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प्राइवेट अस्पताल शिफ्ट नहीं होंगे सोनम वांगचुक, दिल्ली हाई कोर्ट ने दी साफ़ हिदायत
दिल्ली हाई कोर्ट ने सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से निजी अस्पताल में शिफ्ट करने की मांग वाली याचिका पर अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने फिलहाल उनका इलाज सफदरजंग अस्पताल में ही जारी रखने का निर्देश दिया और केंद्र सरकार से ताज़ा मेडिकल रिपोर्ट मांगी है।
Neha Sharma19 जुल. 2026, 06:32 PM IST

दिल्ली हाई कोर्ट ने सामाजिक कार्यकर्ता और पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से किसी निजी अस्पताल में स्थानांतरित करने की मांग वाली याचिका पर अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया। यह याचिका उनकी पत्नी डॉ. गीतांजलि आंगमो ने दायर की थी, जिसमें दावा किया गया था कि वांगचुक को उनकी इच्छा के विरुद्ध सरकारी अस्पताल में रखा गया है और उन्हें अपनी पसंद के डॉक्टरों से इलाज कराने की अनुमति दी जानी चाहिए।
रविवार को विशेष सुनवाई के दौरान दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि सोनम वांगचुक की बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए उन्हें सफदरजंग अस्पताल ले जाने का सरकार का फैसला पहली नजर में उचित प्रतीत होता है। अदालत ने फिलहाल उन्हें किसी निजी अस्पताल में स्थानांतरित करने का आदेश देने से इनकार कर दिया और कहा कि उनका इलाज अगले आदेश तक सफदरजंग अस्पताल में ही जारी रहेगा।
सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार और अस्पताल प्रशासन ने अदालत को बताया कि वांगचुक की सेहत पर विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम लगातार निगरानी रख रही है। उनका इलाज मेडिकल प्रोटोकॉल के अनुसार किया जा रहा है और उनकी स्वास्थ्य स्थिति का नियमित मूल्यांकन किया जा रहा है। अदालत ने केंद्र सरकार और अस्पताल प्रशासन को तीन दिनों के भीतर वांगचुक की ताज़ा मेडिकल रिपोर्ट और स्वास्थ्य स्थिति पर विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश भी दिया।
वहीं, वांगचुक की ओर से पेश वकीलों ने अदालत में दलील दी कि किसी भी व्यक्ति को अपनी पसंद के अस्पताल और डॉक्टर चुनने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि वांगचुक को उनकी इच्छा के खिलाफ सरकारी अस्पताल में नहीं रखा जाना चाहिए। हालांकि, अदालत ने इस दलील पर फिलहाल कोई अंतरिम राहत नहीं दी। वांगचुक की कानूनी टीम ने संकेत दिया है कि वे इस आदेश को चुनौती देने पर भी विचार करेंगे।
सोनम वांगचुक पिछले कई दिनों से अपने आंदोलन और भूख हड़ताल के कारण चर्चा में हैं। लगातार भूख हड़ताल के चलते उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था। फिलहाल उनका इलाज वहीं जारी रहेगा और मामले की अगली सुनवाई में अदालत मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आगे का फैसला करेगी।
