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मानसून सत्र से पहले दिल्ली में सियासी मंथन, सरकार और विपक्ष आमने-सामने
संसद के मानसून सत्र से पहले केंद्र सरकार ने सर्वदलीय बैठक आयोजित कर संसद के सुचारु संचालन और महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा की। बैठक में सरकार ने सभी दलों से सहयोग की अपील की, जबकि विपक्ष ने महंगाई, बेरोजगारी, राष्ट्रीय सुरक्षा और जनहित के मुद्दों को सत्र में उठाने की बात कही।
Neha Sharma19 जुल. 2026, 06:31 PM IST

संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से पहले केंद्र सरकार ने शनिवार को सर्वदलीय बैठक आयोजित की। बैठक का उद्देश्य आगामी सत्र के दौरान संसद की कार्यवाही को सुचारु रूप से चलाना, विभिन्न राजनीतिक दलों के सुझाव जानना और महत्वपूर्ण विधेयकों व राष्ट्रीय मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा सुनिश्चित करना रहा। बैठक की अध्यक्षता संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने की, जिसमें सत्ता पक्ष और विपक्ष के कई प्रमुख दलों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। सरकार ने सभी दलों से अपील की कि जनता से जुड़े मुद्दों पर सार्थक चर्चा हो और संसद की कार्यवाही बाधित होने के बजाय रचनात्मक तरीके से आगे बढ़े।
सरकार ने स्पष्ट किया कि मानसून सत्र के दौरान कई महत्वपूर्ण विधेयक, आर्थिक सुधारों से जुड़े प्रस्ताव और विभिन्न मंत्रालयों के कार्यों पर चर्चा कराई जाएगी। वहीं विपक्षी दलों ने भी महंगाई, बेरोजगारी, राष्ट्रीय सुरक्षा, कृषि, राज्यों से जुड़े मुद्दों और अन्य जनहित के विषयों को सदन में उठाने की बात कही।
सर्वदलीय बैठक भारतीय संसदीय परंपरा का अहम हिस्सा मानी जाती है। इसके माध्यम से सरकार और विपक्ष के बीच संवाद स्थापित होता है, जिससे संसद के दोनों सदनों में कार्यवाही बेहतर ढंग से संचालित करने का प्रयास किया जाता है।
अब सभी की नजरें मानसून सत्र पर हैं, जहां सरकार अपने विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाने की कोशिश करेगी, जबकि विपक्ष जनहित और राष्ट्रीय महत्व के विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति के साथ सदन में उतरेगा। ऐसे में आगामी सत्र के दौरान कई अहम विषयों पर विस्तृत बहस और राजनीतिक गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
