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KEM अस्पताल की कैंटीन पर बड़ा एक्शन, खाने में कीड़ा मिलने पर लाइसेंस रद्द

मुंबई के प्रसिद्ध KEM अस्पताल के नर्सिंग क्वार्टर्स की कैंटीन में छात्राओं के खाने में कीड़ा मिलने के बाद खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने बड़ी कार्रवाई की है। एफडीए की टीम ने औचक निरीक्षण कर कैंटीन को तुरंत काम बंद करने का नोटिस थमाया और ठेकेदार का लाइसेंस निलंबित कर दिया है।

Vindhya Dubey17 जुल. 2026, 05:38 PM IST
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KEM अस्पताल की कैंटीन पर बड़ा एक्शन, खाने में कीड़ा मिलने पर लाइसेंस रद्द

यह मामला देश के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थानों में से एक KEM अस्पताल के भीतर स्वच्छता और छात्र कल्याण पर गंभीर सवाल खड़े करता है। सैकड़ों नर्सिंग छात्राएं इसी कैंटीन के भोजन पर निर्भर हैं, ऐसे में भोजन की गुणवत्ता और परिसर की गंदगी सीधे तौर पर उनके स्वास्थ्य से जुड़ी हुई है, जिसने नियामक संस्था को यह कड़ा कदम उठाने के लिए मजबूर किया। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नर्सिंग कॉलेज की छात्राओं के भोजन (दाल-चावल) में कीड़ा मिलने की घटना सामने आई थी। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर एफडीए की एक विशेष टीम ने देर रात नर्सिंग क्वार्टर्स परिसर स्थित कैंटीन का सघन निरीक्षण किया।


जांच के दौरान टीम को वहां भारी अनियमितताएं और गंदगी मिली। एफडीए सूत्रों के अनुसार, कैंटीन एक जर्जर हो चुकी इमारत में बिना उचित रखरखाव के संचालित की जा रही थी। टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए वहां से चार खाद्य पदार्थों के नमूने एकत्र किए हैं, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। इसके साथ ही ठेकेदार को तत्काल काम रोकने का आदेश जारी कर दिया गया। कैंटीन परिसर से कुछ ऐसी तस्वीरें भी सामने आई हैं जो वहां चूहों, बिल्लियों और भारी गंदगी की मौजूदगी को दर्शाती हैं। इस मामले पर नाम न छापने की शर्त पर एफडीए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "नर्सिंग छात्राओं के भोजन में कीड़ा मिलने की शिकायत पर त्वरित संज्ञान लेते हुए हमारी टीम ने देर रात कैंटीन का निरीक्षण किया। परिसर की दयनीय स्थिति और स्वच्छता मानकों के उल्लंघन को देखते हुए हमने तत्काल प्रभाव से काम रोकने का निर्देश दिया है और संबंधित ठेकेदार का भोजन बनाने का लाइसेंस निलंबित कर दिया है।"


वहीं, KEM अस्पताल प्रशासन की ओर से जारी बयान में कहा गया है, "छात्राओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य हमारी प्राथमिकता है। छात्राओं को भोजन की कोई असुविधा न हो, इसके लिए तुरंत वैकल्पिक भोजन व्यवस्था की गई है।"