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50 परीक्षाएँ, एक सपना और दर्दनाक अंत... कानपुर के गोल्ड मेडलिस्ट की कहानी ने देश को रुलाया
कानपुर के 23 वर्षीय बीटेक गोल्ड मेडलिस्ट ने कथित तौर पर करीब 50 सरकारी नौकरी की परीक्षाओं में असफल रहने के बाद आत्महत्या कर ली। सुसाइड नोट में लिखा, "सॉरी पापा... मैंने पूरी कोशिश की।" घटना ने प्रतियोगी परीक्षाओं के बढ़ते मानसिक दबाव और युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
Neha Sharma19 जुल. 2026, 06:32 PM IST

उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक ऐसी दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसने पूरे देश को सोचने पर मजबूर कर दिया है। बीटेक में गोल्ड मेडल हासिल करने वाले 23 वर्षीय युवक ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि सरकारी नौकरी पाने की उम्मीद में उसने करीब 50 प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रयास किया, लेकिन हर बार असफलता हाथ लगी। अपने पीछे छोड़े गए सुसाइड नोट में उसने लिखा, "सॉरी पापा... मैंने पूरी कोशिश की।"
परिवार के अनुसार, युवक पढ़ाई में हमेशा अव्वल रहा और इंजीनियरिंग में गोल्ड मेडल भी जीता था। डिग्री पूरी करने के बाद उसने रेलवे, SSC, बैंकिंग और अन्य सरकारी नौकरियों की परीक्षाओं की लगातार तैयारी की।
कई बार लिखित परीक्षा पास करने के बावजूद अंतिम चयन नहीं हो सका, जिससे वह धीरे-धीरे गहरे मानसिक तनाव में चला गया। घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मौके से मिले सुसाइड नोट को जांच का हिस्सा बनाया गया है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं से मामले की जांच की जा रही है।
यह घटना केवल एक परिवार का दुख नहीं, बल्कि उन लाखों युवाओं की हकीकत को भी सामने लाती है जो वर्षों तक सरकारी नौकरी की तैयारी में अपना सब कुछ झोंक देते हैं। लगातार असफलता, बढ़ती प्रतिस्पर्धा और मानसिक दबाव कई युवाओं के लिए गंभीर चुनौती बनते जा रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना उतना ही जरूरी है जितना पढ़ाई पर। परिवार, मित्र और समाज का भावनात्मक सहयोग कठिन समय में बेहद अहम भूमिका निभा सकता है।
