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मुंबई: स्कूल तोड़ने की कार्रवाई पर हाईकोर्ट की रोक, BMC की कार्रवाई पर उठे सवाल

मुंबई के गोवंडी स्थित तहजीब इस्लामिक इंग्लिश स्कूल को बॉम्बे हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने BMC को 20 जुलाई तक स्कूल भवन पर आगे की तोड़फोड़ रोकने का आदेश दिया है। हालांकि BMC का कहना है कि अदालत का आदेश मिलने से पहले ही भवन की एक मंजिल गिराई जा चुकी थी। स्कूल प्रबंधन ने कार्रवाई को मनमाना बताया है।

Anshuman Mishra16 जुल. 2026, 02:17 PM IST
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मुंबई: स्कूल तोड़ने की कार्रवाई पर हाईकोर्ट की रोक, BMC की कार्रवाई पर उठे सवाल

मुंबई: गोवंडी स्थित तहजीब इस्लामिक इंग्लिश स्कूल को फिलहाल बॉम्बे हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) को स्कूल भवन पर आगे की किसी भी प्रकार की तोड़फोड़ की कार्रवाई 20 जुलाई तक रोकने का निर्देश दिया है। हालांकि BMC ने अदालत को बताया कि स्टे ऑर्डर मिलने से पहले ही भवन की एक मंजिल को ध्वस्त किया जा चुका था। यह आदेश न्यायमूर्ति मकरंद कर्णिक और श्रीराम मोडक की खंडपीठ ने स्कूल संचालित करने वाले ट्रस्ट की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 20 जुलाई तय की है और तब तक यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।

क्या है पूरा मामला?

तहजीब इस्लामिक इंग्लिश स्कूल का संचालन स्कॉलर एजुकेशन ट्रस्ट द्वारा किया जाता है। ट्रस्ट का दावा है कि इस स्कूल में लगभग 600 छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं, जिनमें अधिकांश आर्थिक रूप से कमजोर और झुग्गी बस्तियों में रहने वाले परिवारों से आते हैं। BMC ने 7 जुलाई को स्कूल भवन को अनधिकृत निर्माण बताते हुए महाराष्ट्र स्लम एरिया अधिनियम के तहत उसे गिराने का नोटिस जारी किया था। मंगलवार सुबह जब BMC का तोड़फोड़ दस्ता मौके पर पहुंचा, तब स्कूल प्रबंधन ने तत्काल बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

ट्रस्ट ने क्या कहा?

याचिका में ट्रस्ट ने आरोप लगाया कि प्रशासन की कार्रवाई चयनात्मक और दुर्भावनापूर्ण है। ट्रस्ट का कहना है कि मानसून के दौरान सर्वोच्च न्यायालय और राज्य सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के बावजूद स्कूल भवन को गिराने की कार्रवाई की गई। याचिका में यह भी कहा गया कि भवन को लेकर संबंधित अधिकारी के समक्ष अपील पहले ही दायर की जा चुकी है, लेकिन उस पर अभी तक सुनवाई नहीं हुई है।

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BMC का पक्ष

BMC ने अदालत को बताया कि स्कूल भवन पूरी तरह अनधिकृत है और नियमानुसार उसके खिलाफ कार्रवाई की जा रही थी। नगर निगम का कहना है कि हाईकोर्ट का अंतरिम आदेश मिलने से पहले ही भवन की एक मंजिल हटाई जा चुकी थी। BMC अधिकारियों के अनुसार, एम-ईस्ट वार्ड, जिसमें गोवंडी क्षेत्र आता है, वहां दर्जनों अनधिकृत स्कूल भवनों की पहचान की गई है। ऐसे मामलों में शिक्षा विभाग से आवश्यक अनुमति मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

हाईकोर्ट की टिप्पणी

सुनवाई के दौरान अदालत ने माना कि अपील लंबित होने और मामले पर अंतिम निर्णय न होने की स्थिति में स्कूल को सीमित अंतरिम संरक्षण दिया जाना उचित होगा। अदालत ने BMC के अधिवक्ता को निर्देश दिया कि तोड़फोड़ करने वाली टीम तक तुरंत आदेश पहुंचाया जाए ताकि आगे की कार्रवाई रोकी जा सके।


चेंबूर में तीन स्कूलों के खिलाफ FIR

इसी बीच मुंबई के चेंबूर क्षेत्र में BMC के शिक्षा विभाग द्वारा जारी बंद करने के नोटिस के बावजूद तीन निजी स्कूलों के संचालन का मामला भी सामने आया है। RCF पुलिस ने संबंधित स्कूल प्रबंधन के खिलाफ FIR दर्ज की है। शिकायत के अनुसार, शिक्षा विभाग के सर्वे में मुंबई में बड़ी संख्या में अनधिकृत प्राथमिक विद्यालयों की पहचान हुई थी। इन संस्थानों को या तो सरकारी मान्यता प्रस्तुत करने अथवा संचालन बंद करने का निर्देश दिया गया था। इसके बावजूद कुछ स्कूलों द्वारा आदेशों का पालन नहीं करने पर पुलिस कार्रवाई की गई।

मुख्य बिंदु

  • बॉम्बे हाईकोर्ट ने 20 जुलाई तक तोड़फोड़ पर रोक लगाई।
  • BMC ने कहा कि एक मंजिल पहले ही गिराई जा चुकी थी।
  • स्कूल में लगभग 600 छात्र पढ़ते हैं।
  • ट्रस्ट ने कार्रवाई को चयनात्मक और मनमाना बताया।
  • भवन को BMC अनधिकृत निर्माण बता रही है।
  • चेंबूर में तीन स्कूलों के खिलाफ FIR दर्ज हुई।