education

सोशल मीडिया पर निजी जानकारी शेयर कर रहे हैं? अभी संभल जाइए...

सोशल मीडिया पर निजी जानकारी, फोटो और वीडियो साझा करने की आदत अब साइबर अपराधियों के लिए सबसे बड़ा हथियार बनती जा रही है। फर्जी प्रोफाइल, साइबर स्टॉकिंग, फोटो मॉर्फिंग और ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग जैसे मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। ऐसे में पुलिस और साइबर विशेषज्ञ नागरिकों से सतर्क रहने की अपील कर रहे हैं।

Priyanka Gaikwad19 जुल. 2026, 07:53 PM IST
खबर शेयर करें:
सोशल मीडिया पर निजी जानकारी शेयर कर रहे हैं? अभी संभल जाइए...
मुंबई: फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर कोई सोशल मीडिया पर सक्रिय है। लोग अपनी तस्वीरें, वीडियो, यात्रा, परिवार और निजी जीवन से जुड़ी जानकारी बिना सोचे-समझे साझा कर रहे हैं। यही जानकारी अब साइबर अपराधियों के लिए आसान हथियार बन रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, सोशल मीडिया पर उपलब्ध जानकारी के आधार पर अपराधी पहले फर्जी प्रोफाइल तैयार करते हैं। इसके बाद उसी प्रोफाइल के जरिए लोगों से संपर्क कर ठगी, ब्लैकमेलिंग या बदनाम करने की कोशिश की जाती है। कई मामलों में तस्वीरों की मॉर्फिंग कर उन्हें वायरल करने की धमकी देकर पैसे भी वसूले जाते हैं।

महिलाओं के खिलाफ साइबर स्टॉकिंग, अश्लील संदेश भेजना, फर्जी अकाउंट बनाना और फोटो का दुरुपयोग करने जैसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। बदनामी के डर से कई पीड़ित पुलिस तक नहीं पहुंचते, जिससे अपराधियों के हौसले और बढ़ जाते हैं।
साइबर सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर मोबाइल नंबर, घर का पता, पहचान पत्र, बैंक संबंधी जानकारी या लोकेशन जैसी निजी जानकारी सार्वजनिक नहीं करनी चाहिए। केवल परिचित लोगों को ही प्रोफाइल देखने की अनुमति दें और प्राइवेसी सेटिंग्स का सही उपयोग करें।

ऐसे रखें खुद को सुरक्षित:

* सोशल मीडिया पर निजी जानकारी सीमित रखें। 
* अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार न करें। 
* मजबूत पासवर्ड और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) का उपयोग करें।
 • किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें। 
* फोटो और वीडियो केवल भरोसेमंद लोगों के साथ ही साझा करें।
 • फर्जी प्रोफाइल या ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग की स्थिति में तुरंत शिकायत दर्ज कराएं।