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​उल्हासनगर की प्यास बुझेगी: जल आपूर्ति और शुद्धिकरण के लिए 211 करोड़ की योजनाओं को मिली मंजूरी ।

केंद्र सरकार के अमृत 2.0 अभियान के तहत उल्हासनगर महानगरपालिका की 211 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी जलापूर्ति और जलशुद्धीकरण परियोजना को मंजूरी दी गई है। इस योजना से आने वाले समय में उल्हासनगरवासियों को नियमित, शुद्ध और सुचारू जलापूर्ति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। कल्याण लोकसभा के सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे के प्रयासों से इस परियोजना को मंजूरी मिलने की जानकारी कल्याण जिला प्रमुख गोपाल लांडगे ने दी है।

Priyanka Gaikwad16 जुल. 2026, 04:59 PM IST
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​उल्हासनगर की प्यास बुझेगी: जल आपूर्ति और शुद्धिकरण के लिए 211 करोड़ की योजनाओं को मिली मंजूरी ।
उल्हासनगर शहर की लंबे समय से चली आ रही पानी की समस्या को दूर करने के लिए 211 करोड़ रुपये की जलापूर्ति परियोजना को केंद्र सरकार के अमृत 2.0 अभियान में शामिल किया गया है। इस योजना के माध्यम से उल्हासनगर महानगरपालिका के लिए खुद का जलस्रोत विकसित किया जाएगा, जिससे शहर की भविष्य की पानी की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी। कल्याण जिला प्रमुख गोपाल लांडगे ने बताया कि इस परियोजना को मंजूरी दिलाने में कल्याण लोकसभा क्षेत्र के सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। वहीं, महापौर अश्विनी निकम ने भी कहा कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद उल्हासनगर की पानी की समस्या काफी हद तक खत्म होगी और उन्होंने सांसद श्रीकांत शिंदे का आभार व्यक्त किया।

जानकारी के अनुसार, कई वर्षों से उल्हासनगर महानगरपालिका के लिए स्वतंत्र जलस्रोत तैयार करने के प्रयास किए जा रहे थे। यह मुद्दा सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे के सामने आने के बाद महानगरपालिका के लिए जलापूर्ति स्रोत विकसित करने की योजना पर काम शुरू किया गया। इसके लिए मेसर्स जवादे एंड एसोसिएट्स को प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंट (PMC) नियुक्त किया गया। कंपनी ने परियोजना का प्रस्ताव महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण के समक्ष प्रस्तुत किया। इस परियोजना के लिए केंद्र सरकार की ओर से 33 प्रतिशत यानी करीब 70 करोड़ 35 लाख रुपये का अनुदान मिलेगा। वहीं राज्य सरकार 36.67 प्रतिशत यानी करीब 77 करोड़ 40 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देगी। जबकि बाकी 30 प्रतिशत यानी लगभग 63 करोड़ रुपये का खर्च उल्हासनगर महानगरपालिका को उठाना होगा। परियोजना के तहत उल्हास नदी पर मोहने क्षेत्र में उदंचन विहीर (पंपिंग स्टेशन) बनाई जाएगी।

यहां से पानी उठाकर म्हारल गांव के पीछे स्थित कानसई गांव तक पहुंचाया जाएगा। यहां 162 मिलियन लीटर प्रतिदिन क्षमता वाला जलशुद्धीकरण केंद्र बनाया जाएगा। इसके अलावा जलशुद्धीकरण केंद्र के लिए सौर ऊर्जा प्रणाली, बिजली आपूर्ति केंद्र, नदी से जलशुद्धीकरण केंद्र तक और आगे शहर की जलापूर्ति व्यवस्था तक नई जलवाहिनियां बिछाने का काम भी इस परियोजना में शामिल है। इस महत्वाकांक्षी योजना की जानकारी देने के लिए आयोजित पत्रकार परिषद में महापौर अश्विनी निकम, कल्याण जिला प्रमुख गोपाल लांडगे, स्थायी समिति सभापति कलवंत सिंह सोहता, सभागृह नेता अरुण अशान, विधायक कुमार आयलानी, महानगर प्रमुख राजेंद्र चौधरी, पूर्व विधायक पप्पू कलानी, भाजपा गुटनेता राजेश वधारिया, कमलेश निकम, कुमारी ठाकूर सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।