाल उठने लगे हैं।