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पश्चिम बंगाल दौरे पर अमित शाह, सीमा सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की करेंगे बड़ी समीक्षा
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तीन दिवसीय पश्चिम बंगाल दौरे पर हैं। इस दौरान वे भारत-बांग्लादेश सीमा सुरक्षा, राज्य की कानून-व्यवस्था और नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन की समीक्षा करेंगे। BSF अधिकारियों और प्रशासन के साथ बैठकों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने पर चर्चा की जाएगी
Neha Sharma19 जुल. 2026, 06:31 PM IST

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पश्चिम बंगाल के तीन दिवसीय दौरे पर हैं, जहां उनका मुख्य फोकस भारत-बांग्लादेश सीमा की सुरक्षा, राज्य की कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा पर रहेगा। यह दौरा सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि पश्चिम बंगाल की अंतरराष्ट्रीय सीमा लंबे समय से घुसपैठ, तस्करी और सीमा सुरक्षा से जुड़े मुद्दों के कारण संवेदनशील रही है।
दौरे के दौरान अमित शाह ने सिलीगुड़ी स्थित BSF के जुमागाछ बॉर्डर आउटपोस्ट का दौरा किया और सीमा पर तैनात जवानों से मुलाकात की। उन्होंने सीमा सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया तथा अधिकारियों के साथ बैठक कर सीमा प्रबंधन को और मजबूत बनाने पर चर्चा की। इसके अलावा उन्होंने 'प्रहरी सम्मेलन' में भी हिस्सा लिया और जवानों का उत्साह बढ़ाया।
कानून-व्यवस्था और नए कानूनों पर रहेगा जोर
गृह मंत्री अपने दौरे के दौरान राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति, नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन और प्रशासनिक व्यवस्था की भी समीक्षा करेंगे। इसके साथ ही जन्म और मृत्यु पंजीकरण व्यवस्था सहित कई प्रशासनिक विषयों पर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठकें प्रस्तावित हैं।
सीमा सुरक्षा क्यों है अहम?
पश्चिम बंगाल की लंबी भारत-बांग्लादेश सीमा राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। सीमा पार अवैध घुसपैठ, तस्करी और अन्य सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए केंद्र सरकार लगातार सीमा प्रबंधन को मजबूत करने पर जोर दे रही है। इसी उद्देश्य से गृह मंत्री का यह दौरा महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
क्या निकल सकता है इस दौरे से?
विशेषज्ञों का मानना है कि इस समीक्षा के बाद सीमा सुरक्षा को और मजबूत करने, कानून-व्यवस्था में सुधार तथा प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी बनाने के लिए नए निर्देश जारी किए जा सकते हैं। इससे राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
अमित शाह का यह पश्चिम बंगाल दौरा केवल एक नियमित प्रशासनिक समीक्षा नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और सीमा प्रबंधन को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। सीमा सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक सुधारों पर होने वाली यह समीक्षा आने वाले समय में राज्य और देश की सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने में अहम भूमिका निभा सकती है। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि इस दौरे के बाद केंद्र सरकार कौन से नए फैसले और निर्देश जारी करती है।
