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आत्मनिर्भर भारत को नई उड़ान: ₹1.27 लाख करोड़ के Semiconductor Mission 2.0 पर कैबिनेट की मुहर
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने India Semiconductor Mission 2.0 को मंजूरी देते हुए ₹1.27 लाख करोड़ के निवेश का रास्ता साफ किया है। इस योजना का उद्देश्य भारत में चिप निर्माण बढ़ाना, विदेशी निर्भरता कम करना, निवेश आकर्षित करना और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करना है।
Neha Sharma16 जुल. 2026, 06:13 PM IST

भारत को सेमीकंडक्टर (चिप) निर्माण में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ₹1.27 लाख करोड़ के India Semiconductor Mission 2.0 को मंजूरी दे दी है।नई योजना का उद्देश्य भारत में सेमीकंडक्टर निर्माण को बढ़ावा देना और वैश्विक सप्लाई चेन में देश की हिस्सेदारी बढ़ाना है।
सेमीकंडक्टर यानी माइक्रोचिप मोबाइल फोन, लैपटॉप, टीवी, कार, मेडिकल उपकरण और रक्षा क्षेत्र में इस्तेमाल होने वाली सबसे महत्वपूर्ण तकनीकों में से एक है। अभी तक भारत इन चिप्स के लिए बड़े पैमाने पर विदेशों पर निर्भर रहा है।
इस मिशन के तहत सरकार देश में अत्याधुनिक चिप निर्माण (Fab Units), पैकेजिंग, टेस्टिंग और डिजाइन सुविधाओं के विकास को बढ़ावा देगी। इससे घरेलू और विदेशी कंपनियों को भारत में निवेश करने का अवसर मिलेगा, जिससे नई फैक्ट्रियां स्थापित होंगी और बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस योजना से भारत इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अपनी स्थिति मजबूत करेगा। साथ ही मोबाइल, ऑटोमोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उद्योगों को चिप की उपलब्धता बेहतर होगी, जिससे भविष्य में सप्लाई संबंधी समस्याएं कम होने की उम्मीद है। सरकार का कहना है कि यह योजना 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान को नई गति देगी और भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर हब बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
