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पेड़ों का 'हेल्थ ऑडिट': ठाणे को हादसों से बचाने के लिए विधायक निरंजन डावखरे की बड़ी मांग ।
ठाणे में भारी बारिश के कारण पेड़ों के गिरने से हो रहे जान-माल के नुकसान को रोकने के लिए विधायक निरंजन डावखरे ने ठाणे नगर आयुक्त से मुलाकात की। उन्होंने मांग की है कि शहर के सभी पेड़ों की जड़ों, तनों और बीमारी की वैज्ञानिक जांच (हेल्थ ऑडिट) की जाए, विशेषकर भीड़भाड़ वाले संवेदनशील स्थानों पर। यह प्रक्रिया हर साल मानसून से पहले अपनाई जानी चाहिए ताकि भविष्य की दुर्घटनाओं को टाला जा सके।
Anshuman Mishra16 जुल. 2026, 06:42 PM IST

ठाणे: ठाणे शहर में पिछले कुछ दिनों से हो रही भारी बारिश के कारण पेड़ उखड़ने और उनकी शाखाएं टूटने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। इन दुर्घटनाओं में कई नागरिक घायल हुए हैं और कुछ लोगों को अपनी जान भी गंवानी पड़ी है। इसी पृष्ठभूमि में, भाजपा विधायक निरंजन डावखरे ने मंगलवार को ठाणे महानगरपालिका के आयुक्त सौरभ राव से मुलाकात की और शहर के सभी पेड़ों का तत्काल वैज्ञानिक पद्धति से 'हेल्थ ऑडिट' कराने की मांग करते हुए एक ज्ञापन सौंपा।
मुलाकात के बाद आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में विधायक डावखरे ने बताया कि शहर के कई पेड़ बाहर से हरे-भरे और सुरक्षित दिखाई देते हैं, लेकिन वे अंदर से खोखले, रोगग्रस्त या बेहद कमजोर हो चुके होते हैं। ऐसे में केवल पेड़ों को काट देना एकमात्र समाधान नहीं है। इसके बजाय विशेषज्ञों की मदद से पेड़ों की वैज्ञानिक जांच की जानी चाहिए।
उन्होंने मांग की है कि इस अभियान के तहत स्कूलों, अस्पतालों, बस और रेलवे स्टेशनों, मुख्य सड़कों, पार्कों और अत्यधिक भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों के पेड़ों को प्राथमिकता दी जाए। साथ ही, उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि यह अभियान केवल एक बार की प्रक्रिया न होकर हर साल मानसून शुरू होने से पहले नियमित रूप से चलाया जाना चाहिए। नगर आयुक्त सौरभ राव ने इस मांग पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए जल्द ही आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया है।
पेड़ों का 'हेल्थ ऑडिट' क्या है?
यह पेड़ों के स्वास्थ्य का आकलन करने की एक वैज्ञानिक प्रक्रिया है। इसमें विशेषज्ञ निम्नलिखित पहलुओं की जांच करते हैं:
- जड़ों की मजबूती: क्या पेड़ की जड़ें जमीन को मजबूती से पकड़े हुए हैं?
- तने की स्थिति: क्या पेड़ अंदर से खोखला, सड़ा हुआ या कमजोर हो चुका है?
- रोगों की जांच: क्या पेड़ में किसी प्रकार की फंगस या बीमारी लगी है जो उसे कमजोर कर रही है?
- शाखाओं का भार: क्या पेड़ की किसी भारी शाखा के टूटने का खतरा है?
- संभावित खतरा: पेड़ के गिरने की आशंका का वैज्ञानिक उपकरणों द्वारा पहले ही अनुमान लगाना।
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
- छिपे हुए खतरों की पहचान: अक्सर जो पेड़ बाहर से पूरी तरह स्वस्थ और हरे-भरे दिखाई देते हैं, वे अंदर से खोखले होते हैं और तेज हवा या बारिश में अचानक गिर जाते हैं।
- अंधाधुंध कटाई पर रोक: यह ऑडिट बिना किसी कारण के स्वस्थ पेड़ों को काटे जाने से बचाता है, क्योंकि केवल कमजोर या खतरनाक हिस्सों (जैसे सूखी टहनियां) को ही छांटा जाता है।
- सार्वजनिक सुरक्षा: रेलवे स्टेशनों, स्कूलों और अस्पतालों जैसी भीड़भाड़ वाली जगहों पर गिरने वाले पेड़ सीधे तौर पर जनहानि का कारण बनते हैं। इसलिए समय रहते सुरक्षा सुनिश्चित करना अनिवार्य है।
इसके क्या लाभ होंगे?
- कीमती जानों की सुरक्षा: समय रहते कमजोर पेड़ों या टहनियों की पहचान कर उन्हें हटा दिया जाएगा, जिससे दुर्घटनाओं और जनहानि में भारी कमी आएगी।
- पर्यावरण का संरक्षण: अनावश्यक रूप से पूरे पेड़ को काटने के बजाय केवल रोगग्रस्त हिस्सों का उपचार या छांटाई की जा सकेगी।
- आपदा प्रबंधन में सुधार: हर साल मानसून पूर्व इस ऑडिट को लागू करने से प्रशासनिक तौर पर आपदाओं से निपटने में आसानी होगी।
- इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा: सड़कों के किनारे लगे पेड़ों के गिरने से होने वाले ट्रैफिक जाम, बिजली के तारों के टूटने और वाहनों के नुकसान से बचा जा सकेगा।
