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धार्मिक संवेदनशीलता को सुप्रीम कोर्ट की प्राथमिकता, 'महाप्रभु जगन्नाथ' फिल्म की रिलीज 28 जुलाई के बाद
भगवान जगन्नाथ के चित्रण पर उठे विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल राहत देने से इनकार किया। अदालत ने कहा कि धार्मिक संवेदनशीलता को देखते हुए फिल्म रथ यात्रा समाप्त होने के बाद ही रिलीज की जाए
Sonali17 जुल. 2026, 02:51 PM IST

भगवान जगन्नाथ पर आधारित एनिमेटेड फिल्म ‘महाप्रभु जगन्नाथ’ की रिलीज को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को महत्वपूर्ण आदेश दिया। न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना और न्यायमूर्ति आर. महादेवन की पीठ ने फिल्म निर्माताओं को तत्काल राहत देने से इनकार करते हुए कहा कि फिल्म का प्रदर्शन भगवान जगन्नाथ की वार्षिक रथ यात्रा समाप्त होने के बाद, 28 जुलाई 2026 से किया जा सकता है। अदालत ने स्पष्ट किया कि फिलहाल धार्मिक संवेदनशीलता को प्राथमिकता देना आवश्यक है। फिल्म निर्माता Ele Animations Pvt. Ltd. ने ओडिशा हाईकोर्ट के 15 जुलाई 2026 के अंतरिम आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने 17 जुलाई को प्रस्तावित देशव्यापी रिलीज पर रोक लगाते हुए कहा था कि फिल्म में भगवान जगन्नाथ के चित्रण को लेकर उठी आपत्तियों की विस्तृत न्यायिक जांच आवश्यक है।
सुप्रीम कोर्ट में निर्माता पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता देवदत्त कामत ने दलील दी कि फिल्म को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) से प्रमाणपत्र मिल चुका है और इसमें भारी निवेश किया गया है। वहीं, ओडिशा सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि रथ यात्रा शुरू हो चुकी है और ऐसे समय फिल्म की रिलीज से धार्मिक भावनाएं प्रभावित हो सकती हैं। इस पर सर्वोच्च न्यायालय ने संतुलित रुख अपनाते हुए कहा कि फिल्म की रिलीज रथ यात्रा समाप्त होने के बाद की जाए।
मामले की शुरुआत ओडिशा हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिका से हुई थी। याचिकाकर्ताओं महेश कुमार साहू, डॉ. प्रमोद कुमार आचार्य और उमाशंकर आचार्य ने आरोप लगाया कि फिल्म में भगवान जगन्नाथ के जीवन और परंपराओं का चित्रण स्कंद पुराण तथा श्रीमंदिर की स्थापित धार्मिक मान्यताओं के अनुरूप नहीं है। उन्होंने फिल्म का CBFC प्रमाणपत्र रद्द करने और सार्वजनिक प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग की थी।
हाईकोर्ट ने अपने अंतरिम आदेश में कहा था कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता संविधान द्वारा संरक्षित है, लेकिन यदि किसी फिल्म से धार्मिक भावनाएं आहत होने या सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका हो तो न्यायालय हस्तक्षेप कर सकता है। इसी आधार पर फिल्म की रिलीज पर अस्थायी रोक लगाई गई थी।
फिल्म का टीज़र जारी होने के बाद श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (SJTA) सहित कई धार्मिक संगठनों ने आपत्ति जताई थी। निर्माताओं ने कुछ संशोधन करने का आश्वासन दिया था, लेकिन विवाद बढ़ने के बाद मामला पहले ओडिशा हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया। अब सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद फिल्म 28 जुलाई 2026 या उसके बाद देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज की जा सकेगी।
