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'सिंघम IAS' तुकाराम मुंढे का महाअभियान: नकली दूध माफिया पर सबसे बड़ी कार्रवाई, करोड़ों लीटर सिंथेटिक दूध का खुलासा।
महाराष्ट्र FDA के आयुक्त IAS तुकाराम मुंढे ने राज्यभर में दूध मिलावट माफिया के खिलाफ बड़ा अभियान छेड़ दिया है। जांच में करोड़ों रुपये के सिंथेटिक दूध रैकेट का खुलासा हुआ, जिसमें डिटर्जेंट, पाम ऑयल और अन्य रसायनों से नकली दूध तैयार किए जाने के आरोप सामने आए हैं। मुंढे ने साफ कहा है कि जनता की सेहत से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। दूध के अलावा होटल, मिठाई और अन्य खाद्य कारोबारों पर भी FDA की कड़ी निगरानी जारी है।
Kalpana Gautam17 जुल. 2026, 07:59 PM IST

"डिटर्जेंट और पाम ऑयल से बन रहा था 'जहर वाला दूध', महाराष्ट्र FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे की कार्रवाई से मचा हड़कंप।"
मुंबई: महाराष्ट्र में मिलावटखोरों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी जंग
महाराष्ट्र में खाद्य सुरक्षा को लेकर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई देखने को मिल रही है। राज्य के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के आयुक्त IAS तुकाराम मुंढे ने पदभार संभालते ही दूध मिलावट माफिया के खिलाफ ऐसा अभियान शुरू किया है, जिसने पूरे राज्य में हड़कंप मचा दिया है। सख्त प्रशासनिक शैली के कारण 'सिंघम IAS' के नाम से मशहूर मुंढे के नेतृत्व में FDA ने सिंथेटिक दूध बनाने वाले नेटवर्क, मिलावटखोर डेयरियों और खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले कई प्रतिष्ठानों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई की है।
डिटर्जेंट और पाम ऑयल से बन रहा था नकली दूध
जांच के दौरान सबसे चौंकाने वाला खुलासा धाराशिव जिले के भूम क्षेत्र में हुआ, जहां बड़े पैमाने पर सिंथेटिक दूध तैयार किया जा रहा था। जांच एजेंसियों को मिले रिकॉर्ड के अनुसार पिछले छह महीनों में लगभग 2.30 लाख किलोग्राम निम्न गुणवत्ता वाले मिल्क पाउडर का इस्तेमाल किया गया। इससे करीब 23 लाख लीटर सिंथेटिक दूध तैयार होने का अनुमान है, जिसकी कीमत लगभग 9 करोड़ रुपये आंकी गई है। जांच में यह भी सामने आया कि दूध को असली जैसा दिखाने के लिए उसमें डिटर्जेंट पाउडर, पाम ऑयल और रासायनिक पदार्थ मिलाए जा रहे थे।
2.3 करोड़ लीटर मिलावटी दूध पहुंचने की आशंका
अधिकारियों के अनुसार हर 100 लीटर शुद्ध दूध में लगभग 10 लीटर सिंथेटिक दूध मिलाया जाता था। इसी आधार पर जांच एजेंसियों को आशंका है कि महाराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों में करीब 2.3 करोड़ लीटर मिलावटी दूध सप्लाई किया गया हो सकता है। इस कार्रवाई के बाद कई इलाकों में दूध और पनीर की आपूर्ति भी प्रभावित हुई है।
'दूध से खिलवाड़, जनता की सेहत से खिलवाड़'
तुकाराम मुंढे ने स्पष्ट कहा है कि दूध केवल एक खाद्य पदार्थ नहीं बल्कि बच्चों, गर्भवती महिलाओं, मरीजों और बुजुर्गों के पोषण का प्रमुख स्रोत है। इसलिए दूध में मिलावट करना सीधे-सीधे जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है और ऐसे लोगों के खिलाफ बिना किसी नरमी के कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि FDA भविष्य में भी FSSAI मानकों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई करता रहेगा।
केवल दूध ही नहीं, होटल, मिठाई और गुटखा कारोबार भी रडार पर
मुंढे के नेतृत्व में FDA ने केवल दूध माफिया ही नहीं, बल्कि राज्यभर के होटल, रेस्टोरेंट, मिठाई दुकानों, रक्त बैंकों और प्रतिबंधित गुटखा कारोबार के खिलाफ भी बड़े पैमाने पर अभियान चलाया है। कई प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं और सैकड़ों स्थानों पर छापेमारी की गई है।
21 साल में कई तबादले, लेकिन सख्ती की पहचान बरकरार
IAS तुकाराम मुंढे अपने बेबाक और सख्त प्रशासनिक रवैये के लिए लंबे समय से चर्चा में रहे हैं। अपने करियर में कई बार तबादलों के बावजूद उन्होंने नियमों के पालन और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख बनाए रखा है। अब महाराष्ट्र FDA की कमान संभालने के बाद उन्होंने खाद्य सुरक्षा के मोर्चे पर भी आक्रामक अभियान शुरू कर दिया है।
