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ड्रग्स माफिया पर महाराष्ट्र सरकार का बड़ा वार, नशामुक्त राज्य बनाने के लिए एक्शन प्लान तैयार

महाराष्ट्र सरकार ने राज्य को नशामुक्त बनाने के लिए व्यापक अभियान शुरू करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में ड्रग्स माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई, पूरे राज्य में नशामुक्ति केंद्रों का नेटवर्क विकसित करने, स्कूलों और कॉलेजों को ड्रग-फ्री कैंपस बनाने तथा युवाओं में जागरूकता बढ़ाने जैसे कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। सरकार ने स्पष्ट किया कि अब ड्रग्स की तस्करी, बिक्री और उसके पूरे नेटवर्क को खत्म करने के लिए सभी विभाग मिलकर अभियान चलाएंगे।

Priyanka Gaikwad17 जुल. 2026, 04:18 PM IST
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ड्रग्स माफिया पर महाराष्ट्र सरकार का बड़ा वार, नशामुक्त राज्य बनाने के लिए एक्शन प्लान तैयार
महाराष्ट्र में बढ़ते मादक पदार्थों के कारोबार और युवाओं में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति को देखते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने "ड्रग-फ्री महाराष्ट्र" अभियान को जनआंदोलन का रूप देने का आह्वान किया है। मुंबई के सह्याद्री अतिथिगृह में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि ड्रग्स केवल कानून-व्यवस्था का नहीं, बल्कि समाज, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। बैठक में निर्णय लिया गया कि राज्यभर में स्वयंसेवी संस्थाओं और स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से आधुनिक नशामुक्ति केंद्रों का नेटवर्क तैयार किया जाएगा। मुंबई महानगरपालिका को भी स्वतंत्र और बहुविषयक नशामुक्ति केंद्र शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि नशे की लत से जूझ रहे लोगों को समय पर इलाज, परामर्श और पुनर्वास की सुविधा मिल सके।

मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग को सातवीं से दसवीं कक्षा के पाठ्यक्रम में नशे के दुष्परिणामों को शामिल करने का सुझाव दिया। साथ ही सभी स्कूलों और कॉलेजों में "ड्रग-फ्री कैंपस" नीति लागू करने तथा विद्यार्थियों के बीच नियमित जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। बैठक में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (NDPS) अधिनियम के सख्त पालन, ड्रग्स मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट, सरकारी वकीलों के विशेष प्रशिक्षण और ड्रग्स सप्लाई चेन पर कड़ी कार्रवाई का भी फैसला लिया गया। संवेदनशील इलाकों में पुलिस गश्त बढ़ाने और बड़े ड्रग नेटवर्क का पर्दाफाश करने के निर्देश भी दिए गए।

सरकार ने ड्रग्स कारोबार की सूचना देने वाले नागरिकों के लिए पुरस्कार योजना शुरू करने तथा उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रोत्साहन देने का भी निर्णय लिया है। बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में महाराष्ट्र में NDPS अधिनियम के तहत 17,611 मामले दर्ज किए गए, जिनमें 15,994 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इस दौरान लगभग 1,340 करोड़ रुपये मूल्य के 56,206 किलोग्राम विभिन्न मादक पदार्थ जब्त किए गए। वहीं वर्ष 2021 से 2025 के बीच 5.7 टन मेफेड्रोन सहित बड़ी मात्रा में हेरोइन, गांजा, चरस और कोकीन जब्त की गई।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र को नशामुक्त बनाने के लिए सरकार, पुलिस, शिक्षण संस्थानों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि ड्रग्स माफिया के खिलाफ कार्रवाई और नशे के शिकार लोगों के पुनर्वास—दोनों पर समान रूप से ध्यान दिया जाएगा।