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तेलंगाना में अल नीनो का कहर: 40% कम बारिश से फसलों पर संकट, रेवंत सरकार ने केंद्र से मांगी विशेष सहायता।

अल नीनो (El Niño) के प्रभाव के कारण तेलंगाना में इस साल (2026) मानसून के दौरान 40% कम बारिश दर्ज की गई है। इस गंभीर सूखे जैसी स्थिति (Drought-like situation) से निपटने के लिए मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी की अध्यक्षता में राज्य कैबिनेट ने एक आपातकालीन बैठक की। सरकार ने केंद्र सरकार से तत्काल वित्तीय सहायता (Central Assistance) की मांग करने और जमीनी नुकसान का आकलन करने के लिए एक विशेष केंद्रीय टीम भेजने का अनुरोध करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही राज्य सरकार ने पेयजल, बिजली और कम पानी वाली वैकल्पिक फसलों के लिए 'वानकलम (शीतकालीन) आकस्मिक कार्य योजना' लागू कर दी है।

Anshuman Mishra19 जुल. 2026, 07:55 PM IST
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तेलंगाना में अल नीनो का कहर: 40% कम बारिश से फसलों पर संकट, रेवंत सरकार ने केंद्र से मांगी विशेष सहायता।
हैदराबाद, 19 जुलाई 2026: तेलंगाना इस समय एक बड़े कृषि और जल संकट के मुहाने पर खड़ा है। इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून की बेरुखी और अल नीनो (El Niño) के कड़े प्रभाव के कारण राज्य में सामान्य से लगभग 40 प्रतिशत कम बारिश हुई है। धान के सूखे खेत, खाली होते जलाशय और गिरता भूजल स्तर राज्य के ग्रामीण इलाकों की चिंता बढ़ा रहे हैं।
इस संकट से निपटने के लिए मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी (Chief Minister A. Revanth Reddy) की अध्यक्षता में हुई राज्य कैबिनेट की 36वीं बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए। राज्य सरकार ने केंद्र सरकार को एक व्यापक रिपोर्ट भेजने का फैसला किया है, जिसमें फसलों के नुकसान, पेयजल संकट और कृषि मजदूरों की स्थिति का ब्योरा होगा। इसके साथ ही केंद्र से एक विशेष टीम भेजने की मांग की गई है ताकि राज्य में सूखे की स्थिति का जमीनी आकलन कर वित्तीय मदद (Central Aid) जारी की जा सके।

जलाशयों में पानी केवल पीने के लिए आरक्षित
कैबिनेट बैठक के बाद मंत्रियों ने बताया कि राज्य के सभी प्रमुख बांधों और जलाशयों में बचे पानी को अब पहली प्राथमिकता के तहत केवल पीने के पानी (Drinking Water) के लिए सुरक्षित रखा जाएगा। जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि वे 24 घंटे अलर्ट पर रहें ताकि किसी भी गांव या शहर में पानी की किल्लत न हो। इसके अलावा, बिजली विभाग को निर्देश दिया गया है कि वे बिना किसी कटौती के (Uninterrupted Power Supply) लगातार बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित करें।

किसानों के लिए वैज्ञानिक एडवायजरी और हेल्पलाइन
कृषि मंत्री तुम्मला नागेश्वर राव ने कृषि विशेषज्ञों और वैज्ञानिकों के सहयोग से 'वानकलम आकस्मिक योजना 2026' लॉन्च की है। सरकार ने किसानों से अपील की है कि वे इस सीजन में धान (Paddy) जैसी अधिक पानी सोखने वाली फसलों के बजाय कम पानी में उगने वाली फसलों (जैसे- मक्का, बाजरा, रागी, अरहर और तिलहन) को प्राथमिकता दें। किसानों की मदद के लिए प्रजा भवन में एक टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर (1-800-123-7157) भी शुरू किया गया है, जो सुबह 10 से शाम 5 बजे तक काम करेगा।

यह मुख्य रूप से जलवायु परिवर्तन और अल नीनो (El Niño) से पैदा हुआ एक कृषि और पर्यावरणीय संकट है। जब प्रशांत महासागर में पानी असामान्य रूप से गर्म होता है, तो भारत में मानसून कमजोर हो जाता है। तेलंगाना में जून और जुलाई के महीनों में होने वाली बारिश बेहद कम रही है। इसके जवाब में राज्य सरकार ने 'डायनेमिक डिस्ट्रिक्ट स्पेसिफिक रिस्पॉन्स' (DSR) रणनीति तैयार की है, जिसके तहत वैज्ञानिक तरीकों से कम पानी में भी खेती को बचाने का प्रयास किया जा रहा है।