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एथर एनर्जी पर सरकार का ₹200 करोड़ का दांव! जानिए इनसाइड स्टोरी!!
भारतीय इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर (E2W) निर्माता एथर एनर्जी (Ather Energy) के बोर्ड ने ₹1,200 करोड़ का फंड जुटाने (Fundraise) की मंजूरी दे दी है। इस फंडरेजिंग की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें भारत सरकार, इंडिया-जापान फंड (IJF) के जरिए ₹200 करोड़ का सीधा निवेश कर रही है। इसके साथ ही देश की सबसे बड़ी टू-व्हीलर कंपनी और एथर की सबसे बड़ी शेयरधारक, हीरो मोटोकॉर्प (Hero MotoCorp), इसमें ₹960 करोड़ का भारी-भरकम निवेश करेगी. कंपनी के सह-संस्थापक (Co-founders) तरुण मेहता और स्वप्निल जैन भी इस राउंड में ₹20-₹20 करोड़ का योगदान दे रहे हैं।
Anshuman Mishra16 जुल. 2026, 07:41 PM IST

बेंगलुरु / नई दिल्ली: भारत के इलेक्ट्रिक मोबिलिटी इकोसिस्टम में सरकार और बड़े कॉरपोरेट घरानों का भरोसा लगातार मजबूत हो रहा है। बेंगलुरु आधारित इलेक्ट्रिक स्कूटर निर्माता कंपनी एथर एनर्जी के बोर्ड ने प्रेफरेंशियल इश्यू के जरिए ₹1,200 करोड़ जुटाने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। इस फंडिंग राउंड की अगुवाई भारत सरकार समर्थित क्लाइमेट फंड और ऑटो दिग्गज हीरो मोटोकॉर्प कर रहे हैं।
नियामक फाइलिंग के अनुसार, कंपनी ने अपने शुरुआती ₹1,000 करोड़ के फंडरेजिंग प्लान को 20% बढ़ाकर ₹1,200 करोड़ कर दिया है ताकि इंडिया-जापान फंड (IJF) की भागीदारी को समायोजित किया जा सके।
इस फंड का एक बड़ा हिस्सा महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में कंपनी के महत्वाकांक्षी 'फैक्ट्री 3.0' प्रोजेक्ट के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। इस नई मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के शुरू होने के बाद एथर एनर्जी की सालाना उत्पादन क्षमता बढ़कर 1.42 मिलियन (14.2 लाख) यूनिट्स हो जाएगी। इसके अलावा, कंपनी इस रकम का उपयोग रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D), नए प्रोडक्ट्स के लॉन्च, मार्केटिंग और कर्ज चुकाने के लिए करेगी.
बाजार में एथर एनर्जी का प्रदर्शन शानदार रहा है. वर्ष की पहली छमाही (H1 CY26) में कंपनी के वाहनों के रजिस्ट्रेशन में सालाना आधार पर 91% की भारी बढ़ोतरी देखी गई है, जिससे इसका बाजार हिस्सा बढ़कर 17.4% हो गया है।
यह निवेश क्यों महत्वपूर्ण है?
1. सब्सिडी से हटकर सीधा निवेश: आमतौर पर सरकारें ईवी सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए ग्राहकों को सब्सिडी (जैसे FAME योजना) देती हैं. लेकिन यहाँ सरकार सीधे तौर पर एक घरेलू ईवी निर्माता कंपनी में हिस्सेदारी खरीद रही है. यह दर्शाता है कि सरकार भारतीय मूल की ईवी टेक्नोलॉजी कंपनियों को आत्मनिर्भर और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना चाहती है.
2. हीरो मोटोकॉर्प का भरोसा: भारत की सबसे बड़ी टू-व्हीलर कंपनी (हीरो मोटोकॉर्प) द्वारा अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 30.68% करना यह साबित करता है कि पारंपरिक वाहन निर्माता भी अब ईवी क्रांति को भविष्य मान चुके हैं और एथर की तकनीक पर उन्हें पूरा भरोसा है.
3. प्रमोटर्स का कमिटमेंट: जब किसी कंपनी के फाउंडर्स (तरुण और स्वप्निल) खुद अपनी जेब से ₹40 करोड़ का नया निवेश करते हैं, तो यह निवेशकों को संदेश देता है कि कंपनी का भविष्य सुरक्षित हाथों में है और प्रमोटर्स को अपनी ग्रोथ स्टोरी पर पूरा भरोसा है.
इस डील के मुख्य लाभ:
- उत्पादन क्षमता में भारी बढ़ोतरी: फंड मिलने से महाराष्ट्र की नई फैक्ट्री (Factory 3.0) का काम तेजी से पूरा होगा, जिससे सालाना क्षमता 14.2 लाख यूनिट्स तक पहुंच जाएगी और बाजार में स्कूटर्स की वेटिंग पीरियड कम होगी।
- प्रतिद्वंद्वियों को कड़ी टक्कर: ओला इलेक्ट्रिक जैसे बड़े प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले एथर एनर्जी को एक लंबा 'फाइनेंशियल रनवे' (आर्थिक मजबूती) मिलेगा, जिससे वह मार्केट शेयर की जंग में मजबूती से टिकी रह सकेगी।
- R&D और नई तकनीक: कंपनी अपने अपकमिंग मास-मार्केट इलेक्ट्रिक स्कूटर्स (जैसे हाल ही में आया Rizta परिवार के लिए और 450 सीरीज) के नए मॉडल्स, बेहतर बैटरी टेक्नोलॉजी और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट पर खुलकर खर्च कर पाएगी।
- चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार: कंपनी अपने फास्ट-चार्जिंग नेटवर्क 'एथर ग्रिड' को और अधिक शहरों और हाईवे पर फैला सकेगी, जिससे आम उपभोक्ताओं की 'रेंज एंग्जायटी' (बैटरी खत्म होने का डर) खत्म होगी।
- ग्रीन इकोनॉमी को बढ़ावा: इंडिया-जापान फंड का मुख्य उद्देश्य लो-कार्बन (कम कार्बन उत्सर्जन) और पर्यावरण संरक्षण वाले बिजनेस को बढ़ाना है। इस निवेश से भारत के नेट-जीरो उत्सर्जन लक्ष्यों को हासिल करने में मदद मिलेगी।
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