politics

110 साल पुराना भरोसा टूटा? FDA के शिकंजे में पारसी डेयरी फार्म!

महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने मुंबई के मरीन लाइन्स स्थित 110 साल पुराने प्रतिष्ठित पारसी डेयरी फार्म का खाद्य व्यवसाय लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई डेयरी परिसर में किए गए औचक निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता मानकों के गंभीर उल्लंघन पाए जाने के बाद की गई है।

Vindhya Dubey17 जुल. 2026, 05:38 PM IST
खबर शेयर करें:
110 साल पुराना भरोसा टूटा? FDA के शिकंजे में पारसी डेयरी फार्म!

मुंबईवासियों के बीच एक सदी से भी अधिक समय से पारंपरिक मिठाइयों और दुग्ध उत्पादों के लिए मशहूर इस डेयरी ब्रांड पर हुई कार्रवाई ने उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य और शहर के खाद्य सुरक्षा मानकों पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। FDA कमिश्नर के नेतृत्व में राज्यभर में चलाए जा रहे 'सेफ फूड, सेफ महाराष्ट्र' अभियान के तहत यह कदम उठाया गया है, जिससे यह संदेश दिया जा सके कि जनस्वास्थ्य से समझौता करने वाले किसी भी बड़े ब्रांड को बख्शा नहीं जाएगा।


FDA अधिकारियों द्वारा जारी की गई निरीक्षण रिपोर्ट के अनुसार, पारसी डेयरी फार्म की प्रिंसेस स्ट्रीट स्थित इकाई में कई तरह की गंभीर अनियमितताएं मिलीं। जांच के दौरान उत्पादन और भंडारण क्षेत्रों की दीवारों पर भारी मात्रा में फफूंदी (फंगस) जमी हुई मिली। इसके साथ ही कच्चे माल को बिना किसी सुरक्षा के सीधे जमीन पर फफूंदी लगी दीवारों के पास ही भंडारित किया गया था। निरीक्षण टीम ने पाया कि डेयरी परिसर में मक्खियों का भारी प्रकोप था और वहां कीट एवं चूहा नियंत्रण के लिए कोई उचित व्यवस्था नहीं की गई थी। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि कई तैयार डेयरी उत्पादों पर कानूनन अनिवार्य 'बेस्ट बिफोर', 'उपयोग की समय सीमा' या 'एक्सपायरी डेट' जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां गायब थीं। इसके अलावा, डेयरी के पास कच्चे दूध की प्राप्ति के लिए एक सुरक्षित 'रॉ मिल्क रिसेप्शन डॉक' और अपशिष्ट जल के निपटान के लिए 'एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट' का भी अभाव था। खाद्य पदार्थों को संभालने वाले कर्मचारियों के मेडिकल रिकॉर्ड भी अधूरे पाए गए।


FDA की ओर से जारी आधिकारिक बयान में अधिकारियों ने कहा कि डेयरी में पाई गई कमियों के कारण खाद्य पदार्थों में सूक्ष्मजीवों के संदूषण (माइक्रोबियल कंटामिनेशन) का गंभीर खतरा था, जो सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए एक बड़ा जोखिम है। सहायक आयुक्त (खाद्य), परिमंडल-1 द्वारा जारी निलंबन आदेश के मुताबिक, जब तक डेयरी इन सभी कमियों को दूर कर दोबारा मंजूरी नहीं ले लेती, तब तक वहां किसी भी खाद्य सामग्री के निर्माण, भंडारण, बिक्री या वितरण पर पूरी तरह से रोक रहेगी। 


यह कार्रवाई FDA द्वारा पूरे महाराष्ट्र में चलाए गए दो दिवसीय विशेष अभियान का हिस्सा है, जिसके तहत 24 स्थानों पर छापेमारी की गई। इस दौरान पूरे राज्य से लगभग 1.90 करोड़ रुपये मूल्य के मिलावटी डेयरी उत्पाद और प्रतिबंधित सामग्रियां जब्त की गई हैं।