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कल्याण रेलवे स्टेशन के बाहर से 6 महीने के मासूम का अपहरण l
महाराष्ट्र के कल्याण रेलवे स्टेशन के बाहर गुरुवार तड़के एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई, जहां 6 महीने के मासूम बच्चे का अपहरण कर लिया गया। गुजरात के वापी की रहने वाली 21 वर्षीय महिला अपने बच्चे के साथ स्टेशन के बाहर सो रही थी, तभी अज्ञात व्यक्ति बच्चे को उठाकर फरार हो गए। घटना का पता चलते ही इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है और संदिग्धों की तलाश जारी है।

कल्याण: शहर के व्यस्त कल्याण रेलवे स्टेशन के बाहर गुरुवार तड़के एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां एक 6 महीने के मासूम बच्चे का अपहरण कर लिया गया, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।
पीड़ित महिला की पहचान रोशनी सूरज साहू (21) के रूप में हुई है, जो गुजरात के वापी की निवासी हैं। पुलिस के मुताबिक, पारिवारिक विवाद के चलते वह अपने पति से अलग होकर अपने छह महीने के बेटे आर्यन के साथ कल्याण आई थीं। देर रात स्टेशन पहुंचने के बाद उनके पास आगे जाने का कोई साधन नहीं था, जिसके कारण वह स्टेशन के बाहर ही खुले में बच्चे के साथ सो गईं। घटना रात करीब 2:30 बजे की बताई जा रही है। महिला जब नींद से जागी, तो उसने पाया कि उसका बच्चा उसके पास नहीं है। यह देख वह घबरा गई और तुरंत आसपास मौजूद लोगों से मदद मांगी। कुछ ही देर में मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और पुलिस को सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही महात्मा फुले पुलिस स्टेशन की टीम मौके पर पहुंची और पूरे इलाके की घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत अपहरण का मामला दर्ज कर लिया है।
जांच के तहत पुलिस स्टेशन परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि संदिग्ध व्यक्ति की पहचान की जा सके। इसके अलावा उस समय मौजूद ऑटो रिक्शा चालकों, फेरीवालों और अन्य स्थानीय लोगों से भी पूछताछ की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कुछ अहम सुराग हाथ लगे हैं और टीम कई एंगल से जांच कर रही है। रेलवे स्टेशन और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और बच्चे को जल्द से जल्द सुरक्षित बरामद करने के लिए विशेष टीमों को लगाया गया है।
यह घटना एक बार फिर सार्वजनिक स्थानों, खासकर रेलवे स्टेशनों के बाहर सोने वाले जरूरतमंद लोगों की सुरक्षा को लेकर बड़े सवाल खड़े करती है। स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी बढ़ाने की मांग की है।
