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बढ़ती उम्र में खो रही है याददाश्त? जानें WHO की नई गाइडलाइंस में क्या हुआ बड़ा खुलासा
बढ़ती उम्र के साथ याददाश्त कमजोर होना और भूलने की बीमारी, जिसे चिकित्सा की भाषा में डिमेंशिया (Dementia) कहा जाता है, दुनिया भर में बुजुर्गों के लिए एक गंभीर मानसिक संकट बनता जा रहा है। इस खतरे को कम करने और लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने हाल ही में नई वैश्विक गाइडलाइंस (दिशा-निर्देश) जारी की हैं।

लाइफस्टाइल बदलकर टाला जा सकता है खतरा
डब्ल्यूएचओ (WHO) की इस नई रिपोर्ट में एक बेहद राहत देने वाली बात सामने आई है। गाइडलाइंस के मुताबिक, डिमेंशिया के लगभग 45 प्रतिशत (45%) मामलों को समय रहते रोका या टाला जा सकता है। इसके लिए किसी महंगी दवा की नहीं, बल्कि अपनी जीवनशैली (लाइफस्टाइल) में सकारात्मक सुधार करने और पर्यावरण से जुड़े हानिकारक कारकों को कम करने की आवश्यकता है।
WHO द्वारा जारी मुख्य दिशा-निर्देश:
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने डिमेंशिया के जोखिम से बचने के लिए निम्नलिखित आदतों को अपनाने की सलाह दी है:
नशीले पदार्थों से दूरी: तंबाकू, धूम्रपान और शराब के सेवन से पूरी तरह दूरी बनाएं, क्योंकि ये मस्तिष्क की कोशिकाओं को स्थायी रूप से नुकसान पहुँचाते हैं।
प्रदूषण से बचाव: वायु प्रदूषण (Air Pollution) के संपर्क में कम से कम आएं, क्योंकि दूषित हवा भी मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करती है।
सामाजिक सक्रियता: अकेलेपन से बचें। पर्याप्त रूप से सामाजिक गतिविधियों (Social Activities) में हिस्सा लें, दोस्तों और परिवार के साथ मेल-जोल बनाए रखें ताकि मस्तिष्क सक्रिय रहे।
पुरानी बीमारियों पर नियंत्रण: यदि आपको हाई ब्लड प्रेशर (उच्च रक्तचाप), डायबिटीज (मधुमेह) या हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या है, तो इन्हें हमेशा नियंत्रित रखें। इन बीमारियों का अनियंत्रित होना सीधे तौर पर डिमेंशिया के खतरे को बढ़ा देता है।
