crime

एंटीलिया विस्फोटक और मनसुख हिरेन हत्याकांड: सचिन वाझे को बड़ा झटका, विशेष एनआईए अदालत ने डिस्चार्ज याचिका खारिज की

15 जुलाई 2026 के आदेश में विशेष एनआईए अदालत ने कहा- 157 पन्नों की याचिका मुकदमे को लंबा खींचने का प्रयास, रिकॉर्ड पर मौजूद साक्ष्य ट्रायल चलाने के लिए पर्याप्त।

Sonali16 जुल. 2026, 06:39 PM IST
खबर शेयर करें:
एंटीलिया विस्फोटक और मनसुख हिरेन हत्याकांड: सचिन वाझे को बड़ा झटका, विशेष एनआईए अदालत ने डिस्चार्ज याचिका खारिज की
सचिन वाझे ने अपनी याचिका में दावा किया था कि उनके खिलाफ ऐसा कोई डीएनए, फिंगरप्रिंट या अन्य वैज्ञानिक साक्ष्य नहीं है, जिससे यह साबित हो सके कि उनकी भूमिका उद्योगपति मुकेश अंबानी के मुंबई स्थित आवास 'एंटीलिया' के बाहर जिलेटिन की छड़ों से भरी स्कॉर्पियो कार खड़ी करने या कारोबारी मनसुख हिरेन की हत्या में थी। उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) द्वारा पेश किए गए कथित मकसद (मोटिव) में कई विरोधाभास हैं।
हालांकि, एनआईए ने अदालत में इन दलीलों का विरोध करते हुए कहा कि गवाहों के बयान, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, डिजिटल डेटा और अन्य दस्तावेजी साक्ष्य वाझे की कथित संलिप्तता की ओर प्रथम दृष्टया संकेत करते हैं। एजेंसी ने यह भी कहा कि इस स्तर पर साक्ष्यों का विस्तृत मूल्यांकन नहीं किया जा सकता और मामला ट्रायल के दौरान ही तय होगा।

क्या है पूरा मामला?
25 फरवरी 2021 को उद्योगपति मुकेश अंबानी के दक्षिण मुंबई स्थित आवास 'एंटीलिया' के बाहर जिलेटिन की छड़ों से भरी एक स्कॉर्पियो कार मिली थी। यह वाहन ठाणे के कारोबारी मनसुख हिरेन का था। कुछ दिनों बाद, 5 मार्च 2021 को मनसुख हिरेन का शव ठाणे की खाड़ी से बरामद हुआ। इस घटना के बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने जांच अपने हाथ में ली और बर्खास्त पुलिस अधिकारी सचिन वाझे सहित कई आरोपियों को गिरफ्तार किया। जांच में आरोप लगाया गया कि विस्फोटक से भरी कार रखने और बाद में साजिश से जुड़े सबूत मिटाने की कोशिश की गई।

अदालत की अहम टिप्पणी
विशेष अदालत ने कहा कि आरोप तय करने के चरण में केवल यह देखा जाता है कि अभियोजन पक्ष के रिकॉर्ड पर उपलब्ध साक्ष्य मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त हैं या नहीं। इस स्तर पर साक्ष्यों की गहन जांच या उनकी विश्वसनीयता का अंतिम मूल्यांकन नहीं किया जा सकता। अदालत ने पाया कि रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री प्रथम दृष्टया आरोप तय करने के लिए पर्याप्त है, इसलिए वाझे को इस चरण पर आरोपमुक्त नहीं किया जा सकता।

अब आगे क्या?
डिस्चार्ज याचिका खारिज होने के बाद अब विशेष एनआईए अदालत में आरोप तय करने और नियमित ट्रायल की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। यदि वाझे इस आदेश को चुनौती देना चाहते हैं तो उन्हें उच्च न्यायालय का रुख करना होगा। फिलहाल, विशेष अदालत के आदेश के बाद एंटीलिया विस्फोटक और मनसुख हिरेन हत्याकांड मामले में मुकदमे की सुनवाई जारी रहेगी।