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अब पानी की हर बूंद पर होगी नजर! KDMC ने शुरू की स्मार्ट मॉनिटरिंग की तैयारी
DMC ने AMRUT 2.0 के तहत शहर की जलापूर्ति को स्मार्ट बनाने के लिए Bulk Flow Monitoring System लागू करने की तैयारी शुरू की है। इससे पानी के प्रवाह की रियल-टाइम निगरानी होगी और लीकेज, चोरी व अन्य कारणों से होने वाला नुकसान (NRW) कम किया जा सकेगा।
Neha Sharma17 जुल. 2026, 03:51 PM IST

कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका (KDMC) ने शहर की जलापूर्ति व्यवस्था को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। AMRUT 2.0 योजना के Performance Incentive Component के अंतर्गत Bulk Transmission System में Bulk Flow Monitoring System स्थापित किया जाएगा, जिससे Non-Revenue Water (NRW) की पहचान और नियंत्रण में मदद मिलेगी।
क्या है यह परियोजना?
इस परियोजना का उद्देश्य KDMC की जलापूर्ति प्रणाली में पानी के प्रवाह की रियल-टाइम निगरानी करना है। Bulk Flow Monitoring System के माध्यम से मुख्य जल परिवहन लाइनों में पानी की मात्रा को मापा जाएगा, जिससे यह पता लगाया जा सकेगा कि कहां और कितनी मात्रा में पानी का नुकसान हो रहा है।
NRW क्या होता है
Non-Revenue Water (NRW) वह पानी होता है जो जलापूर्ति नेटवर्क में प्रवेश तो करता है, लेकिन उपभोक्ताओं तक पहुंचने से पहले ही लीकेज, पाइपलाइन क्षति, अवैध कनेक्शन या मीटरिंग त्रुटियों के कारण नष्ट हो जाता है। इससे जल संसाधनों और राजस्व दोनों का नुकसान होता है।
परियोजना से होने वाले लाभ
- जल वितरण प्रणाली की बेहतर निगरानी।
- पाइपलाइन लीकेज और पानी के नुकसान की शीघ्र पहचान।
- अवैध जल कनेक्शनों पर नियंत्रण।
- जल संसाधनों का अधिक प्रभावी उपयोग।
- नागरिकों को अधिक नियमित और गुणवत्तापूर्ण जलापूर्ति।
- महानगरपालिका के राजस्व में वृद्धि।
AMRUT 2.0 के तहत स्मार्ट जल प्रबंधन
केंद्र सरकार की AMRUT 2.0 योजना का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में जलापूर्ति और सीवरेज सेवाओं को आधुनिक तकनीक से सशक्त बनाना है। KDMC द्वारा Bulk Flow Monitoring System लागू करने का निर्णय इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे जल प्रबंधन को डिजिटल और डेटा-आधारित बनाया जा सकेगा।
KDMC की यह पहल शहर की जलापूर्ति व्यवस्था को अधिक कुशल, पारदर्शी और टिकाऊ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। Bulk Flow Monitoring System के माध्यम से पानी के नुकसान को कम करने और नागरिकों तक बेहतर जल सेवा पहुंचाने का लक्ष्य हासिल करने में मदद मिलेगी।
