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वाशी टोल नाके पर अवैध मलबा ले जा रहा डंपर जब्त, चालक के खिलाफ मामला दर्ज
नवी मुंबई के वाशी टोल नाके के पास अवैध रूप से निर्माण मलबा (डेब्रिस) ले जा रहे एक डंपर पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच के दौरान चालक के पास आवश्यक अनुमति और दस्तावेज नहीं मिलने पर वाहन को जब्त कर लिया गया तथा चालक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस अब मामले की आगे की जांच कर रही है।
Priyanka Gaikwad17 जुल. 2026, 04:18 PM IST

नवी मुंबई में अवैध निर्माण मलबे की ढुलाई और डंपिंग पर रोक लगाने के लिए वाशी पुलिस लगातार विशेष अभियान चला रही है। इसी अभियान के तहत 15 जुलाई की दोपहर मुंबई-पुणे महामार्ग स्थित वाशी टोल नाके के पास वाहनों की जांच के दौरान एक संदिग्ध डंपर (एमएच-03-एमएच-7778) को रोककर उसकी तलाशी ली गई। जांच के दौरान अधिकारियों ने चालक से निर्माण मलबा ले जाने की वैध अनुमति, परिवहन संबंधी दस्तावेज और अधिकृत डंपिंग स्थल से जुड़े रिकॉर्ड की मांग की। हालांकि चालक कोई भी आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। पूछताछ में यह भी सामने आया कि डंपर शहर के अलग-अलग स्थानों पर निर्माण मलबा ले जाने का काम कर रहा था।
प्राथमिक जांच में पुलिस को आशंका हुई कि डंपर के जरिए निर्माण मलबा अवैध रूप से खाली भूखंडों और अन्य स्थानों पर फेंका जा सकता था। इसके बाद पुलिस ने तत्काल वाहन को जब्त कर चालक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, नवी मुंबई में अवैध डेब्रिस डंपिंग रोकने के लिए लगातार निगरानी रखी जा रही है। विशेष रूप से वाशी टोल नाका, अटल सेतु मार्ग और अन्य प्रवेश मार्गों पर संदिग्ध डंपरों की जांच की जा रही है। जिन वाहनों के पास वैध अनुमति या दस्तावेज नहीं पाए जाएंगे, उनके खिलाफ इसी तरह सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वाशी पुलिस ने बताया कि अवैध निर्माण मलबा खुले भूखंडों, सरकारी जमीनों और पर्यावरणीय दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में फेंका जाना गंभीर अपराध है। इससे पर्यावरण को नुकसान पहुंचने के साथ-साथ शहर की स्वच्छता और विकास कार्य भी प्रभावित होते हैं। इसलिए ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पुलिस ने नागरिकों से भी अपील की है कि यदि कहीं अवैध रूप से निर्माण मलबा डंप किया जा रहा हो या संदिग्ध डंपर दिखाई दें, तो इसकी सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस या संबंधित प्रशासनिक विभाग को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
