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प्रहार के आंदोलन की चेतावनी के बाद उल्हासनगर मनपा जागी, दिव्यांगों के मानदेय में 300 रुपये की बढ़ोतरी
दिव्यांगों को समय पर मानदेय नहीं मिलने के विरोध में प्रहार जनशक्ति संगठन द्वारा आंदोलन की चेतावनी दिए जाने के बाद उल्हासनगर महानगरपालिका प्रशासन हरकत में आ गया है। 2,293 दिव्यांग लाभार्थियों के बैंक खातों में मानदेय जमा करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही प्रशासन ने मानदेय में 300 रुपये की बढ़ोतरी की भी जानकारी दी है।
Priyanka Gaikwad19 जुल. 2026, 07:54 PM IST

उल्हासनगर : दिव्यांगों को समय पर मानदेय नहीं मिलने के कारण कई लाभार्थियों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। दवा, इलाज और दैनिक जरूरतों का खर्च उठाना मुश्किल हो गया था। इसे देखते हुए प्रहार जनशक्ति संगठन ने महानगरपालिका आयुक्त कार्यालय के बाहर आंदोलन की चेतावनी दी थी। प्रहार जनशक्ति संगठन के पदाधिकारी एडवोकेट स्वप्निल पाटिल ने चेतावनी दी थी कि यदि गुरुवार तक दिव्यांगों के खातों में मानदेय जमा नहीं किया गया तो महापौर अश्विनी निकम और आयुक्त मनीषा आव्हाळ के कार्यालय के बाहर 'भीख मांगो' आंदोलन किया जाएगा। आंदोलन की चेतावनी के बाद प्रशासन ने तत्काल इस मामले का संज्ञान लिया और आवश्यक निर्देश जारी किए।
आयुक्त मनीषा आव्हाळ के आदेश के बाद मुख्य लेखाधिकारी किरण मिलोरे ने 2,293 दिव्यांग लाभार्थियों के बैंक खातों में मानदेय जमा करने की प्रक्रिया शुरू कर दी। प्रशासन के अनुसार, सभी पात्र लाभार्थियों के खातों में चरणबद्ध तरीके से राशि जमा की जा रही है। इसके साथ ही दिव्यांगों के मासिक मानदेय में 300 रुपये की वृद्धि भी की गई है। अब पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में हर महीने 2,500 रुपये मानदेय जमा किए जाएंगे।
प्रहार जनशक्ति संगठन ने प्रशासन के इस फैसले का स्वागत किया है। हालांकि संगठन ने मांग की है कि भविष्य में दिव्यांगों का मानदेय नियमित और समय पर उनके खातों में जमा किया जाए। वहीं प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि सभी पात्र लाभार्थियों को समय पर मानदेय उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
