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सिर्फ 25 रुपये में 89 किलोमीटर का सफर, देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन की शुरुआत

हरियाणा के जींद रेलवे स्टेशन पर एक नया इतिहास रच दिया गया जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की पहली स्वदेशी हाइड्रोजन-पावर्ड पैसेंजर ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह आधुनिक और पूरी तरह से प्रदूषण मुक्त ट्रेन जींद से सोनीपत के बीच 89 किलोमीटर के सफर को तय करेगी, जो देश में पर्यावरण-अनुकूल यातायात यानी ग्रीन मोबिलिटी की दिशा में एक क्रांतिकारी और ऐतिहासिक कदम है।

Anshuman Mishra19 जुल. 2026, 06:30 PM IST
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सिर्फ 25 रुपये में 89 किलोमीटर का सफर, देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन की शुरुआत

इस ट्रेन की शुरुआत से न केवल आम यात्रियों को बेहद किफायती सफर मिलेगा, बल्कि भारत अब दुनिया के उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है जिनके पास अपनी हाइड्रोजन रेल तकनीक मौजूद है। परंपरागत बिजली के तारों या डीजल इंजनों के बिना चलने वाली यह तकनीक भारतीय रेलवे के कार्बन उत्सर्जन को शून्य करने के लक्ष्य में सबसे बड़ी भूमिका निभाएगी, जिससे आने वाले समय में देश के हेरिटेज और दूरदराज के रेल रूटों को भी पर्यावरण के अनुकूल बनाया जा सकेगा।


इस अत्याधुनिक हाइड्रोजन ट्रेन को करीब 82 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है। ट्रेन की सबसे बड़ी विशेषता इसका प्रोपल्शन सिस्टम है, जो 3,200 हॉर्सपावर की क्षमता के साथ दुनिया के सबसे शक्तिशाली हाइड्रोजन इंजनों में से एक है। जहां वैश्विक स्तर पर अन्य देशों में केवल 2 से 4 डिब्बों वाली हाइड्रोजन ट्रेनें चलाई जा रही हैं, वहीं मेक इन इंडिया के तहत भारत ने पहली ही बार में 10 डिब्बों वाली ट्रेन पटरियों पर उतार दी है, जिससे यह दुनिया की सबसे लंबी हाइड्रोजन पैसेंजर ट्रेन बन गई है।


इस 10 डिब्बों वाली ट्रेन में एक बार में 2,600 यात्री सफर कर सकते हैं। ट्रेन की गति 120 किलोमीटर प्रति घंटा तक की रफ्तार पकड़ने में सक्षम है। यात्रियों की जेब का ख्याल रखते हुए रेलवे ने इसका किराया महज 25 रुपये तय किया है। यह ट्रेन धुएं या कार्बन की जगह केवल भाप और गर्मी उत्सर्जित करती है, जिससे पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं पहुंचता। ट्रेन के भीतर ही बिजली का उत्पादन किया जाता है, जिससे पूरी रेल लाइन पर ओवरहेड इलेक्ट्रिफिकेशन यानी बिजली के तारों की आवश्यकता नहीं होती। इस ग्रीन तकनीक को सुचारू रूप से चलाने के लिए जींद में ही 125 करोड़ रुपये की लागत से एक विशेष हाइड्रोजन उत्पादन और री-फ्यूलिंग प्लांट स्थापित किया गया है, जहां पानी से शुद्ध हाइड्रोजन गैस तैयार की जा रही है।


इसी भव्य समारोह के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ को 26,000 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उपहार दिया। इसमें अकेले हरियाणा राज्य के लिए 14,700 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास योजनाएं शामिल हैं। ट्रेन को रवाना करने के बाद देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह ट्रेन भारत के वैज्ञानिकों और रेलवे टीम के सामर्थ्य का प्रतीक है, जो आत्मनिर्भर भारत के सपने को हकीकत में बदल रही है। उन्होंने इसे मेक इन इंडिया की एक बहुत बड़ी सफलता का प्रमाण बताया। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, हाइड्रोजन ट्रेन को चलाने का अनुभव बेहद सुरक्षित और आधुनिक है। इस रूट पर सफलतापूर्वक संचालन के बाद आने वाले समय में देश के अन्य हिस्सों में भी ऐसी ट्रेनों का विस्तार किया जाएगा।