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मॉनसून में बालों की आफत! जू, लीक और डैंड्रफ से ऐसे पाएं छुटकारा

मॉनसून की झमाझम बारिश जहां तपती गर्मी से राहत लेकर आती है, वहीं अपने साथ सेहत और त्वचा से जुड़ी कई परेशानियां भी लाती है। बारिश के इस मौसम में बढ़ने वाली अत्यधिक उमस, चिपचिपी गर्मी और लगातार आने वाले पसीने के कारण इन दिनों एक बड़ी आबादी सिर (स्कैल्प) की समस्याओं से जूझ रही है। मॉनसून के इस मौसम में सिर में तेज खुजली होना, जू (Lice), लीक (Nits) और जिद्दी डैंड्रफ (रुसी) का संक्रमण तेजी से पैर पसारने लगता है।

Vindhya Dubey19 जुल. 2026, 07:54 PM IST
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मॉनसून में बालों की आफत! जू, लीक और डैंड्रफ से ऐसे पाएं छुटकारा

चिकित्सकीय आंकड़ों के अनुसार, जू और लीक की समस्या से जहां महिलाएं और स्कूल जाने वाले बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं, वहीं दूसरी ओर पुरुष अक्सर सिर के सूखेपन और गंभीर डैंड्रफ की समस्या से परेशान रहते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि एक बार अगर ये परजीवी और फंगस बालों में अपना घर बना लें, तो इन्हें साधारण वॉश से हटाना बेहद मुश्किल हो जाता है। बार-बार बाल धोने के बाद भी ये समस्या लौट आती है और नजरअंदाज करने पर स्कैल्प इन्फेक्शन का रूप ले लेती है।


इस गंभीर समस्या से निपटने और बालों को सुरक्षित रखने के लिए देश के दो प्रतिष्ठित स्वास्थ्य विशेषज्ञों— डॉ. आनंद पांडेय (मुख्य चिकित्सक, गमा आयुर्वेदिक चिकित्सालय) और डॉ. सुष्मिता कथुरिया (डर्मेटोलॉजिस्ट, सफदरजंग हॉस्पिटल)— ने आयुर्वेद और मॉडर्न मेडिसिन (एलोपैथी) के कुछ बेहद कारगर उपाय साझा किए हैं। आइए जानते हैं कि इस मॉनसून आप अपने बालों को इन अनचाहे मेहमानों से कैसे मुक्त रख सकते हैं।


1. आयुर्वेदिक उपाय:
  • अदरक और नींबू का रस: अगर डैंड्रफ बहुत ज्यादा है, तो ताजे अदरक के रस में थोड़ा नींबू का रस मिलाकर बालों की जड़ों में हल्के हाथों से लगाएं। इसे 20-30 मिनट तक लगा रहने दें और फिर किसी माइल्ड शैम्पू से धो लें। इसके बाद हल्का नारियल तेल लगाने से त्वचा का सूखापन कम होता है।

  • सरसों का तेल और कपूर: सरसों के तेल में थोड़ा सा कपूर मिलाकर सिर की त्वचा पर हल्की मालिश करने से जू और खुजली से तुरंत राहत मिलती है।

  • धनिया के पानी से बाल धोना: रातभर सूखे धनिए को पानी में बिखोकर रखें और सुबह उस पानी को छानकर उससे सिर धोएं। यह सिर की स्वच्छता बनाए रखने में बेहद मददगार माना जाता है।

  • लोहे के बर्तन में जमा दही: दही को लोहे के बर्तन में जमाकर बालों की जड़ों में 20-30 मिनट तक लगाएं, फिर सामान्य पानी या माइल्ड शैम्पू से धो लें। यह त्वचा को नमी प्रदान करता है।

  • मेहंदी, आंवला, रीठा और शिकाकाई: इन प्राकृतिक द्रव्यों का लेप लगाने से सिर साफ रहता है और बालों की सेहत बनी रहती है। यह एक प्राकृतिक क्लींजर की तरह काम करता है।

  • नीम के पानी से बाल धोना: नीम की पत्तियों को पानी में उबालकर ठंडा कर लें और उससे हफ्ते में एक-दो बार बाल धोएं। आयुर्वेद में नीम को त्वचा और बालों के लिए बेहद हितकारी माना गया है।

2. एलोपैथी में उपाय:
  • एंटी-लाइस लोशन या शैम्पू का इस्तेमाल: जू खत्म करने के लिए डॉक्टर पर्मेथ्रिन 1% (Permethrin) या पाइरेथ्रिन-बेस्ड प्रोडक्ट्स (Pyrethrin-based products) की सलाह देते हैं। इसका उपयोग हमेशा पैकेज पर दिए गए निर्देशों या डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही करें।

  • बारीक दांतों वाली कंघी का उपयोग: दवा लगाने के बाद गीले बालों में खास बारीक दांतों वाली कंघी (Lice Comb) से जू और लीक निकालें। बालों को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर जड़ों से सिरे तक कंघी करें। यह प्रक्रिया हर 2-3 दिन में 2 सप्ताह तक दोहराएं।

  • परिवार के सभी सदस्यों की जांच: यदि घर में किसी एक को भी जू की समस्या है, तो पूरे परिवार और करीबी सदस्यों की जांच होनी चाहिए ताकि इंफेक्शन दोबारा न फैले।

  • इलाज पूरा करें और दोबारा जांचें: केवल एक बार दवा लगाने से सभी लीक नष्ट नहीं होते। इसलिए 7-10 दिन बाद दोबारा जांच करें और अगर जरूरत हो तो डॉक्टर की सलाह से दूसरा इलाज लें।

  • स्कूल और परिवार में जागरूकता: अगर बच्चों के सिर में जू हैं, तो स्कूल और दूसरे परिजनों को इसकी जानकारी दें ताकि उनकी भी जांच हो सके। सिर्फ दवा लगाने से समस्या हल नहीं होगी, इसके लिए कपड़ों, तौलियों और बिस्तरों की नियमित सफाई भी जरूरी है।

Note: अगर सिर में डैंड्रफ बहुत ज्यादा हो, सिर पर घाव बन गए हों, लगातार बाल झड़ रहे हों या सूजन और पस (Pus) जैसे इंफेक्शन के लक्षण दिखाई दें, तो घरेलू उपायों पर निर्भर न रहें और तुरंत किसी योग्य डर्मेटोलॉजिस्ट या आयुर्वेद चिकित्सक से संपर्क करें।