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डोंबिवली में युवती को अश्लील वीडियो भेजकर किया प्रताड़ित: परिजनों के हंगामे के बाद दर्ज हुआ केस, पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
डोंबिवली: ठाणे जिले के डोंबिवली से एक शर्मनाक मामला सामने आया है, जहाँ एक 26 वर्षीय युवती को 35 वर्षीय युवक द्वारा अश्लील वीडियो और अभद्र संदेश भेजकर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप है। हैरानी की बात यह है कि पीड़िता की शिकायत लेने में पुलिस ने पहले टालमटोल की, जिसके बाद परिजनों को न्याय के लिए थाने में हंगामा करना पड़ा।
Vinod Tiwari17 जुल. 2026, 05:49 PM IST

क्या है पूरा मामला?
पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि आरोपी करण केसरीनाथ उल्लेंगल (निवासी: खंबालपाड़ा, सर्वोदय कॉम्प्लेक्स, डोंबिवली) का उसके घर पर आना-जाना था और वह अक्सर उसे व्हाट्सएप पर मैसेज किया करता था। 15 जुलाई 2026 की रात लगभग 1:54 बजे आरोपी ने पीड़िता के मोबाइल पर व्हाट्सएप के जरिए एक 'ब्लू फिल्म' की क्लिप और अश्लील संदेश भेजे।
संदेश भेजने के तुरंत बाद आरोपी ने वीडियो डिलीट कर दिया। पीड़िता ने जब हिम्मत जुटाकर आरोपी से सवाल किया कि "दादा ऐसा गंदा वीडियो क्यों भेजा?", तो आरोपी ने और भी आपत्तिजनक संदेश भेजे, जिसमें उसने पीड़िता के साथ शारीरिक रूप से कुकर्म करने की मंशा जाहिर की। इस घटना से पीड़िता बुरी तरह सहम गई और उसे अत्यंत अपमानजनक महसूस हुआ।
परिजनों के हंगामे के बाद जागी पुलिस
पीड़िता जब हिम्मत जुटाकर डोंबिवली पुलिस स्टेशन शिकायत दर्ज कराने पहुंची, तो वहां के ड्यूटी अधिकारियों ने मामला दर्ज करने में टालमटोल की। पुलिस का यह रवैया देखकर पीड़िता के परिजन भड़क उठे। जब परिजनों ने थाने में जमकर हंगामा किया, तब जाकर पुलिस प्रशासन हरकत में आया।
पुलिस ने दर्ज किया केस
हंगामे के बाद, डोंबिवली पुलिस ने आरोपी करण केसरीनाथ उल्लेंगल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (B.N.S.S), 2023 की धारा 75(2) और 78(2) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 67 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। मामले की जांच इंस्पेक्टर अमरनाथ रामचंद्र वाघमोड़े कर रहे हैं।
सुरक्षा पर उठते सवाल
खबर लिखे जाने तक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। इस घटना ने एक बार फिर शहर में महिलाओं और युवतियों की सुरक्षा पर बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है। देशभर में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों के बीच, डोंबिवली पुलिस द्वारा पीड़िता की शिकायत दर्ज करने में की गई देरी गंभीर चिंता का विषय है।
अब देखना यह है कि डोंबिवली पुलिस आरोपी करण को कब तक सलाखों के पीछे भेजती है और क्या पीड़िता की शिकायत टालने वाले जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ वरिष्ठ अधिकारी कोई सख्त कार्रवाई करते हैं ?
